अयोध्याकाण्ड पाठ

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Mangalacharan

यस्यांके च विभाति भूधरसुता देवापगा मस्तके भाले बालविधुर्गले च गरलं यस्योरसि व्यालराट्। सोऽयं भूतिविभूषणः सुरवरः सर्वाधिपः सर्वदा शर्वः सर्वगतः शिवः शशिनिभः श्रीशंकरः पातु माम्॥1॥
Shloka
अर्थ / Meaning
प्रसन्नतां या न गताभिषेकत- स्तथा न मम्ले वनवासदुःखतः। मुखाम्बुजश्री रघुनन्दनस्य मे सदास्तु सा मञ्जुलमङ्गलप्रदा॥2॥
Shloka
अर्थ / Meaning
नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं सीतासमारोपितवामभागम्। पाणौ महासायकचारुचापं नमामि रामं रघुवंशनाथम्॥3॥
Shloka
अर्थ / Meaning

Doha 1

जब तें रामु ब्याहि घर आए। नित नव मंगल मोद बधाए।। भुवन चारिदस भूधर भारी। सुकृत मेघ बरषहि सुख बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रिधि सिधि संपति नदीं सुहाई। उमगि अवध अंबुधि कहुँ आई।। मनिगन पुर नर नारि सुजाती। सुचि अमोल सुंदर सब भाँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।। सब बिधि सब पुर लोग सुखारी। रामचंद मुख चंदु निहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुदित मातु सब सखीं सहेली। फलित बिलोकि मनोरथ बेली।। राम रूपु गुनसीलु सुभाऊ। प्रमुदित होइ देखि सुनि राऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब कें उर अभिलाषु अस कहहिं मनाइ महेसु। आप अछत जुबराज पद रामहि देउ नरेसु।।1।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 2

एक समय सब सहित समाजा। राजसभाँ रघुराजु बिराजा।। सकल सुकृत मूरति नरनाहू। राम सुजसु सुनि अतिहि उछाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृप सब रहहिं कृपा अभिलाषें। लोकप करहिं प्रीति रुख राखें।। तिभुवन तीनि काल जग माहीं। भूरि भाग दसरथ सम नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मंगलमूल रामु सुत जासू। जो कछु कहिज थोर सबु तासू।। रायँ सुभायँ मुकुरु कर लीन्हा। बदनु बिलोकि मुकुट सम कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
श्रवन समीप भए सित केसा। मनहुँ जरठपनु अस उपदेसा।। नृप जुबराज राम कहुँ देहू। जीवन जनम लाहु किन लेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह बिचारु उर आनि नृप सुदिनु सुअवसरु पाइ। प्रेम पुलकि तन मुदित मन गुरहि सुनायउ जाइ।।2।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 3

कहइ भुआलु सुनिअ मुनिनायक। भए राम सब बिधि सब लायक।। सेवक सचिव सकल पुरबासी। जे हमारे अरि मित्र उदासी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सबहि रामु प्रिय जेहि बिधि मोही। प्रभु असीस जनु तनु धरि सोही।। बिप्र सहित परिवार गोसाईं। करहिं छोहु सब रौरिहि नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे गुर चरन रेनु सिर धरहीं। ते जनु सकल बिभव बस करहीं।। मोहि सम यहु अनुभयउ न दूजें। सबु पायउँ रज पावनि पूजें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब अभिलाषु एकु मन मोरें। पूजहि नाथ अनुग्रह तोरें।। मुनि प्रसन्न लखि सहज सनेहू। कहेउ नरेस रजायसु देहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राजन राउर नामु जसु सब अभिमत दातार। फल अनुगामी महिप मनि मन अभिलाषु तुम्हार।।3।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 4

सब बिधि गुरु प्रसन्न जियँ जानी। बोलेउ राउ रहँसि मृदु बानी।। नाथ रामु करिअहिं जुबराजू। कहिअ कृपा करि करिअ समाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि अछत यहु होइ उछाहू। लहहिं लोग सब लोचन लाहू।। प्रभु प्रसाद सिव सबइ निबाहीं। यह लालसा एक मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुनि न सोच तनु रहउ कि जाऊ। जेहिं न होइ पाछें पछिताऊ।। सुनि मुनि दसरथ बचन सुहाए। मंगल मोद मूल मन भाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनु नृप जासु बिमुख पछिताहीं। जासु भजन बिनु जरनि न जाहीं।। भयउ तुम्हार तनय सोइ स्वामी। रामु पुनीत प्रेम अनुगामी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेगि बिलंबु न करिअ नृप साजिअ सबुइ समाजु। सुदिन सुमंगलु तबहिं जब रामु होहिं जुबराजु।।4।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 5

मुदित महिपति मंदिर आए। सेवक सचिव सुमंत्रु बोलाए।। कहि जयजीव सीस तिन्ह नाए। भूप सुमंगल बचन सुनाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं पाँचहि मत लागै नीका। करहु हरषि हियँ रामहि टीका।। मंत्री मुदित सुनत प्रिय बानी। अभिमत बिरवँ परेउ जनु पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिनती सचिव करहि कर जोरी। जिअहु जगतपति बरिस करोरी।। जग मंगल भल काजु बिचारा। बेगिअ नाथ न लाइअ बारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृपहि मोदु सुनि सचिव सुभाषा। बढ़त बौंड़ जनु लही सुसाखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहेउ भूप मुनिराज कर जोइ जोइ आयसु होइ। राम राज अभिषेक हित बेगि करहु सोइ सोइ।।5।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 6

हरषि मुनीस कहेउ मृदु बानी। आनहु सकल सुतीरथ पानी।। औषध मूल फूल फल पाना। कहे नाम गनि मंगल नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चामर चरम बसन बहु भाँती। रोम पाट पट अगनित जाती।। मनिगन मंगल बस्तु अनेका। जो जग जोगु भूप अभिषेका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेद बिदित कहि सकल बिधाना। कहेउ रचहु पुर बिबिध बिताना।। सफल रसाल पूगफल केरा। रोपहु बीथिन्ह पुर चहुँ फेरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रचहु मंजु मनि चौकें चारू। कहहु बनावन बेगि बजारू।। पूजहु गनपति गुर कुलदेवा। सब बिधि करहु भूमिसुर सेवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ध्वज पताक तोरन कलस सजहु तुरग रथ नाग। सिर धरि मुनिबर बचन सबु निज निज काजहिं लाग।।6।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 7

जो मुनीस जेहि आयसु दीन्हा। सो तेहिं काजु प्रथम जनु कीन्हा।। बिप्र साधु सुर पूजत राजा। करत राम हित मंगल काजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनत राम अभिषेक सुहावा। बाज गहागह अवध बधावा।। राम सीय तन सगुन जनाए। फरकहिं मंगल अंग सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुलकि सप्रेम परसपर कहहीं। भरत आगमनु सूचक अहहीं।। भए बहुत दिन अति अवसेरी। सगुन प्रतीति भेंट प्रिय केरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सरिस प्रिय को जग माहीं। इहइ सगुन फलु दूसर नाहीं।। रामहि बंधु सोच दिन राती। अंडन्हि कमठ ह्रदउ जेहि भाँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि अवसर मंगलु परम सुनि रहँसेउ रनिवासु। सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु।।7।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 8

प्रथम जाइ जिन्ह बचन सुनाए। भूषन बसन भूरि तिन्ह पाए।। प्रेम पुलकि तन मन अनुरागीं। मंगल कलस सजन सब लागीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चौकें चारु सुमित्राँ पुरी। मनिमय बिबिध भाँति अति रुरी।। आनँद मगन राम महतारी। दिए दान बहु बिप्र हँकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूजीं ग्रामदेबि सुर नागा। कहेउ बहोरि देन बलिभागा।। जेहि बिधि होइ राम कल्यानू। देहु दया करि सो बरदानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गावहिं मंगल कोकिलबयनीं। बिधुबदनीं मृगसावकनयनीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम राज अभिषेकु सुनि हियँ हरषे नर नारि। लगे सुमंगल सजन सब बिधि अनुकूल बिचारि।।8।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 9

तब नरनाहँ बसिष्ठु बोलाए। रामधाम सिख देन पठाए।। गुर आगमनु सुनत रघुनाथा। द्वार आइ पद नायउ माथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सादर अरघ देइ घर आने। सोरह भाँति पूजि सनमाने।। गहे चरन सिय सहित बहोरी। बोले रामु कमल कर जोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवक सदन स्वामि आगमनू। मंगल मूल अमंगल दमनू।। तदपि उचित जनु बोलि सप्रीती। पठइअ काज नाथ असि नीती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभुता तजि प्रभु कीन्ह सनेहू। भयउ पुनीत आजु यहु गेहू।। आयसु होइ सो करौं गोसाई। सेवक लहइ स्वामि सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सनेह साने बचन मुनि रघुबरहि प्रसंस। राम कस न तुम्ह कहहु अस हंस बंस अवतंस।।9।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 10

बरनि राम गुन सीलु सुभाऊ। बोले प्रेम पुलकि मुनिराऊ।। भूप सजेउ अभिषेक समाजू। चाहत देन तुम्हहि जुबराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम करहु सब संजम आजू। जौं बिधि कुसल निबाहै काजू।। गुरु सिख देइ राय पहिं गयउ। राम हृदयँ अस बिसमउ भयऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जनमे एक संग सब भाई। भोजन सयन केलि लरिकाई।। करनबेध उपबीत बिआहा। संग संग सब भए उछाहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिमल बंस यहु अनुचित एकू। बंधु बिहाइ बड़ेहि अभिषेकू।। प्रभु सप्रेम पछितानि सुहाई। हरउ भगत मन कै कुटिलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि अवसर आए लखन मगन प्रेम आनंद। सनमाने प्रिय बचन कहि रघुकुल कैरव चंद।।10।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 11

बाजहिं बाजने बिबिध बिधाना। पुर प्रमोदु नहिं जाइ बखाना।। भरत आगमनु सकल मनावहिं। आवहुँ बेगि नयन फलु पावहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हाट बाट घर गलीं अथाई। कहहिं परसपर लोग लोगाई।। कालि लगन भलि केतिक बारा। पूजिहि बिधि अभिलाषु हमारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कनक सिंघासन सीय समेता। बैठहिं रामु होइ चित चेता।। सकल कहहिं कब होइहि काली। बिघन मनावहिं देव कुचाली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तिन्हहि सोहाइ न अवध बधावा। चोरहि चंदिनि राति न भावा।। सारद बोलि बिनय सुर करहीं। बारहिं बार पाय लै परहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिपति हमारि बिलोकि बड़ि मातु करिअ सोइ आजु। रामु जाहिं बन राजु तजि होइ सकल सुरकाजु।।11।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 12

सुनि सुर बिनय ठाढ़ि पछिताती। भइउँ सरोज बिपिन हिमराती।। देखि देव पुनि कहहिं निहोरी। मातु तोहि नहिं थोरिउ खोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिसमय हरष रहित रघुराऊ। तुम्ह जानहु सब राम प्रभाऊ।। जीव करम बस सुख दुख भागी। जाइअ अवध देव हित लागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार गहि चरन सँकोचौ। चली बिचारि बिबुध मति पोची।। ऊँच निवासु नीचि करतूती। देखि न सकहिं पराइ बिभूती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आगिल काजु बिचारि बहोरी। करहहिं चाह कुसल कबि मोरी।। हरषि हृदयँ दसरथ पुर आई। जनु ग्रह दसा दुसह दुखदाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नामु मंथरा मंदमति चेरी कैकेइ केरि। अजस पेटारी ताहि करि गई गिरा मति फेरि।।12।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 13

दीख मंथरा नगरु बनावा। मंजुल मंगल बाज बधावा।। पूछेसि लोगन्ह काह उछाहू। राम तिलकु सुनि भा उर दाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करइ बिचारु कुबुद्धि कुजाती। होइ अकाजु कवनि बिधि राती।। देखि लागि मधु कुटिल किराती। जिमि गवँ तकइ लेउँ केहि भाँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत मातु पहिं गइ बिलखानी। का अनमनि हसि कह हँसि रानी।। ऊतरु देइ न लेइ उसासू। नारि चरित करि ढारइ आँसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हँसि कह रानि गालु बड़ तोरें। दीन्ह लखन सिख अस मन मोरें।। तबहुँ न बोल चेरि बड़ि पापिनि। छाड़इ स्वास कारि जनु साँपिनि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सभय रानि कह कहसि किन कुसल रामु महिपालु। लखनु भरतु रिपुदमनु सुनि भा कुबरी उर सालु।।13।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 14

कत सिख देइ हमहि कोउ माई। गालु करब केहि कर बलु पाई।। रामहि छाड़ि कुसल केहि आजू। जेहि जनेसु देइ जुबराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भयउ कौसिलहि बिधि अति दाहिन। देखत गरब रहत उर नाहिन।। देखेहु कस न जाइ सब सोभा। जो अवलोकि मोर मनु छोभा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूतु बिदेस न सोचु तुम्हारें। जानति हहु बस नाहु हमारें।। नीद बहुत प्रिय सेज तुराई। लखहु न भूप कपट चतुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि प्रिय बचन मलिन मनु जानी। झुकी रानि अब रहु अरगानी।। पुनि अस कबहुँ कहसि घरफोरी। तब धरि जीभ कढ़ावउँ तोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
काने खोरे कूबरे कुटिल कुचाली जानि। तिय बिसेषि पुनि चेरि कहि भरतमातु मुसुकानि।।14।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 15

प्रियबादिनि सिख दीन्हिउँ तोही। सपनेहुँ तो पर कोपु न मोही।। सुदिनु सुमंगल दायकु सोई। तोर कहा फुर जेहि दिन होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेठ स्वामि सेवक लघु भाई। यह दिनकर कुल रीति सुहाई।। राम तिलकु जौं साँचेहुँ काली। देउँ मागु मन भावत आली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसल्या सम सब महतारी। रामहि सहज सुभायँ पिआरी।। मो पर करहिं सनेहु बिसेषी। मैं करि प्रीति परीछा देखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं बिधि जनमु देइ करि छोहू। होहुँ राम सिय पूत पुतोहू।। प्रान तें अधिक रामु प्रिय मोरें। तिन्ह कें तिलक छोभु कस तोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सपथ तोहि सत्य कहु परिहरि कपट दुराउ। हरष समय बिसमउ करसि कारन मोहि सुनाउ।।15।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 16

एकहिं बार आस सब पूजी। अब कछु कहब जीभ करि दूजी।। फोरै जोगु कपारु अभागा। भलेउ कहत दुख रउरेहि लागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं झूठि फुरि बात बनाई। ते प्रिय तुम्हहि करुइ मैं माई।। हमहुँ कहबि अब ठकुरसोहाती। नाहिं त मौन रहब दिनु राती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि कुरूप बिधि परबस कीन्हा। बवा सो लुनिअ लहिअ जो दीन्हा।। कोउ नृप होउ हमहि का हानी। चेरि छाड़ि अब होब कि रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जारै जोगु सुभाउ हमारा। अनभल देखि न जाइ तुम्हारा।। तातें कछुक बात अनुसारी। छमिअ देबि बड़ि चूक हमारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गूढ़ कपट प्रिय बचन सुनि तीय अधरबुधि रानि। सुरमाया बस बैरिनिहि सुह्द जानि पतिआनि।।16।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 17

सादर पुनि पुनि पूँछति ओही। सबरी गान मृगी जनु मोही।। तसि मति फिरी अहइ जसि भाबी। रहसी चेरि घात जनु फाबी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह पूँछहु मैं कहत डेराऊँ। धरेउ मोर घरफोरी नाऊँ।। सजि प्रतीति बहुबिधि गढ़ि छोली। अवध साढ़साती तब बोली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिय सिय रामु कहा तुम्ह रानी। रामहि तुम्ह प्रिय सो फुरि बानी।। रहा प्रथम अब ते दिन बीते। समउ फिरें रिपु होहिं पिंरीते।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भानु कमल कुल पोषनिहारा। बिनु जल जारि करइ सोइ छारा।। जरि तुम्हारि चह सवति उखारी। रूँधहु करि उपाउ बर बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्हहि न सोचु सोहाग बल निज बस जानहु राउ। मन मलीन मुह मीठ नृप राउर सरल सुभाउ।।17।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 18

चतुर गँभीर राम महतारी। बीचु पाइ निज बात सँवारी।। पठए भरतु भूप ननिअउरें। राम मातु मत जानव रउरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवहिं सकल सवति मोहि नीकें। गरबित भरत मातु बल पी कें।। सालु तुम्हार कौसिलहि माई। कपट चतुर नहिं होइ जनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राजहि तुम्ह पर प्रेमु बिसेषी। सवति सुभाउ सकइ नहिं देखी।। रची प्रंपचु भूपहि अपनाई। राम तिलक हित लगन धराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह कुल उचित राम कहुँ टीका। सबहि सोहाइ मोहि सुठि नीका।। आगिलि बात समुझि डरु मोही। देउ दैउ फिरि सो फलु ओही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रचि पचि कोटिक कुटिलपन कीन्हेसि कपट प्रबोधु।। कहिसि कथा सत सवति कै जेहि बिधि बाढ़ बिरोधु।।18।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 19

भावी बस प्रतीति उर आई। पूँछ रानि पुनि सपथ देवाई।। का पूछहुँ तुम्ह अबहुँ न जाना। निज हित अनहित पसु पहिचाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भयउ पाखु दिन सजत समाजू। तुम्ह पाई सुधि मोहि सन आजू।। खाइअ पहिरिअ राज तुम्हारें। सत्य कहें नहिं दोषु हमारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं असत्य कछु कहब बनाई। तौ बिधि देइहि हमहि सजाई।। रामहि तिलक कालि जौं भयऊ। तुम्ह कहुँ बिपति बीजु बिधि बयऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रेख खँचाइ कहउँ बलु भाषी। भामिनि भइहु दूध कइ माखी।। जौं सुत सहित करहु सेवकाई। तौ घर रहहु न आन उपाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कद्रूँ बिनतहि दीन्ह दुखु तुम्हहि कौसिलाँ देब। भरतु बंदिगृह सेइहहिं लखनु राम के नेब।।19।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 20

कैकयसुता सुनत कटु बानी। कहि न सकइ कछु सहमि सुखानी।। तन पसेउ कदली जिमि काँपी। कुबरीं दसन जीभ तब चाँपी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि कहि कोटिक कपट कहानी। धीरजु धरहु प्रबोधिसि रानी।। फिरा करमु प्रिय लागि कुचाली। बकिहि सराहइ मानि मराली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनु मंथरा बात फुरि तोरी। दहिनि आँखि नित फरकइ मोरी।। दिन प्रति देखउँ राति कुसपने। कहउँ न तोहि मोह बस अपने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
काह करौ सखि सूध सुभाऊ। दाहिन बाम न जानउँ काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अपने चलत न आजु लगि अनभल काहुक कीन्ह। केहिं अघ एकहि बार मोहि दैअँ दुसह दुखु दीन्ह।।20।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 21

नैहर जनमु भरब बरु जाइ। जिअत न करबि सवति सेवकाई।। अरि बस दैउ जिआवत जाही। मरनु नीक तेहि जीवन चाही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दीन बचन कह बहुबिधि रानी। सुनि कुबरीं तियमाया ठानी।। अस कस कहहु मानि मन ऊना। सुखु सोहागु तुम्ह कहुँ दिन दूना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहिं राउर अति अनभल ताका। सोइ पाइहि यहु फलु परिपाका।। जब तें कुमत सुना मैं स्वामिनि। भूख न बासर नींद न जामिनि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूँछेउ गुनिन्ह रेख तिन्ह खाँची। भरत भुआल होहिं यह साँची।। भामिनि करहु त कहौं उपाऊ। है तुम्हरीं सेवा बस राऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परउँ कूप तुअ बचन पर सकउँ पूत पति त्यागि। कहसि मोर दुखु देखि बड़ कस न करब हित लागि।।21।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 22

कुबरीं करि कबुली कैकेई। कपट छुरी उर पाहन टेई।। लखइ न रानि निकट दुखु कैंसे। चरइ हरित तिन बलिपसु जैसें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनत बात मृदु अंत कठोरी। देति मनहुँ मधु माहुर घोरी।। कहइ चेरि सुधि अहइ कि नाही। स्वामिनि कहिहु कथा मोहि पाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दुइ बरदान भूप सन थाती। मागहु आजु जुड़ावहु छाती।। सुतहि राजु रामहि बनवासू। देहु लेहु सब सवति हुलासु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूपति राम सपथ जब करई। तब मागेहु जेहिं बचनु न टरई।। होइ अकाजु आजु निसि बीतें। बचनु मोर प्रिय मानेहु जी तें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बड़ कुघातु करि पातकिनि कहेसि कोपगृहँ जाहु। काजु सँवारेहु सजग सबु सहसा जनि पतिआहु।।22।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 23

कुबरिहि रानि प्रानप्रिय जानी। बार बार बड़ि बुद्धि बखानी।। तोहि सम हित न मोर संसारा। बहे जात कइ भइसि अधारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं बिधि पुरब मनोरथु काली। करौं तोहि चख पूतरि आली।। बहुबिधि चेरिहि आदरु देई। कोपभवन गवनि कैकेई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिपति बीजु बरषा रितु चेरी। भुइँ भइ कुमति कैकेई केरी।। पाइ कपट जलु अंकुर जामा। बर दोउ दल दुख फल परिनामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोप समाजु साजि सबु सोई। राजु करत निज कुमति बिगोई।। राउर नगर कोलाहलु होई। यह कुचालि कछु जान न कोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रमुदित पुर नर नारि। सब सजहिं सुमंगलचार। एक प्रबिसहिं एक निर्गमहिं भीर भूप दरबार।।23।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 24

बाल सखा सुन हियँ हरषाहीं। मिलि दस पाँच राम पहिं जाहीं।। प्रभु आदरहिं प्रेमु पहिचानी। पूँछहिं कुसल खेम मृदु बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
फिरहिं भवन प्रिय आयसु पाई। करत परसपर राम बड़ाई।। को रघुबीर सरिस संसारा। सीलु सनेह निबाहनिहारा।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेंहि जेंहि जोनि करम बस भ्रमहीं। तहँ तहँ ईसु देउ यह हमहीं।। सेवक हम स्वामी सियनाहू। होउ नात यह ओर निबाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस अभिलाषु नगर सब काहू। कैकयसुता ह्दयँ अति दाहू।। को न कुसंगति पाइ नसाई। रहइ न नीच मतें चतुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
साँस समय सानंद नृपु गयउ कैकेई गेहँ। गवनु निठुरता निकट किय जनु धरि देह सनेहँ।।24।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 25

कोपभवन सुनि सकुचेउ राउ। भय बस अगहुड़ परइ न पाऊ।। सुरपति बसइ बाहँबल जाके। नरपति सकल रहहिं रुख ताकें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो सुनि तिय रिस गयउ सुखाई। देखहु काम प्रताप बड़ाई।। सूल कुलिस असि अँगवनिहारे। ते रतिनाथ सुमन सर मारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सभय नरेसु प्रिया पहिं गयऊ। देखि दसा दुखु दारुन भयऊ।। भूमि सयन पटु मोट पुराना। दिए डारि तन भूषण नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुमतिहि कसि कुबेषता फाबी। अन अहिवातु सूच जनु भाबी।। जाइ निकट नृपु कह मृदु बानी। प्रानप्रिया केहि हेतु रिसानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार कह राउ सुमुखि सुलोचनि पिकबचनि। कारन मोहि सुनाउ गजगामिनि निज कोप कर।।25।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 26

अनहित तोर प्रिया केइँ कीन्हा। केहि दुइ सिर केहि जमु चह लीन्हा।। कहु केहि रंकहि करौ नरेसू। कहु केहि नृपहि निकासौं देसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकउँ तोर अरि अमरउ मारी। काह कीट बपुरे नर नारी।। जानसि मोर सुभाउ बरोरू। मनु तव आनन चंद चकोरू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिया प्रान सुत सरबसु मोरें। परिजन प्रजा सकल बस तोरें।। जौं कछु कहौ कपटु करि तोही। भामिनि राम सपथ सत मोही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिहसि मागु मनभावति बाता। भूषन सजहि मनोहर गाता।। घरी कुघरी समुझि जियँ देखू। बेगि प्रिया परिहरहि कुबेषू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह सुनि मन गुनि सपथ बड़ि बिहसि उठी मतिमंद। भूषन सजति बिलोकि मृगु मनहुँ किरातिनि फंद।।26।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 27

पुनि कह राउ सुह्रद जियँ जानी। प्रेम पुलकि मृदु मंजुल बानी।। भामिनि भयउ तोर मनभावा। घर घर नगर अनंद बधावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामहि देउँ कालि जुबराजू। सजहि सुलोचनि मंगल साजू।। दलकि उठेउ सुनि ह्रदउ कठोरू। जनु छुइ गयउ पाक बरतोरू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ऐसिउ पीर बिहसि तेहि गोई। चोर नारि जिमि प्रगटि न रोई।। लखहिं न भूप कपट चतुराई। कोटि कुटिल मनि गुरू पढ़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जद्यपि नीति निपुन नरनाहू। नारिचरित जलनिधि अवगाहू।। कपट सनेहु बढ़ाइ बहोरी। बोली बिहसि नयन मुहु मोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मागु मागु पै कहहु पिय कबहुँ न देहु न लेहु। देन कहेहु बरदान दुइ तेउ पावत संदेहु।।27।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 28

जानेउँ मरमु राउ हँसि कहई। तुम्हहि कोहाब परम प्रिय अहई।। थाति राखि न मागिहु काऊ। बिसरि गयउ मोहि भोर सुभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
झूठेहुँ हमहि दोषु जनि देहू। दुइ कै चारि मागि मकु लेहू।। रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्रान जाहुँ बरु बचनु न जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नहिं असत्य सम पातक पुंजा। गिरि सम होहिं कि कोटिक गुंजा।। सत्यमूल सब सुकृत सुहाए। बेद पुरान बिदित मनु गाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि पर राम सपथ करि आई। सुकृत सनेह अवधि रघुराई।। बात दृढ़ाइ कुमति हँसि बोली। कुमत कुबिहग कुलह जनु खोली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूप मनोरथ सुभग बनु सुख सुबिहंग समाजु। भिल्लनि जिमि छाड़न चहति बचनु भयंकरु बाजु।।28।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 29

सुनहु प्रानप्रिय भावत जी का। देहु एक बर भरतहि टीका।। मागउँ दूसर बर कर जोरी। पुरवहु नाथ मनोरथ मोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तापस बेष बिसेषि उदासी। चौदह बरिस रामु बनबासी।। सुनि मृदु बचन भूप हियँ सोकू। ससि कर छुअत बिकल जिमि कोकू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गयउ सहमि नहिं कछु कहि आवा। जनु सचान बन झपटेउ लावा।। बिबरन भयउ निपट नरपालू। दामिनि हनेउ मनहुँ तरु तालू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
माथे हाथ मूदि दोउ लोचन। तनु धरि सोचु लाग जनु सोचन।। मोर मनोरथु सुरतरु फूला। फरत करिनि जिमि हतेउ समूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवध उजारि कीन्हि कैकेईं। दीन्हसि अचल बिपति कै नेईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कवनें अवसर का भयउ गयउँ नारि बिस्वास। जोग सिद्धि फल समय जिमि जतिहि अबिद्या नास।।29।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 30

एहि बिधि राउ मनहिं मन झाँखा। देखि कुभाँति कुमति मन माखा।। भरतु कि राउर पूत न होहीं। आनेहु मोल बेसाहि कि मोही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो सुनि सरु अस लाग तुम्हारें। काहे न बोलहु बचनु सँभारे।। देहु उतरु अनु करहु कि नाहीं। सत्यसंध तुम्ह रघुकुल माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देन कहेहु अब जनि बरु देहू। तजहुँ सत्य जग अपजसु लेहू।। सत्य सराहि कहेहु बरु देना। जानेहु लेइहि मागि चबेना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिबि दधीचि बलि जो कछु भाषा। तनु धनु तजेउ बचन पनु राखा।। अति कटु बचन कहति कैकेई। मानहुँ लोन जरे पर देई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरम धुरंधर धीर धरि नयन उघारे रायँ। सिरु धुनि लीन्हि उसास असि मारेसि मोहि कुठायँ।।30।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 31

आगें दीखि जरत रिस भारी। मनहुँ रोष तरवारि उघारी।। मूठि कुबुद्धि धार निठुराई। धरी कूबरीं सान बनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखी महीप कराल कठोरा। सत्य कि जीवनु लेइहि मोरा।। बोले राउ कठिन करि छाती। बानी सबिनय तासु सोहाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिया बचन कस कहसि कुभाँती। भीर प्रतीति प्रीति करि हाँती।। मोरें भरतु रामु दुइ आँखी। सत्य कहउँ करि संकरू साखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवसि दूतु मैं पठइब प्राता। ऐहहिं बेगि सुनत दोउ भ्राता।। सुदिन सोधि सबु साजु सजाई। देउँ भरत कहुँ राजु बजाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोभु न रामहि राजु कर बहुत भरत पर प्रीति। मैं बड़ छोट बिचारि जियँ करत रहेउँ नृपनीति।।31।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 32

राम सपथ सत कहुउँ सुभाऊ। राममातु कछु कहेउ न काऊ।। मैं सबु कीन्ह तोहि बिनु पूँछें। तेहि तें परेउ मनोरथु छूछें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रिस परिहरू अब मंगल साजू। कछु दिन गएँ भरत जुबराजू।। एकहि बात मोहि दुखु लागा। बर दूसर असमंजस मागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अजहुँ हृदय जरत तेहि आँचा। रिस परिहास कि साँचेहुँ साँचा।। कहु तजि रोषु राम अपराधू। सबु कोउ कहइ रामु सुठि साधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुहूँ सराहसि करसि सनेहू। अब सुनि मोहि भयउ संदेहू।। जासु सुभाउ अरिहि अनुकूला। सो किमि करिहि मातु प्रतिकूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिया हास रिस परिहरहि मागु बिचारि बिबेकु। जेहिं देखाँ अब नयन भरि भरत राज अभिषेकु।।32।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 33

जिऐ मीन बरू बारि बिहीना। मनि बिनु फनिकु जिऐ दुख दीना।। कहउँ सुभाउ न छलु मन माहीं। जीवनु मोर राम बिनु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समुझि देखु जियँ प्रिया प्रबीना। जीवनु राम दरस आधीना।। सुनि म्रदु बचन कुमति अति जरई। मनहुँ अनल आहुति घृत परई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहइ करहु किन कोटि उपाया। इहाँ न लागिहि राउरि माया।। देहु कि लेहु अजसु करि नाहीं। मोहि न बहुत प्रपंच सोहाहीं।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामु साधु तुम्ह साधु सयाने। राममातु भलि सब पहिचाने।। जस कौसिलाँ मोर भल ताका। तस फलु उन्हहि देउँ करि साका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
होत प्रात मुनिबेष धरि जौं न रामु बन जाहिं। मोर मरनु राउर अजस नृप समुझिअ मन माहिं।।33।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 34

अस कहि कुटिल भई उठि ठाढ़ी। मानहुँ रोष तरंगिनि बाढ़ी।। पाप पहार प्रगट भइ सोई। भरी क्रोध जल जाइ न जोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दोउ बर कूल कठिन हठ धारा। भवँर कूबरी बचन प्रचारा।। ढाहत भूपरूप तरु मूला। चली बिपति बारिधि अनुकूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखी नरेस बात फुरि साँची। तिय मिस मीचु सीस पर नाची।। गहि पद बिनय कीन्ह बैठारी। जनि दिनकर कुल होसि कुठारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मागु माथ अबहीं देउँ तोही। राम बिरहँ जनि मारसि मोही।। राखु राम कहुँ जेहि तेहि भाँती। नाहिं त जरिहि जनम भरि छाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखी ब्याधि असाध नृपु परेउ धरनि धुनि माथ। कहत परम आरत बचन राम राम रघुनाथ।।34।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 35

ब्याकुल राउ सिथिल सब गाता। करिनि कलपतरु मनहुँ निपाता।। कंठु सूख मुख आव न बानी। जनु पाठीनु दीन बिनु पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुनि कह कटु कठोर कैकेई। मनहुँ घाय महुँ माहुर देई।। जौं अंतहुँ अस करतबु रहेऊ। मागु मागु तुम्ह केहिं बल कहेऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दुइ कि होइ एक समय भुआला। हँसब ठठाइ फुलाउब गाला।। दानि कहाउब अरु कृपनाई। होइ कि खेम कुसल रौताई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
छाड़हु बचनु कि धीरजु धरहू। जनि अबला जिमि करुना करहू।। तनु तिय तनय धामु धनु धरनी। सत्यसंध कहुँ तृन सम बरनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मरम बचन सुनि राउ कह कहु कछु दोषु न तोर। लागेउ तोहि पिसाच जिमि कालु कहावत मोर।।35।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 36

चहत न भरत भूपतहि भोरें। बिधि बस कुमति बसी जिय तोरें।। सो सबु मोर पाप परिनामू। भयउ कुठाहर जेहिं बिधि बामू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुबस बसिहि फिरि अवध सुहाई। सब गुन धाम राम प्रभुताई।। करिहहिं भाइ सकल सेवकाई। होइहि तिहुँ पुर राम बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तोर कलंकु मोर पछिताऊ। मुएहुँ न मिटहि न जाइहि काऊ।। अब तोहि नीक लाग करु सोई। लोचन ओट बैठु मुहु गोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जब लगि जिऔं कहउँ कर जोरी। तब लगि जनि कछु कहसि बहोरी।। फिरि पछितैहसि अंत अभागी। मारसि गाइ नहारु लागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परेउ राउ कहि कोटि बिधि काहे करसि निदानु। कपट सयानि न कहति कछु जागति मनहुँ मसानु।।36।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 37

राम राम रट बिकल भुआलू। जनु बिनु पंख बिहंग बेहालू।। हृदयँ मनाव भोरु जनि होई। रामहि जाइ कहै जनि कोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उदउ करहु जनि रबि रघुकुल गुर। अवध बिलोकि सूल होइहि उर।। भूप प्रीति कैकइ कठिनाई। उभय अवधि बिधि रची बनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिलपत नृपहि भयउ भिनुसारा। बीना बेनु संख धुनि द्वारा।। पढ़हिं भाट गुन गावहिं गायक। सुनत नृपहि जनु लागहिं सायक।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मंगल सकल सोहाहिं न कैसें। सहगामिनिहि बिभूषन जैसें।। तेहिं निसि नीद परी नहि काहू। राम दरस लालसा उछाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
द्वार भीर सेवक सचिव कहहिं उदित रबि देखि। जागेउ अजहुँ न अवधपति कारनु कवनु बिसेषि।।37।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 38

पछिले पहर भूपु नित जागा। आजु हमहि बड़ अचरजु लागा।। जाहु सुमंत्र जगावहु जाई। कीजिअ काजु रजायसु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गए सुमंत्रु तब राउर माही। देखि भयावन जात डेराहीं।। धाइ खाइ जनु जाइ न हेरा। मानहुँ बिपति बिषाद बसेरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूछें कोउ न ऊतरु देई। गए जेंहिं भवन भूप कैकैई।। कहि जयजीव बैठ सिरु नाई। दैखि भूप गति गयउ सुखाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोच बिकल बिबरन महि परेऊ। मानहुँ कमल मूलु परिहरेऊ।। सचिउ सभीत सकइ नहिं पूँछी। बोली असुभ भरी सुभ छूछी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परी न राजहि नीद निसि हेतु जान जगदीसु। रामु रामु रटि भोरु किय कहइ न मरमु महीसु।।38।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 39

आनहु रामहि बेगि बोलाई। समाचार तब पूँछेहु आई।। चलेउ सुमंत्र राय रूख जानी। लखी कुचालि कीन्हि कछु रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोच बिकल मग परइ न पाऊ। रामहि बोलि कहिहि का राऊ।। उर धरि धीरजु गयउ दुआरें। पूछँहिं सकल देखि मनु मारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समाधानु करि सो सबही का। गयउ जहाँ दिनकर कुल टीका।। रामु सुमंत्रहि आवत देखा। आदरु कीन्ह पिता सम लेखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निरखि बदनु कहि भूप रजाई। रघुकुलदीपहि चलेउ लेवाई।। रामु कुभाँति सचिव सँग जाहीं। देखि लोग जहँ तहँ बिलखाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाइ दीख रघुबंसमनि नरपति निपट कुसाजु।। सहमि परेउ लखि सिंघिनिहि मनहुँ बृद्ध गजराजु।।39।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 40

सूखहिं अधर जरइ सबु अंगू। मनहुँ दीन मनिहीन भुअंगू।। सरुष समीप दीखि कैकेई। मानहुँ मीचु घरी गनि लेई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करुनामय मृदु राम सुभाऊ। प्रथम दीख दुखु सुना न काऊ।। तदपि धीर धरि समउ बिचारी। पूँछी मधुर बचन महतारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि कहु मातु तात दुख कारन। करिअ जतन जेहिं होइ निवारन।। सुनहु राम सबु कारन एहू। राजहि तुम पर बहुत सनेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देन कहेन्हि मोहि दुइ बरदाना। मागेउँ जो कछु मोहि सोहाना। सो सुनि भयउ भूप उर सोचू। छाड़ि न सकहिं तुम्हार सँकोचू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुत सनेह इत बचनु उत संकट परेउ नरेसु। सकहु न आयसु धरहु सिर मेटहु कठिन कलेसु।।40।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 41

