अयोध्याकाण्ड
दोहा 79
5 पद
Chaupai1 / 5
सीय सकुच बस उतरु न देई। सो सुनि तमकि उठी कैकेई।।
मुनि पट भूषन भाजन आनी। आगें धरि बोली मृदु बानी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सीता सकुच (संकोच) वश उत्तर नहीं देतीं। सुनकर तमककर (क्रोध से) उठी कैकेयी। मुनि-पट (तपस्वी-वस्त्र), भूषण (आभूषण), भाजन (बर्तन) लाकर — आगे रखकर मृदु (कोमल) वाणी बोली।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sīya sakuca basa utaru na deī. so suni tamaki uṭhī kaikeyī.
muni paṭa bhūṣana bhājana ānī. āgeṃ dhari
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Sita was too shy to answer. Hearing this, Kaikeyi rose angrily. She brought ascetic garments, ornaments, and vessels and placed them before Rama.
Chaupai2 / 5
नृपहि प्रान प्रिय तुम्ह रघुबीरा। सील सनेह न छाड़िहि भीरा।।
सुकृत सुजसु परलोकु नसाऊ। तुम्हहि जान बन कहिहि न काऊ।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(कैकेयी ने कहा) नृप (राजा) को प्राणप्रिय तुम, रघुवीर! शील-स्नेह — भीरा (कायरता) नहीं छोड़ेगा। सुकृत (पुण्य), सुयश, परलोक नष्ट होगा — तुम्हें वन जाने कभी नहीं कहेगा।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
nṛpahi prāna priya tumha raghubīrā. sīla saneha na chāḍihi bhīrā.
sukṛta sujasu paraloku nasa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'O Raghubir, dearer to the king than life — your natural virtue and love will not let you waver. Your merit, fame, and afterlife will be destroyed if you delay.'
Chaupai3 / 5
अस बिचारि सोइ करहु जो भावा। राम जननि सिख सुनि सुखु पावा।।
भूपहि बचन बानसम लागे। करहिं न प्रान पयान अभागे।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(कैकेयी ने कहा) ऐसा विचारकर — जो भाए — करो। राम-जननी (कौसल्या) ने शिक्षा (सलाह) सुनकर सुख पाया। भूप (राजा) को वचन बाण-सम लगे। अभागे प्राण प्रयाण (यात्रा) नहीं करते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
asa bicāri soi karahu jo bhāvā. rāma jananī sikha suni sukhu pāvā.
bhūpahi bacana bānasama lāge.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Considering this, do what you please.' Rama's mother (Kausalya) found comfort in this advice. But the words struck the king like arrows.
Chaupai4 / 5
लोग बिकल मुरुछित नरनाहू। काह करिअ कछु सूझ न काहू।।
रामु तुरत मुनि बेषु बनाई। चले जनक जननिहि सिरु नाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
लोग विकल (व्याकुल) — नरनाह (राजा) मूर्छित। किसी को कुछ सूझता नहीं — क्या करें? राम ने तुरन्त मुनि-वेष (तपस्वी-वस्त्र) बनाकर (पहनकर) — जनक (पिता)-जननी (माता) को सिर नवाकर चले।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
loga bikala muruchita naranāhū. kāha karia kachu sūjha na kāhū.
rāmu turata muni beṣu banāī. cale
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The people were distraught, the king fainted — no one knew what to do. Rama quickly donned the ascetic garb and set forth.
Doha5 / 5
सजि बन साजु समाजु सबु बनिता बंधु समेत।
बंदि बिप्र गुर चरन प्रभु चले करि सबहि अचेत।।79।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
वन-साज-समाज (तैयारी) सब सजकर — बनिता (पत्नी)-बन्धु (भाई) समेत। विप्र (ब्राह्मण)-गुरु-चरण वन्दन करके — प्रभु चले — सबको अचेत (स्तब्ध) करके।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
saji bana sāju samāju sabu banitā bandhu sameta.
bandi bipra gura carana prabhu cale kari sabahi ace
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Preparing the forest attire, along with His wife and brother, bowing to the Brahmins and Guru's feet, the Lord departed, leaving all stunned.