अयोध्याकाण्ड
दोहा 258
5 पद
Chaupai1 / 5
आरत कहहिं बिचारि न काऊ। सूझ जूआरिहि आपन दाऊ।।
सुनि मुनि बचन कहत रघुराऊ। नाथ तुम्हारेहि हाथ उपाऊ।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) आर्त (दुखी) कहते — विचार नहीं करते। जुआरी को अपना दाँव ही सूझता। मुनि-वचन सुनकर रघुराज कहते — नाथ! आपके (वचन ही प्रमाण)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
ārata kahahiṃ bicāri na kāū. sūjha jūārihi āpana dāū.
suni muni bacana kahata raghurāū. nātha
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'The desperate speak without thinking — like a gambler who sees only his own throw. Hearing the sage's words, Raghurai said: Lord!'
Chaupai2 / 5
सब कर हित रुख राउरि राखें। आयसु किएँ मुदित फुर भाषें।।
प्रथम जो आयसु मो कहुँ होई। माथें मानि करौ सिख सोई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) सबका हित — आपकी रजाई (= इच्छा) रखने में। आज्ञा पालने में प्रसन्न — सच बोलें। पहले जो आज्ञा मुझे हो — माथ (= सिर) पर (धारण करूँ)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
saba kara hita rukha rāuri rākheṃ. āyasu kieṃ mudita phura bhāṣeṃ.
prathama jo āyasu mo kahu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Everyone's welfare lies in obeying Your command. Following Your order, I shall speak the truth. First, whatever You command me.'
Chaupai3 / 5
पुनि जेहि कहँ जस कहब गोसाईं। सो सब भाँति घटिहि सेवकाईं।।
कह मुनि राम सत्य तुम्ह भाषा। भरत सनेहँ बिचारु न राखा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(राम ने कहा) पुनः जिसे जो कहेंगे, गोसाईं (स्वामी)! — वह सब प्रकार से सेवकाई (= सेवा) करेगा। मुनि ने कहा — राम! तुमने सत्य कहा — (पर मेरी बुद्धि भरत-भक्ति से वश हो गई)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
puni jehi kahaṃ jasa kahaba gosāīṃ. so saba bhāṃti ghaṭihi sevakāīṃ.
kaha muni rāma satya ta
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'And whoever You assign whatever task — that person will carry out the service in every way.' The sage said: 'Rama, Your words are true.'
Chaupai4 / 5
तेहि तें कहउँ बहोरि बहोरी। भरत भगति बस भइ मति मोरी।।
मोरें जान भरत रुचि राखि। जो कीजिअ सो सुभ सिव साखी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुरु ने कहा) इसलिए बार-बार कहता हूँ — भरत-भक्ति ने मेरी मति वश कर ली। मेरे विचार में — भरत की रुचि रखकर — जो कीजिए (वही उचित)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
tehi teṃ kahauṃ bahori bahorī. bharata bhagati basa bhai mati morī.
moreṃ jāna bharata ruci rākhī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Therefore I speak again and again — my mind is swayed by Bharata's devotion. In my understanding, honoring Bharata's wish.'
Doha5 / 5
भरत बिनय सादर सुनिअ करिअ बिचारु बहोरि।
करब साधुमत लोकमत नृपनय निगम निचोरि।।258।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गुरु ने कहा) भरत की विनय आदरपूर्वक सुनिए — फिर विचार कीजिए। साधु-मत, लोक-मत, राजनीति, वेद — सबका निचोड़ (= सार) करके (निर्णय लीजिए)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bharata binaya sādara suniā kariā bicāru bahori.
karaba sādhumata lokamata nṛpanaya nigama nicori.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Listen respectfully to Bharata's plea and then consider well. Do what is right by the standards of saints, the world, royal policy, and the Vedas.'