Kishkindha Kanda

Sarga 59: Information brought by Suparshva, Sampati's son.

किष्किन्धाकाण्डम् · सर्ग 59

27 shlokas

ShlokaShloka 1
ततस्तदमृतास्वादं गृध्रराजेन भाषितम्। निशम्य मुदिता हृष्टास्ते वचः प्लवगर्षभाः।।4.59.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय वार्तालाप करते हुए गृध्रराज के द्वारा कहे गये उस अमृत के समान स्वादिष्ट मधुर वचन को सुनकर सब वानरश्रेष्ठ हर्ष से खिल उठे
Show English Translation
The mighty monkeys were delighted to hear the nectarlike words of the king of vultures.
ShlokaShloka 2
जाम्बवान् वानरश्रेष्ठस्सह सर्वैः प्लवङ्गमैः। भूतलात्सहसोत्थाय गृध्रराजानमब्रवीत्।।4.59.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
वानरों और भालुओं में श्रेष्ठ जाम्बवान् सब वानरों के साथ सहसा भूतल से उठकर खड़े हो गये और गृध्रराज से इस प्रकार पूछने लगे—
Show English Translation
Jambavan the king of bears got up at once from the ground along with the monkeys and spoke to the king of vultures:
ShlokaShloka 3
क्व सीता केन वा दृष्टा को वा हरति मैथिलीम्। तदाख्यातु ��वात्सर्वं गतिर्भव वनौकसाम्।।4.59.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘पक्षिराज! सीता कहाँ हैं? किसने उन्हें देखा है? और कौन उन मिथिलेशकुमारी को हरकर ले गयाहै? ये सब बातें बताइये और हम सब वनवासी वानरों के आश्रयदाता होइये
Show English Translation
'Where is Sita now? By whom else was she seen while being carried? Pray, tell us everything. You are the ultimate saviour of monkeys.
ShlokaShloka 4
को दाशरथि बाणानां वज्रवेगनिपातिनाम्। स्वयं लक्ष्मणमुक्तानां न चिन्तयति विक्रमम्।।4.59.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कौन ऐसा धृष्ट है, जो वज्र के समान वेगपूर्वक चोट करने वाले दशरथनन्दन श्रीराम के बाणों तथा स्वयं लक्ष्मण के चलाये हुए सायकों के पराक्रम को कुछ नहीं समझता है ?’
Show English Translation
'Who is not aware of Rama's swift arrows which are like thunderbolt? Who is not able to assess the speed and power of arrows of Lakshmana released directly?'
ShlokaShloka 5
स हरीन्प्रीतिसंयुक्तान्सीताश्रुतिसमाहितान्। पुनराश्वसयन्प्रीत: इदं वचनमब्रवीत्।।4.59.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय उपवास छोड़कर बैठे और सीताजी का वृत्तान्त सुनने के लिये एकाग्र हुए वानरों को प्रसन्नतापूर्वक पुनः आश्वासन देते हुए सम्पाति ने उनसे यह बात कही-
Show English Translation
Pleased to see the happiness and eagernes of the monkeys assembled to hear about Sita, Sampati continued in order to reassure them:
ShlokaShloka 6
श्रूयतामिह वैदेह्या यथा मे हरणं श्रुतम्। येन चापि ममाऽख्यातं यत्र वायतलोचना।।4.59.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानरो! विदेहकुमारी सीता का जिस प्रकार अपहरण हुआ है, विशाललोचना सीता इस समय जहाँ है और जिसने मुझसे यह सब वृत्तान्त कहा है एवं जिस तरह मैंने सुना है, वह सब बताता हूँ, सुनो –
Show English Translation
'Now hear by whom I was informed about the abduction of the largeeyed princess from Videha and where she is at present.
ShlokaShloka 7
अहमस्मिन्गिरौ दुर्गे बहुयोजनमायते। चिरान्निपतितो वृद्धः क्षीणप्राणपराक्रमः।।4.59.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यह दुर्गम पर्वत कई योजनों तक फैला है। दीर्घकाल हुआ, जब मैं इस पर्वत पर गिरा था। मेरी प्राणशक्ति क्षीण हो गयी थी और मैं वृद्ध था
Show English Translation
'With my vitality and prowess depleted, I have been staying for a long time on this mountain, extended by several yojanas and inaccessible.
