बालकाण्ड

दोहा 257

5 पद

Chaupai1 / 5
काम कुसुम धनु सायक लीन्हे। सकल भुवन अपने बस कीन्हे।। देबि तजिअ संसउ अस जानी। भंजब धनुष रामु सुनु रानी।।
हिन्दी अर्थ देखें
(सखी ने कहा) काम (कामदेव) ने कुसुम (फूल)-धनु (धनुष) और सायक (बाण) लिए — सकल भुवन (संसार) अपने वश किए। देवी! संशय त्यागो, ऐसा जानकर — राम धनुष भंजेंगे, सुनो रानी!
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Kamadeva has taken a bow of flowers and flower-arrows, yet has brought all the worlds under his sway. O Queen, abandon doubt knowing this — listen, Rama shall break the bow.'
Chaupai2 / 5
सखी बचन सुनि भै परतीती। मिटा बिषादु बढ़ी अति प्रीती।। तब रामहि बिलोकि बैदेही। सभय हृदयँ बिनवति जेहि तेही।।
हिन्दी अर्थ देखें
सखी-वचन सुनकर प्रतीति (विश्वास) हुई — विषाद मिटा, अत्यन्त प्रीति बढ़ी। तब राम को देखकर बैदेही (सीता) — सभय (भयपूर्ण) हृदय से जिस-तिस (हर देवता) से विनती करतीं।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Hearing her companion's words, faith arose in the queen's heart; her sorrow departed and her love grew greatly. Then Vaidehi, gazing at Rama, prayed anxiously in her heart to every deity.
Chaupai3 / 5
मनहीं मन मनाव अकुलानी। होहु प्रसन्न महेस भवानी।। करहु सफल आपनि सेवकाई। करि हितु हरहु चाप गरुआई।।
हिन्दी अर्थ देखें
(सीता) मन ही मन अकुलाकर मनातीं — (प्रार्थना) प्रसन्न होओ, महेश-भवानी! अपनी सेवकाई (भक्ति) सफल करो — हित करके चाप (धनुष) की गुरुता (भारीपन) हरो (दूर करो)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Deeply agitated, she prayed in her mind, 'Be gracious, O Mahesha and Bhavani! Make your servant's devotion fruitful; do me this favor and remove the heaviness of the bow.'
Chaupai4 / 5
गननायक बरदायक देवा। आजु लगें कीन्हिउँ तुअ सेवा।। बार बार बिनती सुनि मोरी। करहु चाप गुरुता अति थोरी।।
हिन्दी अर्थ देखें
(सीता ने प्रार्थना की) गणनायक (गणेश)! वरदायक (वर देने वाले) देव! आज तक तुम्हारी सेवा की है। बार-बार मेरी विनती सुनकर — चाप (धनुष) की गुरुता (भारीपन) अत्यन्त थोरी (कम) करो।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'O Ganesha, O boon-granting god! I have served you since my very birth. Hear my repeated prayer — make the bow exceedingly light!'
Doha5 / 5
देखि देखि रघुबीर तन सुर मनाव धरि धीर।। भरे बिलोचन प्रेम जल पुलकावली सरीर।।257।।
हिन्दी अर्थ देखें
देख-देखकर रघुवीर के तन (शरीर) को — धीरज धरकर सुर (देवता) मनातीं। प्रेम-जल से भरे बिलोचन (नेत्र) — पुलकावली (रोमांच) शरीर पर।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Gazing at the hero of the Raghus, Sita gathered courage and prayed to the gods. Her eyes filled with tears of love, and her body was covered with a thrill of joy.

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