बालकाण्ड

दोहा 292

5 पद

Chaupai1 / 5
पूछन जोगु न तनय तुम्हारे। पुरुषसिंघ तिहु पुर उजिआरे।। जिन्ह के जस प्रताप कें आगे। ससि मलीन रबि सीतल लागे।।
हिन्दी अर्थ देखें
(दूतों ने कहा) आपके तनय (पुत्र) पूछने योग्य नहीं (अर्थात् उनकी महिमा शब्दों से परे) — पुरुषसिंह (नरश्रेष्ठ) — तीनों पुर (लोकों) के उजियारे (प्रकाश)। जिनके यश-प्रताप के आगे — शशि (चन्द्रमा) मलीन, रवि (सूर्य) शीतल लगते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
"Your sons are beyond questioning—they are lions among men, illuminating the three worlds. Before their glory and might, the moon appears dim and the sun feels cool."
Chaupai2 / 5
तिन्ह कहँ कहिअ नाथ किमि चीन्हे। देखिअ रबि कि दीप कर लीन्हे।। सीय स्वयंबर भूप अनेका। समिटे सुभट एक तें एका।।
हिन्दी अर्थ देखें
(दूतों ने कहा) उन्हें कहें — नाथ! कैसे चीन्हे (पहचाने)? दीपक लेकर रवि (सूर्य) देखा जाता क्या? सीता-स्वयंवर में अनेक भूप (राजा) — एक से एक सुभट (योद्धा) समिटे (एकत्र हुए)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
"How can we say, O Lord, that we recognized them? Can the sun be seen by lamplight? At Sita's swayamvara, numerous kings assembled, each warrior mightier than the last."
Chaupai3 / 5
संभु सरासनु काहुँ न टारा। हारे सकल बीर बरिआरा।। तीनि लोक महँ जे भटमानी। सभ कै सकति संभु धनु भानी।।
हिन्दी अर्थ देखें
(दूतों ने कहा) शम्भु (शिव)-सरासन (धनुष) किसी ने नहीं टारा (हिलाया)। सब वीर, बलवान हारे। तीनों लोकों में जो भटमानी (गर्वीले योद्धा) — सबकी शक्ति शम्भु-धनुष ने भानी (नष्ट की)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
"No one could move Shiva's bow. All the brave and mighty heroes were defeated. Every warrior in the three worlds who prided himself on his valor—Shiva's bow shattered the pride of them all."
Chaupai4 / 5
सकइ उठाइ सरासुर मेरू। सोउ हियँ हारि गयउ करि फेरू।। जेहि कौतुक सिवसैलु उठावा। सोउ तेहि सभाँ पराभउ पावा।।
हिन्दी अर्थ देखें
(दूतों ने कहा) जो सुर-असुर-मेरु (पर्वत) उठा सके — वह भी हृदय में हारकर फेरू (लौटकर) गया। जिसने कौतुक (खेल) से शिव-शैल (कैलास) उठाया — वह भी उस सभा में पराभव (पराजय) पाया।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
"Even one who could lift Mount Meru, the king of mountains, went back defeated in his heart. Even he who had playfully lifted Mount Kailasha met defeat in that assembly."
Doha5 / 5
तहाँ राम रघुबंस मनि सुनिअ महा महिपाल। भंजेउ चाप प्रयास बिनु जिमि गज पंकज नाल।।292।।
हिन्दी अर्थ देखें
(दूतों ने कहा) वहाँ राम — रघुवंश-मणि — सुनो, महामहीपाल (महाराज)! चाप (धनुष) भंजा (तोड़ा) — प्रयास (मेहनत) बिना — जैसे गज (हाथी) पंकज (कमल)-नाल (डण्ठल) तोड़े।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
"There, Rama, the jewel of the Raghu dynasty—hear this, O great king—broke the bow effortlessly, as an elephant snaps a lotus stalk."

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