निधरक बैठि कहइ कटु बानी। सुनत कठिनता अति अकुलानी।। जीभ कमान बचन सर नाना। मनहुँ महिप मृदु लच्छ समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जनु कठोरपनु धरें सरीरू। सिखइ धनुषबिद्या बर बीरू।। सब प्रसंगु रघुपतिहि सुनाई। बैठि मनहुँ तनु धरि निठुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मन मुसकाइ भानुकुल भानु। रामु सहज आनंद निधानू।। बोले बचन बिगत सब दूषन। मृदु मंजुल जनु बाग बिभूषन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनु जननी सोइ सुतु बड़भागी। जो पितु मातु बचन अनुरागी।। तनय मातु पितु तोषनिहारा। दुर्लभ जननि सकल संसारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिगन मिलनु बिसेषि बन सबहि भाँति हित मोर। तेहि महँ पितु आयसु बहुरि संमत जननी तोर।।41।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 42

भरत प्रानप्रिय पावहिं राजू। बिधि सब बिधि मोहि सनमुख आजु। जों न जाउँ बन ऐसेहु काजा। प्रथम गनिअ मोहि मूढ़ समाजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवहिं अरँडु कलपतरु त्यागी। परिहरि अमृत लेहिं बिषु मागी।। तेउ न पाइ अस समउ चुकाहीं। देखु बिचारि मातु मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अंब एक दुखु मोहि बिसेषी। निपट बिकल नरनायकु देखी।। थोरिहिं बात पितहि दुख भारी। होति प्रतीति न मोहि महतारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राउ धीर गुन उदधि अगाधू। भा मोहि ते कछु बड़ अपराधू।। जातें मोहि न कहत कछु राऊ। मोरि सपथ तोहि कहु सतिभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सरल रघुबर बचन कुमति कुटिल करि जान। चलइ जोंक जल बक्रगति जद्यपि सलिलु समान।।42।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 43

रहसी रानि राम रुख पाई। बोली कपट सनेहु जनाई।। सपथ तुम्हार भरत कै आना। हेतु न दूसर मै कछु जाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह अपराध जोगु नहिं ताता। जननी जनक बंधु सुखदाता।। राम सत्य सबु जो कछु कहहू। तुम्ह पितु मातु बचन रत अहहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितहि बुझाइ कहहु बलि सोई। चौथेंपन जेहिं अजसु न होई।। तुम्ह सम सुअन सुकृत जेहिं दीन्हे। उचित न तासु निरादरु कीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लागहिं कुमुख बचन सुभ कैसे। मगहँ गयादिक तीरथ जैसे।। रामहि मातु बचन सब भाए। जिमि सुरसरि गत सलिल सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गइ मुरुछा रामहि सुमिरि नृप फिरि करवट लीन्ह। सचिव राम आगमन कहि बिनय समय सम कीन्ह।।43।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 44

अवनिप अकनि रामु पगु धारे। धरि धीरजु तब नयन उघारे।। सचिवँ सँभारि राउ बैठारे। चरन परत नृप रामु निहारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लिए सनेह बिकल उर लाई। गै मनि मनहुँ फनिक फिरि पाई।। रामहि चितइ रहेउ नरनाहू। चला बिलोचन बारि प्रबाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक बिबस कछु कहै न पारा। हृदयँ लगावत बारहिं बारा।। बिधिहि मनाव राउ मन माहीं। जेहिं रघुनाथ न कानन जाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुमिरि महेसहि कहइ निहोरी। बिनती सुनहु सदासिव मोरी।। आसुतोष तुम्ह अवढर दानी। आरति हरहु दीन जनु जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह प्रेरक सब के हृदयँ सो मति रामहि देहु। बचनु मोर तजि रहहि घर परिहरि सीलु सनेहु।।44।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 45

अजसु होउ जग सुजसु नसाऊ। नरक परौ बरु सुरपुरु जाऊ।। सब दुख दुसह सहावहु मोही। लोचन ओट रामु जनि होंही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस मन गुनइ राउ नहिं बोला। पीपर पात सरिस मनु डोला।। रघुपति पितहि प्रेमबस जानी। पुनि कछु कहिहि मातु अनुमानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देस काल अवसर अनुसारी। बोले बचन बिनीत बिचारी।। तात कहउँ कछु करउँ ढिठाई। अनुचितु छमब जानि लरिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति लघु बात लागि दुखु पावा। काहुँ न मोहि कहि प्रथम जनावा।। देखि गोसाइँहि पूँछिउँ माता। सुनि प्रसंगु भए सीतल गाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मंगल समय सनेह बस सोच परिहरिअ तात। आयसु देइअ हरषि हियँ कहि पुलके प्रभु गात।।45।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 46

धन्य जनमु जगतीतल तासू। पितहि प्रमोदु चरित सुनि जासू।। चारि पदारथ करतल ताकें। प्रिय पितु मातु प्रान सम जाकें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आयसु पालि जनम फलु पाई। ऐहउँ बेगिहिं होउ रजाई।। बिदा मातु सन आवउँ मागी। चलिहउँ बनहि बहुरि पग लागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि राम गवनु तब कीन्हा। भूप सोक बसु उतरु न दीन्हा।। नगर ब्यापि गइ बात सुतीछी। छुअत चढ़ी जनु सब तन बीछी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि भए बिकल सकल नर नारी। बेलि बिटप जिमि देखि दवारी।। जो जहँ सुनइ धुनइ सिरु सोई। बड़ बिषादु नहिं धीरजु होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुख सुखाहिं लोचन स्त्रवहि सोकु न हृदयँ समाइ। मनहुँ करुन रस कटकई उतरी अवध बजाइ।।46।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 47

मिलेहि माझ बिधि बात बेगारी। जहँ तहँ देहिं कैकेइहि गारी।। एहि पापिनिहि बूझि का परेऊ। छाइ भवन पर पावकु धरेऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निज कर नयन काढ़ि चह दीखा। डारि सुधा बिषु चाहत चीखा।। कुटिल कठोर कुबुद्धि अभागी। भइ रघुबंस बेनु बन आगी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पालव बैठि पेड़ु एहिं काटा। सुख महुँ सोक ठाटु धरि ठाटा।। सदा रामु एहि प्रान समाना। कारन कवन कुटिलपनु ठाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सत्य कहहिं कबि नारि सुभाऊ। सब बिधि अगहु अगाध दुराऊ।। निज प्रतिबिंबु बरुकु गहि जाई। जानि न जाइ नारि गति भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
काह न पावकु जारि सक का न समुद्र समाइ। का न करै अबला प्रबल केहि जग कालु न खाइ।।47।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 48

का सुनाइ बिधि काह सुनावा। का देखाइ चह काह देखावा।। एक कहहिं भल भूप न कीन्हा। बरु बिचारि नहिं कुमतिहि दीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो हठि भयउ सकल दुख भाजनु। अबला बिबस ग्यानु गुनु गा जनु।। एक धरम परमिति पहिचाने। नृपहि दोसु नहिं देहिं सयाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिबि दधीचि हरिचंद कहानी। एक एक सन कहहिं बखानी।। एक भरत कर संमत कहहीं। एक उदास भायँ सुनि रहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कान मूदि कर रद गहि जीहा। एक कहहिं यह बात अलीहा।। सुकृत जाहिं अस कहत तुम्हारे। रामु भरत कहुँ प्रानपिआरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चंदु चवै बरु अनल कन सुधा होइ बिषतूल। सपनेहुँ कबहुँ न करहिं किछु भरतु राम प्रतिकूल।।48।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 49

एक बिधातहिं दूषनु देंहीं। सुधा देखाइ दीन्ह बिषु जेहीं।। खरभरु नगर सोचु सब काहू। दुसह दाहु उर मिटा उछाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिप्रबधू कुलमान्य जठेरी। जे प्रिय परम कैकेई केरी।। लगीं देन सिख सीलु सराही। बचन बानसम लागहिं ताही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतु न मोहि प्रिय राम समाना। सदा कहहु यहु सबु जगु जाना।। करहु राम पर सहज सनेहू। केहिं अपराध आजु बनु देहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कबहुँ न कियहु सवति आरेसू। प्रीति प्रतीति जान सबु देसू।। कौसल्याँ अब काह बिगारा। तुम्ह जेहि लागि बज्र पुर पारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीय कि पिय सँगु परिहरिहि लखनु कि रहिहहिं धाम। राजु कि भूँजब भरत पुर नृपु कि जिइहि बिनु राम।।49।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 50

अस बिचारि उर छाड़हु कोहू। सोक कलंक कोठि जनि होहू।। भरतहि अवसि देहु जुबराजू। कानन काह राम कर काजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाहिन रामु राज के भूखे। धरम धुरीन बिषय रस रूखे।। गुर गृह बसहुँ रामु तजि गेहू। नृप सन अस बरु दूसर लेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं नहिं लगिहहु कहें हमारे। नहिं लागिहि कछु हाथ तुम्हारे।। जौं परिहास कीन्हि कछु होई। तौ कहि प्रगट जनावहु सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सरिस सुत कानन जोगू। काह कहिहि सुनि तुम्ह कहुँ लोगू।। उठहु बेगि सोइ करहु उपाई। जेहि बिधि सोकु कलंकु नसाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning

Doha 51

उतरु न देइ दुसह रिस रूखी। मृगिन्ह चितव जनु बाघिनि भूखी।। ब्याधि असाधि जानि तिन्ह त्यागी। चलीं कहत मतिमंद अभागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राजु करत यह दैअँ बिगोई। कीन्हेसि अस जस करइ न कोई।। एहि बिधि बिलपहिं पुर नर नारीं। देहिं कुचालिहि कोटिक गारीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जरहिं बिषम जर लेहिं उसासा। कवनि राम बिनु जीवन आसा।। बिपुल बियोग प्रजा अकुलानी। जनु जलचर गन सूखत पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति बिषाद बस लोग लोगाई। गए मातु पहिं रामु गोसाई।। मुख प्रसन्न चित चौगुन चाऊ। मिटा सोचु जनि राखै राऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नव गयंदु रघुबीर मनु राजु अलान समान। छूट जानि बन गवनु सुनि उर अनंदु अधिकान।।51।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 52

रघुकुलतिलक जोरि दोउ हाथा। मुदित मातु पद नायउ माथा।। दीन्हि असीस लाइ उर लीन्हे। भूषन बसन निछावरि कीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार मुख चुंबति माता। नयन नेह जलु पुलकित गाता।। गोद राखि पुनि हृदयँ लगाए। स्त्रवत प्रेनरस पयद सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रेमु प्रमोदु न कछु कहि जाई। रंक धनद पदबी जनु पाई।। सादर सुंदर बदनु निहारी। बोली मधुर बचन महतारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहु तात जननी बलिहारी। कबहिं लगन मुद मंगलकारी।। सुकृत सील सुख सीवँ सुहाई। जनम लाभ कइ अवधि अघाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहि चाहत नर नारि सब अति आरत एहि भाँति। जिमि चातक चातकि तृषित बृष्टि सरद रितु स्वाति।।52।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 53

तात जाउँ बलि बेगि नहाहू। जो मन भाव मधुर कछु खाहू।। पितु समीप तब जाएहु भैआ। भइ बड़ि बार जाइ बलि मैआ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु बचन सुनि अति अनुकूला। जनु सनेह सुरतरु के फूला।। सुख मकरंद भरे श्रियमूला। निरखि राम मनु भवरुँ न भूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरम धुरीन धरम गति जानी। कहेउ मातु सन अति मृदु बानी।। पिताँ दीन्ह मोहि कानन राजू। जहँ सब भाँति मोर बड़ काजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आयसु देहि मुदित मन माता। जेहिं मुद मंगल कानन जाता।। जनि सनेह बस डरपसि भोरें। आनँदु अंब अनुग्रह तोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरष चारिदस बिपिन बसि करि पितु बचन प्रमान। आइ पाय पुनि देखिहउँ मनु जनि करसि मलान।।53।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 54

बचन बिनीत मधुर रघुबर के। सर सम लगे मातु उर करके।। सहमि सूखि सुनि सीतलि बानी। जिमि जवास परें पावस पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि न जाइ कछु हृदय बिषादू। मनहुँ मृगी सुनि केहरि नादू।। नयन सजल तन थर थर काँपी। माजहि खाइ मीन जनु मापी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरि धीरजु सुत बदनु निहारी। गदगद बचन कहति महतारी।। तात पितहि तुम्ह प्रानपिआरे। देखि मुदित नित चरित तुम्हारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राजु देन कहुँ सुभ दिन साधा। कहेउ जान बन केहिं अपराधा।। तात सुनावहु मोहि निदानू। को दिनकर कुल भयउ कृसानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निरखि राम रुख सचिवसुत कारनु कहेउ बुझाइ। सुनि प्रसंगु रहि मूक जिमि दसा बरनि नहिं जाइ।।54।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 55

राखि न सकइ न कहि सक जाहू। दुहूँ भाँति उर दारुन दाहू।। लिखत सुधाकर गा लिखि राहू। बिधि गति बाम सदा सब काहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरम सनेह उभयँ मति घेरी। भइ गति साँप छुछुंदरि केरी।। राखउँ सुतहि करउँ अनुरोधू। धरमु जाइ अरु बंधु बिरोधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहउँ जान बन तौ बड़ि हानी। संकट सोच बिबस भइ रानी।। बहुरि समुझि तिय धरमु सयानी। रामु भरतु दोउ सुत सम जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरल सुभाउ राम महतारी। बोली बचन धीर धरि भारी।। तात जाउँ बलि कीन्हेहु नीका। पितु आयसु सब धरमक टीका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राजु देन कहि दीन्ह बनु मोहि न सो दुख लेसु। तुम्ह बिनु भरतहि भूपतिहि प्रजहि प्रचंड कलेसु।।55।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 56

जौं केवल पितु आयसु ताता। तौ जनि जाहु जानि बड़ि माता।। जौं पितु मातु कहेउ बन जाना। तौं कानन सत अवध समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु बनदेव मातु बनदेवी। खग मृग चरन सरोरुह सेवी।। अंतहुँ उचित नृपहि बनबासू। बय बिलोकि हियँ होइ हराँसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बड़भागी बनु अवध अभागी। जो रघुबंसतिलक तुम्ह त्यागी।। जौं सुत कहौ संग मोहि लेहू। तुम्हरे हृदयँ होइ संदेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूत परम प्रिय तुम्ह सबही के। प्रान प्रान के जीवन जी के।। ते तुम्ह कहहु मातु बन जाऊँ। मैं सुनि बचन बैठि पछिताऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह बिचारि नहिं करउँ हठ झूठ सनेहु बढ़ाइ। मानि मातु कर नात बलि सुरति बिसरि जनि जाइ।।56।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 57

देव पितर सब तुन्हहि गोसाई। राखहुँ पलक नयन की नाई।। अवधि अंबु प्रिय परिजन मीना। तुम्ह करुनाकर धरम धुरीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस बिचारि सोइ करहु उपाई। सबहि जिअत जेहिं भेंटेहु आई।। जाहु सुखेन बनहि बलि जाऊँ। करि अनाथ जन परिजन गाऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब कर आजु सुकृत फल बीता। भयउ कराल कालु बिपरीता।। बहुबिधि बिलपि चरन लपटानी। परम अभागिनि आपुहि जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दारुन दुसह दाहु उर ब्यापा। बरनि न जाहिं बिलाप कलापा।। राम उठाइ मातु उर लाई। कहि मृदु बचन बहुरि समुझाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समाचार तेहि समय सुनि सीय उठी अकुलाइ। जाइ सासु पद कमल जुग बंदि बैठि सिरु नाइ।।57।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 58

दीन्हि असीस सासु मृदु बानी। अति सुकुमारि देखि अकुलानी।। बैठि नमितमुख सोचति सीता। रूप रासि पति प्रेम पुनीता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चलन चहत बन जीवननाथू। केहि सुकृती सन होइहि साथू।। की तनु प्रान कि केवल प्राना। बिधि करतबु कछु जाइ न जाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चारु चरन नख लेखति धरनी। नूपुर मुखर मधुर कबि बरनी।। मनहुँ प्रेम बस बिनती करहीं। हमहि सीय पद जनि परिहरहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मंजु बिलोचन मोचति बारी। बोली देखि राम महतारी।। तात सुनहु सिय अति सुकुमारी। सासु ससुर परिजनहि पिआरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पिता जनक भूपाल मनि ससुर भानुकुल भानु। पति रबिकुल कैरव बिपिन बिधु गुन रूप निधानु।।58।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 59

मैं पुनि पुत्रबधू प्रिय पाई। रूप रासि गुन सील सुहाई।। नयन पुतरि करि प्रीति बढ़ाई। राखेउँ प्रान जानिकिहिं लाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कलपबेलि जिमि बहुबिधि लाली। सींचि सनेह सलिल प्रतिपाली।। फूलत फलत भयउ बिधि बामा। जानि न जाइ काह परिनामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पलँग पीठ तजि गोद हिंड़ोरा। सियँ न दीन्ह पगु अवनि कठोरा।। जिअनमूरि जिमि जोगवत रहऊँ। दीप बाति नहिं टारन कहऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोइ सिय चलन चहति बन साथा। आयसु काह होइ रघुनाथा। चंद किरन रस रसिक चकोरी। रबि रुख नयन सकइ किमि जोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि केहरि निसिचर चरहिं दुष्ट जंतु बन भूरि। बिष बाटिकाँ कि सोह सुत सुभग सजीवनि मूरि।।59।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 60

बन हित कोल किरात किसोरी। रचीं बिरंचि बिषय सुख भोरी।। पाइन कृमि जिमि कठिन सुभाऊ। तिन्हहि कलेसु न कानन काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कै तापस तिय कानन जोगू। जिन्ह तप हेतु तजा सब भोगू।। सिय बन बसिहि तात केहि भाँती। चित्रलिखित कपि देखि डेराती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुरसर सुभग बनज बन चारी। डाबर जोगु कि हंसकुमारी।। अस बिचारि जस आयसु होई। मैं सिख देउँ जानकिहि सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं सिय भवन रहै कह अंबा। मोहि कहँ होइ बहुत अवलंबा।। सुनि रघुबीर मातु प्रिय बानी। सील सनेह सुधाँ जनु सानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि प्रिय बचन बिबेकमय कीन्हि मातु परितोष। लगे प्रबोधन जानकिहि प्रगटि बिपिन गुन दोष।।60।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 61

मातु समीप कहत सकुचाहीं। बोले समउ समुझि मन माहीं।। राजकुमारि सिखावन सुनहू। आन भाँति जियँ जनि कछु गुनहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आपन मोर नीक जौं चहहू। बचनु हमार मानि गृह रहहू।। आयसु मोर सासु सेवकाई। सब बिधि भामिनि भवन भलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि ते अधिक धरमु नहिं दूजा। सादर सासु ससुर पद पूजा।। जब जब मातु करिहि सुधि मोरी। होइहि प्रेम बिकल मति भोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब तब तुम्ह कहि कथा पुरानी। सुंदरि समुझाएहु मृदु बानी।। कहउँ सुभायँ सपथ सत मोही। सुमुखि मातु हित राखउँ तोही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर श्रुति संमत धरम फलु पाइअ बिनहिं कलेस। हठ बस सब संकट सहे गालव नहुष नरेस।।61।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 62

मैं पुनि करि प्रवान पितु बानी। बेगि फिरब सुनु सुमुखि सयानी।। दिवस जात नहिं लागिहि बारा। सुंदरि सिखवनु सुनहु हमारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौ हठ करहु प्रेम बस बामा। तौ तुम्ह दुखु पाउब परिनामा।। काननु कठिन भयंकरु भारी। घोर घामु हिम बारि बयारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुस कंटक मग काँकर नाना। चलब पयादेहिं बिनु पदत्राना।। चरन कमल मुदु मंजु तुम्हारे। मारग अगम भूमिधर भारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कंदर खोह नदीं नद नारे। अगम अगाध न जाहिं निहारे।। भालु बाघ बृक केहरि नागा। करहिं नाद सुनि धीरजु भागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूमि सयन बलकल बसन असनु कंद फल मूल। ते कि सदा सब दिन मिलिहिं सबुइ समय अनुकूल।।62।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 63

नर अहार रजनीचर चरहीं। कपट बेष बिधि कोटिक करहीं।। लागइ अति पहार कर पानी। बिपिन बिपति नहिं जाइ बखानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ब्याल कराल बिहग बन घोरा। निसिचर निकर नारि नर चोरा।। डरपहिं धीर गहन सुधि आएँ। मृगलोचनि तुम्ह भीरु सुभाएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हंसगवनि तुम्ह नहिं बन जोगू। सुनि अपजसु मोहि देइहि लोगू।। मानस सलिल सुधाँ प्रतिपाली। जिअइ कि लवन पयोधि मराली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नव रसाल बन बिहरनसीला। सोह कि कोकिल बिपिन करीला।। रहहु भवन अस हृदयँ बिचारी। चंदबदनि दुखु कानन भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सुह्द गुर स्वामि सिख जो न करइ सिर मानि।। सो पछिताइ अघाइ उर अवसि होइ हित हानि।।63।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 64

सुनि मृदु बचन मनोहर पिय के। लोचन ललित भरे जल सिय के।। सीतल सिख दाहक भइ कैंसें। चकइहि सरद चंद निसि जैंसें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उतरु न आव बिकल बैदेही। तजन चहत सुचि स्वामि सनेही।। बरबस रोकि बिलोचन बारी। धरि धीरजु उर अवनिकुमारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लागि सासु पग कह कर जोरी। छमबि देबि बड़ि अबिनय मोरी।। दीन्हि प्रानपति मोहि सिख सोई। जेहि बिधि मोर परम हित होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं पुनि समुझि दीखि मन माहीं। पिय बियोग सम दुखु जग नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्राननाथ करुनायतन सुंदर सुखद सुजान। तुम्ह बिनु रघुकुल कुमुद बिधु सुरपुर नरक समान।।64।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 65

मातु पिता भगिनी प्रिय भाई। प्रिय परिवारु सुह्रद समुदाई।। सासु ससुर गुर सजन सहाई। सुत सुंदर सुसील सुखदाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ लगि नाथ नेह अरु नाते। पिय बिनु तियहि तरनिहु ते ताते।। तनु धनु धामु धरनि पुर राजू। पति बिहीन सबु सोक समाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भोग रोगसम भूषन भारू। जम जातना सरिस संसारू।। प्राननाथ तुम्ह बिनु जग माहीं। मो कहुँ सुखद कतहुँ कछु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जिय बिनु देह नदी बिनु बारी। तैसिअ नाथ पुरुष बिनु नारी।। नाथ सकल सुख साथ तुम्हारें। सरद बिमल बिधु बदनु निहारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खग मृग परिजन नगरु बनु बलकल बिमल दुकूल। नाथ साथ सुरसदन सम परनसाल सुख मूल।।65।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 66

बनदेवीं बनदेव उदारा। करिहहिं सासु ससुर सम सारा।। कुस किसलय साथरी सुहाई। प्रभु सँग मंजु मनोज तुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कंद मूल फल अमिअ अहारू। अवध सौध सत सरिस पहारू।। छिनु छिनु प्रभु पद कमल बिलोकि। रहिहउँ मुदित दिवस जिमि कोकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बन दुख नाथ कहे बहुतेरे। भय बिषाद परिताप घनेरे।। प्रभु बियोग लवलेस समाना। सब मिलि होहिं न कृपानिधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस जियँ जानि सुजान सिरोमनि। लेइअ संग मोहि छाड़िअ जनि।। बिनती बहुत करौं का स्वामी। करुनामय उर अंतरजामी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राखिअ अवध जो अवधि लगि रहत न जनिअहिं प्रान। दीनबंधु संदर सुखद सील सनेह निधान।।66।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 67

मोहि मग चलत न होइहि हारी। छिनु छिनु चरन सरोज निहारी।। सबहि भाँति पिय सेवा करिहौं। मारग जनित सकल श्रम हरिहौं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पाय पखारी बैठि तरु छाहीं। करिहउँ बाउ मुदित मन माहीं।। श्रम कन सहित स्याम तनु देखें। कहँ दुख समउ प्रानपति पेखें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सम महि तृन तरुपल्लव डासी। पाग पलोटिहि सब निसि दासी।। बारबार मृदु मूरति जोही। लागहि तात बयारि न मोही।
Chaupai
अर्थ / Meaning
को प्रभु सँग मोहि चितवनिहारा। सिंघबधुहि जिमि ससक सिआरा।। मैं सुकुमारि नाथ बन जोगू। तुम्हहि उचित तप मो कहुँ भोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ऐसेउ बचन कठोर सुनि जौं न ह्रदउ बिलगान। तौ प्रभु बिषम बियोग दुख सहिहहिं पावँर प्रान।।67।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 68

अस कहि सीय बिकल भइ भारी। बचन बियोगु न सकी सँभारी।। देखि दसा रघुपति जियँ जाना। हठि राखें नहिं राखिहि प्राना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहेउ कृपाल भानुकुलनाथा। परिहरि सोचु चलहु बन साथा।। नहिं बिषाद कर अवसरु आजू। बेगि करहु बन गवन समाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि प्रिय बचन प्रिया समुझाई। लगे मातु पद आसिष पाई।। बेगि प्रजा दुख मेटब आई। जननी निठुर बिसरि जनि जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
फिरहि दसा बिधि बहुरि कि मोरी। देखिहउँ नयन मनोहर जोरी।। सुदिन सुघरी तात कब होइहि। जननी जिअत बदन बिधु जोइहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुरि बच्छ कहि लालु कहि रघुपति रघुबर तात। कबहिं बोलाइ लगाइ हियँ हरषि निरखिहउँ गात।।68।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 69

लखि सनेह कातरि महतारी। बचनु न आव बिकल भइ भारी।। राम प्रबोधु कीन्ह बिधि नाना। समउ सनेहु न जाइ बखाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब जानकी सासु पग लागी। सुनिअ माय मैं परम अभागी।। सेवा समय दैअँ बनु दीन्हा। मोर मनोरथु सफल न कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तजब छोभु जनि छाड़िअ छोहू। करमु कठिन कछु दोसु न मोहू।। सुनि सिय बचन सासु अकुलानी। दसा कवनि बिधि कहौं बखानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बारहि बार लाइ उर लीन्ही। धरि धीरजु सिख आसिष दीन्ही।। अचल होउ अहिवातु तुम्हारा। जब लगि गंग जमुन जल धारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीतहि सासु असीस सिख दीन्हि अनेक प्रकार। चली नाइ पद पदुम सिरु अति हित बारहिं बार।।69।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 70

समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए।। कंप पुलक तन नयन सनीरा। गहे चरन अति प्रेम अधीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि न सकत कछु चितवत ठाढ़े। मीनु दीन जनु जल तें काढ़े।। सोचु हृदयँ बिधि का होनिहारा। सबु सुखु सुकृत सिरान हमारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मो कहुँ काह कहब रघुनाथा। रखिहहिं भवन कि लेहहिं साथा।। राम बिलोकि बंधु कर जोरें। देह गेह सब सन तृनु तोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बोले बचनु राम नय नागर। सील सनेह सरल सुख सागर।। तात प्रेम बस जनि कदराहू। समुझि हृदयँ परिनाम उछाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु पिता गुरु स्वामि सिख सिर धरि करहि सुभायँ। लहेउ लाभु तिन्ह जनम कर नतरु जनमु जग जायँ।।70।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 71

अस जियँ जानि सुनहु सिख भाई। करहु मातु पितु पद सेवकाई।। भवन भरतु रिपुसूदन नाहीं। राउ बृद्ध मम दुखु मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं बन जाउँ तुम्हहि लेइ साथा। होइ सबहि बिधि अवध अनाथा।। गुरु पितु मातु प्रजा परिवारू। सब कहुँ परइ दुसह दुख भारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रहहु करहु सब कर परितोषू। नतरु तात होइहि बड़ दोषू।। जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी। सो नृपु अवसि नरक अधिकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रहहु तात असि नीति बिचारी। सुनत लखनु भए ब्याकुल भारी।। सिअरें बचन सूखि गए कैंसें। परसत तुहिन तामरसु जैसें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उतरु न आवत प्रेम बस गहे चरन अकुलाइ। नाथ दासु मैं स्वामि तुम्ह तजहु त काह बसाइ।।71।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 72

दीन्हि मोहि सिख नीकि गोसाईं। लागि अगम अपनी कदराईं।। नरबर धीर धरम धुर धारी। निगम नीति कहुँ ते अधिकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं सिसु प्रभु सनेहँ प्रतिपाला। मंदरु मेरु कि लेहिं मराला।। गुर पितु मातु न जानउँ काहू। कहउँ सुभाउ नाथ पतिआहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ लगि जगत सनेह सगाई। प्रीति प्रतीति निगम निजु गाई।। मोरें सबइ एक तुम्ह स्वामी। दीनबंधु उर अंतरजामी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरम नीति उपदेसिअ ताही। कीरति भूति सुगति प्रिय जाही।। मन क्रम बचन चरन रत होई। कृपासिंधु परिहरिअ कि सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करुनासिंधु सुबंध के सुनि मृदु बचन बिनीत। समुझाए उर लाइ प्रभु जानि सनेहँ सभीत।।72।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 73

मागहु बिदा मातु सन जाई। आवहु बेगि चलहु बन भाई।। मुदित भए सुनि रघुबर बानी। भयउ लाभ बड़ गइ बड़ि हानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हरषित ह्दयँ मातु पहिं आए। मनहुँ अंध फिरि लोचन पाए। जाइ जननि पग नायउ माथा। मनु रघुनंदन जानकि साथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूँछे मातु मलिन मन देखी। लखन कही सब कथा बिसेषी।। गई सहमि सुनि बचन कठोरा। मृगी देखि दव जनु चहु ओरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन लखेउ भा अनरथ आजू। एहिं सनेह बस करब अकाजू।। मागत बिदा सभय सकुचाहीं। जाइ संग बिधि कहिहि कि नाही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समुझि सुमित्राँ राम सिय रूप सुसीलु सुभाउ। नृप सनेहु लखि धुनेउ सिरु पापिनि दीन्ह कुदाउ।।73।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 74

धीरजु धरेउ कुअवसर जानी। सहज सुह्द बोली मृदु बानी।। तात तुम्हारि मातु बैदेही। पिता रामु सब भाँति सनेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवध तहाँ जहँ राम निवासू। तहँइँ दिवसु जहँ भानु प्रकासू।। जौ पै सीय रामु बन जाहीं। अवध तुम्हार काजु कछु नाहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर पितु मातु बंधु सुर साई। सेइअहिं सकल प्रान की नाईं।। रामु प्रानप्रिय जीवन जी के। स्वारथ रहित सखा सबही कै।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूजनीय प्रिय परम जहाँ तें। सब मानिअहिं राम के नातें।। अस जियँ जानि संग बन जाहू। लेहु तात जग जीवन लाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूरि भाग भाजनु भयहु मोहि समेत बलि जाउँ। जौम तुम्हरें मन छाड़ि छलु कीन्ह राम पद ठाउँ।।74।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 75

पुत्रवती जुबती जग सोई। रघुपति भगतु जासु सुतु होई।। नतरु बाँझ भलि बादि बिआनी। राम बिमुख सुत तें हित जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्हरेहिं भाग रामु बन जाहीं। दूसर हेतु तात कछु नाहीं।। सकल सुकृत कर बड़ फलु एहू। राम सीय पद सहज सनेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राग रोषु इरिषा मदु मोहू। जनि सपनेहुँ इन्ह के बस होहू।। सकल प्रकार बिकार बिहाई। मन क्रम बचन करेहु सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह कहुँ बन सब भाँति सुपासू। सँग पितु मातु रामु सिय जासू।। जेहिं न रामु बन लहहिं कलेसू। सुत सोइ करेहु इहइ उपदेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उपदेसु यहु जेहिं तात तुम्हरे राम सिय सुख पावहीं। पितु मातु प्रिय परिवार पुर सुख सुरति बन बिसरावहीं।। तुलसी प्रभुहि सिख देइ आयसु दीन्ह पुनि आसिष दई। रति होउ अबिरल अमल सिय रघुबीर पद नित नित नई।।
Chhand
अर्थ / Meaning
मातु चरन सिरु नाइ चले तुरत संकित हृदयँ। बागुर बिषम तोराइ मनहुँ भाग मृगु भाग बस।।75।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 76

गए लखनु जहँ जानकिनाथू। भे मन मुदित पाइ प्रिय साथू।। बंदि राम सिय चरन सुहाए। चले संग नृपमंदिर आए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं परसपर पुर नर नारी। भलि बनाइ बिधि बात बिगारी।। तन कृस दुखु बदन मलीने। बिकल मनहुँ माखी मधु छीने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कर मीजहिं सिरु धुनि पछिताहीं। जनु बिन पंख बिहग अकुलाहीं।। भइ बड़ि भीर भूप दरबारा। बरनि न जाइ बिषादु अपारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे।। सिय समेत दोउ तनय निहारी। ब्याकुल भयउ भूमिपति भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीय सहित सुत सुभग दोउ देखि देखि अकुलाइ। बारहिं बार सनेह बस राउ लेइ उर लाइ।।76।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 77

सकइ न बोलि बिकल नरनाहू। सोक जनित उर दारुन दाहू।। नाइ सीसु पद अति अनुरागा। उठि रघुबीर बिदा तब मागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु असीस आयसु मोहि दीजै। हरष समय बिसमउ कत कीजै।। तात किएँ प्रिय प्रेम प्रमादू। जसु जग जाइ होइ अपबादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सनेह बस उठि नरनाहाँ। बैठारे रघुपति गहि बाहाँ।। सुनहु तात तुम्ह कहुँ मुनि कहहीं। रामु चराचर नायक अहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुभ अरु असुभ करम अनुहारी। ईस देइ फलु ह्दयँ बिचारी।। करइ जो करम पाव फल सोई। निगम नीति असि कह सबु कोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
औरु करै अपराधु कोउ और पाव फल भोगु। अति बिचित्र भगवंत गति को जग जानै जोगु।।77।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 78

रायँ राम राखन हित लागी। बहुत उपाय किए छलु त्यागी।। लखी राम रुख रहत न जाने। धरम धुरंधर धीर सयाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब नृप सीय लाइ उर लीन्ही। अति हित बहुत भाँति सिख दीन्ही।। कहि बन के दुख दुसह सुनाए। सासु ससुर पितु सुख समुझाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिय मनु राम चरन अनुरागा। घरु न सुगमु बनु बिषमु न लागा।। औरउ सबहिं सीय समुझाई। कहि कहि बिपिन बिपति अधिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सचिव नारि गुर नारि सयानी। सहित सनेह कहहिं मृदु बानी।। तुम्ह कहुँ तौ न दीन्ह बनबासू। करहु जो कहहिं ससुर गुर सासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-सिख सीतलि हित मधुर मृदु सुनि सीतहि न सोहानि। सरद चंद चंदनि लगत जनु चकई अकुलानि।।78।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 79

सीय सकुच बस उतरु न देई। सो सुनि तमकि उठी कैकेई।। मुनि पट भूषन भाजन आनी। आगें धरि बोली मृदु बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृपहि प्रान प्रिय तुम्ह रघुबीरा। सील सनेह न छाड़िहि भीरा।। सुकृत सुजसु परलोकु नसाऊ। तुम्हहि जान बन कहिहि न काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस बिचारि सोइ करहु जो भावा। राम जननि सिख सुनि सुखु पावा।। भूपहि बचन बानसम लागे। करहिं न प्रान पयान अभागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोग बिकल मुरुछित नरनाहू। काह करिअ कछु सूझ न काहू।। रामु तुरत मुनि बेषु बनाई। चले जनक जननिहि सिरु नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सजि बन साजु समाजु सबु बनिता बंधु समेत। बंदि बिप्र गुर चरन प्रभु चले करि सबहि अचेत।।79।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 80

निकसि बसिष्ठ द्वार भए ठाढ़े। देखे लोग बिरह दव दाढ़े।। कहि प्रिय बचन सकल समुझाए। बिप्र बृंद रघुबीर बोलाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर सन कहि बरषासन दीन्हे। आदर दान बिनय बस कीन्हे।। जाचक दान मान संतोषे। मीत पुनीत प्रेम परितोषे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दासीं दास बोलाइ बहोरी। गुरहि सौंपि बोले कर जोरी।। सब कै सार सँभार गोसाईं। करबि जनक जननी की नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बारहिं बार जोरि जुग पानी। कहत रामु सब सन मृदु बानी।। सोइ सब भाँति मोर हितकारी। जेहि तें रहै भुआल सुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु सकल मोरे बिरहँ जेहिं न होहिं दुख दीन। सोइ उपाउ तुम्ह करेहु सब पुर जन परम प्रबीन।।80।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 81

