Kishkindha Kanda

Sarga 12: Rama demonstrates his prowess in shooting -- Sugriva fails in the first combat with Vali -- Rama explains the difficulty in identifying Vali -- advises Sugriva to wear Gajapushpi creeper to help him identify -- once again Sugriva proceeds to encounter Vali

किष्किन्धाकाण्डम् · सर्ग 12

41 shlokas

ShlokaShloka 1
एतच्च वचनं श्रुत्वा सुग्रीवेण सुभाषितम्। प्रत्ययार्थं महातेजा रामो जग्राह कार्मुकम्4.12.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुग्रीव के सुन्दर ढंग से कहे हुए इस वचन को सुनकर महातेजस्वी श्रीराम ने उन्हें विश्वास दिलाने के लिये धनुष हाथ में लिया
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Having heard Sugriva's pleasing words, the brilliant Rama took up the bow in order to inspire confidence in Sugriva.
ShlokaShloka 2
स गृहीत्वा धनुर्घोरं शरमेकं च मानदः। सालमुद्दिश्य चिक्षेप ज्यास्वनैः पूरयन्दिशः। 4.12.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
दूसरों को मान देने वाले श्रीरघुनाथजी ने वह भयंकर धनुष और एक बाण लेकर धनुष की टंकार से सम्पूर्ण दिशाओं को जाते हुए उस बाण को साल वृक्ष की ओर छोड़ दिया
Show English Translation
Rama, subduer of the enemy's pride, strung his terrific bow, produced the twang that filled all directions, and discharged a single arrow aimed at the sala tree.
ShlokaShloka 3
स विसृष्टो बलवता बाणस्स्वर्णपरिष्कृतः। भित्त्वा सालान् गिरिप्रस्थं सप्त भूमिं विवेश ह4.12.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार एक ही मुहूर्त में उन सबका भेदन करके वह महान् वेगशाली बाण पुनः वहाँ से निकलकर उनके तरकस में ही प्रविष्ट हो गया
Show English Translation
Released with great force, Rama's arrow embellished with gold pierced through the seven sala trees and splitting the mountain terrain entered the earth.
ShlokaShloka 4
प्रविष्टश्च मुहूर्तेन धरां भित्त्वा महाजवः। निष्पत्य च पुनस्तूर्णं स्वतूणीं प्रविवेश ह4.12.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार एक ही मुहूर्त में उन सबका भेदन करके वह महान् वेगशाली बाण पुनः वहाँ से निकलकर उनके तरकस में ही प्रविष्ट हो गया
Show English Translation
In a moment the arrow emerged from the earth which it pierced and reentered the quiver with great speed.
ShlokaShloka 5
तान्दृष्ट्वा सप्त निर्भिन्नान्सालान्वानरपुङ्गवः। रामस्य शरवेगेन विस्मयं परमं गतः4.12.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
श्रीराम के बाण के वेग से उन सातों साल वृक्षों को विदीर्ण हुआ देख वानरशिरोमणि सुग्रीव को बड़ा विस्मय हुआ
Show English Translation
The chief of the monkeys was struck with wonder seeing Rama's arrow piercing through the seven sala trees so swiftly.
ShlokaShloka 6
स मूर्ध्ना न्यपतदभ्मौ प्रलम्बीकृतभूषणः। सुग्रीवः परमप्रीतो राघवाय कृताञ्जलिः4.12.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
साथ ही उन्हें मन-ही-मन बड़ी प्रसन्नता हुई। सुग्रीव ने हाथ जोड़कर धरती पर माथा टेक दिया और श्रीरघुनाथजी को साष्टाङ्ग प्रणाम किया। प्रणाम के लिये झुकते समय उनके कण्ठहारादि भूषण लटकते हुए दिखायी देते थे
Show English Translation
Sugriva was immensely happy and offered obeisance to Rama with folded hands and bowed down and prostrated while his ornaments touched the ground.
