अयोध्याकाण्ड
दोहा 232
5 पद
Chaupai1 / 5
तिमिरु तरुन तरनिहि मकु गिलई। गगनु मगन मकु मेघहिं मिलई।।
गोपद जल बूड़हिं घटजोनी। सहज छमा बरु छाड़ै छोनी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) अन्धकार सूर्य को निगल ले — गगन (आकाश) मेघ में समा जाए — गोपद (गाय के खुर) के जल में अगस्त्य मुनि डूबें — (तब भी भरत न बदलें)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
timiru taruna taranihi maku gilaī. gaganu magana maku meghahiṃ milaī.
gopada jala būḍahiṃ ghaṭaja
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Darkness may swallow the young sun; the sky may merge into the clouds; elephants may drown in a cow's hoofprint.'
Chaupai2 / 5
मसक फूँक मकु मेरु उड़ाई। होइ न नृपमदु भरतहि भाई।।
लखन तुम्हार सपथ पितु आना। सुचि सुबंधु नहिं भरत समाना।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) मच्छर की फूँक से मेरु (पर्वत) उड़ जाए — (पर) भरत को राजमद नहीं होगा, भाई! लक्ष्मण! तुम्हारी शपथ, पिता की आन — शुचि (पवित्र), सुबन्धु (= श्रेष्ठ बन्धु) (हैं भरत)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
masaka phūṃka maku meru uḍāī. hoi na nṛpamadu bharatahi bhāī.
lakhana tumhāra sapatha pitu ānā.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'A gnat may blow away Mount Meru — but royal pride can never touch Bharata, brother. Lakshmana, I swear by you and by our father.'
Chaupai3 / 5
सगुन खीरु अवगुन जलु ताता। मिलइ रचइ परपंचु बिधाता।।
भरतु हंस रबिबंस तड़ागा। जनमि कीन्ह गुन दोष बिभागा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) सगुण (गुण) दूध, अवगुण जल — तात! (दोनों) मिलाकर प्रपंच (= संसार) रचता विधाता (ब्रह्मा)। भरत हंस (हैं) — रविवंश (सूर्यवंश) तड़ाग (तालाब) में जन्मकर — (गुण-अवगुण अलग) किया।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
saguna khīru avaguna jalu tātā. milai racai parapaṃcu bidhātā.
bharatu haṃsa rabibamsa taḍāgā.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Virtues are like milk, faults like water, dear son. Mixing them, the Creator fashions the world's illusion. Bharata is the swan in the lake of the Solar dynasty.'
Chaupai4 / 5
गहि गुन पय तजि अवगुन बारी। निज जस जगत कीन्हि उजिआरी।।
कहत भरत गुन सीलु सुभाऊ। पेम पयोधि मगन रघुराऊ।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) गुण-दूध ग्रहण कर, अवगुण-जल त्यागकर — निज यश से जगत् उजियारा किया। भरत के गुण-शील-सुभाव कहते — प्रेम-पयोद (मेघ) से (राम के) नेत्र भरे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gahi guna paya taji avaguna bārī. nija jasa jagata kīnhi ujīārī.
kahata bharata guna sīlu subhā
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Extracting the milk of virtue and leaving the water of fault, he has illumined the world with his fame.' Describing Bharata's virtues, character, and nature.
Doha5 / 5
सुनि रघुबर बानी बिबुध देखि भरत पर हेतु।
सकल सराहत राम सो प्रभु को कृपानिकेतु।।232।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
रघुवर की वाणी सुनकर देवता — भरत पर (राम का) प्रेम देखकर — सब सराहते राम को — ऐसा प्रभु कौन कृपानिकेत (कृपा का घर)!
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
suni raghubara bānī bibudha dekhi bharata para hetu.
sakala sarāhata rāma so prabhu ko kṛpāniketa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing Raghubir's words, the gods, seeing His love for Bharata, all praised Rama — who else is such an abode of mercy?