अयोध्याकाण्ड
दोहा 244
5 पद
Chaupai1 / 5
आरत लोग राम सबु जाना। करुनाकर सुजान भगवाना।।
जो जेहि भायँ रहा अभिलाषी। तेहि तेहि कै तसि तसि रुख राखी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
आर्त (दुखी) लोगों (की स्थिति) राम ने सब जानी — करुणाकर, सुजान (सर्वज्ञ) भगवान। जो जैसे भाव से अभिलाषी (= इच्छुक) रहा — उसको उसी की (इच्छा पूर्ण की)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
ārata loga rāma sabu jānā. karunākara sujāna bhagavānā.
jo jehi bhāyaṃ rahā abhilāṣī. tehī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Rama, the compassionate and all-knowing Lord, understood the anguish of all the people. Whoever yearned in whatever way — He met them accordingly.
Chaupai2 / 5
सानुज मिलि पल महु सब काहू। कीन्ह दूरि दुखु दारुन दाहू।।
यह बड़ि बातँ राम कै नाहीं। जिमि घट कोटि एक रबि छाहीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
अनुज (लक्ष्मण) सहित पल-भर में सबसे मिले — दारुण (भयंकर) दुख-दाह (जलन) दूर किया। यह बड़ी बात राम की नहीं — जिनके (चरण-)रज से ब्रह्मा ने (जगत्) रचा।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sānuja mili pala mahu saba kāhū. kīnha dūri dukhu dāruna dāhū.
yaha baḍi bātaṃ rāma kai
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
In a moment, He met everyone with His brother, removing their terrible grief and burning sorrow. This is Rama's great deed — none else can do it.
Chaupai3 / 5
मिलि केवटिहि उमगि अनुरागा। पुरजन सकल सराहहिं भागा।।
देखीं राम दुखित महतारीं। जनु सुबेलि अवलीं हिम मारीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
केवटी (= केवट की पत्नी, या गुह) से उमड़कर अनुराग से मिले — पुरजन (नगरवासी) सब भाग्य सराहते। दुखी माताओं को राम ने देखा — मानो सुन्दर बेलें (= लताएँ) मुरझाई।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
mili kevaṭihi umagi anurāgā. purajana sakala sarāhahiṃ bhāgā.
dekhīṃ rāma dukhita mahatārīṃ
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He embraced the boatman, overflowing with love. The townspeople praised his fortune. Then Rama saw the sorrowful mothers.
Chaupai4 / 5
प्रथम राम भेंटी कैकेई। सरल सुभायँ भगति मति भेई।।
पग परि कीन्ह प्रबोधु बहोरी। काल करम बिधि सिर धरि खोरी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
पहले राम ने कैकेयी से भेंट की — सरल स्वभाव से, भक्ति-बुद्धि से। पैर पड़कर (प्रणाम कर) प्रबोध (सान्त्वना) दिया — काल-कर्म (= भाग्य) दोषी (= सबका कारण)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
prathama rāma bheṃṭī kaikeyī. sarala subhāyaṃ bhagati mati bheī.
paga pari kīnha prabodhu bahorī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
First Rama met Kaikeyi — with simple, natural devotion and a guileless mind. He fell at her feet and consoled her at length.
Doha5 / 5
भेटीं रघुबर मातु सब करि प्रबोधु परितोषु।।
अंब ईस आधीन जगु काहु न देइअ दोषु।।244।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
रघुवर ने सब माताओं से भेंट की — प्रबोध (सान्त्वना) दे, सन्तोष दे। (कहा) अम्ब (माता)! ईश्वर-अधीन जगत् — किसी को दोष न दीजिए।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bheṭīṃ raghubara mātu saba kari prabodhu paritoṣu.
aṃba īsa ādhīna jagu kāhu na deia doṣu.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Raghubir met all the mothers, consoling and comforting them: 'Mother, the world is under God's control — no one should be blamed.'