उत्तरकाण्ड
दोहा 25
5 पद
Chaupai1 / 5
सेवहिं सानकूल सब भाई। राम चरन रति अति अधिकाई।।
प्रभु मुख कमल बिलोकत रहहीं। कबहुँ कृपाल हमहि कछु कहहीं।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
सब भाई अनुकूलता से सेवा करते। श्रीराम-चरणों में अत्यन्त अधिक प्रीति। प्रभु के मुख-कमल को (अपलक) देखते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
sevahiṃ sānukūla saba bhāī. rāma carana rati ati adhikāī.
prabhu mukha kamala
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
All the brothers served Him lovingly, with supreme devotion to Rama's feet. They gazed at the Lord's lotus face without blinking.
Chaupai2 / 5
राम करहिं भ्रातन्ह पर प्रीती। नाना भाँति सिखावहिं नीती।।
हरषित रहहिं नगर के लोगा। करहिं सकल सुर दुर्लभ भोगा।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
श्रीराम भाइयों पर प्रीति करते — अनेक प्रकार से नीति सिखाते। सदा हर्षित रहते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
rāma karahiṃ bhrātanha para prītī. nānā bhāṃti sikhāvahiṃ nītī.
haraṣa
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Rama showed great love to His brothers, teaching them wisdom in many ways. He was ever joyful with them.
Chaupai3 / 5
अहनिसि बिधिहि मनावत रहहीं। श्रीरघुबीर चरन रति चहहीं।।
दुइ सुत सुन्दर सीताँ जाए। लव कुस बेद पुरानन्ह गाए।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
दिन-रात विधाता (ब्रह्मा) से प्रार्थना करते — श्रीरघुवीर के चरणों में प्रेम चाहते। दो-दो सुन्दर पुत्र (प्रत्येक भाई को)।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
ahanisi bidhihi manāvata rahahīṃ. śrīraghubīra carana rati cahahīṃ.
dui su
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Day and night they prayed to the Creator, desiring only love for Shri Raghubir's feet. Two beautiful sons were born to each brother.
Chaupai4 / 5
दोउ बिजई बिनई गुन मंदिर। हरि प्रतिबिंब मनहुँ अति सुंदर।।
दुइ दुइ सुत सब भ्रातन्ह केरे। भए रूप गुन सील घनेरे।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
दोनों विजयी, विनम्र, गुणों के मन्दिर। श्रीहरि का प्रतिबिम्ब — मानो अत्यन्त सुन्दर। दो-दो पुत्र सबको।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
dou bijaī binaī guna mandira. hari pratibimba manahūṃ ati sundara.
dui
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
Both pairs of sons were victorious and humble, temples of virtue, like beautiful reflections of Hari.
Doha5 / 5
ग्यान गिरा गोतीत अज माया मन गुन पार।
सोइ सच्चिदानंद घन कर नर चरित उदार।।25।।
हिन्दी अर्थ देखेंहिन्दी अर्थ
ज्ञान, वाणी और इन्द्रियों से परे, अज (अजन्मा), माया-मन-गुण से पार। वही सच्चिदानन्द-घन (परमात्मा) — उदार मनुष्य-चरित्र करते।
रोमन लिप्यंतरण देखेंरोमन लिप्यंतरण
gyāna girā gotīta aja māyā mana guna pāra.
soī saccidānanda ghana kara nara
अंग्रेज़ी अनुवाद देखेंअंग्रेज़ी अनुवाद
He who is beyond speech and knowledge, unborn, beyond Maya, mind, and the gunas — that very Being, who is pure Existence-Consciousness-Bliss, played as a human in the city.