बालकाण्ड
दोहा 297
5 पद
Chaupai1 / 5
जहँ तहँ जूथ जूथ मिलि भामिनि। सजि नव सप्त सकल दुति दामिनि।।
बिधुबदनीं मृग सावक लोचनि। निज सरुप रति मानु बिमोचनि।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
जहाँ-तहाँ जूथ-जूथ (समूह) मिलकर भामिनी (स्त्रियाँ) — सज-नव (नवीन श्रृंगार) — सप्त (सात प्रकार) सकल दुति (कान्ति) दामिनी (बिजली जैसी)। विधुबदनी (चन्द्रमुखी), मृग-सावक (हिरन-शावक) लोचनी (नेत्रों वाली)। निज सरूप — रति (कामदेव-पत्नी) का मान बिमोचनी (नाश करने वाली)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Here and there groups of women gathered, adorned in fresh bridal finery, their radiance outshining lightning. Moon-faced and doe-eyed, their beauty would make Rati abandon her pride.
Chaupai2 / 5
गावहिं मंगल मंजुल बानीं। सुनिकल रव कलकंठि लजानीं।।
भूप भवन किमि जाइ बखाना। बिस्व बिमोहन रचेउ बिताना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
मंजुल (मधुर) वाणी में मंगल गातीं — सुनकर कल (मधुर) रव — कलकंठि (कोयल) लजातीं। भूप-भवन (राजमहल) कैसे बखानें? विश्व-विमोहन (संसार-मोहित करने वाला) वितान (शामियाना) रचा।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
They sang sweet auspicious songs; hearing their melodious voices, even the cuckoo felt ashamed. Who can describe the king's palace? A canopy was erected that would enchant the whole world.
Chaupai3 / 5
मंगल द्रब्य मनोहर नाना। राजत बाजत बिपुल निसाना।।
कतहुँ बिरिद बंदी उच्चरहीं। कतहुँ बेद धुनि भूसुर करहीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
मंगल-द्रव्य (शुभ सामग्री) मनोहर नाना — राजत (शोभित), बाजत विपुल (अनेक) निशान (नगाड़े)। कहीं बन्दी विरुद (यशोगाथा) उच्चारते — कहीं भूसुर (ब्राह्मण) वेद-ध्वनि करते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Many kinds of auspicious articles shone beautifully; numerous drums sounded. Somewhere bards proclaimed titles of glory; somewhere Brahmins chanted Vedic hymns.
Chaupai4 / 5
गावहिं सुंदरि मंगल गीता। लै लै नामु रामु अरु सीता।।
बहुत उछाहु भवनु अति थोरा। मानहुँ उमगि चला चहु ओरा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सुन्दरियाँ मंगल-गीत गातीं — 'राम' और 'सीता' नाम ले-लेकर। बहुत उछाह (उत्साह) — भवन (महल) अत्यन्त छोटा (लगता)। मानो उमगकर (उमड़कर) चारों ओर चला (बह रहा)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Beautiful women sang auspicious songs, invoking the names of Rama and Sita again and again. Such immense joy, and the palace seemed too small—as if overflowing in all four directions.
Doha5 / 5
सोभा दसरथ भवन कइ को कबि बरनै पार।
जहाँ सकल सुर सीस मनि राम लीन्ह अवतार।।297।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
दशरथ-भवन की शोभा — कौन कवि पार (पूर्ण) वर्णन करे? जहाँ सकल सुर (देवताओं) के शीश-मणि (शिरोमणि) राम ने अवतार लिया।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Who can describe the full beauty of Dasharatha's palace, where Rama—the crest-jewel of all the gods—had taken his incarnation?