बालकाण्ड

दोहा 296

5 पद

Chaupai1 / 5
कहत चले पहिरें पट नाना। हरषि हने गहगहे निसाना।। समाचार सब लोगन्ह पाए। लागे घर घर होने बधाए।।
हिन्दी अर्थ देखें
नाना पट (वस्त्र) पहनकर कहते चले — हर्षित होकर गहगहे (गम्भीर) निशान (नगाड़े) बजाए। समाचार सब लोगों ने पाए — घर-घर बधाइयाँ होने लगीं।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Donning various garments, they went about singing. The drums were struck with great enthusiasm. All the people received the news, and celebrations began in every home.
Chaupai2 / 5
भुवन चारि दस भरा उछाहू। जनकसुता रघुबीर बिआहू।। सुनि सुभ कथा लोग अनुरागे। मग गृह गलीं सँवारन लागे।।
हिन्दी अर्थ देखें
चौदहों भुवनों (लोकों) में उछाह (उत्साह) भरा — जनकसुता-रघुवीर विवाह। शुभ कथा सुनकर लोग अनुरागे (प्रेममग्न) — मग (सड़क), गृह (घर), गलियाँ सँवारने लगे।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
The fourteen worlds were filled with joy: the marriage of Janaka's daughter to the hero of the Raghus! Hearing the auspicious story, the people were delighted and began decorating the streets and homes.
Chaupai3 / 5
जद्यपि अवध सदैव सुहावनि। राम पुरी मंगलमय पावनि।। तदपि प्रीति कै प्रीति सुहाई। मंगल रचना रची बनाई।।
हिन्दी अर्थ देखें
यद्यपि अवध (अयोध्या) सदैव सुहावनी — राम-पुरी, मंगलमय, पावनी (पवित्र)। तदपि प्रीति की प्रीति सुहाई — मंगल-रचना बनाकर रची।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Although Ayodhya was always beautiful—the city of Rama, auspicious and holy—still, out of love, a special festive decoration was arranged with great care.
Chaupai4 / 5
ध्वज पताक पट चामर चारु। छावा परम बिचित्र बजारू।। कनक कलस तोरन मनि जाला। हरद दूब दधि अच्छत माला।।
हिन्दी अर्थ देखें
ध्वज (झण्डे), पताक (पताकाएँ), पट (वस्त्र), चामर (चँवर) — सुन्दर। परम विचित्र बाजार छाया (सजा)। कनक (सोने) कलश, तोरण (बन्दनवार), मणि-जाल (रत्नों की माला)। हरद (हल्दी), दूब (दूर्वा), दधि (दही), अक्षत (चावल), माला।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Flags, banners, fine cloths, and beautiful whisks adorned the extraordinarily decorated marketplace. Golden pots, arched gateways with strings of gems, turmeric, sacred grass, curds, unbroken rice, and garlands were everywhere.
Doha5 / 5
मंगलमय निज निज भवन लोगन्ह रचे बनाइ। बीथीं सीचीं चतुरसम चौकें चारु पुराइ।।296।।
हिन्दी अर्थ देखें
मंगलमय अपने-अपने भवन (घर) लोगों ने बनाकर रचे। गलियाँ सींचीं (छिड़काव किया) — चतुरसम (चौकोर) — सुन्दर चौकें (रंगोली) पूरीं।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Everyone decorated their homes auspiciously. The streets were sprinkled clean and beautiful squares were filled with lovely designs.

Read this doha in English →