ShlokaShloka 7
इदं चोवाच धर्मज्ञं कर्मणा तेन हर्षितः। रामं सर्वास्त्रविदुषां श्रेष्ठं शूरमवस्थितम्4.12.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
श्रीराम के उस महान् कर्म से अत्यन्त प्रसन्न हो उन्होंने सामने खड़े हुए सम्पूर्ण अस्त्र-वेत्ताओं में श्रेष्ठ धर्मज्ञ, शूरवीर श्रीरामचन्द्रजी से इस प्रकार कहा-
Show English Translation
Sugriva who stood by, elated to watch the deed of Rama, best among the valiant, proficient in the use of arms of all kinds and knower of dharma, said:
ShlokaShloka 8
सेन्द्रानपि सुरान्सर्वांस्त्वं बाणैः पुरुषर्षभ। समर्थस्समरे हन्तुं किं पुन र्वालिनं प्रभो 4.12.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘पुरुषप्रवर! भगवन्! आप तो अपने बाणों से समराङ्गण में इन्द्रसहित सम्पूर्ण देवताओं का वध भी करने में समर्थ हैं। फिर वाली को मारना आपके लिये कौन बड़ी बात है ?
Show English Translation
'O bull among men, O lord, you are capable of killing with your arrows even the gods including Indra in the battle, what to speak of Vali.
ShlokaShloka 9
येन सप्तमहासाला गिरिर्भूमिश्च दारिताः। बाणेनैकेन काकुत्स्थ स्थाता ते को रणाग्रतः4.12.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘काकुत्स्थ! जिन्होंने सात बड़े-बड़े सालवृक्ष, पर्वत और पृथ्वी को भी एक ही बाण से विदीर्ण कर डाला, उन्हीं आपके समक्ष युद्ध के मुहाने पर कौन ठहर सकता है
Show English Translation
'O Rama who can in a battle confront you, capable of splitting seven huge sala trees, the mountain and the earth with a single arrow?
ShlokaShloka 10
अद्य म��� विगतश्शोकः प्रीतिरद्य परा मम। सुहृदं त्वां समासाद्य महेन्द्रवरुणोपमम्4.12.10।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महेन्द्र और वरुण के समान पराक्रमी आपको सुहृद् के रूपमें पाकर आज मेरा सारा शोक दूर हो गया। आज मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई है
Show English Translation
'Having found a friend in you comparable to Indra and Varuna, my grief is gone and I am so happy now.
ShlokaShloka 11
तमद्यैव प्रियार्थं मे वैरिणं भ्रातृरूपिणम्। वालिनं जहि काकुत्स्थ मया बद्धोऽयमञ्जलिः4.12.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘ककुत्स्थकुलभूषण! मैं हाथ जोड़ता हूँ। आप आज ही मेरा प्रिय करने के लिये उस वाली का, जो भाई के रूप में मेरा शत्रु है, वध कर डालिये’
Show English Translation
'O Rama, for my pleasure kill Vali who is, to me, an enemy in the guise of a brother. I fold my hands to you.
ShlokaShloka 12
ततो रामः परिष्वज्य सुग्रीवं प्रियदर्शनम्। प्रत्युवाच महाप्राज्ञो लक्ष्मणानुगतं वचः4.12.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार श्रीवाल्मीकि निर्मित आर्षरामायण आदिकाव्य के किष्किन्धाकाण्ड में बारहवाँ सर्ग पूरा हुआ
Show English Translation
Then wise Rama embraced handsome Sugriva and replied in these words which were agreeable to Lakshmana:
ShlokaShloka 13
अस्माद्गच्छेम किष्किन्धां क्षिप्रं गच्छ त्वमग्रतः। गत्वा चाह्वय सुग्रीव वालिनं भ्रातृगन्धिनम्4.12.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सुग्रीव! हमलोग शीघ्र ही इस स्थान से किष्किन्धा को चलते हैं। तुम आगे जाओ और जाकर व्यर्थ ही भाई कहलाने वाले वाली को युद्ध के लिये ललकारो’
Show English Translation
'O Sugriva, get ready at once. We will promptly proceed to Kishkinda from here. Go ahead and challenge Vali, your brother only in name, to a combat.'
ShlokaShloka 14
सर्वे ते त्वरितं गत्वा किष्किन्धां वालिनः पुरीम्। वृक्षैरात्मानमावृत्य व्यतिष्ठन्गहने वने4.12.14।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर वे सब लोग वाली की राजधानी किष्किन्धापुरी में गये और वहाँ गहन वन के भीतर वृक्षों की आड़ में छिपकर खड़े हो गये
Show English Translation
Thay all rushed to Kishkinda, the capital of Vali and waited in the thick forest behind the trees.
