बालकाण्ड
दोहा 304
5 पद
Chaupai1 / 5
मंगल सगुन सुगम सब ताकें। सगुन ब्रह्म सुंदर सुत जाकें।।
राम सरिस बरु दुलहिनि सीता। समधी दसरथु जनकु पुनीता।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
मंगल-शगुन सब उनके सुगम (सुलभ) — जिनके सगुण ब्रह्म सुन्दर सुत। राम-सरिस वर — दुलहिनी सीता। समधी दशरथ-जनक पुनीत (पवित्र)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
All omens come easily to those whose son is Saguna Brahma in beautiful form. Rama is the groom, Sita the bride, Dasharatha and Janaka the pure wedding-hosts.
Chaupai2 / 5
सुनि अस ब्याहु सगुन सब नाचे। अब कीन्हे बिरंचि हम साँचे।।
एहि बिधि कीन्ह बरात पयाना। हय गय गाजहिं हने निसाना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
ऐसा विवाह सुनकर सब शगुन नाचे — (कहते) अब विरञ्चि (ब्रह्मा) ने हमें साँचे (सच्चे) किया। इस प्रकार बारात ने प्रयाण (यात्रा) किया — हय (घोड़े)-गज (हाथी) गरजते, निशान (नगाड़े) बजते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing of such a wedding, all the omens danced, saying: "Now Brahma has truly made us real!" In this manner the procession set forth; horses and elephants trumpeted and drums were beaten.
Chaupai3 / 5
आवत जानि भानुकुल केतू। सरितन्हि जनक बँधाए सेतू।।
बीच बीच बर बास बनाए। सुरपुर सरिस संपदा छाए।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भानुकुल (सूर्यवंश)-केतु (ध्वज = श्रीराम) आते जानकर — जनक ने नदियों पर सेतु (पुल) बनवाए। बीच-बीच में श्रेष्ठ विश्रामस्थल बनाए — सुरपुर (स्वर्ग)-सरिस सम्पदा छाई।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Knowing that the banner of the Solar dynasty was approaching, Janaka had bridges built over the rivers. At intervals, fine rest-camps were prepared, furnished with heavenly magnificence.
Chaupai4 / 5
असन सयन बर बसन सुहाए। पावहिं सब निज निज मन भाए।।
नित नूतन सुख लखि अनुकूले। सकल बरातिन्ह मंदिर भूले।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
अशन (भोजन), शयन (बिस्तर), श्रेष्ठ वसन (वस्त्र) सुहावने — सब अपने-अपने मनभाए पाते। नित नूतन (रोज नया) सुख — अनुकूल देखकर — सकल बारातियों ने मन्दिर (घर) भूले।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Fine food, bedding, excellent garments—each one received everything they desired. Finding ever-new comforts at every halt, the entire wedding party forgot their own homes.
Doha5 / 5
आवत जानि बरात बर सुनि गहगहे निसान।
सजि गज रथ पदचर तुरग लेन चले अगवान।।304।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
श्रेष्ठ बारात आती जानकर — गहगहे (गम्भीर) निशान (नगाड़े) सुनकर। गज (हाथी)-रथ-पदचर (पैदल)-तुरग (घोड़े) सजाकर — अगवान (स्वागत-दल) लेने चले।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Learning that the excellent wedding procession was approaching, and hearing the resounding drums, Janaka dispatched welcoming parties with elephants, chariots, foot-soldiers, and horses.