अयोध्याकाण्ड

दोहा 126

5 पद

Chaupai1 / 5
देखि पाय मुनिराय तुम्हारे। भए सुकृत सब सुफल हमारे।। अब जहँ राउर आयसु होई। मुनि उदबेगु न पावै कोई।।
हिन्दी अर्थ देखें
(श्रीराम ने कहा) मुनिराय! आपके पैर देखकर — सब सुकृत (पुण्य) सफल हुए हमारे। अब जहाँ आपकी आज्ञा हो — मुनि-तापस किसी को उद्वेग (कष्ट) न हो।
रोमन लिप्यंतरण देखें
dekhi pāya munirāya tumhāre. bhae sukṛta saba suphala hamāre. aba jahaṃ rāura āyasu hoī. ma
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Seeing your feet, O great sage, all our good deeds have borne fruit. Now wherever your command directs — where shall I go?'
Chaupai2 / 5
मुनि तापस जिन्ह तें दुखु लहहीं। ते नरेस बिनु पावक दहहीं।। मंगल मूल बिप्र परितोषू। दहइ कोटि कुल भूसुर रोषू।।
हिन्दी अर्थ देखें
(श्रीराम ने कहा) मुनि-तापस जिनके कारण दुख पाएँ — वे नरेश (राजा) बिना पावक (अग्नि) जलते। मंगल-मूल (शुभ-कारण) — विप्र (ब्राह्मण)-परितोष (सन्तुष्टि)। कोटि (करोड़ों) कुल — भूसुर (ब्राह्मण)-रोष दहन करता।
रोमन लिप्यंतरण देखें
muni tāpasa jinha teṃ dukhu lahahīṃ. te naresa binu pāvaka dahahīṃ. maṃgala mūla bipra para
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Sages and ascetics who suffer because of a king — that king is consumed by fire without flame. Brahmins are the root of all auspiciousness.'
Chaupai3 / 5
अस जियँ जानि कहिअ सोइ ठाऊँ। सिय सौमित्रि सहित जहँ जाऊँ।। तहँ रचि रुचिर परन तृन साला। बासु करौ कछु काल कृपाला।।
हिन्दी अर्थ देखें
(श्रीराम ने कहा) ऐसा जी (मन) में जानकर — वही ठाँव (स्थान) कहो — सीता-सौमित्रि (लक्ष्मण) सहित जहाँ जाऊँ। वहाँ रुचिर (सुन्दर) पर्ण (पत्ते)-तृण (घास) शाला (झोपड़ी) रचकर — कुछ काल निवास करूँ, कृपालु!
रोमन लिप्यंतरण देखें
asa jiyaṃ jāni kahia soi ṭhāūṃ. siya saumitri sahita jahaṃ jāūṃ. tahaṃ raci rucira parana
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Knowing this, tell me a place where I may go with Sita and Lakshmana. Where I can build a beautiful leaf-hut.'
Chaupai4 / 5
सहज सरल सुनि रघुबर बानी। साधु साधु बोले मुनि ग्यानी।। कस न कहहु अस रघुकुलकेतू। तुम्ह पालक संतत श्रुति सेतू।।
हिन्दी अर्थ देखें
रघुवर की सहज सरल वाणी सुनकर — ज्ञानी मुनि बोले — 'साधु! साधु!' (कहा) कैसे नहीं कहो ऐसा, रघुकुलकेतु (रघुवंश-ध्वज)! तुम सन्तत (सदा) श्रुति (वेद)-सेतु (मर्यादा) पालक।
रोमन लिप्यंतरण देखें
sahaja sarala suni raghubara bānī. sādhu sādhu bole muni gyānī. kasa na kahahu asa raghukulake
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Hearing Raghubir's naturally simple words, the wise sage said: 'Well said! How could the Jewel of the Raghu dynasty speak otherwise?'
Soratha5 / 5
राम सरूप तुम्हार बचन अगोचर बुद्धिपर। अबिगत अकथ अपार नेति नेति नित निगम कह।।126।।
हिन्दी अर्थ देखें
हे राम! आपका स्वरूप वाणी के अगोचर और बुद्धि से परे है। अव्यक्त, अकथनीय और अपार है — वेद सदा उसे 'नेति-नेति' कहकर वर्णन करते हैं।
रोमन लिप्यंतरण देखें
rāma sarūpa tumhāra bacana agocara buddhipara. abigata akatha apāra neti neti nita nigama kaha.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Your Being, O Rama, is beyond the range of speech and beyond conception — unknown, unutterable and infinite; the Vedas ever speak of It as 'not that, not that.'

Read this doha in English →