ShlokaShloka 15
सुग्रीवो व्यनदद्घोरं वालिनोऽऽह्वानकारणात्। गाढं परिहितो वेगान्नादैर्भिन्दन्निवाम्बरम्4.12.15।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुग्रीव ने लँगोट से अपनी कमर खूब कस ली और वाली को बुलाने के लिये भयंकर गर्जना की। वेगपूर्वक किये हुए उस सिंहनाद से मानो वे आकाश को फाड़े डालते थे
Show English Translation
Sugriva tightened up his waist cloth hurriedly and roared terrifically as though piercing the sky. And screamed for Vali.
ShlokaShloka 16
तं श्रुत्वा निनदं भ्रातुः क्रुद्धो वाली महाबलः। निश्चक्राम सुसंरब्धो भास्करोऽस्ततटादिव4.12.16।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर तो वाली और सुग्रीव में बड़ा भयंकर युद्ध छिड़ गया, मानो आकाश में बुध और मंगल इन दोनों ग्रहों में घोर संग्राम हो रहा हो
Show English Translation
On hearing his brother roaring, powerful Vali was enraged and rushed like the Sun from behind the western shore of the ocean (this simile suggests the downfall of Vali).
ShlokaShloka 17
ततस्सुतुमुलं युद्धं वालिसुग्रीवयोरभूत���। गगने ग्रहयोर्घोरं बुधाङ्गारकयोरिव4.12.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर तो वाली और सुग्रीव में बड़ा भयंकर युद्ध छिड़ गया, मानो आकाश में बुध और मंगल इन दोनों ग्रहों में घोर संग्राम हो रहा हो
Show English Translation
Then a tumultuous combat took place between Vali and Sugriva who looked like the planets Mercury and Mars.
ShlokaShloka 18
तलैरशनिकल्पैश्च वज्रकल्पैश्च मुष्टिभिः। जघ्नतुस्समरेऽन्योन्यं भ्रातरौ क्रोधमूर्छितौ4.12.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसी समय श्रीरामचन्द्रजी ने धनुष हाथ में लिया और उन दोनों की ओर देखा। वे दोनों वीर अश्विनीकुमारों की भाँति परस्पर मिलते-जुलते दिखायी दिये
Show English Translation
The brothers, insensate with fury, struck each other like thunder with their palms, soles and fists in the combat.
ShlokaShloka 19
ततो रामो धनुष्पाणिस्तावुभौ समुदीक्ष्यतु। अन्योन्यसदृशौ वीरावुभौ देवाविवाश्विनौ4.12.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसी समय श्रीरामचन्द्रजी ने धनुष हाथ में लिया और उन दोनों की ओर देखा। वे दोनों वीर अश्विनीकुमारों की भाँति परस्पर मिलते-जुलते दिखायी दिये
Show English Translation
Bow in hand, Rama watched both the heroes who resembled the twin Aswini Kumaras.
ShlokaShloka 20
यन्नावगच्छत्सुग्रीवं वालिनं वापि राघवः। ततो न कृतवान्बुद्धिं मोक्तुमन्तकरं शरम्4.12.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
इसी बीच में वाली ने सुग्रीव के पाँव उखाड़ दिये। वे अपने रक्षक श्रीरघुनाथजी को न देखकर ऋष्यमूक पर्वत की ओर भागे
Show English Translation
Since Rama was not able to distinguish between Vali and Sugriva, he could not decide whether he should discharge his deadly arrow .
ShlokaShloka 21
एतस्मिन्नन्तरे भग्नस्सुग्रीवस्तेन वालिना। अपश्यन्राघवं नाथमृश्यमूकं प्रदुद्रुवे4.12.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
इसी बीच में वाली ने सुग्रीव के पाँव उखाड़ दिये। वे अपने रक्षक श्रीरघुनाथजी को न देखकर ऋष्यमूक पर्वत की ओर भागे
Show English Translation
Discomfited by Vali, and not seeing Rama around, Sugriva ran towards Rishyamuka mountain.
