बालकाण्ड
दोहा 328
5 पद
Chaupai1 / 5
पुनि जेवनार भई बहु भाँती। पठए जनक बोलाइ बराती।।
परत पाँवड़े बसन अनूपा। सुतन्ह समेत गवन कियो भूपा।।
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फिर बहुत भाँति की भोजन-व्यवस्था हुई — जनक ने बारातियों को बुलवा भेजा। अनूप (अनुपम) वसन (वस्त्र) के पाँवड़े (कालीन) बिछते — सुतों समेत भूप (राजा दशरथ) ने गमन किया।
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Then a grand feast of many kinds was arranged; Janaka invited the wedding party. As fine carpets were spread, the king proceeded with his sons.
Chaupai2 / 5
सादर सबके पाय पखारे। जथाजोगु पीढ़न्ह बैठारे।।
धोए जनक अवधपति चरना। सीलु सनेहु जाइ नहिं बरना।।
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सादर सबके पाँव पखारे (धोए) — यथायोग्य पीढ़ों (आसनों) पर बैठाया। जनक ने अवधपति (दशरथ) के चरण धोए — शील-स्नेह वर्णन नहीं हो सकता।
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Respectfully, Janaka washed the feet of all and seated each according to rank. He himself washed Dasharatha's feet—his grace and affection are beyond words.
Chaupai3 / 5
बहुरि राम पद पंकज धोए। जे हर हृदय कमल महुँ गोए।।
तीनिउ भाई राम सम जानी। धोए चरन जनक निज पानी।।
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फिर राम-पद-पंकज (चरण-कमल) धोए — जो हर (शिव)-हृदय-कमल में गोए (छिपे)। तीनों भाइयों को राम-सम जानकर — जनक ने निज पाणि (अपने हाथ) से चरण धोए।
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Then he washed Rama's lotus feet—those that are hidden in the lotus of Shiva's heart. Regarding all three brothers as equal to Rama, Janaka washed their feet with his own hands.
Chaupai4 / 5
आसन उचित सबहि नृप दीन्हे। बोलि सूपकारी सब लीन्हे।।
सादर लगे परन पनवारे। कनक कील मनि पान सँवारे।।
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सबको नृप (राजा) ने उचित आसन दिए — सूपकारी (रसोइयों) को बुलाकर सब लिए। सादर पनवारे (पान-परोसने वाले) परने (आने) लगे — कनक (सोने) कील (पिन), मणि — पान सँवारे।
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The king gave appropriate seats to all and summoned the cooks. Betel-leaf trays were respectfully brought, with golden spice-pins and jeweled betel leaves prepared.
Doha5 / 5
सूपोदन सुरभी सरपि सुंदर स्वादु पुनीत।
छन महुँ सब कें परुसि गे चतुर सुआर बिनीत।।328।।
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सूपोदन (उत्तम चावल), सुरभी (गाय का) सरपि (घी) — सुन्दर, स्वादु (स्वादिष्ट), पुनीत (पवित्र)। क्षण में सबको परोस गए — चतुर सुआर (रसोइये), विनीत (विनम्र)।
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Pure rice, butter from excellent cows—delicious, beautiful, and holy. In a moment, the skillful and courteous servers set the table for all.