बालकाण्ड
दोहा 298
5 पद
Chaupai1 / 5
भूप भरत पुनि लिए बोलाई। हय गय स्यंदन साजहु जाई।।
चलहु बेगि रघुबीर बराता। सुनत पुलक पूरे दोउ भ्राता।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भूप (राजा) ने भरत को फिर बुलाकर (कहा) — हय (घोड़े), गय (हाथी), स्यन्दन (रथ) जाकर सजाओ। शीघ्र चलो — रघुवीर-बराता (बारात)! सुनते ही दोनों भ्राता (भरत-शत्रुघ्न) पुलक (रोमांच) से पूरे हुए।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The king then summoned Bharata and said: "Go and prepare the horses, elephants, and chariots. Set out quickly with Raghubira's wedding procession!" Hearing this, both brothers thrilled with joy.
Chaupai2 / 5
भरत सकल साहनी बोलाए। आयसु दीन्ह मुदित उठि धाए।।
रचि रुचि जीन तुरग तिन्ह साजे। बरन बरन बर बाजि बिराजे।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भरत ने सकल साहनी (अश्वपाल) बुलाए — आज्ञा दी — मुदित (प्रसन्न) उठकर दौड़े। रुचि (सुन्दर) जीन (काठी) रचकर तुरग (घोड़े) सजाए — वर्ण-वर्ण (अनेक रंगों) के श्रेष्ठ घोड़े विराजे।
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Bharata summoned all the stable-masters and gave the order; they rose joyfully and rushed to prepare. They fitted beautiful saddles and adorned the horses; steeds of various colors shone magnificently.
Chaupai3 / 5
सुभग सकल सुठि चंचल करनी। अय इव जरत धरत पग धरनी।।
नाना जाति न जाहिं बखाने। निदरि पवनु जनु चहत उड़ाने।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सब सुभग (सुन्दर) — सुठि (अत्यन्त) चंचल करनी (चाल)। अय (लोहे) जैसे जलती — धरती पग (पैर) धरनी (पृथ्वी पर)। नाना जाति — वर्णन नहीं हो सकता। पवन (वायु) को निदरकर (तुच्छ जानकर) मानो उड़ना चाहते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
All were handsome and extremely spirited in gait, striking sparks from the ground as if made of iron. Of countless breeds beyond description, they seemed to scorn the wind, wanting to fly.
Chaupai4 / 5
तिन्ह सब छयल भए असवारा। भरत सरिस बय राजकुमारा।।
सब सुंदर सब भूषनधारी। कर सर चाप तून कटि भारी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
उन सब पर छैल (सजीले) असवार (सवार) हुए — भरत-सरिस (समान) वय (आयु) के राजकुमार। सब सुन्दर, सब भूषणधारी — कर (हाथ) में सर (बाण)-चाप (धनुष), कटि (कमर) पर भारी तून (तरकश)।
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All those gallant riders mounted them—royal princes of Bharata's own age. All were handsome, all wore ornaments, with arrows, bows, quivers, and heavy swords at their waists.
Doha5 / 5
छरे छबीले छयल सब सूर सुजान नबीन।
जुग पदचर असवार प्रति जे असिकला प्रबीन।।298।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
छरे (सजे), छबीले (सुन्दर), छैल (छैले) — सब शूर (वीर), सुजान (बुद्धिमान), नवीन (युवा)। दो पदचर (पैदल सैनिक) प्रति (प्रत्येक) असवार (सवार) — जो असिकला (तलवारबाजी) में प्रवीण।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Charming, handsome, and gallant, all were brave, skilled, and young. For every horseman, there were two foot-soldiers, all expert in swordsmanship.