एहि बिधि राम सबहि समुझावा। गुर पद पदुम हरषि सिरु नावा। गनपती गौरि गिरीसु मनाई। चले असीस पाइ रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम चलत अति भयउ बिषादू। सुनि न जाइ पुर आरत नादू।। कुसगुन लंक अवध अति सोकू। हहरष बिषाद बिबस सुरलोकू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गइ मुरुछा तब भूपति जागे। बोलि सुमंत्रु कहन अस लागे।। रामु चले बन प्रान न जाहीं। केहि सुख लागि रहत तन माहीं।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि तें कवन ब्यथा बलवाना। जो दुखु पाइ तजहिं तनु प्राना।। पुनि धरि धीर कहइ नरनाहू। लै रथु संग सखा तुम्ह जाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-सुठि सुकुमार कुमार दोउ जनकसुता सुकुमारि। रथ चढ़ाइ देखराइ बनु फिरेहु गएँ दिन चारि।।81।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 82

जौ नहिं फिरहिं धीर दोउ भाई। सत्यसंध दृढ़ब्रत रघुराई।। तौ तुम्ह बिनय करेहु कर जोरी। फेरिअ प्रभु मिथिलेसकिसोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जब सिय कानन देखि डेराई। कहेहु मोरि सिख अवसरु पाई।। सासु ससुर अस कहेउ सँदेसू। पुत्रि फिरिअ बन बहुत कलेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितृगृह कबहुँ कबहुँ ससुरारी। रहेहु जहाँ रुचि होइ तुम्हारी।। एहि बिधि करेहु उपाय कदंबा। फिरइ त होइ प्रान अवलंबा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाहिं त मोर मरनु परिनामा। कछु न बसाइ भएँ बिधि बामा।। अस कहि मुरुछि परा महि राऊ। रामु लखनु सिय आनि देखाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-पाइ रजायसु नाइ सिरु रथु अति बेग बनाइ। गयउ जहाँ बाहेर नगर सीय सहित दोउ भाइ।।82।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 83

तब सुमंत्र नृप बचन सुनाए। करि बिनती रथ रामु चढ़ाए।। चढ़ि रथ सीय सहित दोउ भाई। चले हृदयँ अवधहि सिरु नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चलत रामु लखि अवध अनाथा। बिकल लोग सब लागे साथा।। कृपासिंधु बहुबिधि समुझावहिं। फिरहिं प्रेम बस पुनि फिरि आवहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लागति अवध भयावनि भारी। मानहुँ कालराति अँधिआरी।। घोर जंतु सम पुर नर नारी। डरपहिं एकहि एक निहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
घर मसान परिजन जनु भूता। सुत हित मीत मनहुँ जमदूता।। बागन्ह बिटप बेलि कुम्हिलाहीं। सरित सरोवर देखि न जाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हय गय कोटिन्ह केलिमृग पुरपसु चातक मोर। पिक रथांग सुक सारिका सारस हंस चकोर।।83।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 84

राम बियोग बिकल सब ठाढ़े। जहँ तहँ मनहुँ चित्र लिखि काढ़े।। नगरु सफल बनु गहबर भारी। खग मृग बिपुल सकल नर नारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिधि कैकेई किरातिनि कीन्ही। जेंहि दव दुसह दसहुँ दिसि दीन्ही।। सहि न सके रघुबर बिरहागी। चले लोग सब ब्याकुल भागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सबहिं बिचार कीन्ह मन माहीं। राम लखन सिय बिनु सुखु नाहीं।। जहाँ रामु तहँ सबुइ समाजू। बिनु रघुबीर अवध नहिं काजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चले साथ अस मंत्रु दृढ़ाई। सुर दुर्लभ सुख सदन बिहाई।। राम चरन पंकज प्रिय जिन्हही। बिषय भोग बस करहिं कि तिन्हही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बालक बृद्ध बिहाइ गृँह लगे लोग सब साथ। तमसा तीर निवासु किय प्रथम दिवस रघुनाथ।।84।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 85

रघुपति प्रजा प्रेमबस देखी। सदय हृदयँ दुखु भयउ बिसेषी।। करुनामय रघुनाथ गोसाँई। बेगि पाइअहिं पीर पराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि सप्रेम मृदु बचन सुहाए। बहुबिधि राम लोग समुझाए।। किए धरम उपदेस घनेरे। लोग प्रेम बस फिरहिं न फेरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीलु सनेहु छाड़ि नहिं जाई। असमंजस बस भे रघुराई।। लोग सोग श्रम बस गए सोई। कछुक देवमायाँ मति मोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जबहिं जाम जुग जामिनि बीती। राम सचिव सन कहेउ सप्रीती।। खोज मारि रथु हाँकहु ताता। आन उपायँ बनिहि नहिं बाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम लखन सुय जान चढ़ि संभु चरन सिरु नाइ।। सचिवँ चलायउ तुरत रथु इत उत खोज दुराइ।।85।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 86

जागे सकल लोग भएँ भोरू। गे रघुनाथ भयउ अति सोरू।। रथ कर खोज कतहहुँ नहिं पावहिं। राम राम कहि चहु दिसि धावहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मनहुँ बारिनिधि बूड़ जहाजू। भयउ बिकल बड़ बनिक समाजू।। एकहि एक देंहिं उपदेसू। तजे राम हम जानि कलेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निंदहिं आपु सराहहिं मीना। धिग जीवनु रघुबीर बिहीना।। जौं पै प्रिय बियोगु बिधि कीन्हा। तौ कस मरनु न मागें दीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि करत प्रलाप कलापा। आए अवध भरे परितापा।। बिषम बियोगु न जाइ बखाना। अवधि आस सब राखहिं प्राना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम दरस हित नेम ब्रत लगे करन नर नारि। मनहुँ कोक कोकी कमल दीन बिहीन तमारि।।86।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 87

सीता सचिव सहित दोउ भाई। सृंगबेरपुर पहुँचे जाई।। उतरे राम देवसरि देखी। कीन्ह दंडवत हरषु बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन सचिवँ सियँ किए प्रनामा। सबहि सहित सुखु पायउ रामा।। गंग सकल मुद मंगल मूला। सब सुख करनि हरनि सब सूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि कहि कोटिक कथा प्रसंगा। रामु बिलोकहिं गंग तरंगा।। सचिवहि अनुजहि प्रियहि सुनाई। बिबुध नदी महिमा अधिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मज्जनु कीन्ह पंथ श्रम गयऊ। सुचि जलु पिअत मुदित मन भयऊ।। सुमिरत जाहि मिटइ श्रम भारू। तेहि श्रम यह लौकिक ब्यवहारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुध्द सचिदानंदमय कंद भानुकुल केतु। चरित करत नर अनुहरत संसृति सागर सेतु।।87।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 88

यह सुधि गुहँ निषाद जब पाई। मुदित लिए प्रिय बंधु बोलाई।। लिए फल मूल भेंट भरि भारा। मिलन चलेउ हिंयँ हरषु अपारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि दंडवत भेंट धरि आगें। प्रभुहि बिलोकत अति अनुरागें।। सहज सनेह बिबस रघुराई। पूँछी कुसल निकट बैठाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ कुसल पद पंकज देखें। भयउँ भागभाजन जन लेखें।। देव धरनि धनु धामु तुम्हारा। मैं जनु नीचु सहित परिवारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कृपा करिअ पुर धारिअ पाऊ। थापिय जनु सबु लोगु सिहाऊ।। कहेहु सत्य सबु सखा सुजाना। मोहि दीन्ह पितु आयसु आना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरष चारिदस बासु बन मुनि ब्रत बेषु अहारु। ग्राम बासु नहिं उचित सुनि गुहहि भयउ दुखु भारु।।88।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 89

राम लखन सिय रूप निहारी। कहहिं सप्रेम ग्राम नर नारी।। ते पितु मातु कहहु सखि कैसे। जिन्ह पठए बन बालक ऐसे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक कहहिं भल भूपति कीन्हा। लोयन लाहु हमहि बिधि दीन्हा।। तब निषादपति उर अनुमाना। तरु सिंसुपा मनोहर जाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लै रघुनाथहि ठाउँ देखावा। कहेउ राम सब भाँति सुहावा।। पुरजन करि जोहारु घर आए। रघुबर संध्या करन सिधाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुहँ सँवारि साँथरी डसाई। कुस किसलयमय मृदुल सुहाई।। सुचि फल मूल मधुर मृदु जानी। दोना भरि भरि राखेसि पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिय सुमंत्र भ्राता सहित कंद मूल फल खाइ। सयन कीन्ह रघुबंसमनि पाय पलोटत भाइ।।89।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 90

उठे लखनु प्रभु सोवत जानी। कहि सचिवहि सोवन मृदु बानी।। कछुक दूर सजि बान सरासन। जागन लगे बैठि बीरासन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुँह बोलाइ पाहरू प्रतीती। ठावँ ठाँव राखे अति प्रीती।। आपु लखन पहिं बैठेउ जाई। कटि भाथी सर चाप चढ़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोवत प्रभुहि निहारि निषादू। भयउ प्रेम बस ह्दयँ बिषादू।। तनु पुलकित जलु लोचन बहई। बचन सप्रेम लखन सन कहई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूपति भवन सुभायँ सुहावा। सुरपति सदनु न पटतर पावा।। मनिमय रचित चारु चौबारे। जनु रतिपति निज हाथ सँवारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुचि सुबिचित्र सुभोगमय सुमन सुगंध सुबास। पलँग मंजु मनिदीप जहँ सब बिधि सकल सुपास।।90।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 91

बिबिध बसन उपधान तुराई। छीर फेन मृदु बिसद सुहाई।। तहँ सिय रामु सयन निसि करहीं। निज छबि रति मनोज मदु हरहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ते सिय रामु साथरीं सोए। श्रमित बसन बिनु जाहिं न जोए।। मातु पिता परिजन पुरबासी। सखा सुसील दास अरु दासी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जोगवहिं जिन्हहि प्रान की नाई। महि सोवत तेइ राम गोसाईं।। पिता जनक जग बिदित प्रभाऊ। ससुर सुरेस सखा रघुराऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामचंदु पति सो बैदेही। सोवत महि बिधि बाम न केही।। सिय रघुबीर कि कानन जोगू। करम प्रधान सत्य कह लोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कैकयनंदिनि मंदमति कठिन कुटिलपनु कीन्ह। जेहीं रघुनंदन जानकिहि सुख अवसर दुखु दीन्ह।।91।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 92

भइ दिनकर कुल बिटप कुठारी। कुमति कीन्ह सब बिस्व दुखारी।। भयउ बिषादु निषादहि भारी। राम सीय महि सयन निहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बोले लखन मधुर मृदु बानी। ग्यान बिराग भगति रस सानी।। काहु न कोउ सुख दुख कर दाता। निज कृत करम भोग सबु भ्राता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जोग बियोग भोग भल मंदा। हित अनहित मध्यम भ्रम फंदा।। जनमु मरनु जहँ लगि जग जालू। संपती बिपति करमु अरु कालू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरनि धामु धनु पुर परिवारू। सरगु नरकु जहँ लगि ब्यवहारू।। देखिअ सुनिअ गुनिअ मन माहीं। मोह मूल परमारथु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सपनें होइ भिखारि नृप रंकु नाकपति होइ। जागें लाभु न हानि कछु तिमि प्रपंच जियँ जोइ।।92।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 93

अस बिचारि नहिं कीजअ रोसू। काहुहि बादि न देइअ दोसू।। मोह निसाँ सबु सोवनिहारा। देखिअ सपन अनेक प्रकारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहिं जग जामिनि जागहिं जोगी। परमारथी प्रपंच बियोगी।। जानिअ तबहिं जीव जग जागा। जब जब बिषय बिलास बिरागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
होइ बिबेकु मोह भ्रम भागा। तब रघुनाथ चरन अनुरागा।। सखा परम परमारथु एहू। मन क्रम बचन राम पद नेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम ब्रह्म परमारथ रूपा। अबिगत अलख अनादि अनूपा।। सकल बिकार रहित गतभेदा। कहि नित नेति निरूपहिं बेदा।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भगत भूमि भूसुर सुरभि सुर हित लागि कृपाल। करत चरित धरि मनुज तनु सुनत मिटहि जग जाल।।93।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 94

सखा समुझि अस परिहरि मोहु। सिय रघुबीर चरन रत होहू।। कहत राम गुन भा भिनुसारा। जागे जग मंगल सुखदारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल सोच करि राम नहावा। सुचि सुजान बट छीर मगावा।। अनुज सहित सिर जटा बनाए। देखि सुमंत्र नयन जल छाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हृदयँ दाहु अति बदन मलीना। कह कर जोरि बचन अति दीना।। नाथ कहेउ अस कोसलनाथा। लै रथु जाहु राम कें साथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बनु देखाइ सुरसरि अन्हवाई। आनेहु फेरि बेगि दोउ भाई।। लखनु रामु सिय आनेहु फेरी। संसय सकल सँकोच निबेरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृप अस कहेउ गोसाईं जस कहइ करौं बलि सोइ। करि बिनती पायन्ह परेउ दीन्ह बाल जिमि रोइ।।94।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 95

तात कृपा करि कीजिअ सोई। जातें अवध अनाथ न होई।। मंत्रहि राम उठाइ प्रबोधा। तात धरम मतु तुम्ह सबु सोधा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिबि दधीचि हरिचंद नरेसा। सहे धरम हित कोटि कलेसा।। रंतिदेव बलि भूप सुजाना। धरमु धरेउ सहि संकट नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरमु न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुरान बखाना।। मैं सोइ धरमु सुलभ करि पावा। तजें तिहूँ पुर अपजसु छावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
संभावित कहुँ अपजस लाहू। मरन कोटि सम दारुन दाहू।। तुम्ह सन तात बहुत का कहऊँ। दिएँ उतरु फिरि पातकु लहऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु पद गहि कहि कोटि नति बिनय करब कर जोरि। चिंता कवनिहु बात कै तात करिअ जनि मोरि।।95।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 96

तुम्ह पुनि पितु सम अति हित मोरें। बिनती करउँ तात कर जोरें।। सब बिधि सोइ करतब्य तुम्हारें। दुख न पाव पितु सोच हमारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि रघुनाथ सचिव संबादू। भयउ सपरिजन बिकल निषादू।। पुनि कछु लखन कही कटु बानी। प्रभु बरजे बड़ अनुचित जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकुचि राम निज सपथ देवाई। लखन सँदेसु कहिअ जनि जाई।। कह सुमंत्रु पुनि भूप सँदेसू। सहि न सकिहि सिय बिपिन कलेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहि बिधि अवध आव फिरि सीया। सोइ रघुबरहि तुम्हहि करनीया।। नतरु निपट अवलंब बिहीना। मैं न जिअब जिमि जल बिनु मीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मइकें ससरें सकल सुख जबहिं जहाँ मनु मान।। तँह तब रहिहि सुखेन सिय जब लगि बिपति बिहान।।96।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 97

बिनती भूप कीन्ह जेहि भाँती। आरति प्रीति न सो कहि जाती।। पितु सँदेसु सुनि कृपानिधाना। सियहि दीन्ह सिख कोटि बिधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सासु ससुर गुर प्रिय परिवारू। फिरतु त सब कर मिटै खभारू।। सुनि पति बचन कहति बैदेही। सुनहु प्रानपति परम सनेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु करुनामय परम बिबेकी। तनु तजि रहति छाँह किमि छेंकी।। प्रभा जाइ कहँ भानु बिहाई। कहँ चंद्रिका चंदु तजि जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पतिहि प्रेममय बिनय सुनाई। कहति सचिव सन गिरा सुहाई।। तुम्ह पितु ससुर सरिस हितकारी। उतरु देउँ फिरि अनुचित भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आरति बस सनमुख भइउँ बिलगु न मानब तात। आरजसुत पद कमल बिनु बादि जहाँ लगि नात।।97।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 98

पितु बैभव बिलास मैं डीठा। नृप मनि मुकुट मिलित पद पीठा।। सुखनिधान अस पितु गृह मोरें। पिय बिहीन मन भाव न भोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ससुर चक्कवइ कोसलराऊ। भुवन चारिदस प्रगट प्रभाऊ।। आगें होइ जेहि सुरपति लेई। अरध सिंघासन आसनु देई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ससुरु एतादृस अवध निवासू। प्रिय परिवारु मातु सम सासू।। बिनु रघुपति पद पदुम परागा। मोहि केउ सपनेहुँ सुखद न लागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अगम पंथ बनभूमि पहारा। करि केहरि सर सरित अपारा।। कोल किरात कुरंग बिहंगा। मोहि सब सुखद प्रानपति संगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सासु ससुर सन मोरि हुँति बिनय करबि परि पायँ।। मोर सोचु जनि करिअ कछु मैं बन सुखी सुभायँ।।98।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 99

प्राननाथ प्रिय देवर साथा। बीर धुरीन धरें धनु भाथा।। नहिं मग श्रमु भ्रमु दुख मन मोरें। मोहि लगि सोचु करिअ जनि भोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुमंत्रु सिय सीतलि बानी। भयउ बिकल जनु फनि मनि हानी।। नयन सूझ नहिं सुनइ न काना। कहि न सकइ कछु अति अकुलाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम प्रबोधु कीन्ह बहु भाँति। तदपि होति नहिं सीतलि छाती।। जतन अनेक साथ हित कीन्हे। उचित उतर रघुनंदन दीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मेटि जाइ नहिं राम रजाई। कठिन करम गति कछु न बसाई।। राम लखन सिय पद सिरु नाई। फिरेउ बनिक जिमि मूर गवाँई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-रथ हाँकेउ हय राम तन हेरि हेरि हिहिनाहिं। देखि निषाद बिषादबस धुनहिं सीस पछिताहिं।।99।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 100

जासु बियोग बिकल पसु ऐसे। प्रजा मातु पितु जिइहहिं कैसें।। बरबस राम सुमंत्रु पठाए। सुरसरि तीर आपु तब आए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मागी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना।। चरन कमल रज कहुँ सबु कहई। मानुष करनि मूरि कछु अहई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
छुअत सिला भइ नारि सुहाई। पाहन तें न काठ कठिनाई।। तरनिउ मुनि घरिनि होइ जाई। बाट परइ मोरि नाव उड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहिं प्रतिपालउँ सबु परिवारू। नहिं जानउँ कछु अउर कबारू।। जौ प्रभु पार अवसि गा चहहू। मोहि पद पदुम पखारन कहहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि केवट के बैन प्रेम लपेटे अटपटे। बिहसे करुनाऐन चितइ जानकी लखन तन।।100।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 101

कृपासिंधु बोले मुसुकाई। सोइ करु जेंहि तव नाव न जाई।। वेगि आनु जल पाय पखारू। होत बिलंबु उतारहि पारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जासु नाम सुमरत एक बारा। उतरहिं नर भवसिंधु अपारा।। सोइ कृपालु केवटहि निहोरा। जेहिं जगु किय तिहु पगहु ते थोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पद नख निरखि देवसरि हरषी। सुनि प्रभु बचन मोहँ मति करषी।। केवट राम रजायसु पावा। पानि कठवता भरि लेइ आवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति आनंद उमगि अनुरागा। चरन सरोज पखारन लागा।। बरषि सुमन सुर सकल सिहाहीं। एहि सम पुन्यपुंज कोउ नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पद पखारि जलु पान करि आपु सहित परिवार। पितर पारु करि प्रभुहि पुनि मुदित गयउ लेइ पार।।101।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 102

उतरि ठाड़ भए सुरसरि रेता। सीयराम गुह लखन समेता।। केवट उतरि दंडवत कीन्हा। प्रभुहि सकुच एहि नहिं कछु दीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पिय हिय की सिय जाननिहारी। मनि मुदरी मन मुदित उतारी।। कहेउ कृपाल लेहि उतराई। केवट चरन गहे अकुलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ आजु मैं काह न पावा। मिटे दोष दुख दारिद दावा।। बहुत काल मैं कीन्हि मजूरी। आजु दीन्ह बिधि बनि भलि भूरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब कछु नाथ न चाहिअ मोरें। दीनदयाल अनुग्रह तोरें।। फिरती बार मोहि जे देबा। सो प्रसादु मैं सिर धरि लेबा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुत कीन्ह प्रभु लखन सियँ नहिं कछु केवटु लेइ। बिदा कीन्ह करुनायतन भगति बिमल बरु देइ।।102।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 103

तब मज्जनु करि रघुकुलनाथा। पूजि पारथिव नायउ माथा।। सियँ सुरसरिहि कहेउ कर जोरी। मातु मनोरथ पुरउबि मोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पति देवर संग कुसल बहोरी। आइ करौं जेहिं पूजा तोरी।। सुनि सिय बिनय प्रेम रस सानी। भइ तब बिमल बारि बर बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनु रघुबीर प्रिया बैदेही। तव प्रभाउ जग बिदित न केही।। लोकप होहिं बिलोकत तोरें। तोहि सेवहिं सब सिधि कर जोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह जो हमहि बड़ि बिनय सुनाई। कृपा कीन्हि मोहि दीन्हि बड़ाई।। तदपि देबि मैं देबि असीसा। सफल होपन हित निज बागीसा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्राननाथ देवर सहित कुसल कोसला आइ। पूजहि सब मनकामना सुजसु रहिहि जग छाइ।।103।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 104

गंग बचन सुनि मंगल मूला। मुदित सीय सुरसरि अनुकुला।। तब प्रभु गुहहि कहेउ घर जाहू। सुनत सूख मुखु भा उर दाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दीन बचन गुह कह कर जोरी। बिनय सुनहु रघुकुलमनि मोरी।। नाथ साथ रहि पंथु देखाई। करि दिन चारि चरन सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहिं बन जाइ रहब रघुराई। परनकुटी मैं करबि सुहाई।। तब मोहि कहँ जसि देब रजाई। सोइ करिहउँ रघुबीर दोहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सनेह राम लखि तासु। संग लीन्ह गुह हृदय हुलासू।। पुनि गुहँ ग्याति बोलि सब लीन्हे। करि परितोषु बिदा तब कीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब गनपति सिव सुमिरि प्रभु नाइ सुरसरिहि माथ। सखा अनुज सिया सहित बन गवनु कीन्ह रधुनाथ।।104।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 105

तेहि दिन भयउ बिटप तर बासू। लखन सखाँ सब कीन्ह सुपासू।। प्रात प्रातकृत करि रधुसाई। तीरथराजु दीख प्रभु जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सचिव सत्य श्रध्दा प्रिय नारी। माधव सरिस मीतु हितकारी।। चारि पदारथ भरा भँडारु। पुन्य प्रदेस देस अति चारु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
छेत्र अगम गढ़ु गाढ़ सुहावा। सपनेहुँ नहिं प्रतिपच्छिन्ह पावा।। सेन सकल तीरथ बर बीरा। कलुष अनीक दलन रनधीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
संगमु सिंहासनु सुठि सोहा। छत्रु अखयबटु मुनि मनु मोहा।। चवँर जमुन अरु गंग तरंगा। देखि होहिं दुख दारिद भंगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवहिं सुकृति साधु सुचि पावहिं सब मनकाम। बंदी बेद पुरान गन कहहिं बिमल गुन ग्राम।।105।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 106

को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ। कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ।। अस तीरथपति देखि सुहावा। सुख सागर रघुबर सुखु पावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि सिय लखनहि सखहि सुनाई। श्रीमुख तीरथराज बड़ाई।। करि प्रनामु देखत बन बागा। कहत महातम अति अनुरागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि आइ बिलोकी बेनी। सुमिरत सकल सुमंगल देनी।। मुदित नहाइ कीन्हि सिव सेवा। पुजि जथाबिधि तीरथ देवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब प्रभु भरद्वाज पहिं आए। करत दंडवत मुनि उर लाए।। मुनि मन मोद न कछु कहि जाइ। ब्रह्मानंद रासि जनु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दीन्हि असीस मुनीस उर अति अनंदु अस जानि। लोचन गोचर सुकृत फल मनहुँ किए बिधि आनि।।106।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 107

कुसल प्रस्न करि आसन दीन्हे। पूजि प्रेम परिपूरन कीन्हे।। कंद मूल फल अंकुर नीके। दिए आनि मुनि मनहुँ अमी के।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीय लखन जन सहित सुहाए। अति रुचि राम मूल फल खाए।। भए बिगतश्रम रामु सुखारे। भरव्दाज मृदु बचन उचारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू। आजु सुफल जप जोग बिरागू।। सफल सकल सुभ साधन साजू। राम तुम्हहि अवलोकत आजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लाभ अवधि सुख अवधि न दूजी। तुम्हारें दरस आस सब पूजी।। अब करि कृपा देहु बर एहू। निज पद सरसिज सहज सनेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करम बचन मन छाड़ि छलु जब लगि जनु न तुम्हार। तब लगि सुखु सपनेहुँ नहीं किएँ कोटि उपचार।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 108

सुनि मुनि बचन रामु सकुचाने। भाव भगति आनंद अघाने।। तब रघुबर मुनि सुजसु सुहावा। कोटि भाँति कहि सबहि सुनावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो बड सो सब गुन गन गेहू। जेहि मुनीस तुम्ह आदर देहू।। मुनि रघुबीर परसपर नवहीं। बचन अगोचर सुखु अनुभवहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह सुधि पाइ प्रयाग निवासी। बटु तापस मुनि सिद्ध उदासी।। भरद्वाज आश्रम सब आए। देखन दसरथ सुअन सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम प्रनाम कीन्ह सब काहू। मुदित भए लहि लोयन लाहू।। देहिं असीस परम सुखु पाई। फिरे सराहत सुंदरताई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम कीन्ह बिश्राम निसि प्रात प्रयाग नहाइ। चले सहित सिय लखन जन मुददित मुनिहि सिरु नाइ।।108।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 109

राम सप्रेम कहेउ मुनि पाहीं। नाथ कहिअ हम केहि मग जाहीं।। मुनि मन बिहसि राम सन कहहीं। सुगम सकल मग तुम्ह कहुँ अहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
साथ लागि मुनि सिष्य बोलाए। सुनि मन मुदित पचासक आए।। सबन्हि राम पर प्रेम अपारा। सकल कहहि मगु दीख हमारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि बटु चारि संग तब दीन्हे। जिन्ह बहु जनम सुकृत सब कीन्हे।। करि प्रनामु रिषि आयसु पाई। प्रमुदित हृदयँ चले रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ग्राम निकट जब निकसहि जाई। देखहि दरसु नारि नर धाई।। होहि सनाथ जनम फलु पाई। फिरहि दुखित मनु संग पठाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिदा किए बटु बिनय करि फिरे पाइ मन काम। उतरि नहाए जमुन जल जो सरीर सम स्याम।।109।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 110

सुनत तीरवासी नर नारी। धाए निज निज काज बिसारी।। लखन राम सिय सुन्दरताई। देखि करहिं निज भाग्य बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति लालसा बसहिं मन माहीं। नाउँ गाउँ बूझत सकुचाहीं।। जे तिन्ह महुँ बयबिरिध सयाने। तिन्ह करि जुगुति रामु पहिचाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल कथा तिन्ह सबहि सुनाई। बनहि चले पितु आयसु पाई।। सुनि सबिषाद सकल पछिताहीं। रानी रायँ कीन्ह भल नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि अवसर एक तापसु आवा। तेजपुंज लघुबयस सुहावा।। कवि अलखित गति बेषु बिरागी। मन क्रम बचन राम अनुरागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सजल नयन तन पुलकि निज इष्टदेउ पहिचानि। परेउ दंड जिमि धरनितल दसा न जाइ बखानि।।110।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 111

राम सप्रेम पुलकि उर लावा। परम रंक जनु पारसु पावा।। मनहुँ प्रेमु परमारथु दोऊ। मिलत धरे तन कह सबु कोऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुरि लखन पायन्ह सोइ लागा। लीन्ह उठाइ उमगि अनुरागा।। पुनि सिय चरन धूरि धरि सीसा। जननि जानि सिसु दीन्हि असीसा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कीन्ह निषाद दंडवत तेही। मिलेउ मुदित लखि राम सनेही।। पिअत नयन पुट रूपु पियूषा। मुदित सुअसनु पाइ जिमि भूखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ते पितु मातु कहहु सखि कैसे। जिन्ह पठए बन बालक ऐसे।। राम लखन सिय रूपु निहारी। होहिं सनेह बिकल नर नारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब रघुबीर अनेक बिधि सखहि सिखावनु दीन्ह। राम रजायसु सीस धरि भवन गवनु तेंइँ कीन्ह।।111।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 112

पुनि सियँ राम लखन कर जोरी। जमुनहि कीन्ह प्रनामु बहोरी।। चले ससीय मुदित दोउ भाई। रबितनुजा कइ करत बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पथिक अनेक मिलहिं मग जाता। कहहिं सप्रेम देखि दोउ भ्राता।। राज लखन सब अंग तुम्हारें। देखि सोचु अति हृदय हमारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मारग चलहु पयादेहि पाएँ। ज्योतिषु झूठ हमारें भाएँ।। अगमु पंथ गिरि कानन भारी। तेहि महँ साथ नारि सुकुमारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि केहरि बन जाइ न जोई। हम सँग चलहि जो आयसु होई।। जाब जहाँ लगि तहँ पहुँचाई। फिरब बहोरि तुम्हहि सिरु नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि पूँछहिं प्रेम बस पुलक गात जलु नैन। कृपासिंधु फेरहि तिन्हहि कहि बिनीत मृदु बैन।।112।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 113

जे पुर गाँव बसहिं मग माहीं। तिन्हहि नाग सुर नगर सिहाहीं।। केहि सुकृतीं केहि घरीं बसाए। धन्य पुन्यमय परम सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ जहँ राम चरन चलि जाहीं। तिन्ह समान अमरावति नाहीं।। पुन्यपुंज मग निकट निवासी। तिन्हहि सराहहिं सुरपुरबासी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे भरि नयन बिलोकहिं रामहि। सीता लखन सहित घनस्यामहि।। जे सर सरित राम अवगाहहिं। तिन्हहि देव सर सरित सराहहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहि तरु तर प्रभु बैठहिं जाई। करहिं कलपतरु तासु बड़ाई।। परसि राम पद पदुम परागा। मानति भूमि भूरि निज भागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
छाँह करहि घन बिबुधगन बरषहि सुमन सिहाहिं। देखत गिरि बन बिहग मृग रामु चले मग जाहिं।।113।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 114

सीता लखन सहित रघुराई। गाँव निकट जब निकसहिं जाई।। सुनि सब बाल बृद्ध नर नारी। चलहिं तुरत गृहकाजु बिसारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम लखन सिय रूप निहारी। पाइ नयनफलु होहिं सुखारी।। सजल बिलोचन पुलक सरीरा। सब भए मगन देखि दोउ बीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरनि न जाइ दसा तिन्ह केरी। लहि जनु रंकन्ह सुरमनि ढेरी।। एकन्ह एक बोलि सिख देहीं। लोचन लाहु लेहु छन एहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामहि देखि एक अनुरागे। चितवत चले जाहिं सँग लागे।। एक नयन मग छबि उर आनी। होहिं सिथिल तन मन बर बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक देखिं बट छाँह भलि डासि मृदुल तृन पात। कहहिं गवाँइअ छिनुकु श्रमु गवनब अबहिं कि प्रात।।114।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 115

एक कलस भरि आनहिं पानी। अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।। सुनि प्रिय बचन प्रीति अति देखी। राम कृपाल सुसील बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जानी श्रमित सीय मन माहीं। घरिक बिलंबु कीन्ह बट छाहीं।। मुदित नारि नर देखहिं सोभा। रूप अनूप नयन मनु लोभा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एकटक सब सोहहिं चहुँ ओरा। रामचंद्र मुख चंद चकोरा।। तरुन तमाल बरन तनु सोहा। देखत कोटि मदन मनु मोहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दामिनि बरन लखन सुठि नीके। नख सिख सुभग भावते जी के।। मुनिपट कटिन्ह कसें तूनीरा। सोहहिं कर कमलिनि धनु तीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जटा मुकुट सीसनि सुभग उर भुज नयन बिसाल। सरद परब बिधु बदन बर लसत स्वेद कन जाल।।115।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 116

बरनि न जाइ मनोहर जोरी। सोभा बहुत थोरि मति मोरी।। राम लखन सिय सुंदरताई। सब चितवहिं चित मन मति लाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
थके नारि नर प्रेम पिआसे। मनहुँ मृगी मृग देखि दिआ से।। सीय समीप ग्रामतिय जाहीं। पूँछत अति सनेहँ सकुचाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार सब लागहिं पाएँ। कहहिं बचन मृदु सरल सुभाएँ।। राजकुमारि बिनय हम करहीं। तिय सुभायँ कछु पूँछत डरहीं।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वामिनि अबिनय छमबि हमारी। बिलगु न मानब जानि गवाँरी।। राजकुअँर दोउ सहज सलोने। इन्ह तें लही दुति मरकत सोने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्यामल गौर किसोर बर सुंदर सुषमा ऐन। सरद सर्बरीनाथ मुखु सरद सरोरुह नैन।।116।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 117

कोटि मनोज लजावनिहारे। सुमुखि कहहु को आहिं तुम्हारे।। सुनि सनेहमय मंजुल बानी। सकुची सिय मन महुँ मुसुकानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तिन्हहि बिलोकि बिलोकति धरनी। दुहुँ सकोच सकुचित बरबरनी।। सकुचि सप्रेम बाल मृग नयनी। बोली मधुर बचन पिकबयनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सुभाय सुभग तन गोरे। नामु लखनु लघु देवर मोरे।। बहुरि बदनु बिधु अंचल ढाँकी। पिय तन चितइ भौंह करि बाँकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खंजन मंजु तिरीछे नयननि। निज पति कहेउ तिन्हहि सियँ सयननि।। भइ मुदित सब ग्रामबधूटीं। रंकन्ह राय रासि जनु लूटीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति सप्रेम सिय पायँ परि बहुबिधि देहिं असीस। सदा सोहागिनि होहु तुम्ह जब लगि महि अहि सीस।।117।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 118

पारबती सम पतिप्रिय होहू। देबि न हम पर छाड़ब छोहू।। पुनि पुनि बिनय करिअ कर जोरी। जौं एहि मारग फिरिअ बहोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दरसनु देब जानि निज दासी। लखीं सीयँ सब प्रेम पिआसी।। मधुर बचन कहि कहि परितोषीं। जनु कुमुदिनीं कौमुदीं पोषीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तबहिं लखन रघुबर रुख जानी। पूँछेउ मगु लोगन्हि मृदु बानी।। सुनत नारि नर भए दुखारी। पुलकित गात बिलोचन बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिटा मोदु मन भए मलीने। बिधि निधि दीन्ह लेत जनु छीने।। समुझि करम गति धीरजु कीन्हा। सोधि सुगम मगु तिन्ह कहि दीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन जानकी सहित तब गवनु कीन्ह रघुनाथ। फेरे सब प्रिय बचन कहि लिए लाइ मन साथ।।118।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 119

फिरत नारि नर अति पछिताहीं। देअहि दोषु देहिं मन माहीं।। सहित बिषाद परसपर कहहीं। बिधि करतब उलटे सब अहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निपट निरंकुस निठुर निसंकू। जेहिं ससि कीन्ह सरुज सकलंकू।। रूख कलपतरु सागरु खारा। तेहिं पठए बन राजकुमारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं पे इन्हहि दीन्ह बनबासू। कीन्ह बादि बिधि भोग बिलासू।। ए बिचरहिं मग बिनु पदत्राना। रचे बादि बिधि बाहन नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ए महि परहिं डासि कुस पाता। सुभग सेज कत सृजत बिधाता।। तरुबर बास इन्हहि बिधि दीन्हा। धवल धाम रचि रचि श्रमु कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning

Doha 120

जौं ए कंद मूल फल खाहीं। बादि सुधादि असन जग माहीं।। एक कहहिं ए सहज सुहाए। आपु प्रगट भए बिधि न बनाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ लगि बेद कही बिधि करनी। श्रवन नयन मन गोचर बरनी।। देखहु खोजि भुअन दस चारी। कहँ अस पुरुष कहाँ असि नारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
इन्हहि देखि बिधि मनु अनुरागा। पटतर जोग बनावै लागा।। कीन्ह बहुत श्रम ऐक न आए। तेहिं इरिषा बन आनि दुराए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक कहहिं हम बहुत न जानहिं। आपुहि परम धन्य करि मानहिं।। ते पुनि पुन्यपुंज हम लेखे। जे देखहिं देखिहहिं जिन्ह देखे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि कहि कहि बचन प्रिय लेहिं नयन भरि नीर। किमि चलिहहि मारग अगम सुठि सुकुमार सरीर।।120।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 121

नारि सनेह बिकल बस होहीं। चकई साँझ समय जनु सोहीं।। मृदु पद कमल कठिन मगु जानी। गहबरि हृदयँ कहहिं बर बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परसत मृदुल चरन अरुनारे। सकुचति महि जिमि हृदय हमारे।। जौं जगदीस इन्हहि बनु दीन्हा। कस न सुमनमय मारगु कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं मागा पाइअ बिधि पाहीं। ए रखिअहिं सखि आँखिन्ह माहीं।। जे नर नारि न अवसर आए। तिन्ह सिय रामु न देखन पाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुरुप बूझहिं अकुलाई। अब लगि गए कहाँ लगि भाई।। समरथ धाइ बिलोकहिं जाई। प्रमुदित फिरहिं जनमफलु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अबला बालक बृद्ध जन कर मीजहिं पछिताहिं।। होहिं प्रेमबस लोग इमि रामु जहाँ जहँ जाहिं।।121।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 122

