बालकाण्ड
दोहा 195
5 पद
Chaupai1 / 5
कैकयसुता सुमित्रा दोऊ। सुंदर सुत जनमत भैं ओऊ।।
वह सुख संपति समय समाजा। कहि न सकइ सारद अहिराजा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
कैकयसुता (कैकेयी) और दोनों सुमित्रा — उन्होंने भी सुन्दर पुत्रों को जन्म दिया। वह सुख-सम्पत्ति-समय-समाज — शारदा (सरस्वती) और अहिराज (शेषनाग) भी नहीं कह सकतीं।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Kaikeyi and both Sumitras also gave birth to beautiful sons. The joy, prosperity, and splendor of that occasion even Saraswati and Shesha could not describe.
Chaupai2 / 5
अवधपुरी सोहइ एहि भाँती। प्रभुहि मिलन आई जनु राती।।
देखि भानू जनु मन सकुचानी। तदपि बनी संध्या अनुमानी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
अवधपुरी (अयोध्या) इस भाँति शोभित — मानो रात्रि प्रभु से मिलने आई। भानु (सूर्य) देखकर मन सकुचानी (लजाई) — तदपि सन्ध्या अनुमानकर बनी (रही)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The city of Ayodhya looked as though Night itself had come to meet the Lord. Seeing the sun, she seemed to shrink back in shyness, yet she managed to appear as twilight.
Chaupai3 / 5
अगर धूप बहु जनु अँधिआरी। उड़इ अभीर मनहुँ अरुनारी।।
मंदिर मनि समूह जनु तारा। नृप गृह कलस सो इंदु उदारा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
अगर (अगरु) धूप — बहुत — मानो अँधियारी (अँधेरा)। उड़ती अबीर (गुलाल) — मानो अरुणारी (अरुणिमा)। मन्दिर (महल) में मणि-समूह — मानो तारे। नृप-गृह (राजमहल) का कलश — वह उदार (सुन्दर) इन्दु (चन्द्रमा)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The smoke of incense was like the darkness; the flying red powder was like the glow of dawn. The clusters of gems on the mansions were like stars; the golden pinnacle of the king's palace shone like the generous moon.
Chaupai4 / 5
भवन बेदधुनि अति मृदु बानी। जनु खग मूखर समयँ जनु सानी।।
कौतुक देखि पतंग भुलाना। एक मास तेइँ जात न जाना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
भवनों में वेद-ध्वनि — अत्यन्त मृदु वाणी — मानो समय पर खग (पक्षी) मुखर (कलरव करते)। कौतुक (उत्सव) देखकर पतंग (सूर्य) भूल गया — एक मास उसे जाता नहीं जाना।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
The recitation of the Vedas in the houses was like the sweet warbling of birds at the right hour. Seeing this spectacle, the sun himself was so enchanted that an entire month passed without him realizing it.
Doha5 / 5
मास दिवस कर दिवस भा मरम न जानइ कोइ।
रथ समेत रबि थाकेउ निसा कवन बिधि होइ।।195।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
मास का दिवस (दिन) — दिवस हो गया (एक मास एक दिन-सा बीता) — मर्म (रहस्य) कोई नहीं जानता। रथ समेत रवि (सूर्य) थक गया — निसा (रात) कैसे हो?
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
A month became a single day — the secret none could know. The sun and his chariot grew weary — how then could night ever come?