॥ श्रीरामचरितमानस ॥
मूल पाठ, हिन्दी अर्थ और अंग्रेज़ी अनुवाद सहित रामायण पढ़ें
6,072 पद, 7 काण्ड — हिन्दी अर्थ और अंग्रेज़ी अनुवाद सहित
मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी॥
बालकाण्ड
Bal Kand
बालकाण्ड में श्रीरामचरितमानस का मंगलाचरण, शिव-सती तथा शिव-पार्वती प्रसंग, श्रीराम एवं उनके भाइयों का जन्म और बाल्यकाल, सीता स्वयंवर में शिव धनुष का भंग और श्रीराम-सीता विवाह का वर्णन है।
अयोध्याकाण्ड
Ayodhya Kand
अयोध्याकाण्ड में कैकेयी के दो वरदान, श्रीराम का सीता और लक्ष्मण सहित चौदह वर्ष का वनवास, राजा दशरथ का शोक और देहावसान, तथा भरत का चित्रकूट जाकर श्रीराम को लौटाने का प्रयास वर्णित है।
अरण्यकाण्ड
Aranya Kand
अरण्यकाण्ड में श्रीराम का दण्डकवन में ऋषियों से मिलन, शूर्पणखा प्रसंग, मारीच का स्वर्ण मृग, रावण द्वारा सीताहरण, जटायु का बलिदान तथा शबरी पर कृपा का वर्णन है।
किष्किन्धाकाण्ड
Kishkindha Kand
किष्किन्धाकाण्ड में श्रीराम का हनुमान एवं सुग्रीव से मिलन, बालि वध, वानर सेना से मैत्री और सीता की खोज हेतु चारों दिशाओं में दूतों के प्रस्थान का वर्णन है।
सुन्दरकाण्ड
Sundar Kand
सुन्दरकाण्ड में हनुमानजी का समुद्र लाँघकर लंका पहुँचना, सीता की खोज, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट, लंका दहन तथा सीताजी का संदेश लेकर लौटना वर्णित है। यही वह काण्ड है जिसका पाठ सर्वाधिक किया जाता है।