गाँव गाँव अस होइ अनंदू। देखि भानुकुल कैरव चंदू।। जे कछु समाचार सुनि पावहिं। ते नृप रानिहि दोसु लगावहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं एक अति भल नरनाहू। दीन्ह हमहि जोइ लोचन लाहू।। कहहिं परस्पर लोग लोगाईं। बातें सरल सनेह सुहाईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ते पितु मातु धन्य जिन्ह जाए। धन्य सो नगरु जहाँ तें आए।। धन्य सो देसु सैलु बन गाऊँ। जहँ जहँ जाहिं धन्य सोइ ठाऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुख पायउ बिरंचि रचि तेही। ए जेहि के सब भाँति सनेही।। राम लखन पथि कथा सुहाई। रही सकल मग कानन छाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि रघुकुल कमल रबि मग लोगन्ह सुख देत। जाहिं चले देखत बिपिन सिय सौमित्रि समेत।।122।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 123

आगे रामु लखनु बने पाछें। तापस बेष बिराजत काछें।। उभय बीच सिय सोहति कैसे। ब्रह्म जीव बिच माया जैसे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुरि कहउँ छबि जसि मन बसई। जनु मधु मदन मध्य रति लसई।। उपमा बहुरि कहउँ जियँ जोही। जनु बुध बिधु बिच रोहिनि सोही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु पद रेख बीच बिच सीता। धरति चरन मग चलति सभीता।। सीय राम पद अंक बराएँ। लखन चलहिं मगु दाहिन लाएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम लखन सिय प्रीति सुहाई। बचन अगोचर किमि कहि जाई।। खग मृग मगन देखि छबि होहीं। लिए चोरि चित राम बटोहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जिन्ह जिन्ह देखे पथिक प्रिय सिय समेत दोउ भाइ। भव मगु अगमु अनंदु तेइ बिनु श्रम रहे सिराइ।।123।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 124

अजहुँ जासु उर सपनेहुँ काऊ। बसहुँ लखनु सिय रामु बटाऊ।। राम धाम पथ पाइहि सोई। जो पथ पाव कबहुँ मुनि कोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब रघुबीर श्रमित सिय जानी। देखि निकट बटु सीतल पानी।। तहँ बसि कंद मूल फल खाई। प्रात नहाइ चले रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए।। राम दीख मुनि बासु सुहावन। सुंदर गिरि काननु जलु पावन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरनि सरोज बिटप बन फूले। गुंजत मंजु मधुप रस भूले।। खग मृग बिपुल कोलाहल करहीं। बिरहित बैर मुदित मन चरहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुचि सुंदर आश्रमु निरखि हरषे राजिवनेन। सुनि रघुबर आगमनु मुनि आगें आयउ लेन।।124।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 125

मुनि कहुँ राम दंडवत कीन्हा। आसिरबादु बिप्रबर दीन्हा।। देखि राम छबि नयन जुड़ाने। करि सनमानु आश्रमहिं आने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिबर अतिथि प्रानप्रिय पाए। कंद मूल फल मधुर मगाए।। सिय सौमित्रि राम फल खाए। तब मुनि आश्रम दिए सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बालमीकि मन आनँदु भारी। मंगल मूरति नयन निहारी।। तब कर कमल जोरि रघुराई। बोले बचन श्रवन सुखदाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह त्रिकाल दरसी मुनिनाथा। बिस्व बदर जिमि तुम्हरें हाथा।। अस कहि प्रभु सब कथा बखानी। जेहि जेहि भाँति दीन्ह बनु रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात बचन पुनि मातु हित भाइ भरत अस राउ। मो कहुँ दरस तुम्हार प्रभु सबु मम पुन्य प्रभाउ।।125।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 126

देखि पाय मुनिराय तुम्हारे। भए सुकृत सब सुफल हमारे।। अब जहँ राउर आयसु होई। मुनि उदबेगु न पावै कोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि तापस जिन्ह तें दुखु लहहीं। ते नरेस बिनु पावक दहहीं।। मंगल मूल बिप्र परितोषू। दहइ कोटि कुल भूसुर रोषू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस जियँ जानि कहिअ सोइ ठाऊँ। सिय सौमित्रि सहित जहँ जाऊँ।। तहँ रचि रुचिर परन तृन साला। बासु करौ कछु काल कृपाला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सरल सुनि रघुबर बानी। साधु साधु बोले मुनि ग्यानी।। कस न कहहु अस रघुकुलकेतू। तुम्ह पालक संतत श्रुति सेतू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सरूप तुम्हार बचन अगोचर बुद्धिपर। अबिगत अकथ अपार नेति नेति नित निगम कह।।126।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 127

जगु पेखन तुम्ह देखनिहारे। बिधि हरि संभु नचावनिहारे।। तेउ न जानहिं मरमु तुम्हारा। औरु तुम्हहि को जाननिहारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोइ जानइ जेहि देहु जनाई। जानत तुम्हहि तुम्हइ होइ जाई।। तुम्हरिहि कृपाँ तुम्हहि रघुनंदन। जानहिं भगत भगत उर चंदन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चिदानंदमय देह तुम्हारी। बिगत बिकार जान अधिकारी।। नर तनु धरेहु संत सुर काजा। कहहु करहु जस प्राकृत राजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम देखि सुनि चरित तुम्हारे। जड़ मोहहिं बुध होहिं सुखारे।। तुम्ह जो कहहु करहु सबु साँचा। जस काछिअ तस चाहिअ नाचा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूँछेहु मोहि कि रहौं कहँ मैं पूँछत सकुचाउँ। जहँ न होहु तहँ देहु कहि तुम्हहि देखावौं ठाउँ।।127।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 128

सुनि मुनि बचन प्रेम रस साने। सकुचि राम मन महुँ मुसुकाने।। बालमीकि हँसि कहहिं बहोरी। बानी मधुर अमिअ रस बोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनहु राम अब कहउँ निकेता। जहाँ बसहु सिय लखन समेता।। जिन्ह के श्रवन समुद्र समाना। कथा तुम्हारि सुभग सरि नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरहिं निरंतर होहिं न पूरे। तिन्ह के हिय तुम्ह कहुँ गृह रूरे।। लोचन चातक जिन्ह करि राखे। रहहिं दरस जलधर अभिलाषे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निदरहिं सरित सिंधु सर भारी। रूप बिंदु जल होहिं सुखारी।। तिन्ह के हृदय सदन सुखदायक। बसहु बंधु सिय सह रघुनायक।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जसु तुम्हार मानस बिमल हंसिनि जीहा जासु। मुकुताहल गुन गन चुनइ राम बसहु हियँ तासु।।128।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 129

प्रभु प्रसाद सुचि सुभग सुबासा। सादर जासु लहइ नित नासा।। तुम्हहि निबेदित भोजन करहीं। प्रभु प्रसाद पट भूषन धरहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीस नवहिं सुर गुरु द्विज देखी। प्रीति सहित करि बिनय बिसेषी।। कर नित करहिं राम पद पूजा। राम भरोस हृदयँ नहि दूजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चरन राम तीरथ चलि जाहीं। राम बसहु तिन्ह के मन माहीं।। मंत्रराजु नित जपहिं तुम्हारा। पूजहिं तुम्हहि सहित परिवारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तरपन होम करहिं बिधि नाना। बिप्र जेवाँइ देहिं बहु दाना।। तुम्ह तें अधिक गुरहि जियँ जानी। सकल भायँ सेवहिं सनमानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning

Doha 130

काम कोह मद मान न मोहा। लोभ न छोभ न राग न द्रोहा।। जिन्ह कें कपट दंभ नहिं माया। तिन्ह कें हृदय बसहु रघुराया।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब के प्रिय सब के हितकारी। दुख सुख सरिस प्रसंसा गारी।। कहहिं सत्य प्रिय बचन बिचारी। जागत सोवत सरन तुम्हारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्हहि छाड़ि गति दूसरि नाहीं। राम बसहु तिन्ह के मन माहीं।। जननी सम जानहिं परनारी। धनु पराव बिष तें बिष भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे हरषहिं पर संपति देखी। दुखित होहिं पर बिपति बिसेषी।। जिन्हहि राम तुम्ह प्रानपिआरे। तिन्ह के मन सुभ सदन तुम्हारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वामि सखा पितु मातु गुर जिन्ह के सब तुम्ह तात। मन मंदिर तिन्ह कें बसहु सीय सहित दोउ भ्रात।।130।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 131

अवगुन तजि सब के गुन गहहीं। बिप्र धेनु हित संकट सहहीं।। नीति निपुन जिन्ह कइ जग लीका। घर तुम्हार तिन्ह कर मनु नीका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुन तुम्हार समुझइ निज दोसा। जेहि सब भाँति तुम्हार भरोसा।। राम भगत प्रिय लागहिं जेही। तेहि उर बसहु सहित बैदेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाति पाँति धनु धरम बड़ाई। प्रिय परिवार सदन सुखदाई।। सब तजि तुम्हहि रहइ उर लाई। तेहि के हृदयँ रहहु रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरगु नरकु अपबरगु समाना। जहँ तहँ देख धरें धनु बाना।। करम बचन मन राउर चेरा। राम करहु तेहि कें उर डेरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाहि न चाहिअ कबहुँ कछु तुम्ह सन सहज सनेहु। बसहु निरंतर तासु मन सो राउर निज गेहु।।131।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 132

एहि बिधि मुनिबर भवन देखाए। बचन सप्रेम राम मन भाए।। कह मुनि सुनहु भानुकुलनायक। आश्रम कहउँ समय सुखदायक।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू।। सैलु सुहावन कानन चारू। करि केहरि मृग बिहग बिहारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नदी पुनीत पुरान बखानी। अत्रिप्रिया निज तपबल आनी।। सुरसरि धार नाउँ मंदाकिनि। जो सब पातक पोतक डाकिनि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अत्रि आदि मुनिबर बहु बसहीं। करहिं जोग जप तप तन कसहीं।। चलहु सफल श्रम सब कर करहू। राम देहु गौरव गिरिबरहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चित्रकूट महिमा अमित कहीं महामुनि गाइ। आए नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ।।132।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 133

रघुबर कहेउ लखन भल घाटू। करहु कतहुँ अब ठाहर ठाटू।। लखन दीख पय उतर करारा। चहुँ दिसि फिरेउ धनुष जिमि नारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नदी पनच सर सम दम दाना। सकल कलुष कलि साउज नाना।। चित्रकूट जनु अचल अहेरी। चुकइ न घात मार मुठभेरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि लखन ठाउँ देखरावा। थलु बिलोकि रघुबर सुखु पावा।। रमेउ राम मनु देवन्ह जाना। चले सहित सुर थपति प्रधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोल किरात बेष सब आए। रचे परन तृन सदन सुहाए।। बरनि न जाहि मंजु दुइ साला। एक ललित लघु एक बिसाला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन जानकी सहित प्रभु राजत रुचिर निकेत। सोह मदनु मुनि बेष जनु रति रितुराज समेत।।133।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 134

अमर नाग किंनर दिसिपाला। चित्रकूट आए तेहि काला।। राम प्रनामु कीन्ह सब काहू। मुदित देव लहि लोचन लाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरषि सुमन कह देव समाजू। नाथ सनाथ भए हम आजू।। करि बिनती दुख दुसह सुनाए। हरषित निज निज सदन सिधाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चित्रकूट रघुनंदनु छाए। समाचार सुनि सुनि मुनि आए।। आवत देखि मुदित मुनिबृंदा। कीन्ह दंडवत रघुकुल चंदा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि रघुबरहि लाइ उर लेहीं। सुफल होन हित आसिष देहीं।। सिय सौमित्र राम छबि देखहिं। साधन सकल सफल करि लेखहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जथाजोग सनमानि प्रभु बिदा किए मुनिबृंद। करहि जोग जप जाग तप निज आश्रमन्हि सुछंद।।134।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 135

यह सुधि कोल किरातन्ह पाई। हरषे जनु नव निधि घर आई।। कंद मूल फल भरि भरि दोना। चले रंक जनु लूटन सोना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तिन्ह महँ जिन्ह देखे दोउ भ्राता। अपर तिन्हहि पूँछहि मगु जाता।। कहत सुनत रघुबीर निकाई। आइ सबन्हि देखे रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करहिं जोहारु भेंट धरि आगे। प्रभुहि बिलोकहिं अति अनुरागे।। चित्र लिखे जनु जहँ तहँ ठाढ़े। पुलक सरीर नयन जल बाढ़े।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सनेह मगन सब जाने। कहि प्रिय बचन सकल सनमाने।। प्रभुहि जोहारि बहोरि बहोरी। बचन बिनीत कहहिं कर जोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब हम नाथ सनाथ सब भए देखि प्रभु पाय। भाग हमारे आगमनु राउर कोसलराय।।135।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 136

धन्य भूमि बन पंथ पहारा। जहँ जहँ नाथ पाउ तुम्ह धारा।। धन्य बिहग मृग काननचारी। सफल जनम भए तुम्हहि निहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हम सब धन्य सहित परिवारा। दीख दरसु भरि नयन तुम्हारा।। कीन्ह बासु भल ठाउँ बिचारी। इहाँ सकल रितु रहब सुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हम सब भाँति करब सेवकाई। करि केहरि अहि बाघ बराई।। बन बेहड़ गिरि कंदर खोहा। सब हमार प्रभु पग पग जोहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तहँ तहँ तुम्हहि अहेर खेलाउब। सर निरझर जलठाउँ देखाउब।। हम सेवक परिवार समेता। नाथ न सकुचब आयसु देता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेद बचन मुनि मन अगम ते प्रभु करुना ऐन। बचन किरातन्ह के सुनत जिमि पितु बालक बैन।।136।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 137

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जाननिहारा।। राम सकल बनचर तब तोषे। कहि मृदु बचन प्रेम परिपोषे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिदा किए सिर नाइ सिधाए। प्रभु गुन कहत सुनत घर आए।। एहि बिधि सिय समेत दोउ भाई। बसहिं बिपिन सुर मुनि सुखदाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जब ते आइ रहे रघुनायकु। तब तें भयउ बनु मंगलदायकु।। फूलहिं फलहिं बिटप बिधि नाना।।मंजु बलित बर बेलि बिताना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुरतरु सरिस सुभायँ सुहाए। मनहुँ बिबुध बन परिहरि आए।। गंज मंजुतर मधुकर श्रेनी। त्रिबिध बयारि बहइ सुख देनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नीलकंठ कलकंठ सुक चातक चक्क चकोर। भाँति भाँति बोलहिं बिहग श्रवन सुखद चित चोर।।137।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 138

केरि केहरि कपि कोल कुरंगा। बिगतबैर बिचरहिं सब संगा।। फिरत अहेर राम छबि देखी। होहिं मुदित मृगबंद बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिबुध बिपिन जहँ लगि जग माहीं। देखि राम बनु सकल सिहाहीं।। सुरसरि सरसइ दिनकर कन्या। मेकलसुता गोदावरि धन्या।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब सर सिंधु नदी नद नाना। मंदाकिनि कर करहिं बखाना।। उदय अस्त गिरि अरु कैलासू। मंदर मेरु सकल सुरबासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सैल हिमाचल आदिक जेते। चित्रकूट जसु गावहिं तेते।। बिंधि मुदित मन सुखु न समाई। श्रम बिनु बिपुल बड़ाई पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चित्रकूट के बिहग मृग बेलि बिटप तृन जाति। पुन्य पुंज सब धन्य अस कहहिं देव दिन राति।।138।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 139

नयनवंत रघुबरहि बिलोकी। पाइ जनम फल होहिं बिसोकी।। परसि चरन रज अचर सुखारी। भए परम पद के अधिकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो बनु सैलु सुभायँ सुहावन। मंगलमय अति पावन पावन।। महिमा कहिअ कवनि बिधि तासू। सुखसागर जहँ कीन्ह निवासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पय पयोधि तजि अवध बिहाई। जहँ सिय लखनु रामु रहे आई।। कहि न सकहिं सुषमा जसि कानन। जौं सत सहस होंहिं सहसानन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो मैं बरनि कहौं बिधि केहीं। डाबर कमठ कि मंदर लेहीं।। सेवहिं लखनु करम मन बानी। जाइ न सीलु सनेहु बखानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-छिनु छिनु लखि सिय राम पद जानि आपु पर नेहु। करत न सपनेहुँ लखनु चितु बंधु मातु पितु गेहु।।139।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 140

राम संग सिय रहति सुखारी। पुर परिजन गृह सुरति बिसारी।। छिनु छिनु पिय बिधु बदनु निहारी। प्रमुदित मनहुँ चकोरकुमारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाह नेहु नित बढ़त बिलोकी। हरषित रहति दिवस जिमि कोकी।। सिय मनु राम चरन अनुरागा। अवध सहस सम बनु प्रिय लागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परनकुटी प्रिय प्रियतम संगा। प्रिय परिवारु कुरंग बिहंगा।। सासु ससुर सम मुनितिय मुनिबर। असनु अमिअ सम कंद मूल फर।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ साथ साँथरी सुहाई। मयन सयन सय सम सुखदाई।। लोकप होहिं बिलोकत जासू। तेहि कि मोहि सक बिषय बिलासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-सुमिरत रामहि तजहिं जन तृन सम बिषय बिलासु। रामप्रिया जग जननि सिय कछु न आचरजु तासु।।140।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 141

सीय लखन जेहि बिधि सुखु लहहीं। सोइ रघुनाथ करहि सोइ कहहीं।। कहहिं पुरातन कथा कहानी। सुनहिं लखनु सिय अति सुखु मानी।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जब जब रामु अवध सुधि करहीं। तब तब बारि बिलोचन भरहीं।। सुमिरि मातु पितु परिजन भाई। भरत सनेहु सीलु सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कृपासिंधु प्रभु होहिं दुखारी। धीरजु धरहिं कुसमउ बिचारी।। लखि सिय लखनु बिकल होइ जाहीं। जिमि पुरुषहि अनुसर परिछाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिया बंधु गति लखि रघुनंदनु। धीर कृपाल भगत उर चंदनु।। लगे कहन कछु कथा पुनीता। सुनि सुखु लहहिं लखनु अरु सीता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामु लखन सीता सहित सोहत परन निकेत। जिमि बासव बस अमरपुर सची जयंत समेत।।141।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 142

जोगवहिं प्रभु सिय लखनहिं कैसें। पलक बिलोचन गोलक जैसें।। सेवहिं लखनु सीय रघुबीरहि। जिमि अबिबेकी पुरुष सरीरहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि प्रभु बन बसहिं सुखारी। खग मृग सुर तापस हितकारी।। कहेउँ राम बन गवनु सुहावा। सुनहु सुमंत्र अवध जिमि आवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
फिरेउ निषादु प्रभुहि पहुँचाई। सचिव सहित रथ देखेसि आई।। मंत्री बिकल बिलोकि निषादू। कहि न जाइ जस भयउ बिषादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम राम सिय लखन पुकारी। परेउ धरनितल ब्याकुल भारी।। देखि दखिन दिसि हय हिहिनाहीं। जनु बिनु पंख बिहग अकुलाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नहिं तृन चरहिं पिअहिं जलु मोचहिं लोचन बारि। ब्याकुल भए निषाद सब रघुबर बाजि निहारि।।142।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 143

धरि धीरज तब कहइ निषादू। अब सुमंत्र परिहरहु बिषादू।। तुम्ह पंडित परमारथ ग्याता। धरहु धीर लखि बिमुख बिधाता
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिबिध कथा कहि कहि मृदु बानी। रथ बैठारेउ बरबस आनी।। सोक सिथिल रथ सकइ न हाँकी। रघुबर बिरह पीर उर बाँकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चरफराहिं मग चलहिं न घोरे। बन मृग मनहुँ आनि रथ जोरे।। अढ़ुकि परहिं फिरि हेरहिं पीछें। राम बियोगि बिकल दुख तीछें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो कह रामु लखनु बैदेही। हिंकरि हिंकरि हित हेरहिं तेही।। बाजि बिरह गति कहि किमि जाती। बिनु मनि फनिक बिकल जेहि भाँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भयउ निषाद बिषादबस देखत सचिव तुरंग। बोलि सुसेवक चारि तब दिए सारथी संग।।143।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 144

गुह सारथिहि फिरेउ पहुँचाई। बिरहु बिषादु बरनि नहिं जाई।। चले अवध लेइ रथहि निषादा। होहि छनहिं छन मगन बिषादा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोच सुमंत्र बिकल दुख दीना। धिग जीवन रघुबीर बिहीना।। रहिहि न अंतहुँ अधम सरीरू। जसु न लहेउ बिछुरत रघुबीरू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भए अजस अघ भाजन प्राना। कवन हेतु नहिं करत पयाना।। अहह मंद मनु अवसर चूका। अजहुँ न हृदय होत दुइ टूका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मीजि हाथ सिरु धुनि पछिताई। मनहँ कृपन धन रासि गवाँई।। बिरिद बाँधि बर बीरु कहाई। चलेउ समर जनु सुभट पराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिप्र बिबेकी बेदबिद संमत साधु सुजाति। जिमि धोखें मदपान कर सचिव सोच तेहि भाँति।।144।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 145

जिमि कुलीन तिय साधु सयानी। पतिदेवता करम मन बानी।। रहै करम बस परिहरि नाहू। सचिव हृदयँ तिमि दारुन दाहु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोचन सजल डीठि भइ थोरी। सुनइ न श्रवन बिकल मति भोरी।। सूखहिं अधर लागि मुहँ लाटी। जिउ न जाइ उर अवधि कपाटी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिबरन भयउ न जाइ निहारी। मारेसि मनहुँ पिता महतारी।। हानि गलानि बिपुल मन ब्यापी। जमपुर पंथ सोच जिमि पापी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बचनु न आव हृदयँ पछिताई। अवध काह मैं देखब जाई।। राम रहित रथ देखिहि जोई। सकुचिहि मोहि बिलोकत सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-धाइ पूँछिहहिं मोहि जब बिकल नगर नर नारि। उतरु देब मैं सबहि तब हृदयँ बज्रु बैठारि।।145।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 146

पुछिहहिं दीन दुखित सब माता। कहब काह मैं तिन्हहि बिधाता।। पूछिहि जबहिं लखन महतारी। कहिहउँ कवन सँदेस सुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम जननि जब आइहि धाई। सुमिरि बच्छु जिमि धेनु लवाई।। पूँछत उतरु देब मैं तेही। गे बनु राम लखनु बैदेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जोइ पूँछिहि तेहि ऊतरु देबा।जाइ अवध अब यहु सुखु लेबा।। पूँछिहि जबहिं राउ दुख दीना। जिवनु जासु रघुनाथ अधीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देहउँ उतरु कौनु मुहु लाई। आयउँ कुसल कुअँर पहुँचाई।। सुनत लखन सिय राम सँदेसू। तृन जिमि तनु परिहरिहि नरेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-ह्रदउ न बिदरेउ पंक जिमि बिछुरत प्रीतमु नीरु।। जानत हौं मोहि दीन्ह बिधि यहु जातना सरीरु।।146।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 147

एहि बिधि करत पंथ पछितावा। तमसा तीर तुरत रथु आवा।। बिदा किए करि बिनय निषादा। फिरे पायँ परि बिकल बिषादा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पैठत नगर सचिव सकुचाई। जनु मारेसि गुर बाँभन गाई।। बैठि बिटप तर दिवसु गवाँवा। साँझ समय तब अवसरु पावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवध प्रबेसु कीन्ह अँधिआरें। पैठ भवन रथु राखि दुआरें।। जिन्ह जिन्ह समाचार सुनि पाए। भूप द्वार रथु देखन आए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रथु पहिचानि बिकल लखि घोरे। गरहिं गात जिमि आतप ओरे।। नगर नारि नर ब्याकुल कैंसें। निघटत नीर मीनगन जैंसें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
-सचिव आगमनु सुनत सबु बिकल भयउ रनिवासु। भवन भयंकरु लाग तेहि मानहुँ प्रेत निवासु।।147।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 148

अति आरति सब पूँछहिं रानी। उतरु न आव बिकल भइ बानी।। सुनइ न श्रवन नयन नहिं सूझा। कहहु कहाँ नृप तेहि तेहि बूझा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दासिन्ह दीख सचिव बिकलाई। कौसल्या गृहँ गईं लवाई।। जाइ सुमंत्र दीख कस राजा। अमिअ रहित जनु चंदु बिराजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आसन सयन बिभूषन हीना। परेउ भूमितल निपट मलीना।। लेइ उसासु सोच एहि भाँती। सुरपुर तें जनु खँसेउ जजाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लेत सोच भरि छिनु छिनु छाती। जनु जरि पंख परेउ संपाती।। राम राम कह राम सनेही। पुनि कह राम लखन बैदेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि सचिवँ जय जीव कहि कीन्हेउ दंड प्रनामु। सुनत उठेउ ब्याकुल नृपति कहु सुमंत्र कहँ रामु।।148।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 149

भूप सुमंत्रु लीन्ह उर लाई। बूड़त कछु अधार जनु पाई।। सहित सनेह निकट बैठारी। पूँछत राउ नयन भरि बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम कुसल कहु सखा सनेही। कहँ रघुनाथु लखनु बैदेही।। आने फेरि कि बनहि सिधाए। सुनत सचिव लोचन जल छाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक बिकल पुनि पूँछ नरेसू। कहु सिय राम लखन संदेसू।। राम रूप गुन सील सुभाऊ। सुमिरि सुमिरि उर सोचत राऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राउ सुनाइ दीन्ह बनबासू। सुनि मन भयउ न हरषु हराँसू।। सो सुत बिछुरत गए न प्राना। को पापी बड़ मोहि समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सखा रामु सिय लखनु जहँ तहाँ मोहि पहुँचाउ। नाहिं त चाहत चलन अब प्रान कहउँ सतिभाउ।।149।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 150

पुनि पुनि पूँछत मंत्रहि राऊ। प्रियतम सुअन सँदेस सुनाऊ।। करहि सखा सोइ बेगि उपाऊ। रामु लखनु सिय नयन देखाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सचिव धीर धरि कह मुदु बानी। महाराज तुम्ह पंडित ग्यानी।। बीर सुधीर धुरंधर देवा। साधु समाजु सदा तुम्ह सेवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जनम मरन सब दुख भोगा। हानि लाभ प्रिय मिलन बियोगा।। काल करम बस हौहिं गोसाईं। बरबस राति दिवस की नाईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुख हरषहिं जड़ दुख बिलखाहीं। दोउ सम धीर धरहिं मन माहीं।। धीरज धरहु बिबेकु बिचारी। छाड़िअ सोच सकल हितकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रथम बासु तमसा भयउ दूसर सुरसरि तीर। न्हाई रहे जलपानु करि सिय समेत दोउ बीर।।150।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 151

केवट कीन्हि बहुत सेवकाई। सो जामिनि सिंगरौर गवाँई।। होत प्रात बट छीरु मगावा। जटा मुकुट निज सीस बनावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सखाँ तब नाव मगाई। प्रिया चढ़ाइ चढ़े रघुराई।। लखन बान धनु धरे बनाई। आपु चढ़े प्रभु आयसु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिकल बिलोकि मोहि रघुबीरा। बोले मधुर बचन धरि धीरा।। तात प्रनामु तात सन कहेहु। बार बार पद पंकज गहेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करबि पायँ परि बिनय बहोरी। तात करिअ जनि चिंता मोरी।। बन मग मंगल कुसल हमारें। कृपा अनुग्रह पुन्य तुम्हारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर सन कहब सँदेसु बार बार पद पदुम गहि। करब सोइ उपदेसु जेहिं न सोच मोहि अवधपति।।151।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 152

पुरजन परिजन सकल निहोरी। तात सुनाएहु बिनती मोरी।। सोइ सब भाँति मोर हितकारी। जातें रह नरनाहु सुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहब सँदेसु भरत के आएँ। नीति न तजिअ राजपदु पाएँ।। पालेहु प्रजहि करम मन बानी। सेएहु मातु सकल सम जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ओर निबाहेहु भायप भाई। करि पितु मातु सुजन सेवकाई।। तात भाँति तेहि राखब राऊ। सोच मोर जेहिं करै न काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन कहे कछु बचन कठोरा। बरजि राम पुनि मोहि निहोरा।। बार बार निज सपथ देवाई। कहबि न तात लखन लरिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि प्रनाम कछु कहन लिय सिय भइ सिथिल सनेह। थकित बचन लोचन सजल पुलक पल्लवित देह।।152।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 153

तेहि अवसर रघुबर रूख पाई। केवट पारहि नाव चलाई।। रघुकुलतिलक चले एहि भाँती। देखउँ ठाढ़ कुलिस धरि छाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं आपन किमि कहौं कलेसू। जिअत फिरेउँ लेइ राम सँदेसू।। अस कहि सचिव बचन रहि गयऊ। हानि गलानि सोच बस भयऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुत बचन सुनतहिं नरनाहू। परेउ धरनि उर दारुन दाहू।। तलफत बिषम मोह मन मापा। माजा मनहुँ मीन कहुँ ब्यापा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि बिलाप सब रोवहिं रानी। महा बिपति किमि जाइ बखानी।। सुनि बिलाप दुखहू दुखु लागा। धीरजहू कर धीरजु भागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भयउ कोलाहलु अवध अति सुनि नृप राउर सोरु। बिपुल बिहग बन परेउ निसि मानहुँ कुलिस कठोरु।।153।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 154

प्रान कंठगत भयउ भुआलू। मनि बिहीन जनु ब्याकुल ब्यालू।। इद्रीं सकल बिकल भइँ भारी। जनु सर सरसिज बनु बिनु बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसल्याँ नृपु दीख मलाना। रबिकुल रबि अँथयउ जियँ जाना। उर धरि धीर राम महतारी। बोली बचन समय अनुसारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ समुझि मन करिअ बिचारू। राम बियोग पयोधि अपारू।। करनधार तुम्ह अवध जहाजू। चढ़ेउ सकल प्रिय पथिक समाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धीरजु धरिअ त पाइअ पारू। नाहिं त बूड़िहि सबु परिवारू।। जौं जियँ धरिअ बिनय पिय मोरी। रामु लखनु सिय मिलहिं बहोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रिया बचन मृदु सुनत नृपु चितयउ आँखि उघारि। तलफत मीन मलीन जनु सींचत सीतल बारि।।154।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 155

धरि धीरजु उठी बैठ भुआलू। कहु सुमंत्र कहँ राम कृपालू।। कहाँ लखनु कहँ रामु सनेही। कहँ प्रिय पुत्रबधू बैदेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिलपत राउ बिकल बहु भाँती। भइ जुग सरिस सिराति न राती।। तापस अंध साप सुधि आई। कौसल्यहि सब कथा सुनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भयउ बिकल बरनत इतिहासा। राम रहित धिग जीवन आसा।। सो तनु राखि करब मैं काहा। जेंहि न प्रेम पनु मोर निबाहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हा रघुनंदन प्रान पिरीते। तुम्ह बिनु जिअत बहुत दिन बीते।। हा जानकी लखन हा रघुबर। हा पितु हित चित चातक जलधर।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम। तनु परिहरि रघुबर बिरहँ राउ गयउ सुरधाम।।155।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 156

जिअन मरन फलु दसरथ पावा। अंड अनेक अमल जसु छावा।। जिअत राम बिधु बदनु निहारा। राम बिरह करि मरनु सँवारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक बिकल सब रोवहिं रानी। रूपु सील बलु तेजु बखानी।। करहिं बिलाप अनेक प्रकारा। परहीं भूमितल बारहिं बारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिलपहिं बिकल दास अरु दासी। घर घर रुदनु करहिं पुरबासी।। अँथयउ आजु भानुकुल भानू। धरम अवधि गुन रूप निधानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गारीं सकल कैकइहि देहीं। नयन बिहीन कीन्ह जग जेहीं।। एहि बिधि बिलपत रैनि बिहानी। आए सकल महामुनि ग्यानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब बसिष्ठ मुनि समय सम कहि अनेक इतिहास। सोक नेवारेउ सबहि कर निज बिग्यान प्रकास।।156।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 157

तेल नाँव भरि नृप तनु राखा। दूत बोलाइ बहुरि अस भाषा।। धावहु बेगि भरत पहिं जाहू। नृप सुधि कतहुँ कहहु जनि काहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एतनेइ कहेहु भरत सन जाई। गुर बोलाई पठयउ दोउ भाई।। सुनि मुनि आयसु धावन धाए। चले बेग बर बाजि लजाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अनरथु अवध अरंभेउ जब तें। कुसगुन होहिं भरत कहुँ तब तें।। देखहिं राति भयानक सपना। जागि करहिं कटु कोटि कलपना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिप्र जेवाँइ देहिं दिन दाना। सिव अभिषेक करहिं बिधि नाना।। मागहिं हृदयँ महेस मनाई। कुसल मातु पितु परिजन भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि सोचत भरत मन धावन पहुँचे आइ। गुर अनुसासन श्रवन सुनि चले गनेसु मनाइ।।157।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 158

चले समीर बेग हय हाँके। नाघत सरित सैल बन बाँके।। हृदयँ सोचु बड़ कछु न सोहाई। अस जानहिं जियँ जाउँ उड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक निमेष बरस सम जाई। एहि बिधि भरत नगर निअराई।। असगुन होहिं नगर पैठारा। रटहिं कुभाँति कुखेत करारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खर सिआर बोलहिं प्रतिकूला। सुनि सुनि होइ भरत मन सूला।। श्रीहत सर सरिता बन बागा। नगरु बिसेषि भयावनु लागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खग मृग हय गय जाहिं न जोए। राम बियोग कुरोग बिगोए।। नगर नारि नर निपट दुखारी। मनहुँ सबन्हि सब संपति हारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुरजन मिलिहिं न कहहिं कछु गवँहिं जोहारहिं जाहिं। भरत कुसल पूँछि न सकहिं भय बिषाद मन माहिं।।158।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 159

हाट बाट नहिं जाइ निहारी। जनु पुर दहँ दिसि लागि दवारी।। आवत सुत सुनि कैकयनंदिनि। हरषी रबिकुल जलरुह चंदिनि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सजि आरती मुदित उठि धाई। द्वारेहिं भेंटि भवन लेइ आई।। भरत दुखित परिवारु निहारा। मानहुँ तुहिन बनज बनु मारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कैकेई हरषित एहि भाँति। मनहुँ मुदित दव लाइ किराती।। सुतहि ससोच देखि मनु मारें। पूँछति नैहर कुसल हमारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल कुसल कहि भरत सुनाई। पूँछी निज कुल कुसल भलाई।। कहु कहँ तात कहाँ सब माता। कहँ सिय राम लखन प्रिय भ्राता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुत बचन सनेहमय कपट नीर भरि नैन। भरत श्रवन मन सूल सम पापिनि बोली बैन।।159।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 160

तात बात मैं सकल सँवारी। भै मंथरा सहाय बिचारी।। कछुक काज बिधि बीच बिगारेउ। भूपति सुरपति पुर पगु धारेउ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनत भरतु भए बिबस बिषादा। जनु सहमेउ करि केहरि नादा।। तात तात हा तात पुकारी। परे भूमितल ब्याकुल भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चलत न देखन पायउँ तोही। तात न रामहि सौंपेहु मोही।। बहुरि धीर धरि उठे सँभारी। कहु पितु मरन हेतु महतारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुत बचन कहति कैकेई। मरमु पाँछि जनु माहुर देई।। आदिहु तें सब आपनि करनी। कुटिल कठोर मुदित मन बरनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतहि बिसरेउ पितु मरन सुनत राम बन गौनु। हेतु अपनपउ जानि जियँ थकित रहे धरि मौनु।।160।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 161

बिकल बिलोकि सुतहि समुझावति। मनहुँ जरे पर लोनु लगावति।। तात राउ नहिं सोचे जोगू। बिढ़इ सुकृत जसु कीन्हेउ भोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जीवत सकल जनम फल पाए। अंत अमरपति सदन सिधाए।। अस अनुमानि सोच परिहरहू। सहित समाज राज पुर करहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुठि सहमेउ राजकुमारू। पाकें छत जनु लाग अँगारू।। धीरज धरि भरि लेहिं उसासा। पापनि सबहि भाँति कुल नासा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं पै कुरुचि रही अति तोही। जनमत काहे न मारे मोही।। पेड़ काटि तैं पालउ सींचा। मीन जिअन निति बारि उलीचा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हंसबंसु दसरथु जनकु राम लखन से भाइ। जननी तूँ जननी भई बिधि सन कछु न बसाइ।।161।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 162

जब तैं कुमति कुमत जियँ ठयऊ। खंड खंड होइ ह्रदउ न गयऊ।। बर मागत मन भइ नहिं पीरा। गरि न जीह मुहँ परेउ न कीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूपँ प्रतीत तोरि किमि कीन्ही। मरन काल बिधि मति हरि लीन्ही।। बिधिहुँ न नारि हृदय गति जानी। सकल कपट अघ अवगुन खानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरल सुसील धरम रत राऊ। सो किमि जानै तीय सुभाऊ।। अस को जीव जंतु जग माहीं। जेहि रघुनाथ प्रानप्रिय नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भे अति अहित रामु तेउ तोही। को तू अहसि सत्य कहु मोही।। जो हसि सो हसि मुहँ मसि लाई। आँखि ओट उठि बैठहिं जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बिरोधी हृदय तें प्रगट कीन्ह बिधि मोहि। मो समान को पातकी बादि कहउँ कछु तोहि।।162।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 163