ShlokaShloka 8
तं मामेवं गतं पुत्रस्सुपार्श्वोनाम नामतः। आहारेण यथाकालं बिभर्ति पततां वरः।।4.59.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इस अवस्था में मेरा पुत्र पक्षिप्रवर सुपार्श्व ही यथा समय आहार देकर प्रतिदिन मेरा भरण-पोषण करता है
Show English Translation
'Reduced to this state, I have been maintained by food given in time by my son named Suparshva, best among birds.
ShlokaShloka 9
तीक्ष्णकामास्तु गन्धर्वास्तीक्ष्णकोपा भुजङ्गमाः। मृगाणां तु भयं तीक्ष्णं ततस्तीक्ष्णक्षुधा वयम्।।4.59.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जैसे गन्धर्वो का कामभाव तीव्र होता है, सर्पो का क्रोध तेज होता है और मृगों को भय अधिक होता है, उसी प्रकार हमारी जाति के लोगों की भूख बड़ी तीव्र होती है
Show English Translation
'Gandharvas have intense passion. Serpents show violent anger. Deer have great fear. And we vultures have great hunger.
ShlokaShloka 10
स कदाचित्क्षुधार्तस्य ममाहाराभिकाङ्क्षिणः। गतसूर्येऽहनि प्राप्तो मम पुत्रो ह्यनामिषः।।4.59.10।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘एक दिन की बात है मैं भूख से पीड़ित होकर आहार प्राप्त करना चाहता था। मेरा पुत्र मेरे लिये भोजन की तलाश में निकला था, किंतु सूर्यास्त होने के बाद वह खाली हाथ लौट आया, उसे कहीं मांस नहीं मिला
Show English Translation
'Once my son came to me without meat after sunset while I was feeling hungry for food.
ShlokaShloka 11
स मामाहारसंरोधात्पीडितं प्रीतिवर्धनः। अनुमान्य यथातत्त्वमिदं वचनमब्रवीत्।।4.59.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘भोजन न मिलने से मैंने कठोर बातें सुनाकर अपनी प्रीति बढ़ाने वाले उस पुत्र को बहुत पीड़ा दी, किंतु उसने नम्रतापूर्वक मुझे आदर देते हुए यह यथार्थ बात कही—
Show English Translation
'I was thinking, tormented with hunger, my son who always keeps me happy told me exactly what had happened:
ShlokaShloka 12
अहं तात यथाकालमामिषार्थी खमाप्लुतः। महेन्द्रस्य गिरेर्द्वारमावृत्य सुसमास्थितः।।4.59.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात! मैं यथासमय मांस प्राप्त करने की इच्छा से आकाश में उड़ा और महेन्द्र पर्वत के द्वार को रोककर खड़ा हो गया
Show English Translation
'O dear father I went to get food at the right time and stood blocking the entrance of mount Mahendra.
ShlokaShloka 13
तत्र सत्त्वसहस्राणां सागरान्तरचारिणाम्। पन्थानमेकोऽध्यवसं सन्निरोद्धुमवाङ्मुखः।।4.59.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वहाँ अपनी चोंच नीची करके मैं समुद्र के भीतर विचरने वाले सहस्रों जन्तुओं के मार्ग को रोकने के लिये अकेला ठहर गया
Show English Translation
'There I stood alone looking down, obstructing the path of thousands of creatures inhabiting the ocean.
ShlokaShloka 14
तत्र कश्चिन्मया दृष्ट स्सूर्योदयसमप्रभाम्। स्त्रियमादाय गच्छन्वै भिन्नाञ्जनचयप्रभः।।4.59.14।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'I saw a person who was dark and huge like a mass of collyrium carrying a lady whose radiance was like the rising Sun.
ShlokaShloka 15
सोऽहमभ्यवहारार्थी तौ दृष्ट्वा कृतनिश्चयः। तेन साम्ना विनीतेन पन्थानमभियाचितः।।4.59.15।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'Since I was looking for food I resolved to seize both of them. (But) he asked me in a gentle and courteous manner to make way (since I was blocking the aerial path).
