उत्तरकाण्ड
दोहा 105
6 पद
Chaupai1 / 6
गयउँ उजेनी सुनु उरगारी। दीन मलीन दरिद्र दुखारी।।
गएँ काल कछु संपति पाई। तहँ पुनि करउँ संभु सेवकाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) उज्जैन गया, सुनो हे उरगारि (गरुड़)! — दीन, मलीन, दरिद्र, दुखी। समय बीतने पर कुछ सम्पत्ति पाई।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gayauṃ ujenī sunu uragārī. dīna malīna daridra dukhārī.
gaeṃ kāla kachu sampati pāī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'I went to Ujjain, hear me O enemy of serpents — poor, wretched, miserable, and suffering. In time, I gained some wealth.'
Chaupai2 / 6
बिप्र एक बैदिक सिव पूजा। करइ सदा तेहि काजु न दूजा।।
परम साधु परमारथ बिंदक। संभु उपासक नहिं हरि निंदक।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) एक ब्राह्मण — वैदिक विधि से शिव-पूजा करता। सदा वही एक कार्य — कोई दूसरा नहीं। परम साधु, परमार्थ (में रत)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bipra eka baidika siva pūjā. karai sadā tehi kāju na dūjā.
parama sādhu paramāratha bi
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'There was a Brahmin who performed Vedic worship of Shiva — he did nothing else. Supremely virtuous, devoted to the highest truth.'
Chaupai3 / 6
तेहि सेवउँ मैं कपट समेता। द्विज दयाल अति नीति निकेता।।
बाहिज नम्र देखि मोहि साईं। बिप्र पढ़ाव पुत्र की नाईं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) उनकी सेवा मैंने कपट सहित की। ब्राह्मण दयालु — नीति के निकेत (भण्डार)। बाहरी नम्रता देखकर (प्रसन्न)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
tehi sevauṃ maiṃ kapaṭa sametā. dvija dayāla ati nīti niketā.
bāhija namra dekhi
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'I served him with deceit. The Brahmin was compassionate and a repository of righteousness. Seeing my outward humility, he was pleased.'
Chaupai4 / 6
संभु मंत्र मोहि द्विजबर दीन्हा। सुभ उपदेस बिबिध बिधि कीन्हा।।
जपउँ मंत्र सिव मंदिर जाई। हृदयँ दंभ अहमिति अधिकाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) शम्भु (शिव) का मन्त्र ब्राह्मण ने दिया। शुभ उपदेश विविध प्रकार से किया। मैं मन्त्र जपता — पर (कपटी हृदय)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sambhu mantra mohi dvijabara dīnhā. subha upadesu bibidha bidhi kīnhā.
japauṃ mantra
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'The Brahmin gave me the Shambhu mantra and instructed me in many auspicious ways. I chanted the mantra but with a deceitful heart.'
Soratha5 / 6
मैं खल मल संकुल मति नीच जाति बस मोह।
हरि जन द्विज देखें जरउँ करउँ बिष्नु कर द्रोह।।105(क)।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) मैं दुष्ट, मल-संकुल (पाप से भरी) बुद्धि — नीच जाति, मोह के वश। श्रीहरि के भक्त या ब्राह्मण देखकर जलता — विष्णु-सेवकों से द्वेष।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
maiṃ khala mala saṃkula mati nīca jāti basa moha.
hari jana dvija dekheṃ jarauṃ karauṃ biṣṇu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'I was wicked, impure of mind, low-born, and enslaved by delusion. Seeing a devotee of Hari or a Brahmin, I would burn with envy and harm Vishnu's servants.'
Soratha6 / 6
गुर नित मोहि प्रबोध दुखित देखि आचरन मम।
मोहि उपजइ अति क्रोध दंभिहि नीति कि भावई।।105(ख)।।