उत्तरकाण्ड
दोहा 12
9 पद
Chaupai1 / 9
प्रभु बिलोकि मुनि मन अनुरागा। तुरत दिब्य सिंघासन मागा।।
रबि सम तेज सो बरनि न जाई। बैठे राम द्विजन्ह सिरु नाई।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
प्रभु को देखकर मुनि (वसिष्ठ) का मन अनुरक्त हुआ। तुरन्त दिव्य सिंहासन मँगवाया। सूर्य-सा तेज — वर्णन नहीं हो सकता।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
prabhu biloki muni mana anurāgā. turata dibya siṃghāsana māgā.
rabi sama teja so barani na jāī
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Seeing the Lord, the sage's heart was filled with love. He immediately called for a divine throne, whose radiance like the sun cannot be described.
Chaupai2 / 9
जनकसुता समेत रघुराई। पेखि प्रहरषे मुनि समुदाई।।
बेद मंत्र तब द्विजन्ह उचारे। नभ सुर मुनि जय जयति पुकारे।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
जनकसुता (सीता) समेत श्रीरघुराई को देखकर मुनि-समुदाय प्रहर्षित हुआ। ब्राह्मणों ने वेद-मन्त्र उच्चारण किए — आकाश से ध्वनि गूँजी।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
janakasutā sameta raghurāī. pekhi praharaṣe muni samudāī.
beda mantra taba dvijanha ucāre. nabha
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Seeing Raghurai with Janaki, the assembly of sages was overjoyed. The Brahmins then chanted Vedic mantras as celestial voices resounded from the sky.
Chaupai3 / 9
प्रथम तिलक बसिष्ट मुनि कीन्हा। पुनि सब बिप्रन्ह आयसु दीन्हा।।
सुत बिलोकि हरषीं महतारी। बार बार आरती उतारी।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
प्रथम तिलक मुनि वसिष्ठ ने किया। फिर सब ब्राह्मणों ने आज्ञा दी। पुत्र को देखकर माताएँ हर्षित हुईं।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
prathama tilaka basiṣṭha muni kīnhā. puni saba bipranha āyasu dīnhā.
suta biloki haraṣīṃ ma
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
First sage Vasishtha performed the tilak ceremony, then all the Brahmins gave their consent. The mothers were overjoyed to behold their son.
Chaupai4 / 9
बिप्रन्ह दान बिबिध बिधि दीन्हे। जाचक सकल अजाचक कीन्हे।।
सिंघासन पर त्रिभुअन साई। देखि सुरन्ह दुंदुभीं बजाईं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
ब्राह्मणों को विविध प्रकार के दान दिए। सब याचकों को अयाचक (जिन्हें माँगने की ज़रूरत न रहे) कर दिया। सिंहासन पर त्रिभुवन के स्वामी विराजे।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
bipranha dāna bibidha bidhi dīnhe. jācaka sakala ajācaka kīnhe.
siṃghāsana para tribhuana sāī.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Various kinds of gifts were given to the Brahmins, making every beggar content beyond asking. The Lord of the three worlds sat upon the throne.
Chhand5 / 9
नभ दुंदुभीं बाजहिं बिपुल गंधर्ब किंनर गावहीं।
नाचहिं अपछरा बृंद परमानंद सुर मुनि पावहीं।।
भरतादि अनुज बिभीषनांगद हनुमदादि समेत ते।
गहें छत्र चामर ब्यजन धनु असि चर्म सक्ति बिराजते।।1।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
आकाश में दुन्दुभियाँ बजीं — गन्धर्व-किन्नर गाते। अप्सराओं के वृन्द नाचतीं — परमानन्द में देवता-मुनि।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
nabha dundubhīṃ bājahiṃ bipula gandharba kinnara gāvahīṃ.
nācahiṃ apcharā bṛnda paramānanda sura muni
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Celestial drums sounded, Gandharvas and Kinnaras sang, and groups of Apsaras danced. Supreme bliss filled the gods and sages.
Chhand6 / 9
श्री सहित दिनकर बंस बूषन काम बहु छबि सोहई।
नव अंबुधर बर गात अंबर पीत सुर मन मोहई।।
मुकुटांगदादि बिचित्र भूषन अंग अंगन्हि प्रति सजे।
अंभोज नयन बिसाल उर भुज धन्य नर निरखंति जे।।2।।
Doha7 / 9
वह सोभा समाज सुख कहत न बनइ खगेस।
बरनहिं सारद सेष श्रुति सो रस जान महेस।।12(क)।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
वह शोभा, समाज और सुख — कहा नहीं जा सकता, हे खगेश! शारदा (सरस्वती), शेष और श्रुति (वेद) वर्णन करें — पर उस रस को महेश (शिव) ही जानते हैं।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
vaha sobhā samāja sukha kahata na banai khagesa.
baranahiṃ sārada seṣa śruti so rasa jāna mahesa.
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
O king of birds, that splendor, assembly, and joy cannot be described. Even Sharada, Shesha, and the Vedas describe it — but only Shiva truly knows its essence.
Doha8 / 9
भिन्न भिन्न अस्तुति करि गए सुर निज निज धाम।
बंदी बेष बेद तब आए जहँ श्रीराम।। 12(ख)।।
Doha9 / 9
प्रभु सर्बग्य कीन्ह अति आदर कृपानिधान।
लखेउ न काहूँ मरम कछु लगे करन गुन गान।।12(ग)।।