ShlokaShloka 16
न हि सामोपपन्नानां प्रहर्ता विद्यते क्वचित्। नीचेष्वपि जनः कश्चित्किमङ्ग बत मद्विधः।।4.59.16।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'Who will strike polite people? Even the mean do not do it anywhere. And what to speak of me.
ShlokaShloka 17
स यातस्तेजसा व्योम सङ्क्षिपन्निव वेगतः। अथाऽहं खेचरैर्भूतैरभिगम्य सभाजितः।।4.59.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'He flew hurriedly with splendour as though he was enveloping the sky (making it small). All the flying creatures in the sky came and greeted me with respect.
ShlokaShloka 18
दिष्ट्या जीवसि तातेति ह्यब्रुवन्मां महर्षयः। कथञ्चित्सकळत्रोऽसौ गतस्ते स्वस्त्यसंशयम्।।4.59.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'I heard the great sages saying, 'O dear you are lucky to be saved. He has somehow gone from here with that lady (without hurting you). Undoubtedly you are lucky.'
ShlokaShloka 19
एव मुक्तस्ततोऽहं तैस्सिद्धै: परमशोभनैः। स च मे रावणो राजा रक्षसां प्रतिवेदितः।।4.59.19।। हरन्दाशरथेर्भार्यां रामस्य जनकात्मजाम्। भ्रष्टाभरणकौशेयां शोकवेगपराजिताम्।।4.59.20।। रामलक्ष्मणयोर्नाम क्रोशन्तीं मुक्तमूर्धजाम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उन परम शोभायमान सिद्ध पुरुषों ने मुझसे ऐसा कहा, तत्पश्चात् उन्होंने यह भी बताया कि वह काला पुरुष राक्षसों का राजा रावण था’
Show English Translation
'I was greeted by the most illustrious siddhas. I came to know from them that he was Ravana, the king of demons. I was looking at him while he was abducting Janaka's daughter, who was the wife of Dasaratha's Rama. Her ornaments had dropped and silken robes had slipped since she lost hold on herself. She was crying, loudly calling out the names of Rama and Lakshmana, her hair dishevelled.
ShlokaShloka 20
एष कालात्ययस्तावदिति कालविदां वरः।।4.59.21।। एतमर्थं समग्रं मे सुपार्श्वः प्रत्यवेदयत्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात! दशरथनन्दन श्रीराम की पत्नी जनककिशोरी सीता शोक के वेग से पराजित हो गयी थीं। उनके आभूषण गिर रहे थे और रेशमी वस्त्र भी सिर से खिसक गया था। उनके केश खुले हुए थे और वे श्रीराम तथा लक्ष्मण का नाम ले-लेकर उन्हें पुकार रही थीं। मैं उनकी इस दयनीय दशा को देखता रह गया। यही मेरे विलम्ब से आने का कारण है।’ इस प्रकार बातचीत की कला जानने वालों में श्रेष्ठ सुपार्श्व ने मेरे सामने इन सारी बातों का वर्णन किया। यह सब सुनकर भी मेरे हृदय में पराक्रम कर दिखाने का कोई विचार नहीं उठा
Show English Translation
'O father this is the cause of my delay', said Suparshva, who knew the value of time. Thus he gave the entire account to me.
ShlokaShloka 21
तच्छृत्वाऽपि हि मे बुद्धिर्नासीत्काचित्पराक्रमे।।4.59.22।। अपक्षो हि कथं पक्षी कर्म किञ्चिदुपक्रमे।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात! दशरथनन्दन श्रीराम की पत्नी जनककिशोरी सीता शोक के वेग से पराजित हो गयी थीं। उनके आभूषण गिर रहे थे और रेशमी वस्त्र भी सिर से खिसक गया था। उनके केश खुले हुए थे और वे श्रीराम तथा लक्ष्मण का नाम ले-लेकर उन्हें पुकार रही थीं। मैं उनकी इस दयनीय दशा को देखता रह गया। यही मेरे विलम्ब से आने का कारण है।’ इस प्रकार बातचीत की कला जानने वालों में श्रेष्ठ सुपार्श्व ने मेरे सामने इन सारी बातों का वर्णन किया। यह सब सुनकर भी मेरे हृदय में पराक्रम कर दिखाने का कोई विचार नहीं उठा
Show English Translation
'Even after hearing this I could not advance (against Ravana). How could I, a vulture without wings, leap even a little?