सुनि सत्रुघुन मातु कुटिलाई। जरहिं गात रिस कछु न बसाई।। तेहि अवसर कुबरी तहँ आई। बसन बिभूषन बिबिध बनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखि रिस भरेउ लखन लघु भाई। बरत अनल घृत आहुति पाई।। हुमगि लात तकि कूबर मारा। परि मुह भर महि करत पुकारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कूबर टूटेउ फूट कपारू। दलित दसन मुख रुधिर प्रचारू।। आह दइअ मैं काह नसावा। करत नीक फलु अनइस पावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि रिपुहन लखि नख सिख खोटी। लगे घसीटन धरि धरि झोंटी।। भरत दयानिधि दीन्हि छड़ाई। कौसल्या पहिं गे दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मलिन बसन बिबरन बिकल कृस सरीर दुख भार। कनक कलप बर बेलि बन मानहुँ हनी तुसार।।163।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 164

भरतहि देखि मातु उठि धाई। मुरुछित अवनि परी झइँ आई।। देखत भरतु बिकल भए भारी। परे चरन तन दसा बिसारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु तात कहँ देहि देखाई। कहँ सिय रामु लखनु दोउ भाई।। कैकइ कत जनमी जग माझा। जौं जनमि त भइ काहे न बाँझा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुल कलंकु जेहिं जनमेउ मोही। अपजस भाजन प्रियजन द्रोही।। को तिभुवन मोहि सरिस अभागी। गति असि तोरि मातु जेहि लागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु सुरपुर बन रघुबर केतू। मैं केवल सब अनरथ हेतु।। धिग मोहि भयउँ बेनु बन आगी। दुसह दाह दुख दूषन भागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु भरत के बचन मृदु सुनि सुनि उठी सँभारि।। लिए उठाइ लगाइ उर लोचन मोचति बारि।।164।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 165

सरल सुभाय मायँ हियँ लाए। अति हित मनहुँ राम फिरि आए।। भेंटेउ बहुरि लखन लघु भाई। सोकु सनेहु न हृदयँ समाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि सुभाउ कहत सबु कोई। राम मातु अस काहे न होई।। माताँ भरतु गोद बैठारे। आँसु पौंछि मृदु बचन उचारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अजहुँ बच्छ बलि धीरज धरहू। कुसमउ समुझि सोक परिहरहू।। जनि मानहु हियँ हानि गलानी। काल करम गति अघटित जानि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
काहुहि दोसु देहु जनि ताता। भा मोहि सब बिधि बाम बिधाता।। जो एतेहुँ दुख मोहि जिआवा। अजहुँ को जानइ का तेहि भावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु आयस भूषन बसन तात तजे रघुबीर। बिसमउ हरषु न हृदयँ कछु पहिरे बलकल चीर। 165।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 166

मुख प्रसन्न मन रंग न रोषू। सब कर सब बिधि करि परितोषू।। चले बिपिन सुनि सिय सँग लागी। रहइ न राम चरन अनुरागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनतहिं लखनु चले उठि साथा। रहहिं न जतन किए रघुनाथा।। तब रघुपति सबही सिरु नाई। चले संग सिय अरु लघु भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामु लखनु सिय बनहि सिधाए। गइउँ न संग न प्रान पठाए।। यहु सबु भा इन्ह आँखिन्ह आगें। तउ न तजा तनु जीव अभागें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि न लाज निज नेहु निहारी। राम सरिस सुत मैं महतारी।। जिऐ मरै भल भूपति जाना। मोर हृदय सत कुलिस समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसल्या के बचन सुनि भरत सहित रनिवास। ब्याकुल बिलपत राजगृह मानहुँ सोक नेवासु।।166।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 167

बिलपहिं बिकल भरत दोउ भाई। कौसल्याँ लिए हृदयँ लगाई।। भाँति अनेक भरतु समुझाए। कहि बिबेकमय बचन सुनाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतहुँ मातु सकल समुझाईं। कहि पुरान श्रुति कथा सुहाईं।। छल बिहीन सुचि सरल सुबानी। बोले भरत जोरि जुग पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे अघ मातु पिता सुत मारें। गाइ गोठ महिसुर पुर जारें।। जे अघ तिय बालक बध कीन्हें। मीत महीपति माहुर दीन्हें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे पातक उपपातक अहहीं। करम बचन मन भव कबि कहहीं।। ते पातक मोहि होहुँ बिधाता। जौं यहु होइ मोर मत माता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे परिहरि हरि हर चरन भजहिं भूतगन घोर। तेहि कइ गति मोहि देउ बिधि जौं जननी मत मोर।।167।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 168

बेचहिं बेदु धरमु दुहि लेहीं। पिसुन पराय पाप कहि देहीं।। कपटी कुटिल कलहप्रिय क्रोधी। बेद बिदूषक बिस्व बिरोधी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोभी लंपट लोलुपचारा। जे ताकहिं परधनु परदारा।। पावौं मैं तिन्ह के गति घोरा। जौं जननी यहु संमत मोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे नहिं साधुसंग अनुरागे। परमारथ पथ बिमुख अभागे।। जे न भजहिं हरि नरतनु पाई। जिन्हहि न हरि हर सुजसु सोहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तजि श्रुतिपंथु बाम पथ चलहीं। बंचक बिरचि बेष जगु छलहीं।। तिन्ह कै गति मोहि संकर देऊ। जननी जौं यहु जानौं भेऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु भरत के बचन सुनि साँचे सरल सुभायँ। कहति राम प्रिय तात तुम्ह सदा बचन मन कायँ।।168।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 169

राम प्रानहु तें प्रान तुम्हारे। तुम्ह रघुपतिहि प्रानहु तें प्यारे।। बिधु बिष चवै स्त्रवै हिमु आगी। होइ बारिचर बारि बिरागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भएँ ग्यानु बरु मिटै न मोहू। तुम्ह रामहि प्रतिकूल न होहू।। मत तुम्हार यहु जो जग कहहीं। सो सपनेहुँ सुख सुगति न लहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि मातु भरतु हियँ लाए। थन पय स्त्रवहिं नयन जल छाए।। करत बिलाप बहुत यहि भाँती। बैठेहिं बीति गइ सब राती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बामदेउ बसिष्ठ तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए।। मुनि बहु भाँति भरत उपदेसे। कहि परमारथ बचन सुदेसे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात हृदयँ धीरजु धरहु करहु जो अवसर आजु। उठे भरत गुर बचन सुनि करन कहेउ सबु साजु।।169।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 170

नृपतनु बेद बिदित अन्हवावा। परम बिचित्र बिमानु बनावा।। गहि पद भरत मातु सब राखी। रहीं रानि दरसन अभिलाषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चंदन अगर भार बहु आए। अमित अनेक सुगंध सुहाए।। सरजु तीर रचि चिता बनाई। जनु सुरपुर सोपान सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि दाह क्रिया सब कीन्ही। बिधिवत न्हाइ तिलांजुलि दीन्ही।। सोधि सुमृति सब बेद पुराना। कीन्ह भरत दसगात बिधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ जस मुनिबर आयसु दीन्हा। तहँ तस सहस भाँति सबु कीन्हा।। भए बिसुद्ध दिए सब दाना। धेनु बाजि गज बाहन नाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिंघासन भूषन बसन अन्न धरनि धन धाम। दिए भरत लहि भूमिसुर भे परिपूरन काम।।170।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 171

पितु हित भरत कीन्हि जसि करनी। सो मुख लाख जाइ नहिं बरनी।। सुदिनु सोधि मुनिबर तब आए। सचिव महाजन सकल बोलाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बैठे राजसभाँ सब जाई। पठए बोलि भरत दोउ भाई।। भरतु बसिष्ठ निकट बैठारे। नीति धरममय बचन उचारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रथम कथा सब मुनिबर बरनी। कैकइ कुटिल कीन्हि जसि करनी।। भूप धरमब्रतु सत्य सराहा। जेहिं तनु परिहरि प्रेमु निबाहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहत राम गुन सील सुभाऊ। सजल नयन पुलकेउ मुनिराऊ।। बहुरि लखन सिय प्रीति बखानी। सोक सनेह मगन मुनि ग्यानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनहु भरत भावी प्रबल बिलखि कहेउ मुनिनाथ। हानि लाभु जीवन मरनु जसु अपजसु बिधि हाथ।।171।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 172

अस बिचारि केहि देइअ दोसू। ब्यरथ काहि पर कीजिअ रोसू।। तात बिचारु केहि करहु मन माहीं। सोच जोगु दसरथु नृपु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोचिअ बिप्र जो बेद बिहीना। तजि निज धरमु बिषय लयलीना।। सोचिअ नृपति जो नीति न जाना। जेहि न प्रजा प्रिय प्रान समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोचिअ बयसु कृपन धनवानू। जो न अतिथि सिव भगति सुजानू।। सोचिअ सूद्रु बिप्र अवमानी। मुखर मानप्रिय ग्यान गुमानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोचिअ पुनि पति बंचक नारी। कुटिल कलहप्रिय इच्छाचारी।। सोचिअ बटु निज ब्रतु परिहरई। जो नहिं गुर आयसु अनुसरई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोचिअ गृही जो मोह बस करइ करम पथ त्याग। सोचिअ जति प्रंपच रत बिगत बिबेक बिराग।।172।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 173

बैखानस सोइ सोचै जोगु। तपु बिहाइ जेहि भावइ भोगू।। सोचिअ पिसुन अकारन क्रोधी। जननि जनक गुर बंधु बिरोधी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब बिधि सोचिअ पर अपकारी। निज तनु पोषक निरदय भारी।। सोचनीय सबहि बिधि सोई। जो न छाड़ि छलु हरि जन होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोचनीय नहिं कोसलराऊ। भुवन चारिदस प्रगट प्रभाऊ।। भयउ न अहइ न अब होनिहारा। भूप भरत जस पिता तुम्हारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिधि हरि हरु सुरपति दिसिनाथा। बरनहिं सब दसरथ गुन गाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहु तात केहि भाँति कोउ करिहि बड़ाई तासु। राम लखन तुम्ह सत्रुहन सरिस सुअन सुचि जासु।।173।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 174

सब प्रकार भूपति बड़भागी। बादि बिषादु करिअ तेहि लागी।। यहु सुनि समुझि सोचु परिहरहू। सिर धरि राज रजायसु करहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राँय राजपदु तुम्ह कहुँ दीन्हा। पिता बचनु फुर चाहिअ कीन्हा।। तजे रामु जेहिं बचनहि लागी। तनु परिहरेउ राम बिरहागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृपहि बचन प्रिय नहिं प्रिय प्राना। करहु तात पितु बचन प्रवाना।। करहु सीस धरि भूप रजाई। हइ तुम्ह कहँ सब भाँति भलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परसुराम पितु अग्या राखी। मारी मातु लोक सब साखी।। तनय जजातिहि जौबनु दयऊ। पितु अग्याँ अघ अजसु न भयऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अनुचित उचित बिचारु तजि जे पालहिं पितु बैन। ते भाजन सुख सुजस के बसहिं अमरपति ऐन।।174।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 175

अवसि नरेस बचन फुर करहू। पालहु प्रजा सोकु परिहरहू।। सुरपुर नृप पाइहि परितोषू। तुम्ह कहुँ सुकृत सुजसु नहिं दोषू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेद बिदित संमत सबही का। जेहि पितु देइ सो पावइ टीका।। करहु राजु परिहरहु गलानी। मानहु मोर बचन हित जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुखु लहब राम बैदेहीं। अनुचित कहब न पंडित केहीं।। कौसल्यादि सकल महतारीं। तेउ प्रजा सुख होहिं सुखारीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परम तुम्हार राम कर जानिहि। सो सब बिधि तुम्ह सन भल मानिहि।। सौंपेहु राजु राम कै आएँ। सेवा करेहु सनेह सुहाएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कीजिअ गुर आयसु अवसि कहहिं सचिव कर जोरि। रघुपति आएँ उचित जस तस तब करब बहोरि।।175।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 176

कौसल्या धरि धीरजु कहई। पूत पथ्य गुर आयसु अहई।। सो आदरिअ करिअ हित मानी। तजिअ बिषादु काल गति जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बन रघुपति सुरपति नरनाहू। तुम्ह एहि भाँति तात कदराहू।। परिजन प्रजा सचिव सब अंबा। तुम्हही सुत सब कहँ अवलंबा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखि बिधि बाम कालु कठिनाई। धीरजु धरहु मातु बलि जाई।। सिर धरि गुर आयसु अनुसरहू। प्रजा पालि परिजन दुखु हरहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर के बचन सचिव अभिनंदनु। सुने भरत हिय हित जनु चंदनु।। सुनी बहोरि मातु मृदु बानी। सील सनेह सरल रस सानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतु कमल कर जोरि धीर धुरंधर धीर धरि। बचन अमिअँ जनु बोरि देत उचित उत्तर सबहि।।176।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 177

मोहि उपदेसु दीन्ह गुर नीका। प्रजा सचिव संमत सबही का।। मातु उचित धरि आयसु दीन्हा। अवसि सीस धरि चाहउँ कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर पितु मातु स्वामि हित बानी। सुनि मन मुदित करिअ भलि जानी।। उचित कि अनुचित किएँ बिचारू। धरमु जाइ सिर पातक भारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह तौ देहु सरल सिख सोई। जो आचरत मोर भल होई।। जद्यपि यह समुझत हउँ नीकें। तदपि होत परितोषु न जी कें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब तुम्ह बिनय मोरि सुनि लेहू। मोहि अनुहरत सिखावनु देहू।। ऊतरु देउँ छमब अपराधू। दुखित दोष गुन गनहिं न साधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु सुरपुर सिय रामु बन करन कहहु मोहि राजु। एहि तें जानहु मोर हित कै आपन बड़ काजु।।177।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 178

हित हमार सियपति सेवकाई। सो हरि लीन्ह मातु कुटिलाई।। मैं अनुमानि दीख मन माहीं। आन उपायँ मोर हित नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक समाजु राजु केहि लेखें। लखन राम सिय बिनु पद देखें।। बादि बसन बिनु भूषन भारू। बादि बिरति बिनु ब्रह्म बिचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरुज सरीर बादि बहु भोगा। बिनु हरिभगति जायँ जप जोगा।। जायँ जीव बिनु देह सुहाई। बादि मोर सबु बिनु रघुराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाउँ राम पहिं आयसु देहू। एकहिं आँक मोर हित एहू।। मोहि नृप करि भल आपन चहहू। सोउ सनेह जड़ता बस कहहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कैकेई सुअ कुटिलमति राम बिमुख गतलाज। तुम्ह चाहत सुखु मोहबस मोहि से अधम कें राज।।178।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 179

कहउँ साँचु सब सुनि पतिआहू। चाहिअ धरमसील नरनाहू।। मोहि राजु हठि देइहहु जबहीं। रसा रसातल जाइहि तबहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि समान को पाप निवासू। जेहि लगि सीय राम बनबासू।। रायँ राम कहुँ काननु दीन्हा। बिछुरत गमनु अमरपुर कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं सठु सब अनरथ कर हेतू। बैठ बात सब सुनउँ सचेतू।। बिनु रघुबीर बिलोकि अबासू। रहे प्रान सहि जग उपहासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम पुनीत बिषय रस रूखे। लोलुप भूमि भोग के भूखे।। कहँ लगि कहौं हृदय कठिनाई। निदरि कुलिसु जेहिं लही बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कारन तें कारजु कठिन होइ दोसु नहि मोर। कुलिस अस्थि तें उपल तें लोह कराल कठोर।।179।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 180

कैकेई भव तनु अनुरागे। पाँवर प्रान अघाइ अभागे।। जौं प्रिय बिरहँ प्रान प्रिय लागे। देखब सुनब बहुत अब आगे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन राम सिय कहुँ बनु दीन्हा। पठइ अमरपुर पति हित कीन्हा।। लीन्ह बिधवपन अपजसु आपू। दीन्हेउ प्रजहि सोकु संतापू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि दीन्ह सुखु सुजसु सुराजू। कीन्ह कैकेईं सब कर काजू।। एहि तें मोर काह अब नीका। तेहि पर देन कहहु तुम्ह टीका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कैकई जठर जनमि जग माहीं। यह मोहि कहँ कछु अनुचित नाहीं।। मोरि बात सब बिधिहिं बनाई। प्रजा पाँच कत करहु सहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ग्रह ग्रहीत पुनि बात बस तेहि पुनि बीछी मार। तेहि पिआइअ बारुनी कहहु काह उपचार।।180।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 181

कैकइ सुअन जोगु जग जोई। चतुर बिरंचि दीन्ह मोहि सोई।। दसरथ तनय राम लघु भाई। दीन्हि मोहि बिधि बादि बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह सब कहहु कढ़ावन टीका। राय रजायसु सब कहँ नीका।। उतरु देउँ केहि बिधि केहि केही। कहहु सुखेन जथा रुचि जेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि कुमातु समेत बिहाई। कहहु कहिहि के कीन्ह भलाई।। मो बिनु को सचराचर माहीं। जेहि सिय रामु प्रानप्रिय नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परम हानि सब कहँ बड़ लाहू। अदिनु मोर नहि दूषन काहू।। संसय सील प्रेम बस अहहू। सबुइ उचित सब जो कछु कहहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम मातु सुठि सरलचित मो पर प्रेमु बिसेषि। कहइ सुभाय सनेह बस मोरि दीनता देखि।।181।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 182

गुर बिबेक सागर जगु जाना। जिन्हहि बिस्व कर बदर समाना।। मो कहँ तिलक साज सज सोऊ। भएँ बिधि बिमुख बिमुख सबु कोऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परिहरि रामु सीय जग माहीं। कोउ न कहिहि मोर मत नाहीं।। सो मैं सुनब सहब सुखु मानी। अंतहुँ कीच तहाँ जहँ पानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
डरु न मोहि जग कहिहि कि पोचू। परलोकहु कर नाहिन सोचू।। एकइ उर बस दुसह दवारी। मोहि लगि भे सिय रामु दुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जीवन लाहु लखन भल पावा। सबु तजि राम चरन मनु लावा।। मोर जनम रघुबर बन लागी। झूठ काह पछिताउँ अभागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आपनि दारुन दीनता कहउँ सबहि सिरु नाइ। देखें बिनु रघुनाथ पद जिय कै जरनि न जाइ।।182।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 183

आन उपाउ मोहि नहि सूझा। को जिय कै रघुबर बिनु बूझा।। एकहिं आँक इहइ मन माहीं। प्रातकाल चलिहउँ प्रभु पाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जद्यपि मैं अनभल अपराधी। भै मोहि कारन सकल उपाधी।। तदपि सरन सनमुख मोहि देखी। छमि सब करिहहिं कृपा बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सील सकुच सुठि सरल सुभाऊ। कृपा सनेह सदन रघुराऊ।। अरिहुक अनभल कीन्ह न रामा। मैं सिसु सेवक जद्यपि बामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह पै पाँच मोर भल मानी। आयसु आसिष देहु सुबानी।। जेहिं सुनि बिनय मोहि जनु जानी। आवहिं बहुरि रामु रजधानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जद्यपि जनमु कुमातु तें मैं सठु सदा सदोस। आपन जानि न त्यागिहहिं मोहि रघुबीर भरोस।।183।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 184

भरत बचन सब कहँ प्रिय लागे। राम सनेह सुधाँ जनु पागे।। लोग बियोग बिषम बिष दागे। मंत्र सबीज सुनत जनु जागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु सचिव गुर पुर नर नारी। सकल सनेहँ बिकल भए भारी।। भरतहि कहहि सराहि सराही। राम प्रेम मूरति तनु आही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात भरत अस काहे न कहहू। प्रान समान राम प्रिय अहहू।। जो पावँरु अपनी जड़ताई। तुम्हहि सुगाइ मातु कुटिलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो सठु कोटिक पुरुष समेता। बसिहि कलप सत नरक निकेता।। अहि अघ अवगुन नहि मनि गहई। हरइ गरल दुख दारिद दहई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवसि चलिअ बन रामु जहँ भरत मंत्रु भल कीन्ह। सोक सिंधु बूड़त सबहि तुम्ह अवलंबनु दीन्ह।।184।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 185

भा सब कें मन मोदु न थोरा। जनु घन धुनि सुनि चातक मोरा।। चलत प्रात लखि निरनउ नीके। भरतु प्रानप्रिय भे सबही के।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिहि बंदि भरतहि सिरु नाई। चले सकल घर बिदा कराई।। धन्य भरत जीवनु जग माहीं। सीलु सनेहु सराहत जाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहि परसपर भा बड़ काजू। सकल चलै कर साजहिं साजू।। जेहि राखहिं रहु घर रखवारी। सो जानइ जनु गरदनि मारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोउ कह रहन कहिअ नहिं काहू। को न चहइ जग जीवन लाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जरउ सो संपति सदन सुखु सुहद मातु पितु भाइ। सनमुख होत जो राम पद करै न सहस सहाइ।।185।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 186

घर घर साजहिं बाहन नाना। हरषु हृदयँ परभात पयाना।। भरत जाइ घर कीन्ह बिचारू। नगरु बाजि गज भवन भँडारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
संपति सब रघुपति कै आही। जौ बिनु जतन चलौं तजि ताही।। तौ परिनाम न मोरि भलाई। पाप सिरोमनि साइँ दोहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करइ स्वामि हित सेवकु सोई। दूषन कोटि देइ किन कोई।। अस बिचारि सुचि सेवक बोले। जे सपनेहुँ निज धरम न डोले।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि सबु मरमु धरमु भल भाषा। जो जेहि लायक सो तेहिं राखा।। करि सबु जतनु राखि रखवारे। राम मातु पहिं भरतु सिधारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आरत जननी जानि सब भरत सनेह सुजान। कहेउ बनावन पालकीं सजन सुखासन जान।।186।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 187

चक्क चक्कि जिमि पुर नर नारी। चहत प्रात उर आरत भारी।। जागत सब निसि भयउ बिहाना। भरत बोलाए सचिव सुजाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहेउ लेहु सबु तिलक समाजू। बनहिं देब मुनि रामहिं राजू।। बेगि चलहु सुनि सचिव जोहारे। तुरत तुरग रथ नाग सँवारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अरुंधती अरु अगिनि समाऊ। रथ चढ़ि चले प्रथम मुनिराऊ।। बिप्र बृंद चढ़ि बाहन नाना। चले सकल तप तेज निधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नगर लोग सब सजि सजि जाना। चित्रकूट कहँ कीन्ह पयाना।। सिबिका सुभग न जाहिं बखानी। चढ़ि चढ़ि चलत भई सब रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सौंपि नगर सुचि सेवकनि सादर सकल चलाइ। सुमिरि राम सिय चरन तब चले भरत दोउ भाइ।।187।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 188

राम दरस बस सब नर नारी। जनु करि करिनि चले तकि बारी।। बन सिय रामु समुझि मन माहीं। सानुज भरत पयादेहिं जाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि सनेहु लोग अनुरागे। उतरि चले हय गय रथ त्यागे।। जाइ समीप राखि निज डोली। राम मातु मृदु बानी बोली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात चढ़हु रथ बलि महतारी। होइहि प्रिय परिवारु दुखारी।। तुम्हरें चलत चलिहि सबु लोगू। सकल सोक कृस नहिं मग जोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिर धरि बचन चरन सिरु नाई। रथ चढ़ि चलत भए दोउ भाई।। तमसा प्रथम दिवस करि बासू। दूसर गोमति तीर निवासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पय अहार फल असन एक निसि भोजन एक लोग। करत राम हित नेम ब्रत परिहरि भूषन भोग।।188।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 189

सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने।। समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कारन कवन भरतु बन जाहीं। है कछु कपट भाउ मन माहीं।। जौं पै जियँ न होति कुटिलाई। तौ कत लीन्ह संग कटकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जानहिं सानुज रामहि मारी। करउँ अकंटक राजु सुखारी।। भरत न राजनीति उर आनी। तब कलंकु अब जीवन हानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल सुरासुर जुरहिं जुझारा। रामहि समर न जीतनिहारा।। का आचरजु भरतु अस करहीं। नहिं बिष बेलि अमिअ फल फरहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस बिचारि गुहँ ग्याति सन कहेउ सजग सब होहु। हथवाँसहु बोरहु तरनि कीजिअ घाटारोहु।।189।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 190

होहु सँजोइल रोकहु घाटा। ठाटहु सकल मरै के ठाटा।। सनमुख लोह भरत सन लेऊँ। जिअत न सुरसरि उतरन देऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समर मरनु पुनि सुरसरि तीरा। राम काजु छनभंगु सरीरा।। भरत भाइ नृपु मै जन नीचू। बड़ें भाग असि पाइअ मीचू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वामि काज करिहउँ रन रारी। जस धवलिहउँ भुवन दस चारी।। तजउँ प्रान रघुनाथ निहोरें। दुहूँ हाथ मुद मोदक मोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
साधु समाज न जाकर लेखा। राम भगत महुँ जासु न रेखा।। जायँ जिअत जग सो महि भारू। जननी जौबन बिटप कुठारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिगत बिषाद निषादपति सबहि बढ़ाइ उछाहु। सुमिरि राम मागेउ तुरत तरकस धनुष सनाहु।।190।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 191

बेगहु भाइहु सजहु सँजोऊ। सुनि रजाइ कदराइ न कोऊ।। भलेहिं नाथ सब कहहिं सहरषा। एकहिं एक बढ़ावइ करषा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चले निषाद जोहारि जोहारी। सूर सकल रन रूचइ रारी।। सुमिरि राम पद पंकज पनहीं। भाथीं बाँधि चढ़ाइन्हि धनहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अँगरी पहिरि कूँड़ि सिर धरहीं। फरसा बाँस सेल सम करहीं।। एक कुसल अति ओड़न खाँड़े। कूदहि गगन मनहुँ छिति छाँड़े।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निज निज साजु समाजु बनाई। गुह राउतहि जोहारे जाई।। देखि सुभट सब लायक जाने। लै लै नाम सकल सनमाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भाइहु लावहु धोख जनि आजु काज बड़ मोहि। सुनि सरोष बोले सुभट बीर अधीर न होहि।।191।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 192

राम प्रताप नाथ बल तोरे। करहिं कटकु बिनु भट बिनु घोरे।। जीवत पाउ न पाछें धरहीं। रुंड मुंडमय मेदिनि करहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दीख निषादनाथ भल टोलू। कहेउ बजाउ जुझाऊ ढोलू।। एतना कहत छींक भइ बाँए। कहेउ सगुनिअन्ह खेत सुहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बूढ़ु एकु कह सगुन बिचारी। भरतहि मिलिअ न होइहि रारी।। रामहि भरतु मनावन जाहीं। सगुन कहइ अस बिग्रहु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि गुह कहइ नीक कह बूढ़ा। सहसा करि पछिताहिं बिमूढ़ा।। भरत सुभाउ सीलु बिनु बूझें। बड़ि हित हानि जानि बिनु जूझें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गहहु घाट भट समिटि सब लेउँ मरम मिलि जाइ। बूझि मित्र अरि मध्य गति तस तब करिहउँ आइ।।192।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 193

लखन सनेहु सुभायँ सुहाएँ। बैरु प्रीति नहिं दुरइँ दुराएँ।। अस कहि भेंट सँजोवन लागे। कंद मूल फल खग मृग मागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मीन पीन पाठीन पुराने। भरि भरि भार कहारन्ह आने।। मिलन साजु सजि मिलन सिधाए। मंगल मूल सगुन सुभ पाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि दूरि तें कहि निज नामू। कीन्ह मुनीसहि दंड प्रनामू।। जानि रामप्रिय दीन्हि असीसा। भरतहि कहेउ बुझाइ मुनीसा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सखा सुनि संदनु त्यागा। चले उतरि उमगत अनुरागा।। गाउँ जाति गुहँ नाउँ सुनाई। कीन्ह जोहारु माथ महि लाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करत दंडवत देखि तेहि भरत लीन्ह उर लाइ। मनहुँ लखन सन भेंट भइ प्रेम न हृदयँ समाइ।।193।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 194

भेंटत भरतु ताहि अति प्रीती। लोग सिहाहिं प्रेम कै रीती।। धन्य धन्य धुनि मंगल मूला। सुर सराहि तेहि बरिसहिं फूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोक बेद सब भाँतिहिं नीचा। जासु छाँह छुइ लेइअ सींचा।। तेहि भरि अंक राम लघु भ्राता। मिलत पुलक परिपूरित गाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम राम कहि जे जमुहाहीं। तिन्हहि न पाप पुंज समुहाहीं।। यह तौ राम लाइ उर लीन्हा। कुल समेत जगु पावन कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करमनास जलु सुरसरि परई। तेहि को कहहु सीस नहिं धरई।। उलटा नामु जपत जगु जाना। बालमीकि भए ब्रह्म समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वपच सबर खस जमन जड़ पावँर कोल किरात। रामु कहत पावन परम होत भुवन बिख्यात।।194।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 195

नहिं अचिरजु जुग जुग चलि आई। केहि न दीन्हि रघुबीर बड़ाई।। राम नाम महिमा सुर कहहीं। सुनि सुनि अवधलोग सुखु लहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामसखहि मिलि भरत सप्रेमा। पूँछी कुसल सुमंगल खेमा।। देखि भरत कर सील सनेहू। भा निषाद तेहि समय बिदेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकुच सनेहु मोदु मन बाढ़ा। भरतहि चितवत एकटक ठाढ़ा।। धरि धीरजु पद बंदि बहोरी। बिनय सप्रेम करत कर जोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुसल मूल पद पंकज पेखी। मैं तिहुँ काल कुसल निज लेखी।। अब प्रभु परम अनुग्रह तोरें। सहित कोटि कुल मंगल मोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समुझि मोरि करतूति कुलु प्रभु महिमा जियँ जोइ। जो न भजइ रघुबीर पद जग बिधि बंचित सोइ।।195।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 196

कपटी कायर कुमति कुजाती। लोक बेद बाहेर सब भाँती।। राम कीन्ह आपन जबही तें। भयउँ भुवन भूषन तबही तें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि प्रीति सुनि बिनय सुहाई। मिलेउ बहोरि भरत लघु भाई।। कहि निषाद निज नाम सुबानीं। सादर सकल जोहारीं रानीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जानि लखन सम देहिं असीसा। जिअहु सुखी सय लाख बरीसा।। निरखि निषादु नगर नर नारी। भए सुखी जनु लखनु निहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं लहेउ एहिं जीवन लाहू। भेंटेउ रामभद्र भरि बाहू।। सुनि निषादु निज भाग बड़ाई। प्रमुदित मन लइ चलेउ लेवाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सनकारे सेवक सकल चले स्वामि रुख पाइ। घर तरु तर सर बाग बन बास बनाएन्हि जाइ।।196।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 197

सृंगबेरपुर भरत दीख जब। भे सनेहँ सब अंग सिथिल तब।। सोहत दिएँ निषादहि लागू। जनु तनु धरें बिनय अनुरागू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि भरत सेनु सबु संगा। दीखि जाइ जग पावनि गंगा।। रामघाट कहँ कीन्ह प्रनामू। भा मनु मगनु मिले जनु रामू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करहिं प्रनाम नगर नर नारी। मुदित ब्रह्ममय बारि निहारी।। करि मज्जनु मागहिं कर जोरी। रामचंद्र पद प्रीति न थोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत कहेउ सुरसरि तव रेनू। सकल सुखद सेवक सुरधेनू।। जोरि पानि बर मागउँ एहू। सीय राम पद सहज सनेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि मज्जनु भरतु करि गुर अनुसासन पाइ। मातु नहानीं जानि सब डेरा चले लवाइ।।197।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 198

जहँ तहँ लोगन्ह डेरा कीन्हा। भरत सोधु सबही कर लीन्हा।। सुर सेवा करि आयसु पाई। राम मातु पहिं गे दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चरन चाँपि कहि कहि मृदु बानी। जननीं सकल भरत सनमानी।। भाइहि सौंपि मातु सेवकाई। आपु निषादहि लीन्ह बोलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चले सखा कर सों कर जोरें। सिथिल सरीर सनेह न थोरें।। पूँछत सखहि सो ठाउँ देखाऊ। नेकु नयन मन जरनि जुड़ाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ सिय रामु लखनु निसि सोए। कहत भरे जल लोचन कोए।। भरत बचन सुनि भयउ बिषादू। तुरत तहाँ लइ गयउ निषादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहँ सिंसुपा पुनीत तर रघुबर किय बिश्रामु। अति सनेहँ सादर भरत कीन्हेउ दंड प्रनामु।।198।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 199

कुस साँथरीनिहारि सुहाई। कीन्ह प्रनामु प्रदच्छिन जाई।। चरन रेख रज आँखिन्ह लाई। बनइ न कहत प्रीति अधिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कनक बिंदु दुइ चारिक देखे। राखे सीस सीय सम लेखे।। सजल बिलोचन हृदयँ गलानी। कहत सखा सन बचन सुबानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
श्रीहत सीय बिरहँ दुतिहीना। जथा अवध नर नारि बिलीना।। पिता जनक देउँ पटतर केही। करतल भोगु जोगु जग जेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ससुर भानुकुल भानु भुआलू। जेहि सिहात अमरावतिपालू।। प्राननाथु रघुनाथ गोसाई। जो बड़ होत सो राम बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पति देवता सुतीय मनि सीय साँथरी देखि। बिहरत ह्रदउ न हहरि हर पबि तें कठिन बिसेषि।।199।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 200

लालन जोगु लखन लघु लोने। भे न भाइ अस अहहिं न होने।। पुरजन प्रिय पितु मातु दुलारे। सिय रघुबरहि प्रानपिआरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मृदु मूरति सुकुमार सुभाऊ। तात बाउ तन लाग न काऊ।। ते बन सहहिं बिपति सब भाँती। निदरे कोटि कुलिस एहिं छाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम जनमि जगु कीन्ह उजागर। रूप सील सुख सब गुन सागर।। पुरजन परिजन गुर पितु माता। राम सुभाउ सबहि सुखदाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बैरिउ राम बड़ाई करहीं। बोलनि मिलनि बिनय मन हरहीं।। सारद कोटि कोटि सत सेषा। करि न सकहिं प्रभु गुन गन लेखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुखस्वरुप रघुबंसमनि मंगल मोद निधान। ते सोवत कुस डासि महि बिधि गति अति बलवान।।200।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 201

राम सुना दुखु कान न काऊ। जीवनतरु जिमि जोगवइ राऊ।। पलक नयन फनि मनि जेहि भाँती। जोगवहिं जननि सकल दिन राती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ते अब फिरत बिपिन पदचारी। कंद मूल फल फूल अहारी।। धिग कैकेई अमंगल मूला। भइसि प्रान प्रियतम प्रतिकूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं धिग धिग अघ उदधि अभागी। सबु उतपातु भयउ जेहि लागी।। कुल कलंकु करि सृजेउ बिधाताँ। साइँदोह मोहि कीन्ह कुमाताँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सप्रेम समुझाव निषादू। नाथ करिअ कत बादि बिषादू।। राम तुम्हहि प्रिय तुम्ह प्रिय रामहि। यह निरजोसु दोसु बिधि बामहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अंतरजामी रामु सकुच सप्रेम कृपायतन। चलिअ करिअ बिश्रामु यह बिचारि दृढ़ आनि मन।।201।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 202

सखा बचन सुनि उर धरि धीरा। बास चले सुमिरत रघुबीरा।। यह सुधि पाइ नगर नर नारी। चले बिलोकन आरत भारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परदखिना करि करहिं प्रनामा। देहिं कैकइहि खोरि निकामा।। भरी भरि बारि बिलोचन लेंहीं। बाम बिधाताहि दूषन देहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक सराहहिं भरत सनेहू। कोउ कह नृपति निबाहेउ नेहू।। निंदहिं आपु सराहि निषादहि। को कहि सकइ बिमोह बिषादहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि राति लोगु सबु जागा। भा भिनुसार गुदारा लागा।। गुरहि सुनावँ चढ़ाइ सुहाईं। नईं नाव सब मातु चढ़ाईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दंड चारि महँ भा सबु पारा। उतरि भरत तब सबहि सँभारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रातक्रिया करि मातु पद बंदि गुरहि सिरु नाइ। आगें किए निषाद गन दीन्हेउ कटकु चलाइ।।202।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 203

कियउ निषादनाथु अगुआईं। मातु पालकीं सकल चलाईं।। साथ बोलाइ भाइ लघु दीन्हा। बिप्रन्ह सहित गवनु गुर कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आपु सुरसरिहि कीन्ह प्रनामू। सुमिरे लखन सहित सिय रामू।। गवने भरत पयोदेहिं पाए। कोतल संग जाहिं डोरिआए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं सुसेवक बारहिं बारा। होइअ नाथ अस्व असवारा।। रामु पयोदेहि पायँ सिधाए। हम कहँ रथ गज बाजि बनाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिर भर जाउँ उचित अस मोरा। सब तें सेवक धरमु कठोरा।। देखि भरत गति सुनि मृदु बानी। सब सेवक गन गरहिं गलानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत तीसरे पहर कहँ कीन्ह प्रबेसु प्रयाग। कहत राम सिय राम सिय उमगि उमगि अनुराग।।203।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 204