ShlokaShloka 22
क्लान्तो रुधिरसिक्ताङ्गः प्रहारैर्जर्झरीकृतः। वालिनाऽभिद्रुतः क्रोधात्प्रविवेश महावनम्4.12.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
वे बहुत थक गये थे। उनका सारा शरीर लहूलुहान और प्रहारों से जर्जर हो रहा था। इतने पर भी वाली ने क्रोधपूर्वक उनका पीछा किया। किंतु वे मतंगमुनि के महान् वन में घुस गये
Show English Translation
Exhausted, disfigured and body mauled and drenched in blood all over, Sugriva, chased by the infuriated Vali, entered the region of great sage Matanga.
ShlokaShloka 23
तं प्रविष्टं वनं दृष्ट्वा वाली शापभयार्दितः। मुक्तो ह्यसि त्वमित्युक्त्वा स निवृत्तो महाद्युतिः4.12.23।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुग्रीव को उस वन में प्रविष्ट हुआ देख महाबली वाली शाप के भय से वहाँ नहीं गया और ‘जाओ तुम बच गये’ ऐसा कहकर वहाँ से लौट आया
Show English Translation
Effulgent Vali saw Sugriva entering the (prohibited) grove and turned back due to the fear of the curse (of sage Matanga) saying, 'You have escaped'.
ShlokaShloka 24
राघवोऽसि सह भ्रात्रा सह चैव हनूमता। तदेव वनमागच्छत्सुग्रीवो यत्र वानरः4.12.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
इधर श्रीरघुनाथजी भी अपने भाई लक्ष्मण तथा श्रीहनुमान जी के साथ उसी समय वनमें आ गये, जहाँ वानर सुग्रीव विद्यमान थे
Show English Translation
Rama together with Lakshmana and Hanuman also arrived at the same gave where Sugriva was.
ShlokaShloka 25
तं समीक्ष्यागतं रामं सुग्रीवस्सहलक्ष्मणम्। ह्रीमान्दीनमुवाचेदं वसुधामवलोकयन्4.12.25।।
हिन्दी अर्थ देखें
लक्ष्मणसहित श्रीराम को आया देख सुग्रीव को बड़ी लज्जा हुई और वे पृथ्वी की ओर देखते हुए दीन वाणी में उनसे बोले-
Show English Translation
At the sight of Rama accompanied by Lakshmana, Sugriva felt ashmed and aggrieved, and looking down on the ground, said:
ShlokaShloka 26
आह्वयस्वेति मामुक्त्वा दर्शयित्वा च विक्रमम्। वैरिणा घातयित्वा च किमिदानीं त्वया कृतम्4.12.26।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! आपने अपना पराक्रम दिखाया और मुझे यह कहकर भेज दिया कि जाओ, वाली को युद्ध के लिये ललकारो, यह सब हो जाने पर आपने शत्रु से पिटवाया और स्वयं छिप गये। बताइये, इस समय आपने ऐसा क्यों किया? आपको उसी समय सच-सच बता देना चाहिये था कि मैं वाली को नहीं मारूँगा। ऐसी दशा में मैं यहाँ से उसके पास जाता ही नहीं’
Show English Translation
'You demonstrated your prowess and directed me to challenge Vali and then why did you make the enemy hit me thus?
ShlokaShloka 27
तामेन वेलां वक्तव्यं त्वया राघव तत्त्वतः। वालिनं न निहन्मीति ततो नाहमितो व्रजे4.12.27।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! आपने अपना पराक्रम दिखाया और मुझे यह कहकर भेज दिया कि जाओ, वाली को युद्ध के लिये ललकारो, यह सब हो जाने पर आपने शत्रु से पिटवाया और स्वयं छिप गये। बताइये, इस समय आपने ऐसा क्यों किया? आपको उसी समय सच-सच बता देना चाहिये था कि मैं वाली को नहीं मारूँगा। ऐसी दशा में मैं यहाँ से उसके पास जाता ही नहीं’
Show English Translation
'Had you, in fact, told me that you were not going to kill Vali, I would not have budged from this place.'