ShlokaShloka 22
यत्तु शक्यं मया कर्तुं वाग्बुद्धिगुणवर्तिना।।4.59.23।। श्रूयतां तत्प्रवक्ष्यामि भवतां पौरुषाश्रयम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात! दशरथनन्दन श्रीराम की पत्नी जनककिशोरी सीता शोक के वेग से पराजित हो गयी थीं। उनके आभूषण गिर रहे थे और रेशमी वस्त्र भी सिर से खिसक गया था। उनके केश खुले हुए थे और वे श्रीराम तथा लक्ष्मण का नाम ले-लेकर उन्हें पुकार रही थीं। मैं उनकी इस दयनीय दशा को देखता रह गया। यही मेरे विलम्ब से आने का कारण है।’ इस प्रकार बातचीत की कला जानने वालों में श्रेष्ठ सुपार्श्व ने मेरे सामने इन सारी बातों का वर्णन किया। यह सब सुनकर भी मेरे हृदय में पराक्रम कर दिखाने का कोई विचार नहीं उठा
Show English Translation
'Being endowed with the faculty of thinking and speech I shall tell you what is possible for you to execute with your prowess. Listen.
ShlokaShloka 23
वाङ्मतिभ्यां तु सर्वेषां करिष्यामि प्रियं हि वः।।4.59.24।। यद्धि दाशरथेः कार्यं मम तन्नात्र संशयः।
Show English Translation
'I will please you with my word and thought and do not doubt that Rama's task is dear to me as well.
ShlokaShloka 24
ते भवन्तो मतिश्रेष्ठा बलवन्तो मनस्विनः।।4.59.25।। प्रेषिताः कपिराजेन देवैरपि दुरासदाः।
Show English Translation
'Indeed, you monkeys are very wise, strong and sensitive. The king of monkeys has sent you on this mission. You cannot be conquered even by gods.
ShlokaShloka 25
रामलक्ष्मणबाणाश्च निशिताः कङ्कपत्रिणः।।4.59.26।। त्रयाणामपि लोकानां पर्याप्तास्त्राणनिग्रहे।
Show English Translation
'The heronfeathered arrows of Rama and Lakshmana are sharp and strong enough to protect or subdue all the three worlds.
ShlokaShloka 26
कामं खलु दशग्रीव स्तेजोबलसमन्वितः।।4.59.27।। भवतां तु समर्थानां न किञ्चिदपि दुष्करम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अतः अब अधिक समय बिताने की आवश्यकता नहीं है। अपनी बुद्धि के द्वारा दृढ निश्चय करके सीता के दर्शन के लिये उद्योग करो; क्योंकि तुम-जैसे बुद्धिमान् लोग कार्यों की सिद्धि में विलम्ब नहीं करते हैं’
Show English Translation
'The tenheaded Ravana is mighty, powerful and strong, indeed. But you are efficient and it will not be difficult for you to achieve this task.
ShlokaShloka 27
तदलं कालसङ्गेन क्रियतां बुद्धिनिश्चयः।।4.59.28।। न हि कर्मसु सज्जन्ते बुद्धिमन्तो भवद्विधाः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अतः अब अधिक समय बिताने की आवश्यकता नहीं है। अपनी बुद्धि के द्वारा दृढ निश्चय करके सीता के दर्शन के लिये उद्योग करो; क्योंकि तुम-जैसे बुद्धिमान् लोग कार्यों की सिद्धि में विलम्ब नहीं करते हैं’
Show English Translation
'Do not bother about the time limit. Resolve to achieve the objective, for wise people like you should not lag behind in accepting challenges.' इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे एकोनषष्टितमस्सर्गः।। Thus ends the fiftyninth sarga in Kishkindakanda of the first epic, the Holy Ramayana composed by sage Valmiki.