बालकाण्ड
दोहा 34
5 पद
Chaupai1 / 5
एहि बिधि सब संसय करि दूरी। सिर धरि गुर पद पंकज धूरी।।
पुनि सबही बिनवउँ कर जोरी। करत कथा जेहिं लाग न खोरी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
इस प्रकार सब सन्देह दूर करके — गुरु के पद-पंकज की धूल शिर पर रखकर। फिर।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Having thus removed all doubts, placing the dust of the Guru's lotus feet on my head, I entreat everyone with folded hands — may no one find fault in this story.
Chaupai2 / 5
सादर सिवहि नाइ अब माथा। बरनउँ बिसद राम गुन गाथा।।
संबत सोरह सै एकतीसा। करउँ कथा हरि पद धरि सीसा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
आदरपूर्वक शिवजी को माथा नवाकर — विशद (स्पष्ट) श्रीराम-गुण-गाथा कहता हूँ। संवत सोलह (सौ)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Now reverently bowing to Shiva, I narrate the bright story of Rama's virtues. In the year Samvat 1631, placing my head at Hari's feet, I begin this story.
Chaupai3 / 5
नौमी भौम बार मधु मासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।।
जेहि दिन राम जनम श्रुति गावहिं। तीरथ सकल तहाँ चलि आवहिं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
नवमी, मंगलवार, मधु (चैत्र) मास — अवधपुरी में यह चरित्र प्रकाशित (हुआ)। जिस दिन श्रीराम (जन्मे)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
On the ninth day of the bright half of the month of Chaitra, a Tuesday — this story was first revealed in the city of Ayodhya. On the day the Vedas celebrate Rama's birth, all holy places come there.
Chaupai4 / 5
असुर नाग खग नर मुनि देवा। आइ करहिं रघुनायक सेवा।।
जन्म महोत्सव रचहिं सुजाना। करहिं राम कल कीरति गाना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
असुर, नाग, पक्षी, मनुष्य, मुनि, देवता — आकर श्रीरघुनायक की सेवा करते। जन्म-महोत्सव।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Demons, serpents, birds, humans, sages, and gods come to serve Raghunayaka. The wise celebrate the festival of His birth and sing the beautiful fame of Rama.
Doha5 / 5
मज्जहि सज्जन बृंद बहु पावन सरजू नीर।
जपहिं राम धरि ध्यान उर सुंदर स्याम सरीर।।34।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सज्जन-वृन्द बहुत — पावन सरयू-जल में स्नान करते। श्रीराम जपते — ध्यान हृदय में धारण करके।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Multitudes of virtuous people bathe in the holy waters of the Saryu, chanting Rama's name and meditating on His beautiful dark form.