अयोध्याकाण्ड
दोहा 253
5 पद
Chaupai1 / 5
कीन्ही मातु मिस काल कुचाली। ईति भीति जस पाकत साली।।
केहि बिधि होइ राम अभिषेकू। मोहि अवकलत उपाउ न एकू।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(भरत सोचते) माता-मिस (= माता के बहाने) काल ने कुचाली की — ईति (विपत्ति)-भीति (भय), जैसे पकती धान (की फसल पर)। किस विधि (= कैसे) हो राम-अभिषेक — मुझे अधिक (= सबसे ज्यादा चिन्ता)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
kīnhī mātu misa kāla kucālī. īti bhīti jasa pākata sālī.
kehi bidhi hoi rāma abhiṣe
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
His mother's deed had been a scheme of hostile fate — like blight on ripening rice. How could Rama's coronation be arranged?
Chaupai2 / 5
अवसि फिरहिं गुर आयसु मानी। मुनि पुनि कहब राम रुचि जानी।।
मातु कहेहुँ बहुरहिं रघुराऊ। राम जननि हठ करबि कि काऊ।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(भरत सोचते) अवश्य लौटेंगे (राम) — गुरु की आज्ञा मानकर। मुनि भी कहेंगे — राम की रुचि (इच्छा) जानकर। माता कहें — (तो) लौटें रघुराज — (यह एक उपाय)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
avasi phirahiṃ gura āyasu mānī. muni puni kahaba rāma ruci jānī.
mātu kahehūṃ bahurahiṃ
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Surely they will return if the Guru commands — the sage will speak knowing Rama's wish. Mother too has said they will return.'
Chaupai3 / 5
मोहि अनुचर कर केतिक बाता। तेहि महँ कुसमउ बाम बिधाता।।
जौं हठ करउँ त निपट कुकरमू। हरगिरि तें गुरु सेवक धरमू।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(भरत सोचते) मैं अनुचर (= सेवक) — मेरी कितनी बात? उसमें भी कुसमय (= बुरा समय), विधाता (भाग्य) प्रतिकूल। यदि हठ करूँ तो निपट (= सर्वथा) कुकर्म — (राम का) हृदय-गिरि (= मन) (न माने)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
mohi anucara kara ketika bātā. tehi mahāṃ kusamau bāma bidhātā.
jauṃ haṭha karauṃ ta nipaṭa ku
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'What weight does a servant's word carry? And in this, the timing is bad, fate is hostile. If I insist stubbornly, I am utterly wretched.'
Chaupai4 / 5
एकउ जुगुति न मन ठहरानी। सोचत भरतहि रैनि बिहानी।।
प्रात नहाइ प्रभुहि सिर नाई। बैठत पठए रिषयँ बोलाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
एक भी युक्ति मन में नहीं ठहरी — सोचते-सोचते भरत की रात बीती। प्रातः नहाकर प्रभु (राम) को सिर नवाकर — (मुनि-गुरु को) बैठने के लिए पठाया (= भेजा)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
ekau juguti na mana ṭhaharānī. socata bharatahi raini bihānī.
prāta nahāi prabhuhi sira nāī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Not a single plan could settle his mind. Pondering, Bharata's night passed. At dawn, he bathed and bowed to the Lord.
Doha5 / 5
गुर पद कमल प्रनामु करि बैठे आयसु पाइ।
बिप्र महाजन सचिव सब जुरे सभासद आइ।।253।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
गुरु (वसिष्ठ) के चरणकमलों में प्रणाम करके — आज्ञा पाकर बैठे। विप्र (ब्राह्मण)-महाजन (प्रमुख नागरिक)-सचिव सब — सभासद आकर जुड़े (= एकत्र हुए)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gura pada kamala pranāmu kari baiṭhe āyasu pāi.
bipra mahājana saciva saba jure sabhāsada āi.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Bowing at the Guru's lotus feet, he sat with permission. Brahmins, nobles, ministers — all the assembly members gathered.