ShlokaShloka 28
तस्य चैवं ब्रुवाणस्य सुग्रीवस्य महात्मनः। करुणं दीनया वाचा ���ाघवः पुनरब्रवीत्4.12.28।।
हिन्दी अर्थ देखें
महामना सुग्रीव जब दीन वाणी द्वारा इस प्रकार करुणाजनक बात कहने लगे, तब श्रीराम फिर उनसे बोले-
Show English Translation
On hearing the great Sugriva's miserable and moving words, Rama again said:
ShlokaShloka 29
सुग्रीव श्रूयातां तात क्रोधश्च व्यपनीयताम्। कारणं येन बाणोऽयं न मया स विसर्जितः4.12.29।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात सुग्रीव! मेरी बात सुनो, क्रोध को अपने मन से निकाल दो। मैंने क्यों नहीं बाण चलाया, इसका कारण बतलाता हूँ
Show English Translation
'O dear Sugriva dispel your anger and listen to me why I had not released the arrow.
ShlokaShloka 30
अलङ्कारेण वेषेण प्रमाणेन गतेन च। त्वं च सुग्रीव वाली च सदृशौ स्थः परस्परम्4.12.30।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुग्रीव! वेशभूषा, कद और चाल-ढाल में तुम और वाली दोनों एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो
Show English Translation
'O Sugriva in form, ornaments and movements there is perfect resemblance between you and Vali.
ShlokaShloka 31
स्वरेण वर्चसा चैव प्रेक्षितेन च वानर। विक्रमेण च वाक्यैश्च व्यक्तिं वां नोपलक्षये4.12.31।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘स्वर, कान्ति, दृष्टि, पराक्रम और बोल चाल के द्वारा भी मुझे तुम दोनों में कोई अन्तर नहीं दिखायी देता
Show English Translation
'O monkey in your voice, in brightness, in looks, in valour or in words I have marked no difference between you.
ShlokaShloka 32
ततोऽहं रूपसादृश्यान्मोहितो वानरोत्तम। नोत्सृजामि महावेगं शरं शत्रुनिबर्हणम्4.12.32।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानरश्रेष्ठ! तुम दोनों के रूप की इतनी समानता देखकर मैं मोह में पड़ गया—तुम्हें पहचान न सका; इसलिये मैंने अपना महान् वेगशाली शत्रुसंहारक बाण नहीं छोड़ा
Show English Translation
'O distinguished monkey you both are so similar in form that I was puzzled and did not release my swift arrow that could have destroyed the enemy.
ShlokaShloka 33
जीवितान्तकरं घोरं सादृश्यात्तु विशङ्कितः। मूलघातो न नौ स्याद्धि द्वयोरपि कृतो मया4.12.33।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरा वह भयंकर बाण शत्रु के प्राण लेने वाला था, इसलिये तुम दोनों की समानता से संदेह में पड़कर मैंने उस बाण को नहीं छोड़ा। सोचा, कहीं ऐसा न हो कि हम दोनों के मूल उद्देश्य का ही विनाश हो जाय
Show English Translation
'I was doubtful because of your similar appearance. I thought that I should not strike at the very root of the interests of both of us. Therefore, I did not release the terrific and deadly arrow.
ShlokaShloka 34
त्वयि वीरे विपन्ने हि अज्ञानाल्लाघवान्मया। मौढ्यं च मम बाल्यं च ख्यापितं स्यात्कपीश्वर4.12.34।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वीर ! वानरराज! यदि अनजान में या जल्दबाजी के कारण मेरे बाण से तुम्ही मारे जाते तो मेरी बालोचित चपलता और मूढ़ता ही सिद्ध होती
Show English Translation
'O lord of monkeys I would have betrayed my foolishness and childishness had I exposed you to danger by my ignorance and thoughtlessness.
ShlokaShloka 35
दत्ताभयवधो नाम पातकं महदुच्यते। अहं च लक्ष्मणश्चैव सीता च वरवर्णिनी4.12.35।। त्वदधीना वयं सर्वे वनेऽस्मिन् शरणं भवान्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जिसको अभय दान दे दिया गया हो, उसका वध करने से बड़ा भारी पाप होता है; यह एक अद्भुत पातक है। इस समय मैं, लक्ष्मण और सुन्दरी सीता सब तुम्हारे अधीन हैं। इस वन में तुम्हीं हमलोगों के आश्रय हो; इसलिये वानरराज! शङ्का न करो; पुनः चलकर युद्ध प्रारम्भ करो
Show English Translation
'It is said that killing a person to whom protection is promised is highly sinful. Lakshmana, darling Sita and me, are under your care and you are our refuge.
