अयोध्याकाण्ड
दोहा 247
5 पद
Chaupai1 / 5
बिकल सनेहँ सीय सब रानीं। बैठन सबहि कहेउ गुर ग्यानीं।।
कहि जग गति मायिक मुनिनाथा। कहे कछुक परमारथ गाथा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
स्नेह से विकल सीता और सब रानियाँ — ज्ञानी गुरु (वसिष्ठ) ने सबको बैठने कहा। जगत् की गति (= संसार की रीति) मायिक (= माया-जनित) बताकर मुनिनाथ ने — (सान्त्वना के) वचन कहे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bikala sanehaṃ sīya saba rānīṃ. baiṭhana sabahi kaheu gura gyānīṃ.
kahi jaga gati māyika muni
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
All the queens were overwhelmed with love for Sita. The wise Guru told everyone to be seated. He spoke of the ways of the world and the power of Maya.
Chaupai2 / 5
नृप कर सुरपुर गवनु सुनावा। सुनि रघुनाथ दुसह दुखु पावा।।
मरन हेतु निज नेहु बिचारी। भे अति बिकल धीर धुर धारी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
राजा का स्वर्गलोक-गमन सुनाया — सुनकर रघुनाथ को दुःसह (असहनीय) दुख हुआ। मरण (= मृत्यु) का कारण अपना स्नेह (प्रेम) विचारकर — (राम अत्यन्त) व्यथित हुए।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
nṛpa kara surapura gavanu sunāvā. suni raghunātha dusaha dukhu pāvā.
marana hetu nija nehu ba
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He broke the news of the king's passing to heaven. Hearing it, Raghunath felt unbearable grief. Knowing that His love was the cause of death.
Chaupai3 / 5
कुलिस कठोर सुनत कटु बानी। बिलपत लखन सीय सब रानी।।
सोक बिकल अति सकल समाजू। मानहुँ राजु अकाजेउ आजू।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
वज्र-समान कठोर, कटु (कड़वी) वाणी सुनकर — विलाप करते लक्ष्मण-सीता-सब रानियाँ। शोक-विकल अत्यन्त सकल समाज — मानो राज (= राजा दशरथ) का (पुनः) मरण हुआ।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
kulisa kaṭhora sunata kaṭu bānī. bilapata lakhana sīya saba rānī.
soka bikala ati sakala samājū. ma
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing the words hard as a thunderbolt, Lakshmana, Sita, and all the queens wept. The entire assembly was overwhelmed with grief.
Chaupai4 / 5
मुनिबर बहुरि राम समुझाए। सहित समाज सुसरित नहाए।।
ब्रतु निरंबु तेहि दिन प्रभु कीन्हा। मुनिहु कहें जलु काहुँ न लीन्हा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
मुनिवर ने फिर राम को समझाया — समाज सहित सुसरित (= सुन्दर नदी) में नहाए। निरम्बु (= निर्जल) व्रत उस दिन प्रभु ने किया — (पिता के निमित्त)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
munibara bahuri rāma samujhāe. sahita samāja susarita nahāe.
bratu niraṃbu tehi dina prabhū
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The great sage then consoled Rama again. With his retinue, he bathed in the sacred river. That day, the Lord observed a waterless fast.
Doha5 / 5
भोरु भएँ रघुनंदनहि जो मुनि आयसु दीन्ह।।
श्रद्धा भगति समेत प्रभु सो सबु सादरु कीन्ह।।247।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भोर होने पर रघुनन्दन को जो मुनि ने आज्ञा दी — श्रद्धा-भक्ति समेत प्रभु ने वह सब आदरपूर्वक किया।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bhoru bhaeṃ raghunandanahi jo muni āyasu dīnha.
śraddhā bhagati sameta prabhu so sabu sādara
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
At dawn, whatever the sage commanded Raghunandana, the Lord performed it all with faith and devotion, reverently.