बालकाण्ड

दोहा 245

5 पद

Chaupai1 / 5
प्रभुहि देखि सब नृप हिंयँ हारे। जनु राकेस उदय भएँ तारे।। असि प्रतीति सब के मन माहीं। राम चाप तोरब सक नाहीं।।
हिन्दी अर्थ देखें
प्रभु को देखकर सब नृप (राजा) हृदय में हारे — मानो राकेश (पूर्ण चन्द्र) उदय होने पर तारे। सबके मन में ऐसी प्रतीति (विश्वास) — राम चाप (धनुष) तोड़ने में सक्षम नहीं (असमर्थ) — ऐसा नहीं हो सकता (अर्थात् अवश्य तोड़ेंगे)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Seeing the Lord, all the kings lost heart — like stars when the full moon rises. Everyone felt in their hearts that Rama could not possibly fail to break the bow.
Chaupai2 / 5
बिनु भंजेहुँ भव धनुषु बिसाला। मेलिहि सीय राम उर माला।। अस बिचारि गवनहु घर भाई। जसु प्रतापु बलु तेजु गवाँई।।
हिन्दी अर्थ देखें
(कुछ राजाओं ने सोचा) भव (शिव) का विशाल धनुष भंजे (तोड़े) बिना भी — सीता राम के उर (गले) में माला डालेगी। ऐसा विचारकर घर जाओ, भाई! — यश, प्रताप, बल, तेज गँवाकर।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Even without breaking this great bow of Shiva, Sita will place the victory garland around Rama's neck. Thinking thus, go home, brothers, having lost your fame, valor, strength, and glory.'
Chaupai3 / 5
बिहसे अपर भूप सुनि बानी। जे अबिबेक अंध अभिमानी।। तोरेहुँ धनुषु ब्याहु अवगाहा। बिनु तोरें को कुअँरि बिआहा।।
हिन्दी अर्थ देखें
अपर (अन्य) भूप (राजा) — अविवेक-अन्ध (मूढ़), अभिमानी — वाणी सुनकर हँसे। (कहा) धनुष तोड़ने पर ही विवाह — बिना तोड़े कौन कुँवरी (राजकुमारी) ब्याहेगा?
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Other kings who were blindly proud and ignorant laughed upon hearing these words. 'The marriage depends on breaking the bow — without breaking it, who can marry the princess?'
Chaupai4 / 5
एक बार कालउ किन होऊ। सिय हित समर जितब हम सोऊ।। यह सुनि अवर महिप मुसकाने। धरमसील हरिभगत सयाने।।
हिन्दी अर्थ देखें
(अभिमानी राजा बोले) एक बार काल भी आए — सीता-हित संग्राम (युद्ध) में उसे भी जीतेंगे। यह सुनकर अवर (अन्य) महीप (राजा) मुस्कुराए — धर्मशील, हरिभक्त, सयाने (बुद्धिमान)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Let Death himself come if he will; we shall conquer even him in battle for Sita's sake.' Hearing this, other kings — righteous, devoted to Hari, and wise — only smiled.
Soratha5 / 5
सीय बिआहबि राम गरब दूरि करि नृपन्ह के।। जीति को सक संग्राम दसरथ के रन बाँकुरे।।245।।
हिन्दी अर्थ देखें
(बुद्धिमान राजाओं ने कहा) सीता विवाहेंगे राम — नृपों (राजाओं) का गर्व दूर करके। दशरथ के रण-बाँकुरे (युद्ध-वीरों) को संग्राम (युद्ध) में कौन जीत सकता?
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Rama shall marry Sita, removing the pride of all the kings. Who can defeat in battle the valiant warriors of Dasharatha?'

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