उत्तरकाण्ड
दोहा 66
6 पद
Chaupai1 / 6
कहि दंडक बन पावनताई। गीध मइत्री पुनि तेहिं गाई।।
पुनि प्रभु पंचवटीं कृत बासा। भंजी सकल मुनिन्ह की त्रासा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने) दण्डक-वन की पवित्रता कही। गीध (जटायु) की मित्रता फिर गाई। फिर प्रभु की पंचवटी (में कृत लीला)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
kahi daṇḍaka bana pāvanatāī. gīdha maitrī puni tehiṃ gāī.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He narrated the sacredness of Dandaka forest and then sang of the friendship with Jatayu.
Chaupai2 / 6
पुनि लछिमन उपदेस अनूपा। सूपनखा जिमि कीन्हि कुरूपा।।
खर दूषन बध बहुरि बखाना। जिमि सब मरमु दसानन जाना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने) फिर लक्ष्मण का अनूठा उपदेश। शूर्पणखा को किस प्रकार कुरूप किया। खर-दूषण-वध फिर कहा।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
puni lacchimana upadesu anūpā. sūpanakhā jimi kīnhi kurūpā.
khara dūṣana badha bahuri ba
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Then the incomparable teaching to Lakshmana, how Surpanakha was disfigured. The slaying of Khara and Dushana was told next.
Chaupai3 / 6
दसकंधर मारीच बतकहीं। जेहि बिधि भई सो सब तेहिं कही।।
पुनि माया सीता कर हरना। श्रीरघुबीर बिरह कछु बरना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने) दशकंधर (रावण) और मारीच की बातचीत — जिस प्रकार हुई, वह सब कही। फिर माया-सीता (का प्रसंग)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
dasakandhara mārīca batakahīṃ. jehi bidhi bhaī so saba tehiṃ kahī.
puni māyā sītā kara
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The conversation between Ravana and Maricha — how everything happened, all was narrated. Then the episode of the illusory Sita.
Chaupai4 / 6
पुनि प्रभु गीध क्रिया जिमि कीन्ही। बधि कबंध सबरिहि गति दीन्ही।।
बहुरि बिरह बरनत रघुबीरा। जेहि बिधि गए सरोबर तीरा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने) फिर प्रभु ने गीध (जटायु) की क्रिया (अन्त्येष्टि) किस प्रकार की। कबन्ध वधकर, शबरी को गति दी।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
puni prabhu gīdha kriyā jimi kīnhī. badhi kabandha sabarihi gati dīnhī.
bahuri
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Then how the Lord performed the last rites for Jatayu, slew Kabandha, and granted liberation to Shabari.
Doha5 / 6
प्रभु नारद संबाद कहि मारुति मिलन प्रसंग।
पुनि सुग्रीव मिताई बालि प्रान कर भंग।।66((क)।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने) प्रभु-नारद-संवाद कहा। मारुति (हनुमान) मिलन-प्रसंग। फिर सुग्रीव-मित्रता, बालि-प्राण (वध)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
prabhu nārada sambāda kahi māruti milana prasaṅga.
puni sugrīva mitāī bāli prāna
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He told the dialogue between the Lord and Narada, the episode of meeting Hanuman, then the friendship with Sugriva and the killing of Vali.
Doha6 / 6
कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास।
बरनन बर्षा सरद अरु राम रोष कपि त्रास।।66(ख)।।