बालकाण्ड

दोहा 249

5 पद

Chaupai1 / 5
राम रूपु अरु सिय छबि देखें। नर नारिन्ह परिहरीं निमेषें।। सोचहिं सकल कहत सकुचाहीं। बिधि सन बिनय करहिं मन माहीं।।
हिन्दी अर्थ देखें
राम-रूप और सीता-छबि देखकर — नर-नारियों ने निमेष (पलक) परिहरी (छोड़ दी = झपकना बन्द)। सब सोचते — कहते सकुचाते — मन में विधि (ब्रह्मा) से विनती करते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Seeing Rama's beauty and Sita's grace, men and women alike stopped blinking. Everyone worried but was too shy to speak openly; in their hearts they prayed to the Creator.
Chaupai2 / 5
हरु बिधि बेगि जनक जड़ताई। मति हमारि असि देहि सुहाई।। बिनु बिचार पनु तजि नरनाहु। सीय राम कर करै बिबाहू।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लोगों ने मन में कहा) हे विधि (ब्रह्मा)! शीघ्र जनक की जड़ता (मूर्खता) हरो — हमारी ऐसी सुहावनी मति (बुद्धि) दो। बिना विचार पण (प्रतिज्ञा) त्यागकर नरनाह (राजा) — सीता-राम का विवाह करे।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'O Creator, quickly remove Janaka's stubbornness and grant us this happy wisdom: let the king abandon his vow without further thought and arrange the marriage of Sita and Rama.'
Chaupai3 / 5
जग भल कहहि भाव सब काहू। हठ कीन्हे अंतहुँ उर दाहू।। एहिं लालसाँ मगन सब लोगू। बरु साँवरो जानकी जोगू।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लोगों ने सोचा) जग (संसार) भला कहेगा — सबका भाव (इच्छा) है। हठ करने से अन्त में उर (हृदय) दाहू (जलन)। इस लालसा में सब लोग मग्न — (कहते) श्यामल (साँवला) वर (दूल्हा) — जानकी-योग्य।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'The world will call it good, and it is everyone's wish. Stubbornness in the end only brings heartache.' All the people were immersed in this longing: 'The dark-complexioned groom is worthy of Janaki.'
Chaupai4 / 5
तब बंदीजन जनक बौलाए। बिरिदावली कहत चलि आए।। कह नृप जाइ कहहु पन मोरा। चले भाट हियँ हरषु न थोरा।।
हिन्दी अर्थ देखें
तब जनक ने बन्दीजन (स्तुतिपाठकों) को बुलाया — विरिदावली (यशोगाथा) कहते चले आए। नृप (राजा) ने कहा — जाकर मेरा पण (प्रतिज्ञा) कहो। भाट (चारण) चले — हृदय में कम नहीं हर्ष।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Then Janaka summoned his heralds. They came forward reciting his glories. The king said, 'Go and proclaim my vow.' The bards departed, their hearts filled with no little delight.
Doha5 / 5
बोले बंदी बचन बर सुनहु सकल महिपाल। पन बिदेह कर कहहिं हम भुजा उठाइ बिसाल।।249।।
हिन्दी अर्थ देखें
बन्दी (स्तुतिपाठक) श्रेष्ठ वचन बोले — (कहा) सुनो, सकल महीपाल (राजा)! विदेह (जनक) का पण (प्रतिज्ञा) कहते हैं — विशाल भुजा उठाकर।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
The heralds proclaimed in fine words, 'Hear, all ye kings! We declare the vow of Videha, raising our mighty arms.'

Read this doha in English →