उत्तरकाण्ड
दोहा 115
10 पद
Chaupai1 / 10
जे असि भगति जानि परिहरहीं। केवल ग्यान हेतु श्रम करहीं।।
ते जड़ कामधेनु गृहँ त्यागी। खोजत आकु फिरहिं पय लागी।।
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(काकभुशुण्डि ने कहा) जो ऐसी भक्ति जानकर त्याग देते — केवल ज्ञान के लिए श्रम करते — वे मूर्ख कामधेनु (छोड़ते)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
je asi bhagati jāni pariharahīṃ. kevala gyāna hetu śrama karahīṃ.
te jaḍa kāmadhenu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Those who knowingly abandon such devotion and toil solely for dry knowledge — those fools reject the wish-fulfilling cow.'
Chaupai2 / 10
सुनु खगेस हरि भगति बिहाई। जे सुख चाहहिं आन उपाई।।
ते सठ महासिंधु बिनु तरनी। पैरि पार चाहहिं जड़ करनी।।
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(काकभुशुण्डि ने कहा) सुनो खगेश! श्रीहरि-भक्ति छोड़कर — जो अन्य उपाय से सुख चाहते — वे मूर्ख बिना नाव महासिन्धु (तरना चाहते)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sunu khagesa hari bhagati bihāī. je sukha cāhahiṃ āna upāī.
te saṭha mahāsiṃdhu binu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Hear, O king of birds — those who abandon Hari's devotion and seek happiness by other means, those fools try to cross the great ocean without a boat.'
Chaupai3 / 10
सुनि भसुंडि के बचन भवानी। बोलेउ गरुड़ हरषि मृदु बानी।।
तव प्रसाद प्रभु मम उर माहीं। संसय सोक मोह भ्रम नाहीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
काकभुशुण्डि के वचन सुनकर, हे भवानी! — गरुड़ हर्षित होकर मृदु वाणी में बोले — (गरुड़ ने कहा) आपकी कृपा से, प्रभु!
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
suni bhasuṃḍi ke bacana bhavānī. boleu garuḍa haraṣi mṛdu bānī.
tava prasāda prabhu
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Hearing Kakbhushundi's words, O Bhavani, Garuda spoke with joy in gentle tones: 'By your grace, O Lord.'
Chaupai4 / 10
सुनेउँ पुनीत राम गुन ग्रामा। तुम्हरी कृपाँ लहेउँ बिश्रामा।।
एक बात प्रभु पूँछउँ तोही। कहहु बुझाइ कृपानिधि मोही।।
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(गरुड़ ने कहा) श्रीराम के पुनीत गुण-समूह सुने। आपकी कृपा से विश्राम (शान्ति) पाया। एक बात और पूछता हूँ।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
suneuṃ punīta rāma guna grāmā. tumharī kṛpāṃ laheuṃ biśrāmā.
eka bāta pra
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'I have heard the pure assemblage of Rama's virtues. By your grace I have found peace. One more question I wish to ask humbly.'
Chaupai5 / 10
कहहिं संत मुनि बेद पुराना। नहिं कछु दुर्लभ ग्यान समाना।।
सोइ मुनि तुम्ह सन कहेउ गोसाईं। नहिं आदरेहु भगति की नाईं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(गरुड़ ने कहा) सन्त, मुनि, वेद, पुराण कहते — ज्ञान-समान कुछ दुर्लभ नहीं। वही (ज्ञान) आपने मुनि (से पाकर) त्यागा।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
kahahiṃ santa muni beda purānā. nahiṃ kachu durlabha gyāna samānā.
soī muni tumha
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Saints, sages, Vedas, and Puranas say that nothing is as precious as knowledge. That very knowledge you renounced, O sage.'
Chaupai6 / 10
ग्यानहि भगतिहि अंतर केता। सकल कहहु प्रभु कृपा निकेता।।
सुनि उरगारि बचन सुख माना। सादर बोलेउ काग सुजाना।।
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(गरुड़ ने पूछा) ज्ञान और भक्ति में कितना अन्तर? — सब कहो, हे कृपानिकेत (प्रभु)! गरुड़ के वचन सुनकर (काकभुशुण्डि मुस्कुराए)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gyānahi bhagatihi antara ketā. sakala kahahu prabhu kṛpā niketā.
suni uragāri bacana
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'What is the difference between knowledge and devotion? Tell me everything, O abode of the Lord's grace.' Hearing the bird-king's words, Kakbhushundi smiled.
Chaupai7 / 10
भगतिहि ग्यानहि नहिं कछु भेदा। उभय हरहिं भव संभव खेदा।।
नाथ मुनीस कहहिं कछु अंतर। सावधान सोउ सुनु बिहंगबर।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) भक्ति और ज्ञान में कोई भेद नहीं — दोनों भव-सम्भव (संसार-जनित) खेद (दुख) हरते। हे नाथ! मुनीश कहते —
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bhagatihi gyānahi nahiṃ kachu bhedā. ubhaya harahiṃ bhava sambhava khedā.
nātha munīsa kahahiṃ
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Between devotion and knowledge there is truly no difference — both remove the sorrows of worldly existence. Yet, O lord, the sages say.'
Chaupai8 / 10
ग्यान बिराग जोग बिग्याना। ए सब पुरुष सुनहु हरिजाना।।
पुरुष प्रताप प्रबल सब भाँती। अबला अबल सहज जड़ जाती।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
(काकभुशुण्डि ने कहा) ज्ञान, वैराग्य, योग, विज्ञान — ये सब पुरुष (पुल्लिंग) हैं, सुनो हे हरिभक्त! पुरुष का प्रताप-प्रभाव।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gyāna birāga joga bigyānā. e saba puruṣa sunahu harijānā.
puruṣa pratāpa praba
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
'Knowledge, dispassion, yoga, and realization — these are all masculine in nature, hear me O devotee of Hari. Their power and glory are great.'
Soratha9 / 10
-पुरुष त्यागि सक नारिहि जो बिरक्त मति धीर।।
न तु कामी बिषयाबस बिमुख जो पद रघुबीर।।115(क)।।
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(काकभुशुण्डि ने कहा) पुरुष (विवेकी) विरक्त-बुद्धि-धीर — नारी (माया) त्याग सकता। पर कामी, विषयवश, (श्रीराम-) विमुख — (नहीं त्याग सकता)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
puruṣa tyāgi saka nārihi jo birakta mati dhīra.
na tu kāmī biṣayābasa bimukha jo
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
A man can renounce a woman if he is dispassionate and wise of mind. But not the lustful one enslaved by senses, hostile to the Lord.
Soratha10 / 10
सोउ मुनि ग्याननिधान मृगनयनी बिधु मुख निरखि।
बिबस होइ हरिजान नारि बिष्नु माया प्रगट।।115(ख)।।