अयोध्याकाण्ड
दोहा 108
5 पद
Chaupai1 / 5
सुनि मुनि बचन रामु सकुचाने। भाव भगति आनंद अघाने।।
तब रघुबर मुनि सुजसु सुहावा। कोटि भाँति कहि सबहि सुनावा।।
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मुनि-वचन सुनकर राम सकुचाए — भाव-भक्ति-आनन्द से अघाने (तृप्त)। तब रघुवर ने मुनि का सुहावना सुयश — कोटि (करोड़ों) भाँति कहकर सबको सुनाया।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
suni muni bacana rāmu sakucāne. bhāva bhagati ānaṃda aghāne.
taba raghubara muni sujasu suhāva
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing the sage's words, Rama was bashful, yet filled with blissful devotion. Then the Lord praised the sage's beautiful fame.
Chaupai2 / 5
सो बड सो सब गुन गन गेहू। जेहि मुनीस तुम्ह आदर देहू।।
मुनि रघुबीर परसपर नवहीं। बचन अगोचर सुखु अनुभवहीं।।
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(श्रीराम ने कहा) वही बड़ा — वही सब गुणगण (गुण-समूह) का गृह (भवन) — जिसे मुनीश (मुनीश्वर) आप आदर देते। मुनि-रघुवीर परस्पर नम्रता करते — वचन-अगोचर (शब्दों से परे) सुख अनुभव करते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
so baḍa so saba guna gana gehū. jehi munīsa tumha ādara dehū.
muni raghubīra parasapara navahī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'He alone is great, he alone is the abode of all virtues, whom a sage like you honors.' The sage and Raghubir bowed to each other.
Chaupai3 / 5
यह सुधि पाइ प्रयाग निवासी। बटु तापस मुनि सिद्ध उदासी।।
भरद्वाज आश्रम सब आए। देखन दसरथ सुअन सुहाए।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
यह सुधि (समाचार) पाकर प्रयाग-निवासी — बटु (विद्यार्थी), तापस (तपस्वी), मुनि, सिद्ध, उदासी (वैरागी)। भरद्वाज-आश्रम सब आए — दशरथ-सुअन (पुत्रों) के सुहावने दर्शन करने।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
yaha sudhi pāi prayāga nivāsī. baṭu tāpasa muni siddha udāsī.
bharadvāja āśrama saba āe.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing this news, the residents of Prayag — students, hermits, sages, perfected ones, and ascetics — all came to Bharadwaj's ashram.
Chaupai4 / 5
राम प्रनाम कीन्ह सब काहू। मुदित भए लहि लोयन लाहू।।
देहिं असीस परम सुखु पाई। फिरे सराहत सुंदरताई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
राम ने सबको प्रणाम किया — सब मुदित (प्रसन्न) — लोयन (नेत्रों) का लाहू (फल) पाकर। परम सुख पाकर आशीष देते — सुन्दरता सराहते लौटे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
rāma pranāma kīnha saba kāhū. mudita bhae lahi loyana lāhū.
dehiṃ asīsa parama sukhu pāī.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Rama bowed to everyone. All were delighted, receiving the reward of their eyes. They gave blessings, having attained supreme happiness.
Doha5 / 5
राम कीन्ह बिश्राम निसि प्रात प्रयाग नहाइ।
चले सहित सिय लखन जन मुददित मुनिहि सिरु नाइ।।108।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
राम ने रात विश्राम किया — प्रातः प्रयाग नहाकर। सीता-लक्ष्मण-जन (सेवक) सहित — मुदित (प्रसन्न) मुनि को सिर नवाकर चले।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
rāma kīnha biśrāma nisi prāta prayāga nahāi.
cale sahita siya lakhana jana muddita munihi
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Rama rested for the night and bathed at Prayag at dawn. Then He set forth with Sita, Lakshmana, and His companions, delighted, bidding farewell to the sage.