अयोध्याकाण्ड
दोहा 90
5 पद
Chaupai1 / 5
उठे लखनु प्रभु सोवत जानी। कहि सचिवहि सोवन मृदु बानी।।
कछुक दूर सजि बान सरासन। जागन लगे बैठि बीरासन।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
प्रभु सोते जानकर लक्ष्मण उठे — सचिव (सुमन्त्र) को मृदु (कोमल) वाणी से सोने कहा। कुछ दूर — बाण-सरासन (धनुष) सजाकर — वीरासन (वीर-मुद्रा) बैठकर जागने लगे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
uṭhe lakhanu prabhu sovata jānī. kahi sacivahi sovana mṛdu bānī.
kachuka dūra saji bāna sarāsa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Lakshmana rose, knowing the Lord was asleep. He gently told the charioteer to rest. At some distance, he took up his bow and arrows and stood guard.
Chaupai2 / 5
गुँह बोलाइ पाहरू प्रतीती। ठावँ ठाँव राखे अति प्रीती।।
आपु लखन पहिं बैठेउ जाई। कटि भाथी सर चाप चढ़ाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
गुह ने प्रतीती (विश्वसनीय) पहरेदार बुलाकर — ठावँ-ठाँव (जगह-जगह) अत्यन्त प्रीति से रखे। आपु (स्वयं) लक्ष्मण-पास जाकर बैठा — कटि (कमर) पर भाथी (तरकश), सर (बाण)-चाप (धनुष) चढ़ाकर।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
guhaṃ bolāi pāharū pratītī. ṭhāvaṃ ṭhāṃva rākhe ati prītī.
āpu lakhana pahiṃ baiṭheu jā
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Guha called his trusted watchmen and posted them at various points with great care. He himself went and sat near Lakshmana.
Chaupai3 / 5
सोवत प्रभुहि निहारि निषादू। भयउ प्रेम बस ह्दयँ बिषादू।।
तनु पुलकित जलु लोचन बहई। बचन सप्रेम लखन सन कहई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सोते प्रभु को निहारकर (देखकर) निषाद — प्रेमवश हृदय में विषाद (दुख) हुआ। तन (शरीर) पुलकित, लोचन (नेत्रों) से जल बहता। सप्रेम लक्ष्मण से वचन कहता।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sovata prabhuhi nihāri niṣādū. bhayau prema basa hṛdayaṃ biṣādū.
tanu pulakita jalu locana
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The Nishad chief gazed upon the sleeping Lord and was filled with love and sorrow. His body thrilled, tears filled his eyes.
Chaupai4 / 5
भूपति भवन सुभायँ सुहावा। सुरपति सदनु न पटतर पावा।।
मनिमय रचित चारु चौबारे। जनु रतिपति निज हाथ सँवारे।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुह ने कहा) भूपति (राजा)-भवन (महल) सुभाव (स्वभाव) से सुहावना — सुरपति (इन्द्र)-सदन (भवन) पटतर (तुलना) नहीं पाता। मणिमय — रचित — चारु (सुन्दर) चौबारे (अटारियाँ)। मानो रतिपति (कामदेव) ने निज हाथ सँवारे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bhūpati bhavana subhāyaṃ suhāvā. surapati sadanu na paṭatara pāvā.
manimaya racita cāru caubāre.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The king's palace was naturally beautiful — even Indra's court could not rival it. Gem-studded, exquisite, with beautiful balconies.
Doha5 / 5
सुचि सुबिचित्र सुभोगमय सुमन सुगंध सुबास।
पलँग मंजु मनिदीप जहँ सब बिधि सकल सुपास।।90।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
शुचि (पवित्र), सुविचित्र (अत्यन्त विचित्र), सुभोगमय (सुखमय)। सुमन (फूल)-सुगन्ध-सुबास (सुगन्धित)। पलँग (पलंग) मंजु (सुन्दर), मणिदीप (रत्नदीपक) — जहाँ सब विधि सकल सुपास (सुख)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
suci subicitra subhogamaya sumana sugaṃdha subāsa.
palaṃga maṃju manidīpa jahaṃ saba bidhi sakala sa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Pure, beautiful, delightful, fragrant and perfumed. With lovely jeweled beds and gem-lamps — in every way, a paradise of comfort.