बालकाण्ड

दोहा 180

5 पद

Chaupai1 / 5
सुख संपति सुत सेन सहाई। जय प्रताप बल बुद्धि बड़ाई।। नित नूतन सब बाढ़त जाई। जिमि प्रतिलाभ लोभ अधिकाई।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुख, सम्पत्ति, पुत्र, सेना, सहायक। जय, प्रताप, बल, बुद्धि, बड़ाई (यश)। नित नूतन (रोज) सब बढ़ते जाते — जैसे प्रतिलाभ (हर लाभ) पर लोभ अधिक।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Happiness, wealth, sons, armies, allies, victory, glory, strength, and intellect — all kept growing day by day, just as greed increases with every gain.
Chaupai2 / 5
अतिबल कुंभकरन अस भ्राता। जेहि कहुँ नहिं प्रतिभट जग जाता।। करइ पान सोवइ षट मासा। जागत होइ तिहुँ पुर त्रासा।।
हिन्दी अर्थ देखें
अतिबल कुम्भकर्ण — ऐसा भ्राता (भाई) — जिसका जग में कोई प्रतिभट (प्रतिद्वन्द्वी) नहीं। पान (मदिरा पीकर) सोता छह मास — जागते ही तीनों पुरों (लोकों) में त्रास (भय)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
He had a supremely powerful brother, Kumbhakarna, who had no rival in all the world. He would drink and sleep for six months; when he woke, all three worlds trembled in fear.
Chaupai3 / 5
जौं दिन प्रति अहार कर सोई। बिस्व बेगि सब चौपट होई।। समर धीर नहिं जाइ बखाना। तेहि सम अमित बीर बलवाना।।
हिन्दी अर्थ देखें
यदि दिन-प्रति (रोज) आहार करे — विश्व शीघ्र सब चौपट (नष्ट) होता। समर (युद्ध) में धीर (वीर) — वर्णन नहीं हो सकता। उसके समान अमित (अगणित) वीर बलवान।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
If he were to eat daily, the whole world would quickly be destroyed. His courage in battle was beyond description; countless warriors of equal valor served under him.
Chaupai4 / 5
बारिदनाद जेठ सुत तासू। भट महुँ प्रथम लीक जग जासू।। जेहि न होइ रन सनमुख कोई। सुरपुर नितहिं परावन होई।।
हिन्दी अर्थ देखें
बारिदनाद (मेघनाद) — उसका ज्येष्ठ (बड़ा) पुत्र। भटों (योद्धाओं) में प्रथम — जग में जिसकी लीक (प्रसिद्धि)। जिसके सम्मुख रण (युद्ध) में कोई नहीं ठहरता — सुरपुर (देवलोक) में नित्य पलायन होता।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Meghnad was Ravana's eldest son, renowned as the foremost among warriors in the world. None could stand before him in battle; the city of the gods was always under threat of invasion.
Doha5 / 5
कुमुख अकंपन कुलिसरद धूमकेतु अतिकाय। एक एक जग जीति सक ऐसे सुभट निकाय।।180।।
हिन्दी अर्थ देखें
कुमुख, अकम्पन, कुलिशरद, धूमकेतु, अतिकाय — एक-एक जग जीत सके — ऐसे सुभट (योद्धाओं) का निकाय (समूह)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Kumukha, Akampana, Kulishrada, Dhumaketu, and Atikaya — each one alone could conquer the world. Such was his host of mighty warriors.

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