बालकाण्ड
दोहा 171
5 पद
Chaupai1 / 5
तापस नृप निज सखहि निहारी। हरषि मिलेउ उठि भयउ सुखारी।।
मित्रहि कहि सब कथा सुनाई। जातुधान बोला सुख पाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
तापस-नृप ने अपने सखा (मित्र) को निहारकर (देखकर) — हर्षित होकर उठकर मिला, सुखी हुआ। मित्र को सब कथा सुनाई — जातुधान (राक्षस) सुख पाकर बोला।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The ascetic-king, seeing his friend, rose joyfully to embrace him. He told his friend the whole story, and the demon spoke with delight.
Chaupai2 / 5
अब साधेउँ रिपु सुनहु नरेसा। जौं तुम्ह कीन्ह मोर उपदेसा।।
परिहरि सोच रहहु तुम्ह सोई। बिनु औषध बिआधि बिधि खोई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राक्षस ने कहा) अब रिपु (शत्रु) को साधा (फँसाया) — सुनो, नरेश (राजा)! यदि तुमने मेरा उपदेश माना। सोच (चिन्ता) छोड़कर रहो — बिना औषध विधि (भाग्य) ने व्याधि (रोग) खोई (मिटाई)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Now I have ensnared the enemy — listen, O King — if you have followed my advice. Set aside your worry and rest easy; without medicine, fate itself shall cure the disease.'
Chaupai3 / 5
कुल समेत रिपु मूल बहाई। चौथे दिवस मिलब मैं आई।।
तापस नृपहि बहुत परितोषी। चला महाकपटी अतिरोषी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राक्षस ने कहा) कुल समेत रिपु (शत्रु) को मूल (जड़) से बहाऊँगा — चौथे दिवस (दिन) मैं आकर मिलूँगा। तापस-नृप को बहुत परितोषित (सन्तुष्ट) करके — महाकपटी, अत्यन्त क्रोधी चला।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'I shall uproot the enemy along with his entire clan. On the fourth day I shall return to meet you.' The demon greatly reassured the ascetic-king and departed — the great deceiver, filled with rage.
Chaupai4 / 5
भानुप्रतापहि बाजि समेता। पहुँचाएसि छन माझ निकेता।।
नृपहि नारि पहिं सयन कराई। हयगृहँ बाँधेसि बाजि बनाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भानुप्रताप (प्रतापभानु) को बाजि (घोड़ा) समेत — क्षण में निकेत (घर) पहुँचा दिया। नृप को नारी (पत्नी) के पास शयन कराया — हयगृह (अस्तबल) में बाजि (घोड़ा) बनाकर (सजाकर) बाँधा।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He transported Pratapabhanu along with his horse to his palace in an instant. He put the king to sleep beside his queen and tied the horse carefully in the stable.
Doha5 / 5
राजा के उपरोहितहि हरि लै गयउ बहोरि।
लै राखेसि गिरि खोह महुँ मायाँ करि मति भोरि।।171।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
राजा के उपरोहित (पुरोहित) को हरि (उठाकर) ले गया — फिर। गिरि-खोह (पर्वत-गुफा) में लाकर रखा — माया से मति (बुद्धि) भोरि (भ्रमित) करके।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Then he carried away the king's family priest, took him far off, and placed him in a mountain cave, confusing his mind with his magic.