बालकाण्ड

दोहा 280

5 पद

Chaupai1 / 5
बहइ न हाथु दहइ रिस छाती। भा कुठारु कुंठित नृपघाती।। भयउ बाम बिधि फिरेउ सुभाऊ। मोरे हृदयँ कृपा कसि काऊ।।
हिन्दी अर्थ देखें
(परशुराम ने सोचा) हाथ नहीं चलता — रिस (क्रोध) से छाती दहकती। कुठार (फरसा) कुण्ठित (भोथरा) हो गया — नृपघाती (राजा-मारने वाला)। विधि (भाग्य) बाम (प्रतिकूल) हुआ — स्वभाव फिरा। मेरे हृदय में कृपा कैसी कभी?
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'My hand does not move to strike, yet my heart burns with rage. This axe that slays kings has become blunt. Fate has turned against me; my nature has reversed. When has my heart ever known compassion?'
Chaupai2 / 5
आजु दया दुखु दुसह सहावा। सुनि सौमित्र बिहसि सिरु नावा।। बाउ कृपा मूरति अनुकूला। बोलत बचन झरत जनु फूला।।
हिन्दी अर्थ देखें
(परशुराम ने कहा) आज दया ने दुःसह दुख सहाया। सुनकर सौमित्रि (लक्ष्मण) हँसकर सिर नवाया। (लक्ष्मण ने कहा) बाउ (वायु = भगवान) कृपा-मूर्ति अनुकूल — बोलते वचन मानो फूल झरते।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Today compassion has forced upon me unbearable suffering.' Hearing this, Lakshmana smiled and bowed his head. 'The Lord's grace is most favorable to you, sir — your words are dropping like flowers.'
Chaupai3 / 5
जौं पै कृपाँ जरिहिं मुनि गाता। क्रोध भएँ तनु राख बिधाता।। देखु जनक हठि बालक एहू। कीन्ह चहत जड़ जमपुर गेहू।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लक्ष्मण ने कहा) यदि कृपा से मुनि-शरीर जलेगा — तो क्रोध होने पर शरीर विधाता (ब्रह्मा) रक्षा करें। (परशुराम ने कहा) देखो, जनक! हठी बालक यह — जड़ (मूर्ख) यमपुर (यमलोक) का गेहू (घर) बनाना चाहता।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'If mercy burns one's body, O sage, then when anger comes, may the Creator preserve you. Look, Janaka — this stubborn child wants foolishly to make his home in Yama's city.'
Chaupai4 / 5
बेगि करहु किन आँखिन्ह ओटा। देखत छोट खोट नृप ढोटा।। बिहसे लखनु कहा मन माहीं। मूदें आँखि कतहुँ कोउ नाहीं।।
हिन्दी अर्थ देखें
(परशुराम ने कहा) शीघ्र क्यों नहीं आँखों से ओट (दूर) करो? देखने में छोटा — खोट (शरारत) नृप-ढोटा (राजकुमार)। लक्ष्मण हँसे — मन में कहा — आँखें मूँदने से कोई कहीं नहीं (छिपता)।
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
'Quickly remove him from my sight — the king's boy looks small but is very mischievous.' Lakshmana laughed and thought to himself, 'Closing one's eyes does not make anyone disappear.'
Doha5 / 5
परसुरामु तब राम प्रति बोले उर अति क्रोधु। संभु सरासनु तोरि सठ करसि हमार प्रबोधु।।280।।
हिन्दी अर्थ देखें
परशुराम ने तब राम से बोले — उर (हृदय) में अत्यन्त क्रोध। (कहा) शम्भु-सरासन (शिव-धनुष) तोड़कर, सठ (मूर्ख)! हमारा प्रबोध (उपदेश) करता!
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Then Parashurama spoke to Rama, his heart full of rage, 'Having broken Shambhu's bow, fool, you now try to counsel me?'

Read this doha in English →