झलका झलकत पायन्ह कैंसें। पंकज कोस ओस कन जैसें।। भरत पयादेहिं आए आजू। भयउ दुखित सुनि सकल समाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खबरि लीन्ह सब लोग नहाए। कीन्ह प्रनामु त्रिबेनिहिं आए।। सबिधि सितासित नीर नहाने। दिए दान महिसुर सनमाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखत स्यामल धवल हलोरे। पुलकि सरीर भरत कर जोरे।। सकल काम प्रद तीरथराऊ। बेद बिदित जग प्रगट प्रभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मागउँ भीख त्यागि निज धरमू। आरत काह न करइ कुकरमू।। अस जियँ जानि सुजान सुदानी। सफल करहिं जग जाचक बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान। जनम जनम रति राम पद यह बरदानु न आन।।204।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 205

जानहुँ रामु कुटिल करि मोही। लोग कहउ गुर साहिब द्रोही।। सीता राम चरन रति मोरें। अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जलदु जनम भरि सुरति बिसारउ। जाचत जलु पबि पाहन डारउ।। चातकु रटनि घटें घटि जाई। बढ़े प्रेमु सब भाँति भलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कनकहिं बान चढ़इ जिमि दाहें। तिमि प्रियतम पद नेम निबाहें।। भरत बचन सुनि माझ त्रिबेनी। भइ मृदु बानि सुमंगल देनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात भरत तुम्ह सब बिधि साधू। राम चरन अनुराग अगाधू।। बाद गलानि करहु मन माहीं। तुम्ह सम रामहि कोउ प्रिय नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तनु पुलकेउ हियँ हरषु सुनि बेनि बचन अनुकूल। भरत धन्य कहि धन्य सुर हरषित बरषहिं फूल।।205।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 206

प्रमुदित तीरथराज निवासी। बैखानस बटु गृही उदासी।। कहहिं परसपर मिलि दस पाँचा। भरत सनेह सीलु सुचि साँचा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनत राम गुन ग्राम सुहाए। भरद्वाज मुनिबर पहिं आए।। दंड प्रनामु करत मुनि देखे। मूरतिमंत भाग्य निज लेखे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धाइ उठाइ लाइ उर लीन्हे। दीन्हि असीस कृतारथ कीन्हे।। आसनु दीन्ह नाइ सिरु बैठे। चहत सकुच गृहँ जनु भजि पैठे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि पूँछब कछु यह बड़ सोचू। बोले रिषि लखि सीलु सँकोचू।। सुनहु भरत हम सब सुधि पाई। बिधि करतब पर किछु न बसाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह गलानि जियँ जनि करहु समुझी मातु करतूति। तात कैकइहि दोसु नहिं गई गिरा मति धूति।।206।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 207

यहउ कहत भल कहिहि न कोऊ। लोकु बेद बुध संमत दोऊ।। तात तुम्हार बिमल जसु गाई। पाइहि लोकउ बेदु बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोक बेद संमत सबु कहई। जेहि पितु देइ राजु सो लहई।। राउ सत्यब्रत तुम्हहि बोलाई। देत राजु सुखु धरमु बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम गवनु बन अनरथ मूला। जो सुनि सकल बिस्व भइ सूला।। सो भावी बस रानि अयानी। करि कुचालि अंतहुँ पछितानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तहँउँ तुम्हार अलप अपराधू। कहै सो अधम अयान असाधू।। करतेहु राजु त तुम्हहि न दोषू। रामहि होत सुनत संतोषू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब अति कीन्हेहु भरत भल तुम्हहि उचित मत एहु। सकल सुमंगल मूल जग रघुबर चरन सनेहु।।207।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 208

सो तुम्हार धनु जीवनु प्राना। भूरिभाग को तुम्हहि समाना।। यह तम्हार आचरजु न ताता। दसरथ सुअन राम प्रिय भ्राता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनहु भरत रघुबर मन माहीं। पेम पात्रु तुम्ह सम कोउ नाहीं।। लखन राम सीतहि अति प्रीती। निसि सब तुम्हहि सराहत बीती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाना मरमु नहात प्रयागा। मगन होहिं तुम्हरें अनुरागा।। तुम्ह पर अस सनेहु रघुबर कें। सुख जीवन जग जस जड़ नर कें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह न अधिक रघुबीर बड़ाई। प्रनत कुटुंब पाल रघुराई।। तुम्ह तौ भरत मोर मत एहू। धरें देह जनु राम सनेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह कहँ भरत कलंक यह हम सब कहँ उपदेसु। राम भगति रस सिद्धि हित भा यह समउ गनेसु।।208।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 209

नव बिधु बिमल तात जसु तोरा। रघुबर किंकर कुमुद चकोरा।। उदित सदा अँथइहि कबहूँ ना। घटिहि न जग नभ दिन दिन दूना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोक तिलोक प्रीति अति करिही। प्रभु प्रताप रबि छबिहि न हरिही।। निसि दिन सुखद सदा सब काहू। ग्रसिहि न कैकइ करतबु राहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पूरन राम सुपेम पियूषा। गुर अवमान दोष नहिं दूषा।। राम भगत अब अमिअँ अघाहूँ। कीन्हेहु सुलभ सुधा बसुधाहूँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूप भगीरथ सुरसरि आनी। सुमिरत सकल सुंमगल खानी।। दसरथ गुन गन बरनि न जाहीं। अधिकु कहा जेहि सम जग नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जासु सनेह सकोच बस राम प्रगट भए आइ।। जे हर हिय नयननि कबहुँ निरखे नहीं अघाइ।।209।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 210

कीरति बिधु तुम्ह कीन्ह अनूपा। जहँ बस राम पेम मृगरूपा।। तात गलानि करहु जियँ जाएँ। डरहु दरिद्रहि पारसु पाएँ।।।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनहु भरत हम झूठ न कहहीं। उदासीन तापस बन रहहीं।। सब साधन कर सुफल सुहावा। लखन राम सिय दरसनु पावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि फल कर फलु दरस तुम्हारा। सहित पयाग सुभाग हमारा।। भरत धन्य तुम्ह जसु जगु जयऊ। कहि अस पेम मगन पुनि भयऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि मुनि बचन सभासद हरषे। साधु सराहि सुमन सुर बरषे।। धन्य धन्य धुनि गगन पयागा। सुनि सुनि भरतु मगन अनुरागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुलक गात हियँ रामु सिय सजल सरोरुह नैन। करि प्रनामु मुनि मंडलिहि बोले गदगद बैन।।210।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 211

मुनि समाजु अरु तीरथराजू। साँचिहुँ सपथ अघाइ अकाजू।। एहिं थल जौं किछु कहिअ बनाई। एहि सम अधिक न अघ अधमाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह सर्बग्य कहउँ सतिभाऊ। उर अंतरजामी रघुराऊ।। मोहि न मातु करतब कर सोचू। नहिं दुखु जियँ जगु जानिहि पोचू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाहिन डरु बिगरिहि परलोकू। पितहु मरन कर मोहि न सोकू।। सुकृत सुजस भरि भुअन सुहाए। लछिमन राम सरिस सुत पाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बिरहँ तजि तनु छनभंगू। भूप सोच कर कवन प्रसंगू।। राम लखन सिय बिनु पग पनहीं। करि मुनि बेष फिरहिं बन बनही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अजिन बसन फल असन महि सयन डासि कुस पात। बसि तरु तर नित सहत हिम आतप बरषा बात।।211।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 212

एहि दुख दाहँ दहइ दिन छाती। भूख न बासर नीद न राती।। एहि कुरोग कर औषधु नाहीं। सोधेउँ सकल बिस्व मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु कुमत बढ़ई अघ मूला। तेहिं हमार हित कीन्ह बँसूला।। कलि कुकाठ कर कीन्ह कुजंत्रू। गाड़ि अवधि पढ़ि कठिन कुमंत्रु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि लगि यहु कुठाटु तेहिं ठाटा। घालेसि सब जगु बारहबाटा।। मिटइ कुजोगु राम फिरि आएँ। बसइ अवध नहिं आन उपाएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत बचन सुनि मुनि सुखु पाई। सबहिं कीन्ह बहु भाँति बड़ाई।। तात करहु जनि सोचु बिसेषी। सब दुखु मिटहि राम पग देखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि प्रबोध मुनिबर कहेउ अतिथि पेमप्रिय होहु। कंद मूल फल फूल हम देहिं लेहु करि छोहु।।212।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 213

सुनि मुनि बचन भरत हिंय सोचू। भयउ कुअवसर कठिन सँकोचू।। जानि गरुइ गुर गिरा बहोरी। चरन बंदि बोले कर जोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिर धरि आयसु करिअ तुम्हारा। परम धरम यहु नाथ हमारा।। भरत बचन मुनिबर मन भाए। सुचि सेवक सिष निकट बोलाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चाहिए कीन्ह भरत पहुनाई। कंद मूल फल आनहु जाई।। भलेहीं नाथ कहि तिन्ह सिर नाए। प्रमुदित निज निज काज सिधाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिहि सोच पाहुन बड़ नेवता। तसि पूजा चाहिअ जस देवता।। सुनि रिधि सिधि अनिमादिक आई। आयसु होइ सो करहिं गोसाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बिरह ब्याकुल भरतु सानुज सहित समाज। पहुनाई करि हरहु श्रम कहा मुदित मुनिराज।।213।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 214

रिधि सिधि सिर धरि मुनिबर बानी। बड़भागिनि आपुहि अनुमानी।। कहहिं परसपर सिधि समुदाई। अतुलित अतिथि राम लघु भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि पद बंदि करिअ सोइ आजू। होइ सुखी सब राज समाजू।। अस कहि रचेउ रुचिर गृह नाना। जेहि बिलोकि बिलखाहिं बिमाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भोग बिभूति भूरि भरि राखे। देखत जिन्हहि अमर अभिलाषे।। दासीं दास साजु सब लीन्हें। जोगवत रहहिं मनहि मनु दीन्हें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब समाजु सजि सिधि पल माहीं। जे सुख सुरपुर सपनेहुँ नाहीं।। प्रथमहिं बास दिए सब केही। सुंदर सुखद जथा रुचि जेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुरि सपरिजन भरत कहुँ रिषि अस आयसु दीन्ह। बिधि बिसमय दायकु बिभव मुनिबर तपबल कीन्ह।।214।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 215

मुनि प्रभाउ जब भरत बिलोका। सब लघु लगे लोकपति लोका।। सुख समाजु नहिं जाइ बखानी। देखत बिरति बिसारहीं ग्यानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आसन सयन सुबसन बिताना। बन बाटिका बिहग मृग नाना।। सुरभि फूल फल अमिअ समाना। बिमल जलासय बिबिध बिधाना।
Chaupai
अर्थ / Meaning
असन पान सुच अमिअ अमी से। देखि लोग सकुचात जमी से।। सुर सुरभी सुरतरु सबही कें। लखि अभिलाषु सुरेस सची कें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रितु बसंत बह त्रिबिध बयारी। सब कहँ सुलभ पदारथ चारी।। स्त्रक चंदन बनितादिक भोगा। देखि हरष बिसमय बस लोगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
संपत चकई भरतु चक मुनि आयस खेलवार।। तेहि निसि आश्रम पिंजराँ राखे भा भिनुसार।।215।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 216

कीन्ह निमज्जनु तीरथराजा। नाइ मुनिहि सिरु सहित समाजा।। रिषि आयसु असीस सिर राखी। करि दंडवत बिनय बहु भाषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पथ गति कुसल साथ सब लीन्हे। चले चित्रकूटहिं चितु दीन्हें।। रामसखा कर दीन्हें लागू। चलत देह धरि जनु अनुरागू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नहिं पद त्रान सीस नहिं छाया। पेमु नेमु ब्रतु धरमु अमाया।। लखन राम सिय पंथ कहानी। पूँछत सखहि कहत मृदु बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बास थल बिटप बिलोकें। उर अनुराग रहत नहिं रोकैं।। दैखि दसा सुर बरिसहिं फूला। भइ मृदु महि मगु मंगल मूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
किएँ जाहिं छाया जलद सुखद बहइ बर बात। तस मगु भयउ न राम कहँ जस भा भरतहि जात।।216।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 217

जड़ चेतन मग जीव घनेरे। जे चितए प्रभु जिन्ह प्रभु हेरे।। ते सब भए परम पद जोगू। भरत दरस मेटा भव रोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह बड़ि बात भरत कइ नाहीं। सुमिरत जिनहि रामु मन माहीं।। बारक राम कहत जग जेऊ। होत तरन तारन नर तेऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतु राम प्रिय पुनि लघु भ्राता। कस न होइ मगु मंगलदाता।। सिद्ध साधु मुनिबर अस कहहीं। भरतहि निरखि हरषु हियँ लहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि प्रभाउ सुरेसहि सोचू। जगु भल भलेहि पोच कहुँ पोचू।। गुर सन कहेउ करिअ प्रभु सोई। रामहि भरतहि भेंट न होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामु सँकोची प्रेम बस भरत सपेम पयोधि। बनी बात बेगरन चहति करिअ जतनु छलु सोधि।।217।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 218

बचन सुनत सुरगुरु मुसकाने। सहसनयन बिनु लोचन जाने।। मायापति सेवक सन माया। करइ त उलटि परइ सुरराया।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब किछु कीन्ह राम रुख जानी। अब कुचालि करि होइहि हानी।। सुनु सुरेस रघुनाथ सुभाऊ। निज अपराध रिसाहिं न काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो अपराधु भगत कर करई। राम रोष पावक सो जरई।। लोकहुँ बेद बिदित इतिहासा। यह महिमा जानहिं दुरबासा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सरिस को राम सनेही। जगु जप राम रामु जप जेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मनहुँ न आनिअ अमरपति रघुबर भगत अकाजु। अजसु लोक परलोक दुख दिन दिन सोक समाजु।।218।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 219

सुनु सुरेस उपदेसु हमारा। रामहि सेवकु परम पिआरा।। मानत सुखु सेवक सेवकाई। सेवक बैर बैरु अधिकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जद्यपि सम नहिं राग न रोषू। गहहिं न पाप पूनु गुन दोषू।। करम प्रधान बिस्व करि राखा। जो जस करइ सो तस फलु चाखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तदपि करहिं सम बिषम बिहारा। भगत अभगत हृदय अनुसारा।। अगुन अलेप अमान एकरस। रामु सगुन भए भगत पेम बस।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सदा सेवक रुचि राखी। बेद पुरान साधु सुर साखी।। अस जियँ जानि तजहु कुटिलाई। करहु भरत पद प्रीति सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम भगत परहित निरत पर दुख दुखी दयाल। भगत सिरोमनि भरत तें जनि डरपहु सुरपाल।।219।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 220

सत्यसंध प्रभु सुर हितकारी। भरत राम आयस अनुसारी।। स्वारथ बिबस बिकल तुम्ह होहू। भरत दोसु नहिं राउर मोहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुरबर सुरगुर बर बानी। भा प्रमोदु मन मिटी गलानी।। बरषि प्रसून हरषि सुरराऊ। लगे सराहन भरत सुभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि बिधि भरत चले मग जाहीं। दसा देखि मुनि सिद्ध सिहाहीं।। जबहिं रामु कहि लेहिं उसासा। उमगत पेमु मनहँ चहु पासा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
द्रवहिं बचन सुनि कुलिस पषाना। पुरजन पेमु न जाइ बखाना।। बीच बास करि जमुनहिं आए। निरखि नीरु लोचन जल छाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रघुबर बरन बिलोकि बर बारि समेत समाज। होत मगन बारिधि बिरह चढ़े बिबेक जहाज।।220।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 221

जमुन तीर तेहि दिन करि बासू। भयउ समय सम सबहि सुपासू।। रातहिं घाट घाट की तरनी। आईं अगनित जाहिं न बरनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रात पार भए एकहि खेंवाँ। तोषे रामसखा की सेवाँ।। चले नहाइ नदिहि सिर नाई। साथ निषादनाथ दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आगें मुनिबर बाहन आछें। राजसमाज जाइ सबु पाछें।। तेहिं पाछें दोउ बंधु पयादें। भूषन बसन बेष सुठि सादें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवक सुह्रद सचिवसुत साथा। सुमिरत लखनु सीय रघुनाथा।। जहँ जहँ राम बास बिश्रामा। तहँ तहँ करहिं सप्रेम प्रनामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मगबासी नर नारि सुनि धाम काम तजि धाइ। देखि सरूप सनेह सब मुदित जनम फलु पाइ।।221।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 222

कहहिं सपेम एक एक पाहीं। रामु लखनु सखि होहिं कि नाहीं।। बय बपु बरन रूप सोइ आली। सीलु सनेहु सरिस सम चाली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेषु न सो सखि सीय न संगा। आगें अनी चली चतुरंगा।। नहिं प्रसन्न मुख मानस खेदा। सखि संदेहु होइ एहिं भेदा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तासु तरक तियगन मन मानी। कहहिं सकल तेहि सम न सयानी।। तेहि सराहि बानी फुरि पूजी। बोली मधुर बचन तिय दूजी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि सपेम सब कथाप्रसंगू। जेहि बिधि राम राज रस भंगू।। भरतहि बहुरि सराहन लागी। सील सनेह सुभाय सुभागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चलत पयादें खात फल पिता दीन्ह तजि राजु। जात मनावन रघुबरहि भरत सरिस को आजु।।222।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 223

भायप भगति भरत आचरनू। कहत सुनत दुख दूषन हरनू।। जो कछु कहब थोर सखि सोई। राम बंधु अस काहे न होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हम सब सानुज भरतहि देखें। भइन्ह धन्य जुबती जन लेखें।। सुनि गुन देखि दसा पछिताहीं। कैकइ जननि जोगु सुतु नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोउ कह दूषनु रानिहि नाहिन। बिधि सबु कीन्ह हमहि जो दाहिन।। कहँ हम लोक बेद बिधि हीनी। लघु तिय कुल करतूति मलीनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बसहिं कुदेस कुगाँव कुबामा। कहँ यह दरसु पुन्य परिनामा।। अस अनंदु अचिरिजु प्रति ग्रामा। जनु मरुभूमि कलपतरु जामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत दरसु देखत खुलेउ मग लोगन्ह कर भागु। जनु सिंघलबासिन्ह भयउ बिधि बस सुलभ प्रयागु।।223।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 224

निज गुन सहित राम गुन गाथा। सुनत जाहिं सुमिरत रघुनाथा।। तीरथ मुनि आश्रम सुरधामा। निरखि निमज्जहिं करहिं प्रनामा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मनहीं मन मागहिं बरु एहू। सीय राम पद पदुम सनेहू।। मिलहिं किरात कोल बनबासी। बैखानस बटु जती उदासी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि प्रनामु पूँछहिं जेहिं तेही। केहि बन लखनु रामु बैदेही।। ते प्रभु समाचार सब कहहीं। भरतहि देखि जनम फलु लहहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे जन कहहिं कुसल हम देखे। ते प्रिय राम लखन सम लेखे।। एहि बिधि बूझत सबहि सुबानी। सुनत राम बनबास कहानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि बासर बसि प्रातहीं चले सुमिरि रघुनाथ। राम दरस की लालसा भरत सरिस सब साथ।।224।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 225

मंगल सगुन होहिं सब काहू। फरकहिं सुखद बिलोचन बाहू।। भरतहि सहित समाज उछाहू। मिलिहहिं रामु मिटहि दुख दाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करत मनोरथ जस जियँ जाके। जाहिं सनेह सुराँ सब छाके।। सिथिल अंग पग मग डगि डोलहिं। बिहबल बचन पेम बस बोलहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामसखाँ तेहि समय देखावा। सैल सिरोमनि सहज सुहावा।। जासु समीप सरित पय तीरा। सीय समेत बसहिं दोउ बीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि करहिं सब दंड प्रनामा। कहि जय जानकि जीवन रामा।। प्रेम मगन अस राज समाजू। जनु फिरि अवध चले रघुराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत प्रेमु तेहि समय जस तस कहि सकइ न सेषु। कबिहिं अगम जिमि ब्रह्मसुखु अह मम मलिन जनेषु।।225।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 226

सकल सनेह सिथिल रघुबर कें। गए कोस दुइ दिनकर ढरकें।। जलु थलु देखि बसे निसि बीतें। कीन्ह गवन रघुनाथ पिरीतें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उहाँ रामु रजनी अवसेषा। जागे सीयँ सपन अस देखा।। सहित समाज भरत जनु आए। नाथ बियोग ताप तन ताए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल मलिन मन दीन दुखारी। देखीं सासु आन अनुहारी।। सुनि सिय सपन भरे जल लोचन। भए सोचबस सोच बिमोचन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन सपन यह नीक न होई। कठिन कुचाह सुनाइहि कोई।। अस कहि बंधु समेत नहाने। पूजि पुरारि साधु सनमाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning

Doha 227

बहुरि सोचबस भे सियरवनू। कारन कवन भरत आगवनू।। एक आइ अस कहा बहोरी। सेन संग चतुरंग न थोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो सुनि रामहि भा अति सोचू। इत पितु बच इत बंधु सकोचू।। भरत सुभाउ समुझि मन माहीं। प्रभु चित हित थिति पावत नाही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समाधान तब भा यह जाने। भरतु कहे महुँ साधु सयाने।। लखन लखेउ प्रभु हृदयँ खभारू। कहत समय सम नीति बिचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिनु पूँछ कछु कहउँ गोसाईं। सेवकु समयँ न ढीठ ढिठाई।। तुम्ह सर्बग्य सिरोमनि स्वामी। आपनि समुझि कहउँ अनुगामी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ सुह्रद सुठि सरल चित सील सनेह निधान।। सब पर प्रीति प्रतीति जियँ जानिअ आपु समान।।227।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 228

बिषई जीव पाइ प्रभुताई। मूढ़ मोह बस होहिं जनाई।। भरतु नीति रत साधु सुजाना। प्रभु पद प्रेम सकल जगु जाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेऊ आजु राम पदु पाई। चले धरम मरजाद मेटाई।। कुटिल कुबंध कुअवसरु ताकी। जानि राम बनवास एकाकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि कुमंत्रु मन साजि समाजू। आए करै अकंटक राजू।। कोटि प्रकार कलपि कुटलाई। आए दल बटोरि दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं जियँ होति न कपट कुचाली। केहि सोहाति रथ बाजि गजाली।। भरतहि दोसु देइ को जाएँ। जग बौराइ राज पदु पाएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ससि गुर तिय गामी नघुषु चढ़ेउ भूमिसुर जान। लोक बेद तें बिमुख भा अधम न बेन समान।।228।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 229

सहसबाहु सुरनाथु त्रिसंकू। केहि न राजमद दीन्ह कलंकू।। भरत कीन्ह यह उचित उपाऊ। रिपु रिन रंच न राखब काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एक कीन्हि नहिं भरत भलाई। निदरे रामु जानि असहाई।। समुझि परिहि सोउ आजु बिसेषी। समर सरोष राम मुखु पेखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एतना कहत नीति रस भूला। रन रस बिटपु पुलक मिस फूला।। प्रभु पद बंदि सीस रज राखी। बोले सत्य सहज बलु भाषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अनुचित नाथ न मानब मोरा। भरत हमहि उपचार न थोरा।। कहँ लगि सहिअ रहिअ मनु मारें। नाथ साथ धनु हाथ हमारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
छत्रि जाति रघुकुल जनमु राम अनुग जगु जान। लातहुँ मारें चढ़ति सिर नीच को धूरि समान।।229।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 230

उठि कर जोरि रजायसु मागा। मनहुँ बीर रस सोवत जागा।। बाँधि जटा सिर कसि कटि भाथा। साजि सरासनु सायकु हाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आजु राम सेवक जसु लेऊँ। भरतहि समर सिखावन देऊँ।। राम निरादर कर फलु पाई। सोवहुँ समर सेज दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आइ बना भल सकल समाजू। प्रगट करउँ रिस पाछिल आजू।। जिमि करि निकर दलइ मृगराजू। लेइ लपेटि लवा जिमि बाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तैसेहिं भरतहि सेन समेता। सानुज निदरि निपातउँ खेता।। जौं सहाय कर संकरु आई। तौ मारउँ रन राम दोहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति सरोष माखे लखनु लखि सुनि सपथ प्रवान। सभय लोक सब लोकपति चाहत भभरि भगान।।230।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 231

जगु भय मगन गगन भइ बानी। लखन बाहुबलु बिपुल बखानी।। तात प्रताप प्रभाउ तुम्हारा। को कहि सकइ को जाननिहारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अनुचित उचित काजु किछु होऊ। समुझि करिअ भल कह सबु कोऊ।। सहसा करि पाछैं पछिताहीं। कहहिं बेद बुध ते बुध नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुर बचन लखन सकुचाने। राम सीयँ सादर सनमाने।। कही तात तुम्ह नीति सुहाई। सब तें कठिन राजमदु भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो अचवँत नृप मातहिं तेई। नाहिन साधुसभा जेहिं सेई।। सुनहु लखन भल भरत सरीसा। बिधि प्रपंच महँ सुना न दीसा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतहि होइ न राजमदु बिधि हरि हर पद पाइ।। कबहुँ कि काँजी सीकरनि छीरसिंधु बिनसाइ।।231।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 232

तिमिरु तरुन तरनिहि मकु गिलई। गगनु मगन मकु मेघहिं मिलई।। गोपद जल बूड़हिं घटजोनी। सहज छमा बरु छाड़ै छोनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मसक फूँक मकु मेरु उड़ाई। होइ न नृपमदु भरतहि भाई।। लखन तुम्हार सपथ पितु आना। सुचि सुबंधु नहिं भरत समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सगुन खीरु अवगुन जलु ताता। मिलइ रचइ परपंचु बिधाता।। भरतु हंस रबिबंस तड़ागा। जनमि कीन्ह गुन दोष बिभागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गहि गुन पय तजि अवगुन बारी। निज जस जगत कीन्हि उजिआरी।। कहत भरत गुन सीलु सुभाऊ। पेम पयोधि मगन रघुराऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि रघुबर बानी बिबुध देखि भरत पर हेतु। सकल सराहत राम सो प्रभु को कृपानिकेतु।।232।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 233

जौं न होत जग जनम भरत को। सकल धरम धुर धरनि धरत को।। कबि कुल अगम भरत गुन गाथा। को जानइ तुम्ह बिनु रघुनाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखन राम सियँ सुनि सुर बानी। अति सुखु लहेउ न जाइ बखानी।। इहाँ भरतु सब सहित सहाए। मंदाकिनीं पुनीत नहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरित समीप राखि सब लोगा। मागि मातु गुर सचिव नियोगा।। चले भरतु जहँ सिय रघुराई। साथ निषादनाथु लघु भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समुझि मातु करतब सकुचाहीं। करत कुतरक कोटि मन माहीं।। रामु लखनु सिय सुनि मम नाऊँ। उठि जनि अनत जाहिं तजि ठाऊँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु मते महुँ मानि मोहि जो कछु करहिं सो थोर। अघ अवगुन छमि आदरहिं समुझि आपनी ओर।।233।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 234

जौं परिहरहिं मलिन मनु जानी। जौ सनमानहिं सेवकु मानी।। मोरें सरन रामहि की पनही। राम सुस्वामि दोसु सब जनही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जग जस भाजन चातक मीना। नेम पेम निज निपुन नबीना।। अस मन गुनत चले मग जाता। सकुच सनेहँ सिथिल सब गाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
फेरत मनहुँ मातु कृत खोरी। चलत भगति बल धीरज धोरी।। जब समुझत रघुनाथ सुभाऊ। तब पथ परत उताइल पाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत दसा तेहि अवसर कैसी। जल प्रबाहँ जल अलि गति जैसी।। देखि भरत कर सोचु सनेहू। भा निषाद तेहि समयँ बिदेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लगे होन मंगल सगुन सुनि गुनि कहत निषादु। मिटिहि सोचु होइहि हरषु पुनि परिनाम बिषादु।।234।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 235

सेवक बचन सत्य सब जाने। आश्रम निकट जाइ निअराने।। भरत दीख बन सैल समाजू। मुदित छुधित जनु पाइ सुनाजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ईति भीति जनु प्रजा दुखारी। त्रिबिध ताप पीड़ित ग्रह मारी।। जाइ सुराज सुदेस सुखारी। होहिं भरत गति तेहि अनुहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बास बन संपति भ्राजा। सुखी प्रजा जनु पाइ सुराजा।। सचिव बिरागु बिबेकु नरेसू। बिपिन सुहावन पावन देसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भट जम नियम सैल रजधानी। सांति सुमति सुचि सुंदर रानी।। सकल अंग संपन्न सुराऊ। राम चरन आश्रित चित चाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जीति मोह महिपालु दल सहित बिबेक भुआलु। करत अकंटक राजु पुरँ सुख संपदा सुकालु।।235।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 236

बन प्रदेस मुनि बास घनेरे। जनु पुर नगर गाउँ गन खेरे।। बिपुल बिचित्र बिहग मृग नाना। प्रजा समाजु न जाइ बखाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खगहा करि हरि बाघ बराहा। देखि महिष बृष साजु सराहा।। बयरु बिहाइ चरहिं एक संगा। जहँ तहँ मनहुँ सेन चतुरंगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
झरना झरहिं मत्त गज गाजहिं। मनहुँ निसान बिबिधि बिधि बाजहिं।। चक चकोर चातक सुक पिक गन। कूजत मंजु मराल मुदित मन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अलिगन गावत नाचत मोरा। जनु सुराज मंगल चहु ओरा।। बेलि बिटप तृन सफल सफूला। सब समाजु मुद मंगल मूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सैल सोभा निरखि भरत हृदयँ अति पेमु। तापस तप फलु पाइ जिमि सुखी सिरानें नेमु।।236।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 237

तब केवट ऊँचें चढ़ि धाई। कहेउ भरत सन भुजा उठाई।। नाथ देखिअहिं बिटप बिसाला। पाकरि जंबु रसाल तमाला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जिन्ह तरुबरन्ह मध्य बटु सोहा। मंजु बिसाल देखि मनु मोहा।। नील सघन पल्ल्व फल लाला। अबिरल छाहँ सुखद सब काला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मानहुँ तिमिर अरुनमय रासी। बिरची बिधि सँकेलि सुषमा सी।। ए तरु सरित समीप गोसाँई। रघुबर परनकुटी जहँ छाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुलसी तरुबर बिबिध सुहाए। कहुँ कहुँ सियँ कहुँ लखन लगाए।। बट छायाँ बेदिका बनाई। सियँ निज पानि सरोज सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जहाँ बैठि मुनिगन सहित नित सिय रामु सुजान। सुनहिं कथा इतिहास सब आगम निगम पुरान।।237।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 238

सखा बचन सुनि बिटप निहारी। उमगे भरत बिलोचन बारी।। करत प्रनाम चले दोउ भाई। कहत प्रीति सारद सकुचाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हरषहिं निरखि राम पद अंका। मानहुँ पारसु पायउ रंका।। रज सिर धरि हियँ नयनन्हि लावहिं। रघुबर मिलन सरिस सुख पावहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि भरत गति अकथ अतीवा। प्रेम मगन मृग खग जड़ जीवा।। सखहि सनेह बिबस मग भूला। कहि सुपंथ सुर बरषहिं फूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निरखि सिद्ध साधक अनुरागे। सहज सनेहु सराहन लागे।। होत न भूतल भाउ भरत को। अचर सचर चर अचर करत को।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पेम अमिअ मंदरु बिरहु भरतु पयोधि गँभीर। मथि प्रगटेउ सुर साधु हित कृपासिंधु रघुबीर।।238।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 239

सखा समेत मनोहर जोटा। लखेउ न लखन सघन बन ओटा।। भरत दीख प्रभु आश्रमु पावन। सकल सुमंगल सदनु सुहावन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करत प्रबेस मिटे दुख दावा। जनु जोगीं परमारथु पावा।। देखे भरत लखन प्रभु आगे। पूँछे बचन कहत अनुरागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीस जटा कटि मुनि पट बाँधें। तून कसें कर सरु धनु काँधें।। बेदी पर मुनि साधु समाजू। सीय सहित राजत रघुराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बलकल बसन जटिल तनु स्यामा। जनु मुनि बेष कीन्ह रति कामा।। कर कमलनि धनु सायकु फेरत। जिय की जरनि हरत हँसि हेरत।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लसत मंजु मुनि मंडली मध्य सीय रघुचंदु। ग्यान सभाँ जनु तनु धरे भगति सच्चिदानंदु।।239।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 240

सानुज सखा समेत मगन मन। बिसरे हरष सोक सुख दुख गन।। पाहि नाथ कहि पाहि गोसाई। भूतल परे लकुट की नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बचन सपेम लखन पहिचाने। करत प्रनामु भरत जियँ जाने।। बंधु सनेह सरस एहि ओरा। उत साहिब सेवा बस जोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिलि न जाइ नहिं गुदरत बनई। सुकबि लखन मन की गति भनई।। रहे राखि सेवा पर भारू। चढ़ी चंग जनु खैंच खेलारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहत सप्रेम नाइ महि माथा। भरत प्रनाम करत रघुनाथा।। उठे रामु सुनि पेम अधीरा। कहुँ पट कहुँ निषंग धनु तीरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरबस लिए उठाइ उर लाए कृपानिधान। भरत राम की मिलनि लखि बिसरे सबहि अपान।।240।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 241

मिलनि प्रीति किमि जाइ बखानी। कबिकुल अगम करम मन बानी।। परम पेम पूरन दोउ भाई। मन बुधि चित अहमिति बिसराई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहु सुपेम प्रगट को करई। केहि छाया कबि मति अनुसरई।। कबिहि अरथ आखर बलु साँचा। अनुहरि ताल गतिहि नटु नाचा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अगम सनेह भरत रघुबर को। जहँ न जाइ मनु बिधि हरि हर को।। सो मैं कुमति कहौं केहि भाँती। बाज सुराग कि गाँडर ताँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिलनि बिलोकि भरत रघुबर की। सुरगन सभय धकधकी धरकी।। समुझाए सुरगुरु जड़ जागे। बरषि प्रसून प्रसंसन लागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिलि सपेम रिपुसूदनहि केवटु भेंटेउ राम। भूरि भायँ भेंटे भरत लछिमन करत प्रनाम।।241।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 242

भेंटेउ लखन ललकि लघु भाई। बहुरि निषादु लीन्ह उर लाई।। पुनि मुनिगन दुहुँ भाइन्ह बंदे। अभिमत आसिष पाइ अनंदे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सानुज भरत उमगि अनुरागा। धरि सिर सिय पद पदुम परागा।। पुनि पुनि करत प्रनाम उठाए। सिर कर कमल परसि बैठाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीयँ असीस दीन्हि मन माहीं। मगन सनेहँ देह सुधि नाहीं।। सब बिधि सानुकूल लखि सीता। भे निसोच उर अपडर बीता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कोउ किछु कहइ न कोउ किछु पूँछा। प्रेम भरा मन निज गति छूँछा।। तेहि अवसर केवटु धीरजु धरि। जोरि पानि बिनवत प्रनामु करि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ साथ मुनिनाथ के मातु सकल पुर लोग। सेवक सेनप सचिव सब आए बिकल बियोग।।242।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 243

सीलसिंधु सुनि गुर आगवनू। सिय समीप राखे रिपुदवनू।। चले सबेग रामु तेहि काला। धीर धरम धुर दीनदयाला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुरहि देखि सानुज अनुरागे। दंड प्रनाम करन प्रभु लागे।। मुनिबर धाइ लिए उर लाई। प्रेम उमगि भेंटे दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रेम पुलकि केवट कहि नामू। कीन्ह दूरि तें दंड प्रनामू।। रामसखा रिषि बरबस भेंटा। जनु महि लुठत सनेह समेटा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रघुपति भगति सुमंगल मूला। नभ सराहि सुर बरिसहिं फूला।। एहि सम निपट नीच कोउ नाहीं। बड़ बसिष्ठ सम को जग माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहि लखि लखनहु तें अधिक मिले मुदित मुनिराउ। सो सीतापति भजन को प्रगट प्रताप प्रभाउ।।243।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 244

आरत लोग राम सबु जाना। करुनाकर सुजान भगवाना।। जो जेहि भायँ रहा अभिलाषी। तेहि तेहि कै तसि तसि रुख राखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सानुज मिलि पल महु सब काहू। कीन्ह दूरि दुखु दारुन दाहू।। यह बड़ि बातँ राम कै नाहीं। जिमि घट कोटि एक रबि छाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिलि केवटिहि उमगि अनुरागा। पुरजन सकल सराहहिं भागा।। देखीं राम दुखित महतारीं। जनु सुबेलि अवलीं हिम मारीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रथम राम भेंटी कैकेई। सरल सुभायँ भगति मति भेई।। पग परि कीन्ह प्रबोधु बहोरी। काल करम बिधि सिर धरि खोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भेटीं रघुबर मातु सब करि प्रबोधु परितोषु।। अंब ईस आधीन जगु काहु न देइअ दोषु।।244।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 245

