बालकाण्ड

दोहा 256

5 पद

Chaupai1 / 5
सखि सब कौतुक देखनिहारे। जेठ कहावत हितू हमारे।। कोउ न बुझाइ कहइ गुर पाहीं। ए बालक असि हठ भलि नाहीं।।
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(सीता की माता ने कहा) सखि! सब कौतुक (तमाशा) देखने वाले। ज्येष्ठ (बड़े) कहलाते — हमारे हितू (हितैषी)। कोई नहीं बुझाकर (समझाकर) गुरु से कहता — ये बालक — ऐसी हठ भली नहीं।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Friends, everyone here is a mere spectator. Those who call themselves our well-wishers — not one of them advises the guru, saying that such stubbornness is not right for these young boys.'
Chaupai2 / 5
रावन बान छुआ नहिं चापा। हारे सकल भूप करि दापा।। सो धनु राजकुअँर कर देहीं। बाल मराल कि मंदर लेहीं।।
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(माता ने कहा) रावण-बाण (बाणासुर) ने चाप (धनुष) छुआ नहीं — सब भूप (राजा) दापा (डींग) करके हारे। वह धनुष राजकुँवर (राजकुमार) के हाथ में दें? बाल (शिशु) मराल (हंस) क्या मन्दर (पर्वत) उठा सकते?
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Even Ravana and Banasura could not touch the bow; all the kings have failed despite their boasting. And now they give this bow to a young prince — can baby swans lift Mount Mandara?'
Chaupai3 / 5
भूप सयानप सकल सिरानी। सखि बिधि गति कछु जाति न जानी।। बोली चतुर सखी मृदु बानी। तेजवंत लघु गनिअ न रानी।।
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(माता ने कहा) भूपों (राजाओं) की सब सयानप (चतुराई) सिरानी (समाप्त)। सखि! विधि (भाग्य)-गति कुछ जानी नहीं जाती। चतुर सखी मृदु (कोमल) वाणी बोली — (कहा) तेजवन्त (तेजस्वी) को लघु (छोटा) मत गिनो, रानी!
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'The wisdom of all the kings has come to nothing; friend, the ways of fate are unknowable.' A clever companion spoke in gentle words, 'O Queen, do not judge the mighty by their size.'
Chaupai4 / 5
कहँ कुंभज कहँ सिंधु अपारा। सोषेउ सुजसु सकल संसारा।। रबि मंडल देखत लघु लागा। उदयँ तासु तिभुवन तम भागा।।
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(सखी ने कहा) कहाँ कुम्भज (अगस्त्य मुनि — घड़े से जन्मे) — कहाँ अपार सिन्धु (समुद्र) — (फिर भी) सोखा (पी लिया) — सुयश (सुन्दर यश) सकल संसार (में)। रवि (सूर्य)-मण्डल देखने में लघु (छोटा) लगता — (पर) उदय होते ही त्रिभुवन (तीनों लोकों) का तम (अन्धकार) भागता।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Where was the tiny sage Agastya, and where the boundless ocean? Yet he drank it dry, and his fame fills the whole world. The orb of the sun appears small to look at, but at its rising, the darkness of all three worlds flees.'
Doha5 / 5
मंत्र परम लघु जासु बस बिधि हरि हर सुर सर्ब। महामत्त गजराज कहुँ बस कर अंकुस खर्ब।।256।।
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(सखी ने कहा) मन्त्र परम लघु (छोटा) — जिसके वश विधि (ब्रह्मा), हरि (विष्णु), हर (शिव), सुर (देवता) — सर्व (सब)। महामत्त (अत्यन्त उन्मत्त) गजराज (हाथी) को भी — वश करता खर्ब (छोटा) अंकुश।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'The mightiest mantras are the shortest, yet they control Brahma, Vishnu, Shiva, and all the gods. Even the mightiest of mad elephants is controlled by a tiny goad.'

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