ShlokaShloka 36
तस्माद्युध्यस्व भूयस्त्वं मा मा शङ्केश्च वानर4.12.36।। एतन्मुहूर्ते सुग्रीव पश्य वालिनमाहवे। निरस्तमिषुणैकेन वेष्टमानं महीतले4.12.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जिसको अभय दान दे दिया गया हो, उसका वध करने से बड़ा भारी पाप होता है; यह एक अद्भुत पातक है। इस समय मैं, लक्ष्मण और सुन्दरी सीता सब तुम्हारे अधीन हैं। इस वन में तुम्हीं हमलोगों के आश्रय हो; इसलिये वानरराज! शङ्का न करो; पुनः चलकर युद्ध प्रारम्भ करो
Show English Translation
'Therefore, O monkey, go and engage yourself in fight again. Do not suspect me. With this single arrow of mine, in one moment you will see Vali thrown down and rolling on the ground in this combat.
ShlokaShloka 37
अभिज्ञानं कुरुष्व त्वमात्मनो वानरेश्वर। येन त्वामभिजानीयां द्वन्द्वयुद्धमुपागतम्4.12.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम इसी मुहूर्त में वाली को मेरे एक ही बाण का निशाना बनकर धरती पर लोटता देखोगे
Show English Translation
'O lord of monkeys while you both are engaged in a duel wear some identification mark by which I can recognise you.
ShlokaShloka 38
गजपुष्पीमिमां फुल्लामुत्पाट्य शुभलक्षणाम्। कुरु लक्ष्मण कण्ठेऽस्य सुग्रीवस्य महात्मनः।।4.12.39।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानरेश्वर! अपनी पहचान के लिये तुम कोई चिह्न धारण कर लो, जिससे द्वन्द्वयुद्ध में प्रवृत्त होने पर मैं तुम्हें पहचान सकूँ’
Show English Translation
'O Lakshmana this Gajapushpi in bloom is auspicious. Pluck and fasten it on great Sugriva's neck.'
ShlokaShloka 39
ततो गिरितटे जातामुत्पाट्य कुसुमाकुलाम्। लक्ष्मणो गजपुष्पीं तां तस्य कण्ठे व्यसर्जयत्4.12.40।।
हिन्दी अर्थ देखें
(सुग्रीव से ऐसा कहकर श्रीरामचन्द्रजी लक्ष्मण से बोले—) ‘लक्ष्मण! यह उत्तम लक्षणों से युक्त गजपुष्पीलता फूल रही है। इसे उखाड़कर तुम महामना सुग्रीव के गले में पहना दो’
Show English Translation
Then Lakshmana went to the mountain slope, plucked the (creeper with) gajapuspi blossoms and fastened it on the neck of Sugriva.
ShlokaShloka 40
स तया शुशुभे श्रीमान् लतया कण्ठसक्तया। मालयेव बलाकानां ससन्ध्य इव तोयदः4.12.41।।
हिन्दी अर्थ देखें
यह आज्ञा पाकर लक्ष्मण ने पर्वत के किनारे उत्पन्न हुई फूलों से भरी वह गजपुष्पी लता उखाड़कर सुग्रीव के गले में डाल दिया
Show English Translation
With the creeper round the neck, Sugriva looked like the raincloud at twilight, adorned by a row of cranes like a garland.
ShlokaShloka 41
विभ्राजमानो वपुषा रामवाक्यसमाहितः। जगाम सह रामेण किष्किन्थां वालिपालिताम्4.12.42।।
हिन्दी अर्थ देखें
गले में पड़ी हुई उस लता से श्रीमान् सुग्रीव वकपंक्ति से अलंकृत संध्याकाल के मेघ की भाँति शोभा पाने लगे
Show English Translation
Radiant Sugriva intent on carrying out Rama's words again went to Kishkinda ruled by Vali. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे द्वादशस्सर्गः।। Thus ends the twelfth sarga of Kishkindakanda of the holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.