गुरतिय पद बंदे दुहु भाई। सहित बिप्रतिय जे सँग आई।। गंग गौरि सम सब सनमानीं।।देहिं असीस मुदित मृदु बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गहि पद लगे सुमित्रा अंका। जनु भेटीं संपति अति रंका।। पुनि जननि चरननि दोउ भ्राता। परे पेम ब्याकुल सब गाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अति अनुराग अंब उर लाए। नयन सनेह सलिल अन्हवाए।। तेहि अवसर कर हरष बिषादू। किमि कबि कहै मूक जिमि स्वादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिलि जननहि सानुज रघुराऊ। गुर सन कहेउ कि धारिअ पाऊ।। पुरजन पाइ मुनीस नियोगू। जल थल तकि तकि उतरेउ लोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
महिसुर मंत्री मातु गुर गने लोग लिए साथ।। पावन आश्रम गवनु किय भरत लखन रघुनाथ।।245।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 246

सीय आइ मुनिबर पग लागी। उचित असीस लही मन मागी।। गुरपतिनिहि मुनितियन्ह समेता। मिली पेमु कहि जाइ न जेता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बंदि बंदि पग सिय सबही के। आसिरबचन लहे प्रिय जी के।। सासु सकल जब सीयँ निहारीं। मूदे नयन सहमि सुकुमारीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परीं बधिक बस मनहुँ मरालीं। काह कीन्ह करतार कुचालीं।। तिन्ह सिय निरखि निपट दुखु पावा। सो सबु सहिअ जो दैउ सहावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जनकसुता तब उर धरि धीरा। नील नलिन लोयन भरि नीरा।। मिली सकल सासुन्ह सिय जाई। तेहि अवसर करुना महि छाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लागि लागि पग सबनि सिय भेंटति अति अनुराग।। हृदयँ असीसहिं पेम बस रहिअहु भरी सोहाग।।246।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 247

बिकल सनेहँ सीय सब रानीं। बैठन सबहि कहेउ गुर ग्यानीं।। कहि जग गति मायिक मुनिनाथा। कहे कछुक परमारथ गाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृप कर सुरपुर गवनु सुनावा। सुनि रघुनाथ दुसह दुखु पावा।। मरन हेतु निज नेहु बिचारी। भे अति बिकल धीर धुर धारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुलिस कठोर सुनत कटु बानी। बिलपत लखन सीय सब रानी।। सोक बिकल अति सकल समाजू। मानहुँ राजु अकाजेउ आजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिबर बहुरि राम समुझाए। सहित समाज सुसरित नहाए।। ब्रतु निरंबु तेहि दिन प्रभु कीन्हा। मुनिहु कहें जलु काहुँ न लीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भोरु भएँ रघुनंदनहि जो मुनि आयसु दीन्ह।। श्रद्धा भगति समेत प्रभु सो सबु सादरु कीन्ह।।247।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 248

करि पितु क्रिया बेद जसि बरनी। भे पुनीत पातक तम तरनी।। जासु नाम पावक अघ तूला। सुमिरत सकल सुमंगल मूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुद्ध सो भयउ साधु संमत अस। तीरथ आवाहन सुरसरि जस।। सुद्ध भएँ दुइ बासर बीते। बोले गुर सन राम पिरीते।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ लोग सब निपट दुखारी। कंद मूल फल अंबु अहारी।। सानुज भरतु सचिव सब माता। देखि मोहि पल जिमि जुग जाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब समेत पुर धारिअ पाऊ। आपु इहाँ अमरावति राऊ।। बहुत कहेउँ सब कियउँ ढिठाई। उचित होइ तस करिअ गोसाँई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धर्म सेतु करुनायतन कस न कहहु अस राम। लोग दुखित दिन दुइ दरस देखि लहहुँ बिश्राम।।248।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 249

राम बचन सुनि सभय समाजू। जनु जलनिधि महुँ बिकल जहाजू।। सुनि गुर गिरा सुमंगल मूला। भयउ मनहुँ मारुत अनुकुला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पावन पयँ तिहुँ काल नहाहीं। जो बिलोकि अंघ ओघ नसाहीं।। मंगलमूरति लोचन भरि भरि। निरखहिं हरषि दंडवत करि करि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सैल बन देखन जाहीं। जहँ सुख सकल सकल दुख नाहीं।। झरना झरिहिं सुधासम बारी। त्रिबिध तापहर त्रिबिध बयारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिटप बेलि तृन अगनित जाती। फल प्रसून पल्लव बहु भाँती।। सुंदर सिला सुखद तरु छाहीं। जाइ बरनि बन छबि केहि पाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सरनि सरोरुह जल बिहग कूजत गुंजत भृंग। बैर बिगत बिहरत बिपिन मृग बिहंग बहुरंग।।249।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 250

कोल किरात भिल्ल बनबासी। मधु सुचि सुंदर स्वादु सुधा सी।। भरि भरि परन पुटीं रचि रुरी। कंद मूल फल अंकुर जूरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सबहि देहिं करि बिनय प्रनामा। कहि कहि स्वाद भेद गुन नामा।। देहिं लोग बहु मोल न लेहीं। फेरत राम दोहाई देहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं सनेह मगन मृदु बानी। मानत साधु पेम पहिचानी।। तुम्ह सुकृती हम नीच निषादा। पावा दरसनु राम प्रसादा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हमहि अगम अति दरसु तुम्हारा। जस मरु धरनि देवधुनि धारा।। राम कृपाल निषाद नेवाजा। परिजन प्रजउ चहिअ जस राजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह जिंयँ जानि सँकोचु तजि करिअ छोहु लखि नेहु। हमहि कृतारथ करन लगि फल तृन अंकुर लेहु।।250।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 251

तुम्ह प्रिय पाहुने बन पगु धारे। सेवा जोगु न भाग हमारे।। देब काह हम तुम्हहि गोसाँई। ईधनु पात किरात मिताई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह हमारि अति बड़ि सेवकाई। लेहि न बासन बसन चोराई।। हम जड़ जीव जीव गन घाती। कुटिल कुचाली कुमति कुजाती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पाप करत निसि बासर जाहीं। नहिं पट कटि नहि पेट अघाहीं।। सपोनेहुँ धरम बुद्धि कस काऊ। यह रघुनंदन दरस प्रभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जब तें प्रभु पद पदुम निहारे। मिटे दुसह दुख दोष हमारे।। बचन सुनत पुरजन अनुरागे। तिन्ह के भाग सराहन लागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिहरहिं बन चहु ओर प्रतिदिन प्रमुदित लोग सब। जल ज्यों दादुर मोर भए पीन पावस प्रथम।।251।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 252

पुर जन नारि मगन अति प्रीती। बासर जाहिं पलक सम बीती।। सीय सासु प्रति बेष बनाई। सादर करइ सरिस सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखा न मरमु राम बिनु काहूँ। माया सब सिय माया माहूँ।। सीयँ सासु सेवा बस कीन्हीं। तिन्ह लहि सुख सिख आसिष दीन्हीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखि सिय सहित सरल दोउ भाई। कुटिल रानि पछितानि अघाई।। अवनि जमहि जाचति कैकेई। महि न बीचु बिधि मीचु न देई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लोकहुँ बेद बिदित कबि कहहीं। राम बिमुख थलु नरक न लहहीं।। यहु संसउ सब के मन माहीं। राम गवनु बिधि अवध कि नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निसि न नीद नहिं भूख दिन भरतु बिकल सुचि सोच। नीच कीच बिच मगन जस मीनहि सलिल सँकोच।।252।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 253

कीन्ही मातु मिस काल कुचाली। ईति भीति जस पाकत साली।। केहि बिधि होइ राम अभिषेकू। मोहि अवकलत उपाउ न एकू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवसि फिरहिं गुर आयसु मानी। मुनि पुनि कहब राम रुचि जानी।। मातु कहेहुँ बहुरहिं रघुराऊ। राम जननि हठ करबि कि काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि अनुचर कर केतिक बाता। तेहि महँ कुसमउ बाम बिधाता।। जौं हठ करउँ त निपट कुकरमू। हरगिरि तें गुरु सेवक धरमू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एकउ जुगुति न मन ठहरानी। सोचत भरतहि रैनि बिहानी।। प्रात नहाइ प्रभुहि सिर नाई। बैठत पठए रिषयँ बोलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर पद कमल प्रनामु करि बैठे आयसु पाइ। बिप्र महाजन सचिव सब जुरे सभासद आइ।।253।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 254

बोले मुनिबरु समय समाना। सुनहु सभासद भरत सुजाना।। धरम धुरीन भानुकुल भानू। राजा रामु स्वबस भगवानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सत्यसंध पालक श्रुति सेतू। राम जनमु जग मंगल हेतू।। गुर पितु मातु बचन अनुसारी। खल दलु दलन देव हितकारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नीति प्रीति परमारथ स्वारथु। कोउ न राम सम जान जथारथु।। बिधि हरि हरु ससि रबि दिसिपाला। माया जीव करम कुलि काला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अहिप महिप जहँ लगि प्रभुताई। जोग सिद्धि निगमागम गाई।। करि बिचार जिंयँ देखहु नीकें। राम रजाइ सीस सबही कें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राखें राम रजाइ रुख हम सब कर हित होइ। समुझि सयाने करहु अब सब मिलि संमत सोइ।।254।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 255

सब कहुँ सुखद राम अभिषेकू। मंगल मोद मूल मग एकू।। केहि बिधि अवध चलहिं रघुराऊ। कहहु समुझि सोइ करिअ उपाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब सादर सुनि मुनिबर बानी। नय परमारथ स्वारथ सानी।। उतरु न आव लोग भए भोरे। तब सिरु नाइ भरत कर जोरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भानुबंस भए भूप घनेरे। अधिक एक तें एक बड़ेरे।। जनमु हेतु सब कहँ पितु माता। करम सुभासुभ देइ बिधाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दलि दुख सजइ सकल कल्याना। अस असीस राउरि जगु जाना।। सो गोसाइँ बिधि गति जेहिं छेंकी। सकइ को टारि टेक जो टेकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बूझिअ मोहि उपाउ अब सो सब मोर अभागु। सुनि सनेहमय बचन गुर उर उमगा अनुरागु।।255।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 256

तात बात फुरि राम कृपाहीं। राम बिमुख सिधि सपनेहुँ नाहीं।। सकुचउँ तात कहत एक बाता। अरध तजहिं बुध सरबस जाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह कानन गवनहु दोउ भाई। फेरिअहिं लखन सीय रघुराई।। सुनि सुबचन हरषे दोउ भ्राता। भे प्रमोद परिपूरन गाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मन प्रसन्न तन तेजु बिराजा। जनु जिय राउ रामु भए राजा।। बहुत लाभ लोगन्ह लघु हानी। सम दुख सुख सब रोवहिं रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहहिं भरतु मुनि कहा सो कीन्हे। फलु जग जीवन्ह अभिमत दीन्हे।। कानन करउँ जनम भरि बासू। एहिं तें अधिक न मोर सुपासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अँतरजामी रामु सिय तुम्ह सरबग्य सुजान। जो फुर कहहु त नाथ निज कीजिअ बचनु प्रवान।।256।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 257

भरत बचन सुनि देखि सनेहू। सभा सहित मुनि भए बिदेहू।। भरत महा महिमा जलरासी। मुनि मति ठाढ़ि तीर अबला सी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गा चह पार जतनु हियँ हेरा। पावति नाव न बोहितु बेरा।। औरु करिहि को भरत बड़ाई। सरसी सीपि कि सिंधु समाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतु मुनिहि मन भीतर भाए। सहित समाज राम पहिं आए।। प्रभु प्रनामु करि दीन्ह सुआसनु। बैठे सब सुनि मुनि अनुसासनु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बोले मुनिबरु बचन बिचारी। देस काल अवसर अनुहारी।। सुनहु राम सरबग्य सुजाना। धरम नीति गुन ग्यान निधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब के उर अंतर बसहु जानहु भाउ कुभाउ। पुरजन जननी भरत हित होइ सो कहिअ उपाउ।।257।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 258

आरत कहहिं बिचारि न काऊ। सूझ जूआरिहि आपन दाऊ।। सुनि मुनि बचन कहत रघुराऊ। नाथ तुम्हारेहि हाथ उपाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब कर हित रुख राउरि राखें। आयसु किएँ मुदित फुर भाषें।। प्रथम जो आयसु मो कहुँ होई। माथें मानि करौ सिख सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुनि जेहि कहँ जस कहब गोसाईं। सो सब भाँति घटिहि सेवकाईं।। कह मुनि राम सत्य तुम्ह भाषा। भरत सनेहँ बिचारु न राखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि तें कहउँ बहोरि बहोरी। भरत भगति बस भइ मति मोरी।। मोरें जान भरत रुचि राखि। जो कीजिअ सो सुभ सिव साखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत बिनय सादर सुनिअ करिअ बिचारु बहोरि। करब साधुमत लोकमत नृपनय निगम निचोरि।।258।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 259

गुरु अनुराग भरत पर देखी। राम ह्दयँ आनंदु बिसेषी।। भरतहि धरम धुरंधर जानी। निज सेवक तन मानस बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बोले गुर आयस अनुकूला। बचन मंजु मृदु मंगलमूला।। नाथ सपथ पितु चरन दोहाई। भयउ न भुअन भरत सम भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जे गुर पद अंबुज अनुरागी। ते लोकहुँ बेदहुँ बड़भागी।। राउर जा पर अस अनुरागू। को कहि सकइ भरत कर भागू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखि लघु बंधु बुद्धि सकुचाई। करत बदन पर भरत बड़ाई।। भरतु कहहीं सोइ किएँ भलाई। अस कहि राम रहे अरगाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब मुनि बोले भरत सन सब सँकोचु तजि तात। कृपासिंधु प्रिय बंधु सन कहहु हृदय कै बात।।259।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 260

सुनि मुनि बचन राम रुख पाई। गुरु साहिब अनुकूल अघाई।। लखि अपने सिर सबु छरु भारू। कहि न सकहिं कछु करहिं बिचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढें। नीरज नयन नेह जल बाढ़ें।। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहौं मैं काहा।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ।। मो पर कृपा सनेह बिसेषी। खेलत खुनिस न कबहूँ देखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिसुपन तेम परिहरेउँ न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू।। मैं प्रभु कृपा रीति जियँ जोही। हारेहुँ खेल जितावहिं मोही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
महूँ सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन। दरसन तृपित न आजु लगि पेम पिआसे नैन।।260।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 261

बिधि न सकेउ सहि मोर दुलारा। नीच बीचु जननी मिस पारा। यहउ कहत मोहि आजु न सोभा। अपनीं समुझि साधु सुचि को भा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मातु मंदि मैं साधु सुचाली। उर अस आनत कोटि कुचाली।। फरइ कि कोदव बालि सुसाली। मुकुता प्रसव कि संबुक काली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सपनेहुँ दोसक लेसु न काहू। मोर अभाग उदधि अवगाहू।। बिनु समुझें निज अघ परिपाकू। जारिउँ जायँ जननि कहि काकू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हृदयँ हेरि हारेउँ सब ओरा। एकहि भाँति भलेहिं भल मोरा।। गुर गोसाइँ साहिब सिय रामू। लागत मोहि नीक परिनामू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
साधु सभा गुर प्रभु निकट कहउँ सुथल सति भाउ। प्रेम प्रपंचु कि झूठ फुर जानहिं मुनि रघुराउ।।261।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 262

भूपति मरन पेम पनु राखी। जननी कुमति जगतु सबु साखी।। देखि न जाहि बिकल महतारी। जरहिं दुसह जर पुर नर नारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
महीं सकल अनरथ कर मूला। सो सुनि समुझि सहिउँ सब सूला।। सुनि बन गवनु कीन्ह रघुनाथा। करि मुनि बेष लखन सिय साथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिनु पानहिन्ह पयादेहि पाएँ। संकरु साखि रहेउँ एहि घाएँ।। बहुरि निहार निषाद सनेहू। कुलिस कठिन उर भयउ न बेहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब सबु आँखिन्ह देखेउँ आई। जिअत जीव जड़ सबइ सहाई।। जिन्हहि निरखि मग साँपिनि बीछी। तजहिं बिषम बिषु तामस तीछी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेइ रघुनंदनु लखनु सिय अनहित लागे जाहि। तासु तनय तजि दुसह दुख दैउ सहावइ काहि।।262।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 263

सुनि अति बिकल भरत बर बानी। आरति प्रीति बिनय नय सानी।। सोक मगन सब सभाँ खभारू। मनहुँ कमल बन परेउ तुसारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहि अनेक बिधि कथा पुरानी। भरत प्रबोधु कीन्ह मुनि ग्यानी।। बोले उचित बचन रघुनंदू। दिनकर कुल कैरव बन चंदू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात जाँय जियँ करहु गलानी। ईस अधीन जीव गति जानी।। तीनि काल तिभुअन मत मोरें। पुन्यसिलोक तात तर तोरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उर आनत तुम्ह पर कुटिलाई। जाइ लोकु परलोकु नसाई।। दोसु देहिं जननिहि जड़ तेई। जिन्ह गुर साधु सभा नहिं सेई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मिटिहहिं पाप प्रपंच सब अखिल अमंगल भार। लोक सुजसु परलोक सुखु सुमिरत नामु तुम्हार।।263।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 264

कहउँ सुभाउ सत्य सिव साखी। भरत भूमि रह राउरि राखी।। तात कुतरक करहु जनि जाएँ। बैर पेम नहि दुरइ दुराएँ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनि गन निकट बिहग मृग जाहीं। बाधक बधिक बिलोकि पराहीं।। हित अनहित पसु पच्छिउ जाना। मानुष तनु गुन ग्यान निधाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात तुम्हहि मैं जानउँ नीकें। करौं काह असमंजस जीकें।। राखेउ रायँ सत्य मोहि त्यागी। तनु परिहरेउ पेम पन लागी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तासु बचन मेटत मन सोचू। तेहि तें अधिक तुम्हार सँकोचू।। ता पर गुर मोहि आयसु दीन्हा। अवसि जो कहहु चहउँ सोइ कीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मनु प्रसन्न करि सकुच तजि कहहु करौं सोइ आजु। सत्यसंध रघुबर बचन सुनि भा सुखी समाजु।।264।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 265

सुर गन सहित सभय सुरराजू। सोचहिं चाहत होन अकाजू।। बनत उपाउ करत कछु नाहीं। राम सरन सब गे मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बहुरि बिचारि परस्पर कहहीं। रघुपति भगत भगति बस अहहीं। सुधि करि अंबरीष दुरबासा। भे सुर सुरपति निपट निरासा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहे सुरन्ह बहु काल बिषादा। नरहरि किए प्रगट प्रहलादा।। लगि लगि कान कहहिं धुनि माथा। अब सुर काज भरत के हाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आन उपाउ न देखिअ देवा। मानत रामु सुसेवक सेवा।। हियँ सपेम सुमिरहु सब भरतहि। निज गुन सील राम बस करतहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुर मत सुरगुर कहेउ भल तुम्हार बड़ भागु। सकल सुमंगल मूल जग भरत चरन अनुरागु।।265।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 266

सीतापति सेवक सेवकाई। कामधेनु सय सरिस सुहाई।। भरत भगति तुम्हरें मन आई। तजहु सोचु बिधि बात बनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखु देवपति भरत प्रभाऊ। सहज सुभायँ बिबस रघुराऊ।। मन थिर करहु देव डरु नाहीं। भरतहि जानि राम परिछाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनो सुरगुर सुर संमत सोचू। अंतरजामी प्रभुहि सकोचू।। निज सिर भारु भरत जियँ जाना। करत कोटि बिधि उर अनुमाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि बिचारु मन दीन्ही ठीका। राम रजायस आपन नीका।। निज पन तजि राखेउ पनु मोरा। छोहु सनेहु कीन्ह नहिं थोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कीन्ह अनुग्रह अमित अति सब बिधि सीतानाथ। करि प्रनामु बोले भरतु जोरि जलज जुग हाथ।।266।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 267

कहौं कहावौं का अब स्वामी। कृपा अंबुनिधि अंतरजामी।। गुर प्रसन्न साहिब अनुकूला। मिटी मलिन मन कलपित सूला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अपडर डरेउँ न सोच समूलें। रबिहि न दोसु देव दिसि भूलें।। मोर अभागु मातु कुटिलाई। बिधि गति बिषम काल कठिनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पाउ रोपि सब मिलि मोहि घाला। प्रनतपाल पन आपन पाला।। यह नइ रीति न राउरि होई। लोकहुँ बेद बिदित नहिं गोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जगु अनभल भल एकु गोसाईं। कहिअ होइ भल कासु भलाईं।। देउ देवतरु सरिस सुभाऊ। सनमुख बिमुख न काहुहि काऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाइ निकट पहिचानि तरु छाहँ समनि सब सोच। मागत अभिमत पाव जग राउ रंकु भल पोच।।267।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 268

लखि सब बिधि गुर स्वामि सनेहू। मिटेउ छोभु नहिं मन संदेहू।। अब करुनाकर कीजिअ सोई। जन हित प्रभु चित छोभु न होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जो सेवकु साहिबहि सँकोची। निज हित चहइ तासु मति पोची।। सेवक हित साहिब सेवकाई। करै सकल सुख लोभ बिहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वारथु नाथ फिरें सबही का। किएँ रजाइ कोटि बिधि नीका।। यह स्वारथ परमारथ सारु। सकल सुकृत फल सुगति सिंगारु।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देव एक बिनती सुनि मोरी। उचित होइ तस करब बहोरी।। तिलक समाजु साजि सबु आना। करिअ सुफल प्रभु जौं मनु माना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सानुज पठइअ मोहि बन कीजिअ सबहि सनाथ। नतरु फेरिअहिं बंधु दोउ नाथ चलौं मैं साथ।।268।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 269

नतरु जाहिं बन तीनिउ भाई। बहुरिअ सीय सहित रघुराई।। जेहि बिधि प्रभु प्रसन्न मन होई। करुना सागर कीजिअ सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देवँ दीन्ह सबु मोहि अभारु। मोरें नीति न धरम बिचारु।। कहउँ बचन सब स्वारथ हेतू। रहत न आरत कें चित चेतू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उतरु देइ सुनि स्वामि रजाई। सो सेवकु लखि लाज लजाई।। अस मैं अवगुन उदधि अगाधू। स्वामि सनेहँ सराहत साधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब कृपाल मोहि सो मत भावा। सकुच स्वामि मन जाइँ न पावा।। प्रभु पद सपथ कहउँ सति भाऊ। जग मंगल हित एक उपाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु प्रसन्न मन सकुच तजि जो जेहि आयसु देब। सो सिर धरि धरि करिहि सबु मिटिहि अनट अवरेब।।269।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 270

भरत बचन सुचि सुनि सुर हरषे। साधु सराहि सुमन सुर बरषे।। असमंजस बस अवध नेवासी। प्रमुदित मन तापस बनबासी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चुपहिं रहे रघुनाथ सँकोची। प्रभु गति देखि सभा सब सोची।। जनक दूत तेहि अवसर आए। मुनि बसिष्ठँ सुनि बेगि बोलाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि प्रनाम तिन्ह रामु निहारे। बेषु देखि भए निपट दुखारे।। दूतन्ह मुनिबर बूझी बाता। कहहु बिदेह भूप कुसलाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सकुचाइ नाइ महि माथा। बोले चर बर जोरें हाथा।। बूझब राउर सादर साईं। कुसल हेतु सो भयउ गोसाईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाहि त कोसल नाथ कें साथ कुसल गइ नाथ। मिथिला अवध बिसेष तें जगु सब भयउ अनाथ।।270।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 271

कोसलपति गति सुनि जनकौरा। भे सब लोक सोक बस बौरा।। जेहिं देखे तेहि समय बिदेहू। नामु सत्य अस लाग न केहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रानि कुचालि सुनत नरपालहि। सूझ न कछु जस मनि बिनु ब्यालहि।। भरत राज रघुबर बनबासू। भा मिथिलेसहि हृदयँ हराँसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृप बूझे बुध सचिव समाजू। कहहु बिचारि उचित का आजू।। समुझि अवध असमंजस दोऊ। चलिअ कि रहिअ न कह कछु कोऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नृपहि धीर धरि हृदयँ बिचारी। पठए अवध चतुर चर चारी।। बूझि भरत सति भाउ कुभाऊ। आएहु बेगि न होइ लखाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गए अवध चर भरत गति बूझि देखि करतूति। चले चित्रकूटहि भरतु चार चले तेरहूति।।271।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 272

दूतन्ह आइ भरत कइ करनी। जनक समाज जथामति बरनी।। सुनि गुर परिजन सचिव महीपति। भे सब सोच सनेहँ बिकल अति।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरि धीरजु करि भरत बड़ाई। लिए सुभट साहनी बोलाई।। घर पुर देस राखि रखवारे। हय गय रथ बहु जान सँवारे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दुघरी साधि चले ततकाला। किए बिश्रामु न मग महीपाला।। भोरहिं आजु नहाइ प्रयागा। चले जमुन उतरन सबु लागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
खबरि लेन हम पठए नाथा। तिन्ह कहि अस महि नायउ माथा।। साथ किरात छ सातक दीन्हे। मुनिबर तुरत बिदा चर कीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनत जनक आगवनु सबु हरषेउ अवध समाजु। रघुनंदनहि सकोचु बड़ सोच बिबस सुरराजु।।272।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 273

गरइ गलानि कुटिल कैकेई। काहि कहै केहि दूषनु देई।। अस मन आनि मुदित नर नारी। भयउ बहोरि रहब दिन चारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि प्रकार गत बासर सोऊ। प्रात नहान लाग सबु कोऊ।। करि मज्जनु पूजहिं नर नारी। गनप गौरि तिपुरारि तमारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रमा रमन पद बंदि बहोरी। बिनवहिं अंजुलि अंचल जोरी।। राजा रामु जानकी रानी। आनँद अवधि अवध रजधानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुबस बसउ फिरि सहित समाजा। भरतहि रामु करहुँ जुबराजा।। एहि सुख सुधाँ सींची सब काहू। देव देहु जग जीवन लाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर समाज भाइन्ह सहित राम राजु पुर होउ। अछत राम राजा अवध मरिअ माग सबु कोउ।।273।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 274

सुनि सनेहमय पुरजन बानी। निंदहिं जोग बिरति मुनि ग्यानी।। एहि बिधि नित्यकरम करि पुरजन। रामहि करहिं प्रनाम पुलकि तन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ऊँच नीच मध्यम नर नारी। लहहिं दरसु निज निज अनुहारी।। सावधान सबही सनमानहिं। सकल सराहत कृपानिधानहिं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लरिकाइहि ते रघुबर बानी। पालत नीति प्रीति पहिचानी।। सील सकोच सिंधु रघुराऊ। सुमुख सुलोचन सरल सुभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहत राम गुन गन अनुरागे। सब निज भाग सराहन लागे।। हम सम पुन्य पुंज जग थोरे। जिन्हहि रामु जानत करि मोरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रेम मगन तेहि समय सब सुनि आवत मिथिलेसु। सहित सभा संभ्रम उठेउ रबिकुल कमल दिनेसु।।274।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 275

भाइ सचिव गुर पुरजन साथा। आगें गवनु कीन्ह रघुनाथा।। गिरिबरु दीख जनकपति जबहीं। करि प्रनाम रथ त्यागेउ तबहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम दरस लालसा उछाहू। पथ श्रम लेसु कलेसु न काहू।। मन तहँ जहँ रघुबर बैदेही। बिनु मन तन दुख सुख सुधि केही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आवत जनकु चले एहि भाँती। सहित समाज प्रेम मति माती।। आए निकट देखि अनुरागे। सादर मिलन परसपर लागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लगे जनक मुनिजन पद बंदन। रिषिन्ह प्रनामु कीन्ह रघुनंदन।। भाइन्ह सहित रामु मिलि राजहि। चले लवाइ समेत समाजहि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आश्रम सागर सांत रस पूरन पावन पाथु। सेन मनहुँ करुना सरित लिएँ जाहिं रघुनाथु।।275।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 276

बोरति ग्यान बिराग करारे। बचन ससोक मिलत नद नारे।। सोच उसास समीर तंरगा। धीरज तट तरुबर कर भंगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिषम बिषाद तोरावति धारा। भय भ्रम भवँर अबर्त अपारा।। केवट बुध बिद्या बड़ि नावा। सकहिं न खेइ ऐक नहिं आवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बनचर कोल किरात बिचारे। थके बिलोकि पथिक हियँ हारे।। आश्रम उदधि मिली जब जाई। मनहुँ उठेउ अंबुधि अकुलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक बिकल दोउ राज समाजा। रहा न ग्यानु न धीरजु लाजा।। भूप रूप गुन सील सराही। रोवहिं सोक सिंधु अवगाही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
किए अमित उपदेस जहँ तहँ लोगन्ह मुनिबरन्ह। धीरजु धरिअ नरेस कहेउ बसिष्ठ बिदेह सन।।276।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 277

जासु ग्यानु रबि भव निसि नासा। बचन किरन मुनि कमल बिकासा।। तेहि कि मोह ममता निअराई। यह सिय राम सनेह बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिषई साधक सिद्ध सयाने। त्रिबिध जीव जग बेद बखाने।। राम सनेह सरस मन जासू। साधु सभाँ बड़ आदर तासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोह न राम पेम बिनु ग्यानू। करनधार बिनु जिमि जलजानू।। मुनि बहुबिधि बिदेहु समुझाए। रामघाट सब लोग नहाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सकल सोक संकुल नर नारी। सो बासरु बीतेउ बिनु बारी।। पसु खग मृगन्ह न कीन्ह अहारू। प्रिय परिजन कर कौन बिचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दोउ समाज निमिराजु रघुराजु नहाने प्रात। बैठे सब बट बिटप तर मन मलीन कृस गात।।277।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 278

जे महिसुर दसरथ पुर बासी। जे मिथिलापति नगर निवासी।। हंस बंस गुर जनक पुरोधा। जिन्ह जग मगु परमारथु सोधा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लगे कहन उपदेस अनेका। सहित धरम नय बिरति बिबेका।। कौसिक कहि कहि कथा पुरानीं। समुझाई सब सभा सुबानीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब रघुनाथ कोसिकहि कहेऊ। नाथ कालि जल बिनु सबु रहेऊ।। मुनि कह उचित कहत रघुराई। गयउ बीति दिन पहर अढ़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रिषि रुख लखि कह तेरहुतिराजू। इहाँ उचित नहिं असन अनाजू।। कहा भूप भल सबहि सोहाना। पाइ रजायसु चले नहाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेहि अवसर फल फूल दल मूल अनेक प्रकार। लइ आए बनचर बिपुल भरि भरि काँवरि भार।।278।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 279

कामद मे गिरि राम प्रसादा। अवलोकत अपहरत बिषादा।। सर सरिता बन भूमि बिभागा। जनु उमगत आनँद अनुरागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेलि बिटप सब सफल सफूला। बोलत खग मृग अलि अनुकूला।। तेहि अवसर बन अधिक उछाहू। त्रिबिध समीर सुखद सब काहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जाइ न बरनि मनोहरताई। जनु महि करति जनक पहुनाई।। तब सब लोग नहाइ नहाई। राम जनक मुनि आयसु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि देखि तरुबर अनुरागे। जहँ तहँ पुरजन उतरन लागे।। दल फल मूल कंद बिधि नाना। पावन सुंदर सुधा समाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सादर सब कहँ रामगुर पठए भरि भरि भार। पूजि पितर सुर अतिथि गुर लगे करन फरहार।।279।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 280

एहि बिधि बासर बीते चारी। रामु निरखि नर नारि सुखारी।। दुहु समाज असि रुचि मन माहीं। बिनु सिय राम फिरब भल नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीता राम संग बनबासू। कोटि अमरपुर सरिस सुपासू।। परिहरि लखन रामु बैदेही। जेहि घरु भाव बाम बिधि तेही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दाहिन दइउ होइ जब सबही। राम समीप बसिअ बन तबही।। मंदाकिनि मज्जनु तिहु काला। राम दरसु मुद मंगल माला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अटनु राम गिरि बन तापस थल। असनु अमिअ सम कंद मूल फल।। सुख समेत संबत दुइ साता। पल सम होहिं न जनिअहिं जाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहि सुख जोग न लोग सब कहहिं कहाँ अस भागु।। सहज सुभायँ समाज दुहु राम चरन अनुरागु।।280।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 281

एहि बिधि सकल मनोरथ करहीं। बचन सप्रेम सुनत मन हरहीं।। सीय मातु तेहि समय पठाईं। दासीं देखि सुअवसरु आईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सावकास सुनि सब सिय सासू। आयउ जनकराज रनिवासू।। कौसल्याँ सादर सनमानी। आसन दिए समय सम आनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सीलु सनेह सकल दुहु ओरा। द्रवहिं देखि सुनि कुलिस कठोरा।। पुलक सिथिल तन बारि बिलोचन। महि नख लिखन लगीं सब सोचन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सब सिय राम प्रीति कि सि मूरती। जनु करुना बहु बेष बिसूरति।। सीय मातु कह बिधि बुधि बाँकी। जो पय फेनु फोर पबि टाँकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनिअ सुधा देखिअहिं गरल सब करतूति कराल। जहँ तहँ काक उलूक बक मानस सकृत मराल।।281।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 282

सुनि ससोच कह देबि सुमित्रा। बिधि गति बड़ि बिपरीत बिचित्रा।। जो सृजि पालइ हरइ बहोरी। बाल केलि सम बिधि मति भोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसल्या कह दोसु न काहू। करम बिबस दुख सुख छति लाहू।। कठिन करम गति जान बिधाता। जो सुभ असुभ सकल फल दाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ईस रजाइ सीस सबही कें। उतपति थिति लय बिषहु अमी कें।। देबि मोह बस सोचिअ बादी। बिधि प्रपंचु अस अचल अनादी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भूपति जिअब मरब उर आनी। सोचिअ सखि लखि निज हित हानी।। सीय मातु कह सत्य सुबानी। सुकृती अवधि अवधपति रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखनु राम सिय जाहुँ बन भल परिनाम न पोचु। गहबरि हियँ कह कौसिला मोहि भरत कर सोचु।।282।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 283

ईस प्रसाद असीस तुम्हारी। सुत सुतबधू देवसरि बारी।। राम सपथ मैं कीन्ह न काऊ। सो करि कहउँ सखी सति भाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सील गुन बिनय बड़ाई। भायप भगति भरोस भलाई।। कहत सारदहु कर मति हीचे। सागर सीप कि जाहिं उलीचे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जानउँ सदा भरत कुलदीपा। बार बार मोहि कहेउ महीपा।। कसें कनकु मनि पारिखि पाएँ। पुरुष परिखिअहिं समयँ सुभाएँ।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अनुचित आजु कहब अस मोरा। सोक सनेहँ सयानप थोरा।। सुनि सुरसरि सम पावनि बानी। भईं सनेह बिकल सब रानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसल्या कह धीर धरि सुनहु देबि मिथिलेसि। को बिबेकनिधि बल्लभहि तुम्हहि सकइ उपदेसि।।283।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 284

रानि राय सन अवसरु पाई। अपनी भाँति कहब समुझाई।। रखिअहिं लखनु भरतु गबनहिं बन। जौं यह मत मानै महीप मन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तौ भल जतनु करब सुबिचारी। मोरें सौचु भरत कर भारी।। गूढ़ सनेह भरत मन माही। रहें नीक मोहि लागत नाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखि सुभाउ सुनि सरल सुबानी। सब भइ मगन करुन रस रानी।। नभ प्रसून झरि धन्य धन्य धुनि। सिथिल सनेहँ सिद्ध जोगी मुनि।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सबु रनिवासु बिथकि लखि रहेऊ। तब धरि धीर सुमित्राँ कहेऊ।। देबि दंड जुग जामिनि बीती। राम मातु सुनी उठी सप्रीती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बेगि पाउ धारिअ थलहि कह सनेहँ सतिभाय। हमरें तौ अब ईस गति के मिथिलेस सहाय।।284।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 285

लखि सनेह सुनि बचन बिनीता। जनकप्रिया गह पाय पुनीता।। देबि उचित असि बिनय तुम्हारी। दसरथ घरिनि राम महतारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु अपने नीचहु आदरहीं। अगिनि धूम गिरि सिर तिनु धरहीं।। सेवकु राउ करम मन बानी। सदा सहाय महेसु भवानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रउरे अंग जोगु जग को है। दीप सहाय कि दिनकर सोहै।। रामु जाइ बनु करि सुर काजू। अचल अवधपुर करिहहिं राजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अमर नाग नर राम बाहुबल। सुख बसिहहिं अपनें अपने थल।। यह सब जागबलिक कहि राखा। देबि न होइ मुधा मुनि भाषा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि पग परि पेम अति सिय हित बिनय सुनाइ।। सिय समेत सियमातु तब चली सुआयसु पाइ।।285।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 286

प्रिय परिजनहि मिली बैदेही। जो जेहि जोगु भाँति तेहि तेही।। तापस बेष जानकी देखी। भा सबु बिकल बिषाद बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जनक राम गुर आयसु पाई। चले थलहि सिय देखी आई।। लीन्हि लाइ उर जनक जानकी। पाहुन पावन पेम प्रान की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
उर उमगेउ अंबुधि अनुरागू। भयउ भूप मनु मनहुँ पयागू।। सिय सनेह बटु बाढ़त जोहा। ता पर राम पेम सिसु सोहा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चिरजीवी मुनि ग्यान बिकल जनु। बूड़त लहेउ बाल अवलंबनु।। मोह मगन मति नहिं बिदेह की। महिमा सिय रघुबर सनेह की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सिय पितु मातु सनेह बस बिकल न सकी सँभारि। धरनिसुताँ धीरजु धरेउ समउ सुधरमु बिचारि।।286।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 287

