अयोध्याकाण्ड
दोहा 91
5 पद
Chaupai1 / 5
बिबिध बसन उपधान तुराई। छीर फेन मृदु बिसद सुहाई।।
तहँ सिय रामु सयन निसि करहीं। निज छबि रति मनोज मदु हरहीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुह ने कहा) विविध वसन (वस्त्र), उपधान (तकिये), तुराई (गद्दे)। छीर (दूध)-फेन (झाग)-सम मृदु (कोमल), विशद (उज्ज्वल), सुहाई (सुन्दर)। वहाँ सीता-राम रात को शयन करते — निज छबि (शोभा) से रति (कामदेव-पत्नी)-मनोज (कामदेव) का मद (गर्व) हरते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bibidha basana upadhāna turāī. chīra phena mṛdu bisada suhāī.
tahaṃ siya rāmu sayana nisi karahī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
On beds of many fabrics and fine cushions, soft and white as the foam of milk. There Sita and Rama would sleep at night.
Chaupai2 / 5
ते सिय रामु साथरीं सोए। श्रमित बसन बिनु जाहिं न जोए।।
मातु पिता परिजन पुरबासी। सखा सुसील दास अरु दासी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुह ने कहा) वही सीता-राम — साथरी (घास की चटाई) पर सोए। श्रमित (थके) — वसन (वस्त्र) बिना — देखे नहीं जाते। माता-पिता-परिजन-पुरवासी। सखा (मित्र), सुशील, दास और दासी।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
te siya rāmu sātharīṃ soe. śramita basana binu jāhiṃ na joe.
mātu pitā parijana purabā
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Those very Sita and Rama now slept on a mat of grass, weary, without even a cloth — one could not bear to look. Mother, father, family, and citizens.
Chaupai3 / 5
जोगवहिं जिन्हहि प्रान की नाई। महि सोवत तेइ राम गोसाईं।।
पिता जनक जग बिदित प्रभाऊ। ससुर सुरेस सखा रघुराऊ।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुह ने कहा) जिन्हें प्राणों की भाँति जोगवते (सेवा करते) — मही (पृथ्वी) पर सोते वही राम गोसाईं। पिता जनक — जग-विदित (संसार-प्रसिद्ध) प्रभाव। ससुर सुरेश (इन्द्र)-सखा — रघुराऊ।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
jogavahiṃ jinhahi prāna kī nāī. mahi sovata teī rāma gosāīṃ.
pitā janaka jaga bidita pra
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Those who cherished Them as dearly as their own lives — those same Rama now slept on the bare earth. Her father Janaka, renowned throughout the world.
Chaupai4 / 5
रामचंदु पति सो बैदेही। सोवत महि बिधि बाम न केही।।
सिय रघुबीर कि कानन जोगू। करम प्रधान सत्य कह लोगू।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुह ने कहा) रामचन्द्र — पति — वह बैदेही (सीता)। भूमि पर सोतीं — विधि (भाग्य) बाम (प्रतिकूल) किसे नहीं? सीता-रघुवीर — क्या कानन (वन) योग्य? कर्म प्रधान (बलवान) — सत्य कहते लोग।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
rāmacandu pati so baidehī. sovata mahi bidhi bāma na kehī.
siya raghubīra ki kānana jogū.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Ramachandra is Her lord — that Vaidehi now sleeps on the ground. Fate spares no one! Are Sita and Raghubir fit for the forest?
Doha5 / 5
कैकयनंदिनि मंदमति कठिन कुटिलपनु कीन्ह।
जेहीं रघुनंदन जानकिहि सुख अवसर दुखु दीन्ह।।91।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
कैकयनन्दिनी (कैकेयी) मन्दमति (मूर्ख-बुद्धि) — कठिन कुटिलपन किया। जिसने रघुनन्दन-जानकी को सुख-अवसर पर दुख दिया।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
kaikayanandini mandamati kaṭhina kuṭilapanu kīnha.
jehīṃ raghunandana jānakihi sukha avasara dukhu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Kaikeyi, the dull-witted daughter of Kekaya, committed a terrible act of cruelty — giving Raghunandana and Janaki sorrow at the very time of joy.