अयोध्याकाण्ड

दोहा 111

5 पद

Chaupai1 / 5
राम सप्रेम पुलकि उर लावा। परम रंक जनु पारसु पावा।। मनहुँ प्रेमु परमारथु दोऊ। मिलत धरे तन कह सबु कोऊ।।
हिन्दी अर्थ देखें
राम ने सप्रेम पुलकित उर (हृदय) से लगाया — मानो परम रंक (दरिद्र) ने पारस (पारसमणि) पाया। मानो प्रेम और परमार्थ (सत्य) दोनों — मिलते तन (शरीर) धरे — सब कोई कहते।
रोमन लिप्यंतरण देखें
rāma saprema pulaki ura lāvā. parama raṃka janu pārasu pāvā. manahūṃ premu paramārathu doū
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Rama lovingly pressed him to His heart — like a great pauper finding the philosopher's stone. As if Love and Supreme Truth themselves had taken form together.
Chaupai2 / 5
बहुरि लखन पायन्ह सोइ लागा। लीन्ह उठाइ उमगि अनुरागा।। पुनि सिय चरन धूरि धरि सीसा। जननि जानि सिसु दीन्हि असीसा।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर वही लक्ष्मण के पैरों लगा। लक्ष्मण ने अनुराग (प्रेम) उमगकर उठाया। फिर सीता-चरण-धूलि सिर पर धरा। जननी (माता) जानकर शिशु (बालक) को आशीष दी।
रोमन लिप्यंतरण देखें
bahuri lakhana pāyanha soi lāgā. līnha uṭhāi umagi anurāgā. puni siya carana dhūri dhari
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Then the ascetic fell at Lakshmana's feet. Lakshmana lifted him, overflowing with love. Then he placed the dust of Sita's feet on his head.
Chaupai3 / 5
कीन्ह निषाद दंडवत तेही। मिलेउ मुदित लखि राम सनेही।। पिअत नयन पुट रूपु पियूषा। मुदित सुअसनु पाइ जिमि भूखा।।
हिन्दी अर्थ देखें
निषाद (गुह) ने उसे दण्डवत किया। मुदित (प्रसन्न) मिला — राम-स्नेही देखकर। नयनपुट (आँखों) से रूप-पीयूष (अमृत) पीते — मुदित — सुअसन (अच्छा भोजन) पाकर भूखा जैसे।
रोमन लिप्यंतरण देखें
kīnha niṣāda daṃḍavata tehī. mileu mudita lakhi rāma sanehī. piata nayana puṭa rūpu piyūṣa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
The Nishad chief also prostrated before him. He was delighted seeing him as a lover of Rama. Drinking the nectar of His beautiful form with his eyes.
Chaupai4 / 5
ते पितु मातु कहहु सखि कैसे। जिन्ह पठए बन बालक ऐसे।। राम लखन सिय रूपु निहारी। होहिं सनेह बिकल नर नारी।।
हिन्दी अर्थ देखें
(गाँव की स्त्रियाँ कहतीं) वे पिता-माता कहो, सखि! कैसे — जिन्होंने ऐसे बालक वन भेजे? राम-लक्ष्मण-सीता-रूप निहारकर — स्नेह-विकल (व्याकुल) होते नर-नारी।
रोमन लिप्यंतरण देखें
te pitu mātu kahahu sakhi kaise. jinha paṭhae bana bālaka aise. rāma lakhana siya rūpu nihārī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
The women said: 'Tell us, friend, what kind of parents are they who sent such young children to the forest?' Gazing at the beauty of Rama, Lakshmana, and Sita.
Doha5 / 5
तब रघुबीर अनेक बिधि सखहि सिखावनु दीन्ह। राम रजायसु सीस धरि भवन गवनु तेंइँ कीन्ह।।111।।
हिन्दी अर्थ देखें
तब रघुवीर ने सखा (गुह) को अनेक विधि शिक्षा (उपदेश) दी। राम-आज्ञा सिर धरकर — उसने भवन (घर) गमन किया।
रोमन लिप्यंतरण देखें
taba raghubīra aneka bidhi sakhahi sikhāvanu dīnha. rāma rajāyasu sīsa dhari bhavana gavanu teṃiṃ kī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखें
Then Raghubir gave His friend many instructions in various ways. Placing Rama's command on his head, the friend departed for home.

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