तापस बेष जनक सिय देखी। भयउ पेमु परितोषु बिसेषी।। पुत्रि पवित्र किए कुल दोऊ। सुजस धवल जगु कह सबु कोऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जिति सुरसरि कीरति सरि तोरी। गवनु कीन्ह बिधि अंड करोरी।। गंग अवनि थल तीनि बड़ेरे। एहिं किए साधु समाज घनेरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पितु कह सत्य सनेहँ सुबानी। सीय सकुच महुँ मनहुँ समानी।। पुनि पितु मातु लीन्ह उर लाई। सिख आसिष हित दीन्हि सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहति न सीय सकुचि मन माहीं। इहाँ बसब रजनीं भल नाहीं।। लखि रुख रानि जनायउ राऊ। हृदयँ सराहत सीलु सुभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार मिलि भेंट सिय बिदा कीन्ह सनमानि। कही समय सिर भरत गति रानि सुबानि सयानि।।287।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 288

सुनि भूपाल भरत ब्यवहारू। सोन सुगंध सुधा ससि सारू।। मूदे सजल नयन पुलके तन। सुजसु सराहन लगे मुदित मन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सावधान सुनु सुमुखि सुलोचनि। भरत कथा भव बंध बिमोचनि।। धरम राजनय ब्रह्मबिचारू। इहाँ जथामति मोर प्रचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो मति मोरि भरत महिमाही। कहै काह छलि छुअति न छाँही।। बिधि गनपति अहिपति सिव सारद। कबि कोबिद बुध बुद्धि बिसारद।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत चरित कीरति करतूती। धरम सील गुन बिमल बिभूती।। समुझत सुनत सुखद सब काहू। सुचि सुरसरि रुचि निदर सुधाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निरवधि गुन निरुपम पुरुषु भरतु भरत सम जानि। कहिअ सुमेरु कि सेर सम कबिकुल मति सकुचानि।।288।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 289

अगम सबहि बरनत बरबरनी। जिमि जलहीन मीन गमु धरनी।। भरत अमित महिमा सुनु रानी। जानहिं रामु न सकहिं बखानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बरनि सप्रेम भरत अनुभाऊ। तिय जिय की रुचि लखि कह राऊ।। बहुरहिं लखनु भरतु बन जाहीं। सब कर भल सब के मन माहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देबि परंतु भरत रघुबर की। प्रीति प्रतीति जाइ नहिं तरकी।। भरतु अवधि सनेह ममता की। जद्यपि रामु सीम समता की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
परमारथ स्वारथ सुख सारे। भरत न सपनेहुँ मनहुँ निहारे।। साधन सिद्ध राम पग नेहू।।मोहि लखि परत भरत मत एहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भोरेहुँ भरत न पेलिहहिं मनसहुँ राम रजाइ। करिअ न सोचु सनेह बस कहेउ भूप बिलखाइ।।289।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 290

राम भरत गुन गनत सप्रीती। निसि दंपतिहि पलक सम बीती।। राज समाज प्रात जुग जागे। न्हाइ न्हाइ सुर पूजन लागे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गे नहाइ गुर पहीं रघुराई। बंदि चरन बोले रुख पाई।। नाथ भरतु पुरजन महतारी। सोक बिकल बनबास दुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहित समाज राउ मिथिलेसू। बहुत दिवस भए सहत कलेसू।। उचित होइ सोइ कीजिअ नाथा। हित सबही कर रौरें हाथा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि अति सकुचे रघुराऊ। मुनि पुलके लखि सीलु सुभाऊ।। तुम्ह बिनु राम सकल सुख साजा। नरक सरिस दुहु राज समाजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रान प्रान के जीव के जिव सुख के सुख राम। तुम्ह तजि तात सोहात गृह जिन्हहि तिन्हहिं बिधि बाम।।290।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 291

सो सुखु करमु धरमु जरि जाऊ। जहँ न राम पद पंकज भाऊ।। जोगु कुजोगु ग्यानु अग्यानू। जहँ नहिं राम पेम परधानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्ह बिनु दुखी सुखी तुम्ह तेहीं। तुम्ह जानहु जिय जो जेहि केहीं।। राउर आयसु सिर सबही कें। बिदित कृपालहि गति सब नीकें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आपु आश्रमहि धारिअ पाऊ। भयउ सनेह सिथिल मुनिराऊ।। करि प्रनाम तब रामु सिधाए। रिषि धरि धीर जनक पहिं आए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम बचन गुरु नृपहि सुनाए। सील सनेह सुभायँ सुहाए।। महाराज अब कीजिअ सोई। सब कर धरम सहित हित होई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ग्यान निधान सुजान सुचि धरम धीर नरपाल। तुम्ह बिनु असमंजस समन को समरथ एहि काल।।291।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 292

सुनि मुनि बचन जनक अनुरागे। लखि गति ग्यानु बिरागु बिरागे।। सिथिल सनेहँ गुनत मन माहीं। आए इहाँ कीन्ह भल नाही।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामहि रायँ कहेउ बन जाना। कीन्ह आपु प्रिय प्रेम प्रवाना।। हम अब बन तें बनहि पठाई। प्रमुदित फिरब बिबेक बड़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तापस मुनि महिसुर सुनि देखी। भए प्रेम बस बिकल बिसेषी।। समउ समुझि धरि धीरजु राजा। चले भरत पहिं सहित समाजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत आइ आगें भइ लीन्हे। अवसर सरिस सुआसन दीन्हे।। तात भरत कह तेरहुति राऊ। तुम्हहि बिदित रघुबीर सुभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सत्यब्रत धरम रत सब कर सीलु सनेहु।। संकट सहत सकोच बस कहिअ जो आयसु देहु।।292।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 293

सुनि तन पुलकि नयन भरि बारी। बोले भरतु धीर धरि भारी।। प्रभु प्रिय पूज्य पिता सम आपू। कुलगुरु सम हित माय न बापू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कौसिकादि मुनि सचिव समाजू। ग्यान अंबुनिधि आपुनु आजू।। सिसु सेवक आयसु अनुगामी। जानि मोहि सिख देइअ स्वामी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
एहिं समाज थल बूझब राउर। मौन मलिन मैं बोलब बाउर।। छोटे बदन कहउँ बड़ि बाता। छमब तात लखि बाम बिधाता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आगम निगम प्रसिद्ध पुराना। सेवाधरमु कठिन जगु जाना।। स्वामि धरम स्वारथहि बिरोधू। बैरु अंध प्रेमहि न प्रबोधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राखि राम रुख धरमु ब्रतु पराधीन मोहि जानि। सब कें संमत सर्ब हित करिअ पेमु पहिचानि।।293।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 294

भरत बचन सुनि देखि सुभाऊ। सहित समाज सराहत राऊ।। सुगम अगम मृदु मंजु कठोरे। अरथु अमित अति आखर थोरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
ज्यौ मुख मुकुर मुकुरु निज पानी। गहि न जाइ अस अदभुत बानी।। भूप भरत मुनि सहित समाजू। गे जहँ बिबुध कुमुद द्विजराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सुधि सोच बिकल सब लोगा। मनहुँ मीनगन नव जल जोगा।। देवँ प्रथम कुलगुर गति देखी। निरखि बिदेह सनेह बिसेषी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम भगतिमय भरतु निहारे। सुर स्वारथी हहरि हियँ हारे।। सब कोउ राम पेममय पेखा। भउ अलेख सोच बस लेखा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामु सनेह सकोच बस कह ससोच सुरराज। रचहु प्रपंचहि पंच मिलि नाहिं त भयउ अकाजु।।294।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 295

सुरन्ह सुमिरि सारदा सराही। देबि देव सरनागत पाही।। फेरि भरत मति करि निज माया। पालु बिबुध कुल करि छल छाया।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिबुध बिनय सुनि देबि सयानी। बोली सुर स्वारथ जड़ जानी।। मो सन कहहु भरत मति फेरू। लोचन सहस न सूझ सुमेरू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिधि हरि हर माया बड़ि भारी। सोउ न भरत मति सकइ निहारी।। सो मति मोहि कहत करु भोरी। चंदिनि कर कि चंडकर चोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत हृदयँ सिय राम निवासू। तहँ कि तिमिर जहँ तरनि प्रकासू।। अस कहि सारद गइ बिधि लोका। बिबुध बिकल निसि मानहुँ कोका।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुर स्वारथी मलीन मन कीन्ह कुमंत्र कुठाटु।। रचि प्रपंच माया प्रबल भय भ्रम अरति उचाटु।।295।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 296

करि कुचालि सोचत सुरराजू। भरत हाथ सबु काजु अकाजू।। गए जनकु रघुनाथ समीपा। सनमाने सब रबिकुल दीपा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समय समाज धरम अबिरोधा। बोले तब रघुबंस पुरोधा।। जनक भरत संबादु सुनाई। भरत कहाउति कही सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात राम जस आयसु देहू। सो सबु करै मोर मत एहू।। सुनि रघुनाथ जोरि जुग पानी। बोले सत्य सरल मृदु बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिद्यमान आपुनि मिथिलेसू। मोर कहब सब भाँति भदेसू।। राउर राय रजायसु होई। राउरि सपथ सही सिर सोई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम सपथ सुनि मुनि जनकु सकुचे सभा समेत। सकल बिलोकत भरत मुखु बनइ न उतरु देत।।296।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 297

सभा सकुच बस भरत निहारी। रामबंधु धरि धीरजु भारी।। कुसमउ देखि सनेहु सँभारा। बढ़त बिंधि जिमि घटज निवारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सोक कनकलोचन मति छोनी। हरी बिमल गुन गन जगजोनी।। भरत बिबेक बराहँ बिसाला। अनायास उधरी तेहि काला।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करि प्रनामु सब कहँ कर जोरे। रामु राउ गुर साधु निहोरे।। छमब आजु अति अनुचित मोरा। कहउँ बदन मृदु बचन कठोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हियँ सुमिरी सारदा सुहाई। मानस तें मुख पंकज आई।। बिमल बिबेक धरम नय साली। भरत भारती मंजु मराली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
निरखि बिबेक बिलोचनन्हि सिथिल सनेहँ समाजु। करि प्रनामु बोले भरतु सुमिरि सीय रघुराजु।।297।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 298

प्रभु पितु मातु सुह्रद गुर स्वामी। पूज्य परम हित अतंरजामी।। सरल सुसाहिबु सील निधानू। प्रनतपाल सर्बग्य सुजानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
समरथ सरनागत हितकारी। गुनगाहकु अवगुन अघ हारी।। स्वामि गोसाँइहि सरिस गोसाई। मोहि समान मैं साइँ दोहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु पितु बचन मोह बस पेली। आयउँ इहाँ समाजु सकेली।। जग भल पोच ऊँच अरु नीचू। अमिअ अमरपद माहुरु मीचू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम रजाइ मेट मन माहीं। देखा सुना कतहुँ कोउ नाहीं।। सो मैं सब बिधि कीन्हि ढिठाई। प्रभु मानी सनेह सेवकाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कृपाँ भलाई आपनी नाथ कीन्ह भल मोर। दूषन भे भूषन सरिस सुजसु चारु चहु ओर।।298।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 299

राउरि रीति सुबानि बड़ाई। जगत बिदित निगमागम गाई।। कूर कुटिल खल कुमति कलंकी। नीच निसील निरीस निसंकी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेउ सुनि सरन सामुहें आए। सकृत प्रनामु किहें अपनाए।। देखि दोष कबहुँ न उर आने। सुनि गुन साधु समाज बखाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
को साहिब सेवकहि नेवाजी। आपु समाज साज सब साजी।। निज करतूति न समुझिअ सपनें। सेवक सकुच सोचु उर अपनें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो गोसाइँ नहि दूसर कोपी। भुजा उठाइ कहउँ पन रोपी।। पसु नाचत सुक पाठ प्रबीना। गुन गति नट पाठक आधीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यों सुधारि सनमानि जन किए साधु सिरमोर। को कृपाल बिनु पालिहै बिरिदावलि बरजोर।।299।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 300

सोक सनेहँ कि बाल सुभाएँ। आयउँ लाइ रजायसु बाएँ।। तबहुँ कृपाल हेरि निज ओरा। सबहि भाँति भल मानेउ मोरा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखेउँ पाय सुमंगल मूला। जानेउँ स्वामि सहज अनुकूला।। बड़ें समाज बिलोकेउँ भागू। बड़ीं चूक साहिब अनुरागू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कृपा अनुग्रह अंगु अघाई। कीन्हि कृपानिधि सब अधिकाई।। राखा मोर दुलार गोसाईं। अपनें सील सुभायँ भलाईं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
नाथ निपट मैं कीन्हि ढिठाई। स्वामि समाज सकोच बिहाई।। अबिनय बिनय जथारुचि बानी। छमिहि देउ अति आरति जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुह्रद सुजान सुसाहिबहि बहुत कहब बड़ि खोरि। आयसु देइअ देव अब सबइ सुधारी मोरि।।300।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 301

प्रभु पद पदुम पराग दोहाई। सत्य सुकृत सुख सीवँ सुहाई।। सो करि कहउँ हिए अपने की। रुचि जागत सोवत सपने की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहज सनेहँ स्वामि सेवकाई। स्वारथ छल फल चारि बिहाई।। अग्या सम न सुसाहिब सेवा। सो प्रसादु जन पावै देवा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस कहि प्रेम बिबस भए भारी। पुलक सरीर बिलोचन बारी।। प्रभु पद कमल गहे अकुलाई। समउ सनेहु न सो कहि जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कृपासिंधु सनमानि सुबानी। बैठाए समीप गहि पानी।। भरत बिनय सुनि देखि सुभाऊ। सिथिल सनेहँ सभा रघुराऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि दुखारी दीन दुहु समाज नर नारि सब। मघवा महा मलीन मुए मारि मंगल चहत।।301।।
Soratha
अर्थ / Meaning

Doha 302

कपट कुचालि सीवँ सुरराजू। पर अकाज प्रिय आपन काजू।। काक समान पाकरिपु रीती। छली मलीन कतहुँ न प्रतीती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रथम कुमत करि कपटु सँकेला। सो उचाटु सब कें सिर मेला।। सुरमायाँ सब लोग बिमोहे। राम प्रेम अतिसय न बिछोहे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भय उचाट बस मन थिर नाहीं। छन बन रुचि छन सदन सोहाहीं।। दुबिध मनोगति प्रजा दुखारी। सरित सिंधु संगम जनु बारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दुचित कतहुँ परितोषु न लहहीं। एक एक सन मरमु न कहहीं।। लखि हियँ हँसि कह कृपानिधानू। सरिस स्वान मघवान जुबानू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतु जनकु मुनिजन सचिव साधु सचेत बिहाइ। लागि देवमाया सबहि जथाजोगु जनु पाइ।।302।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 303

कृपासिंधु लखि लोग दुखारे। निज सनेहँ सुरपति छल भारे।। सभा राउ गुर महिसुर मंत्री। भरत भगति सब कै मति जंत्री।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामहि चितवत चित्र लिखे से। सकुचत बोलत बचन सिखे से।। भरत प्रीति नति बिनय बड़ाई। सुनत सुखद बरनत कठिनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जासु बिलोकि भगति लवलेसू। प्रेम मगन मुनिगन मिथिलेसू।। महिमा तासु कहै किमि तुलसी। भगति सुभायँ सुमति हियँ हुलसी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
आपु छोटि महिमा बड़ि जानी। कबिकुल कानि मानि सकुचानी।। कहि न सकति गुन रुचि अधिकाई। मति गति बाल बचन की नाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत बिमल जसु बिमल बिधु सुमति चकोरकुमारि। उदित बिमल जन हृदय नभ एकटक रही निहारि।।303।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 304

भरत सुभाउ न सुगम निगमहूँ। लघु मति चापलता कबि छमहूँ।। कहत सुनत सति भाउ भरत को। सीय राम पद होइ न रत को।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुमिरत भरतहि प्रेमु राम को। जेहि न सुलभ तेहि सरिस बाम को।। देखि दयाल दसा सबही की। राम सुजान जानि जन जी की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
धरम धुरीन धीर नय नागर। सत्य सनेह सील सुख सागर।। देसु काल लखि समउ समाजू। नीति प्रीति पालक रघुराजू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बोले बचन बानि सरबसु से। हित परिनाम सुनत ससि रसु से।। तात भरत तुम्ह धरम धुरीना। लोक बेद बिद प्रेम प्रबीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
करम बचन मानस बिमल तुम्ह समान तुम्ह तात। गुर समाज लघु बंधु गुन कुसमयँ किमि कहि जात।।304।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 305

जानहु तात तरनि कुल रीती। सत्यसंध पितु कीरति प्रीती।। समउ समाजु लाज गुरुजन की। उदासीन हित अनहित मन की।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तुम्हहि बिदित सबही कर करमू। आपन मोर परम हित धरमू।। मोहि सब भाँति भरोस तुम्हारा। तदपि कहउँ अवसर अनुसारा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तात तात बिनु बात हमारी। केवल गुरुकुल कृपाँ सँभारी।। नतरु प्रजा परिजन परिवारू। हमहि सहित सबु होत खुआरू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जौं बिनु अवसर अथवँ दिनेसू। जग केहि कहहु न होइ कलेसू।। तस उतपातु तात बिधि कीन्हा। मुनि मिथिलेस राखि सबु लीन्हा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राज काज सब लाज पति धरम धरनि धन धाम। गुर प्रभाउ पालिहि सबहि भल होइहि परिनाम।।305।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 306

सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा।। मातु पिता गुर स्वामि निदेसू। सकल धरम धरनीधर सेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो तुम्ह करहु करावहु मोहू। तात तरनिकुल पालक होहू।। साधक एक सकल सिधि देनी। कीरति सुगति भूतिमय बेनी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो बिचारि सहि संकटु भारी। करहु प्रजा परिवारु सुखारी।। बाँटी बिपति सबहिं मोहि भाई। तुम्हहि अवधि भरि बड़ि कठिनाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जानि तुम्हहि मृदु कहउँ कठोरा। कुसमयँ तात न अनुचित मोरा।। होहिं कुठायँ सुबंधु सुहाए। ओड़िअहिं हाथ असनिहु के घाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवक कर पद नयन से मुख सो साहिबु होइ। तुलसी प्रीति कि रीति सुनि सुकबि सराहहिं सोइ।।306।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 307

सभा सकल सुनि रघुबर बानी। प्रेम पयोधि अमिअ जनु सानी।। सिथिल समाज सनेह समाधी। देखि दसा चुप सारद साधी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतहि भयउ परम संतोषू। सनमुख स्वामि बिमुख दुख दोषू।। मुख प्रसन्न मन मिटा बिषादू। भा जनु गूँगेहि गिरा प्रसादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कीन्ह सप्रेम प्रनामु बहोरी। बोले पानि पंकरुह जोरी।। नाथ भयउ सुखु साथ गए को। लहेउँ लाहु जग जनमु भए को।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अब कृपाल जस आयसु होई। करौं सीस धरि सादर सोई।। सो अवलंब देव मोहि देई। अवधि पारु पावौं जेहि सेई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देव देव अभिषेक हित गुर अनुसासनु पाइ। आनेउँ सब तीरथ सलिलु तेहि कहँ काह रजाइ।।307।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 308

एकु मनोरथु बड़ मन माहीं। सभयँ सकोच जात कहि नाहीं।। कहहु तात प्रभु आयसु पाई। बोले बानि सनेह सुहाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चित्रकूट सुचि थल तीरथ बन। खग मृग सर सरि निर्झर गिरिगन।। प्रभु पद अंकित अवनि बिसेषी। आयसु होइ त आवौं देखी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अवसि अत्रि आयसु सिर धरहू। तात बिगतभय कानन चरहू।। मुनि प्रसाद बनु मंगल दाता। पावन परम सुहावन भ्राता।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रिषिनायकु जहँ आयसु देहीं। राखेहु तीरथ जलु थल तेहीं।। सुनि प्रभु बचन भरत सुख पावा। मुनि पद कमल मुदित सिरु नावा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत राम संबादु सुनि सकल सुमंगल मूल। सुर स्वारथी सराहि कुल बरषत सुरतरु फूल।।308।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 309

धन्य भरत जय राम गोसाईं। कहत देव हरषत बरिआई। मुनि मिथिलेस सभाँ सब काहू। भरत बचन सुनि भयउ उछाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत राम गुन ग्राम सनेहू। पुलकि प्रसंसत राउ बिदेहू।। सेवक स्वामि सुभाउ सुहावन। नेमु पेमु अति पावन पावन।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मति अनुसार सराहन लागे। सचिव सभासद सब अनुरागे।। सुनि सुनि राम भरत संबादू। दुहु समाज हियँ हरषु बिषादू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
राम मातु दुखु सुखु सम जानी। कहि गुन राम प्रबोधीं रानी।। एक कहहिं रघुबीर बड़ाई। एक सराहत भरत भलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अत्रि कहेउ तब भरत सन सैल समीप सुकूप। राखिअ तीरथ तोय तहँ पावन अमिअ अनूप।।309।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 310

भरत अत्रि अनुसासन पाई। जल भाजन सब दिए चलाई।। सानुज आपु अत्रि मुनि साधू। सहित गए जहँ कूप अगाधू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पावन पाथ पुन्यथल राखा। प्रमुदित प्रेम अत्रि अस भाषा।। तात अनादि सिद्ध थल एहू। लोपेउ काल बिदित नहिं केहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तब सेवकन्ह सरस थलु देखा। किन्ह सुजल हित कूप बिसेषा।। बिधि बस भयउ बिस्व उपकारू। सुगम अगम अति धरम बिचारू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरतकूप अब कहिहहिं लोगा। अति पावन तीरथ जल जोगा।। प्रेम सनेम निमज्जत प्रानी। होइहहिं बिमल करम मन बानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कहत कूप महिमा सकल गए जहाँ रघुराउ। अत्रि सुनायउ रघुबरहि तीरथ पुन्य प्रभाउ।।310।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 311

कहत धरम इतिहास सप्रीती। भयउ भोरु निसि सो सुख बीती।। नित्य निबाहि भरत दोउ भाई। राम अत्रि गुर आयसु पाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सहित समाज साज सब सादें। चले राम बन अटन पयादें।। कोमल चरन चलत बिनु पनहीं। भइ मृदु भूमि सकुचि मन मनहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुस कंटक काँकरीं कुराईं। कटुक कठोर कुबस्तु दुराईं।। महि मंजुल मृदु मारग कीन्हे। बहत समीर त्रिबिध सुख लीन्हे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुमन बरषि सुर घन करि छाहीं। बिटप फूलि फलि तृन मृदुताहीं।। मृग बिलोकि खग बोलि सुबानी। सेवहिं सकल राम प्रिय जानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुलभ सिद्धि सब प्राकृतहु राम कहत जमुहात। राम प्रान प्रिय भरत कहुँ यह न होइ बड़ि बात।।311।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 312

एहि बिधि भरतु फिरत बन माहीं। नेमु प्रेमु लखि मुनि सकुचाहीं।। पुन्य जलाश्रय भूमि बिभागा। खग मृग तरु तृन गिरि बन बागा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चारु बिचित्र पबित्र बिसेषी। बूझत भरतु दिब्य सब देखी।। सुनि मन मुदित कहत रिषिराऊ। हेतु नाम गुन पुन्य प्रभाऊ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कतहुँ निमज्जन कतहुँ प्रनामा। कतहुँ बिलोकत मन अभिरामा।। कतहुँ बैठि मुनि आयसु पाई। सुमिरत सीय सहित दोउ भाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखि सुभाउ सनेहु सुसेवा। देहिं असीस मुदित बनदेवा।। फिरहिं गएँ दिनु पहर अढ़ाई। प्रभु पद कमल बिलोकहिं आई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देखे थल तीरथ सकल भरत पाँच दिन माझ। कहत सुनत हरि हर सुजसु गयउ दिवसु भइ साँझ।।312।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 313

भोर न्हाइ सबु जुरा समाजू। भरत भूमिसुर तेरहुति राजू।। भल दिन आजु जानि मन माहीं। रामु कृपाल कहत सकुचाहीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर नृप भरत सभा अवलोकी। सकुचि राम फिरि अवनि बिलोकी।। सील सराहि सभा सब सोची। कहुँ न राम सम स्वामि सँकोची।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सुजान राम रुख देखी। उठि सप्रेम धरि धीर बिसेषी।। करि दंडवत कहत कर जोरी। राखीं नाथ सकल रुचि मोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोहि लगि सहेउ सबहिं संतापू। बहुत भाँति दुखु पावा आपू।। अब गोसाइँ मोहि देउ रजाई। सेवौं अवध अवधि भरि जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जेहिं उपाय पुनि पाय जनु देखै दीनदयाल। सो सिख देइअ अवधि लगि कोसलपाल कृपाल।।313।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 314

पुरजन परिजन प्रजा गोसाई। सब सुचि सरस सनेहँ सगाई।। राउर बदि भल भव दुख दाहू। प्रभु बिनु बादि परम पद लाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
स्वामि सुजानु जानि सब ही की। रुचि लालसा रहनि जन जी की।। प्रनतपालु पालिहि सब काहू। देउ दुहू दिसि ओर निबाहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
अस मोहि सब बिधि भूरि भरोसो। किएँ बिचारु न सोचु खरो सो।। आरति मोर नाथ कर छोहू। दुहुँ मिलि कीन्ह ढीठु हठि मोहू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
यह बड़ दोषु दूरि करि स्वामी। तजि सकोच सिखइअ अनुगामी।। भरत बिनय सुनि सबहिं प्रसंसी। खीर नीर बिबरन गति हंसी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
दीनबंधु सुनि बंधु के बचन दीन छलहीन। देस काल अवसर सरिस बोले रामु प्रबीन।।314।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 315

तात तुम्हारि मोरि परिजन की। चिंता गुरहि नृपहि घर बन की।। माथे पर गुर मुनि मिथिलेसू। हमहि तुम्हहि सपनेहुँ न कलेसू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मोर तुम्हार परम पुरुषारथु। स्वारथु सुजसु धरमु परमारथु।। पितु आयसु पालिहिं दुहु भाई। लोक बेद भल भूप भलाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर पितु मातु स्वामि सिख पालें। चलेहुँ कुमग पग परहिं न खालें।। अस बिचारि सब सोच बिहाई। पालहु अवध अवधि भरि जाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
देसु कोसु परिजन परिवारू। गुर पद रजहिं लाग छरुभारू।। तुम्ह मुनि मातु सचिव सिख मानी। पालेहु पुहुमि प्रजा रजधानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुखिआ मुखु सो चाहिऐ खान पान कहुँ एक। पालइ पोषइ सकल अँग तुलसी सहित बिबेक।।315।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 316

राजधरम सरबसु एतनोई। जिमि मन माहँ मनोरथ गोई।। बंधु प्रबोधु कीन्ह बहु भाँती। बिनु अधार मन तोषु न साँती।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत सील गुर सचिव समाजू। सकुच सनेह बिबस रघुराजू।। प्रभु करि कृपा पाँवरीं दीन्हीं। सादर भरत सीस धरि लीन्हीं।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
चरनपीठ करुनानिधान के। जनु जुग जामिक प्रजा प्रान के।। संपुट भरत सनेह रतन के। आखर जुग जुन जीव जतन के।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
कुल कपाट कर कुसल करम के। बिमल नयन सेवा सुधरम के।। भरत मुदित अवलंब लहे तें। अस सुख जस सिय रामु रहे तें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मागेउ बिदा प्रनामु करि राम लिए उर लाइ। लोग उचाटे अमरपति कुटिल कुअवसरु पाइ।।316।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 317

सो कुचालि सब कहँ भइ नीकी। अवधि आस सम जीवनि जी की।। नतरु लखन सिय सम बियोगा। हहरि मरत सब लोग कुरोगा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
रामकृपाँ अवरेब सुधारी। बिबुध धारि भइ गुनद गोहारी।। भेंटत भुज भरि भाइ भरत सो। राम प्रेम रसु कहि न परत सो।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तन मन बचन उमग अनुरागा। धीर धुरंधर धीरजु त्यागा।। बारिज लोचन मोचत बारी। देखि दसा सुर सभा दुखारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
मुनिगन गुर धुर धीर जनक से। ग्यान अनल मन कसें कनक से।। जे बिरंचि निरलेप उपाए। पदुम पत्र जिमि जग जल जाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
तेउ बिलोकि रघुबर भरत प्रीति अनूप अपार। भए मगन मन तन बचन सहित बिराग बिचार।।317।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 318

जहाँ जनक गुर मति भोरी। प्राकृत प्रीति कहत बड़ि खोरी।। बरनत रघुबर भरत बियोगू। सुनि कठोर कबि जानिहि लोगू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सो सकोच रसु अकथ सुबानी। समउ सनेहु सुमिरि सकुचानी।। भेंटि भरत रघुबर समुझाए। पुनि रिपुदवनु हरषि हियँ लाए।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सेवक सचिव भरत रुख पाई। निज निज काज लगे सब जाई।। सुनि दारुन दुखु दुहूँ समाजा। लगे चलन के साजन साजा।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु पद पदुम बंदि दोउ भाई। चले सीस धरि राम रजाई।। मुनि तापस बनदेव निहोरी। सब सनमानि बहोरि बहोरी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
लखनहि भेंटि प्रनामु करि सिर धरि सिय पद धूरि। चले सप्रेम असीस सुनि सकल सुमंगल मूरि।।318।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 319

सानुज राम नृपहि सिर नाई। कीन्हि बहुत बिधि बिनय बड़ाई।। देव दया बस बड़ दुखु पायउ। सहित समाज काननहिं आयउ।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
पुर पगु धारिअ देइ असीसा। कीन्ह धीर धरि गवनु महीसा।। मुनि महिदेव साधु सनमाने। बिदा किए हरि हर सम जाने।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सासु समीप गए दोउ भाई। फिरे बंदि पग आसिष पाई।। कौसिक बामदेव जाबाली। पुरजन परिजन सचिव सुचाली।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
जथा जोगु करि बिनय प्रनामा। बिदा किए सब सानुज रामा।। नारि पुरुष लघु मध्य बड़ेरे। सब सनमानि कृपानिधि फेरे।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
भरत मातु पद बंदि प्रभु सुचि सनेहँ मिलि भेंटि। बिदा कीन्ह सजि पालकी सकुच सोच सब मेटि।।319।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 320

परिजन मातु पितहि मिलि सीता। फिरी प्रानप्रिय प्रेम पुनीता।। करि प्रनामु भेंटी सब सासू। प्रीति कहत कबि हियँ न हुलासू।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सुनि सिख अभिमत आसिष पाई। रही सीय दुहु प्रीति समाई।। रघुपति पटु पालकीं मगाईं। करि प्रबोधु सब मातु चढ़ाई।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बार बार हिलि मिलि दुहु भाई। सम सनेहँ जननी पहुँचाई।। साजि बाजि गज बाहन नाना। भरत भूप दल कीन्ह पयाना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
हृदयँ रामु सिय लखन समेता। चले जाहिं सब लोग अचेता।। बसह बाजि गज पसु हियँ हारें। चले जाहिं परबस मन मारें।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
गुर गुरतिय पद बंदि प्रभु सीता लखन समेत। फिरे हरष बिसमय सहित आए परन निकेत।।320।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 321

बिदा कीन्ह सनमानि निषादू। चलेउ हृदयँ बड़ बिरह बिषादू।। कोल किरात भिल्ल बनचारी। फेरे फिरे जोहारि जोहारी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रभु सिय लखन बैठि बट छाहीं। प्रिय परिजन बियोग बिलखाहीं।। भरत सनेह सुभाउ सुबानी। प्रिया अनुज सन कहत बखानी।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
प्रीति प्रतीति बचन मन करनी। श्रीमुख राम प्रेम बस बरनी।। तेहि अवसर खग मृग जल मीना। चित्रकूट चर अचर मलीना।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
बिबुध बिलोकि दसा रघुबर की। बरषि सुमन कहि गति घर घर की।। प्रभु प्रनामु करि दीन्ह भरोसो। चले मुदित मन डर न खरो सो।।
Chaupai
अर्थ / Meaning
सानुज सीय समेत प्रभु राजत परन कुटीर। भगति ग्यानु बैराग्य जनु सोहत धरें सरीर।।321।।
Doha
अर्थ / Meaning

Doha 322

मुनि महिसुर गुर भरत भुआलू। राम बिरहँ सबु साजु बिहालू।। प्रभु गुन ग्राम गनत मन माहीं। सब चुपचाप चले मग जाहीं।।
Chaupai
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जमुना उतरि पार सबु भयऊ। सो बासरु बिनु भोजन गयऊ।। उतरि देवसरि दूसर बासू। रामसखाँ सब कीन्ह सुपासू।।
Chaupai
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सई उतरि गोमतीं नहाए। चौथें दिवस अवधपुर आए। जनकु रहे पुर बासर चारी। राज काज सब साज सँभारी।।
Chaupai
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सौंपि सचिव गुर भरतहि राजू। तेरहुति चले साजि सबु साजू।। नगर नारि नर गुर सिख मानी। बसे सुखेन राम रजधानी।।
Chaupai
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राम दरस लगि लोग सब करत नेम उपबास। तजि तजि भूषन भोग सुख जिअत अवधि कीं आस।।322।।
Doha
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Doha 323

सचिव सुसेवक भरत प्रबोधे। निज निज काज पाइ पाइ सिख ओधे।। पुनि सिख दीन्ह बोलि लघु भाई। सौंपी सकल मातु सेवकाई।।
Chaupai
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भूसुर बोलि भरत कर जोरे। करि प्रनाम बय बिनय निहोरे।। ऊँच नीच कारजु भल पोचू। आयसु देब न करब सँकोचू।।
Chaupai
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परिजन पुरजन प्रजा बोलाए। समाधानु करि सुबस बसाए।। सानुज गे गुर गेहँ बहोरी। करि दंडवत कहत कर जोरी।।
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आयसु होइ त रहौं सनेमा। बोले मुनि तन पुलकि सपेमा।। समुझव कहब करब तुम्ह जोई। धरम सारु जग होइहि सोई।।
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सुनि सिख पाइ असीस बड़ि गनक बोलि दिनु साधि। सिंघासन प्रभु पादुका बैठारे निरुपाधि।।323।।
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Doha 324

राम मातु गुर पद सिरु नाई। प्रभु पद पीठ रजायसु पाई।। नंदिगावँ करि परन कुटीरा। कीन्ह निवासु धरम धुर धीरा।।
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जटाजूट सिर मुनिपट धारी। महि खनि कुस साँथरी सँवारी।। असन बसन बासन ब्रत नेमा। करत कठिन रिषिधरम सप्रेमा।।
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भूषन बसन भोग सुख भूरी। मन तन बचन तजे तिन तूरी।। अवध राजु सुर राजु सिहाई। दसरथ धनु सुनि धनदु लजाई।।
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तेहिं पुर बसत भरत बिनु रागा। चंचरीक जिमि चंपक बागा।। रमा बिलासु राम अनुरागी। तजत बमन जिमि जन बड़भागी।।
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राम पेम भाजन भरतु बड़े न एहिं करतूति। चातक हंस सराहिअत टेंक बिबेक बिभूति।।324।।
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Doha 325

देह दिनहुँ दिन दूबरि होई। घटइ तेजु बलु मुखछबि सोई।। नित नव राम प्रेम पनु पीना। बढ़त धरम दलु मनु न मलीना।।
Chaupai
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जिमि जलु निघटत सरद प्रकासे। बिलसत बेतस बनज बिकासे।। सम दम संजम नियम उपासा। नखत भरत हिय बिमल अकासा।।
Chaupai
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ध्रुव बिस्वास अवधि राका सी। स्वामि सुरति सुरबीथि बिकासी।। राम पेम बिधु अचल अदोषा। सहित समाज सोह नित चोखा।।
Chaupai
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भरत रहनि समुझनि करतूती। भगति बिरति गुन बिमल बिभूती।। बरनत सकल सुकचि सकुचाहीं। सेस गनेस गिरा गमु नाहीं।।
Chaupai
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नित पूजत प्रभु पाँवरी प्रीति न हृदयँ समाति।। मागि मागि आयसु करत राज काज बहु भाँति।।325।।
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Doha 326

पुलक गात हियँ सिय रघुबीरू। जीह नामु जप लोचन नीरू।। लखन राम सिय कानन बसहीं। भरतु भवन बसि तप तनु कसहीं।।
Chaupai
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दोउ दिसि समुझि कहत सबु लोगू। सब बिधि भरत सराहन जोगू।। सुनि ब्रत नेम साधु सकुचाहीं। देखि दसा मुनिराज लजाहीं।।
Chaupai
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परम पुनीत भरत आचरनू। मधुर मंजु मुद मंगल करनू।। हरन कठिन कलि कलुष कलेसू। महामोह निसि दलन दिनेसू।।
Chaupai
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पाप पुंज कुंजर मृगराजू। समन सकल संताप समाजू। जन रंजन भंजन भव भारू। राम सनेह सुधाकर सारू।।
Chaupai
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भरत चरित करि नेमु तुलसी जो सादर सुनहिं। सीय राम पद पेमु अवसि होइ भव रस बिरति।।326।।
Soratha
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उमा राम गुन गूढ़ पंडित मुनि पावहिं बिरति। पावहिं मोह बिमूढ़ जे हरि बिमुख न धर्म रति।।
Soratha
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