बालकाण्ड

दोहा 244

5 पद

Chaupai1 / 5
कटि तूनीर पीत पट बाँधे। कर सर धनुष बाम बर काँधे।। पीत जग्य उपबीत सुहाए। नख सिख मंजु महाछबि छाए।।
हिन्दी अर्थ देखें
कटि (कमर) पर तूनीर (तरकश) — पीत (पीले) पट (वस्त्र) से बाँधे। कर (हाथ) में सर (बाण)-धनुष, बाम (बायें) वर (श्रेष्ठ) काँधे (कन्धे) पर। पीत (पीला) यज्ञ-उपवीत (जनेऊ) सुहावने। नख (पैर) से शिख (शिखा) तक मञ्जु (सुन्दर) महाछबि छाई।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Quivers were fastened at their waists with yellow cloth; they held arrows and bows, with bows also resting on their left shoulders. Their beautiful yellow sacred threads gleamed; from head to toe they radiated supreme splendor.
Chaupai2 / 5
देखि लोग सब भए सुखारे। एकटक लोचन चलत न तारे।। हरषे जनकु देखि दोउ भाई। मुनि पद कमल गहे तब जाई।।
हिन्दी अर्थ देखें
देखकर सब लोग सुखी हुए — एकटक (निमिष-रहित) लोचन (आँखें) — चलत नहीं तारे (तारा = पुतली)। जनक दोनों भाइयों को देखकर हर्षित — तब जाकर मुनि-पद-कमल पकड़े।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Seeing them, all the people were delighted; their unblinking eyes could not look away. Janaka was overjoyed to see the two brothers and went and clasped the sage's lotus feet.
Chaupai3 / 5
करि बिनती निज कथा सुनाई। रंग अवनि सब मुनिहि देखाई।। जहँ जहँ जाहि कुअँर बर दोऊ। तहँ तहँ चकित चितव सबु कोऊ।।
हिन्दी अर्थ देखें
विनती करके अपनी कथा सुनाई — रंग-अवनि (रंगभूमि) सब मुनि को दिखाई। दोनों श्रेष्ठ कुँवर (राजकुमार) जहाँ-जहाँ जाते — वहाँ-वहाँ चकित होकर सब देखते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Making his request and telling his story, he showed the sage the entire arena. Wherever the two fine princes went, everyone gazed at them in wonder.
Chaupai4 / 5
निज निज रुख रामहि सबु देखा। कोउ न जान कछु मरमु बिसेषा।। भलि रचना मुनि नृप सन कहेऊ। राजाँ मुदित महासुख लहेऊ।।
हिन्दी अर्थ देखें
सबने अपनी-अपनी रुख (दृष्टि) से राम को देखा — कोई विशेष मर्म (रहस्य) नहीं जानता। (विश्वामित्र ने कहा) भली रचना (व्यवस्था) — मुनि ने नृप (राजा) से कहा। राजा मुदित (प्रसन्न) — महासुख प्राप्त।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Everyone saw Rama according to their own disposition, but no one knew the special secret. The sage praised the arrangements to the king, and the king was greatly pleased.
Doha5 / 5
सब मंचन्ह ते मंचु एक सुंदर बिसद बिसाल। मुनि समेत दोउ बंधु तहँ बैठारे महिपाल।।244।।
हिन्दी अर्थ देखें
सब मंचों में से एक मंच — सुन्दर, विशद (उज्ज्वल), विशाल। मुनि समेत दोनों बन्धुओं को — महीपाल (राजा) ने वहाँ बैठाया।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Among all the galleries, one was particularly beautiful, bright, and spacious. There the king seated the two brothers along with the sage.

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