Kishkindha Kanda

Sarga 8: Sugriva feels happy about his friendship with Rama -- solicits Vali's death -- relates to Rama about Vali's hostile attitude and his enmity with him.

किष्किन्धाकाण्डम् · सर्ग 8

44 shlokas

ShlokaShloka 1
परितुष्टस्तु सुग्रीवस्तेन वाक्येन वानरः। लक्ष्मणस्याग्रतो राममिदं वचनमब्रवीत्4.8.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
श्रीरामचन्द्रजी की उस बात से सुग्रीव को बड़ा संतोष हुआ। वे हर्ष से भरकर लक्ष्मण के बड़े भाई शूरवीर श्रीरामचन्द्रजी से इस प्रकार बोले-
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Sugriva, the monkey was very pleased with Rama's words and said to him in front of Lakshmana:
ShlokaShloka 2
सर्वथाऽहमनुग्राह्यो देवतानां न संशयः। उपपन्न गुणोपेतस्सखा यस्य भवान्मम4.8.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आत्मज्ञानियों में श्रेष्ठ श्रीराम! आप-जैसे पुण्यात्मा महात्माओं का प्रेम और धैर्य अधिकाधिक बढ़ता और अविचल होता है
Show English Translation
'Since one like you endowed with all virtues has become my friend I am (now) worthy of grace of the gods in all respects. There is no doubt.
ShlokaShloka 3
शक्यं खलु भवेद्राम सहायेन त्वयाऽनघ। सुरराज्यमपि प्���ाप्तुं स्वराज्यं किं पनः प्रभो 4.8.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आत्मज्ञानियों में श्रेष्ठ श्रीराम! आप-जैसे पुण्यात्मा महात्माओं का प्रेम और धैर्य अधिकाधिक बढ़ता और अविचल होता है
Show English Translation
'O Rama, my sinless Lord, it is possible to attain even the kingdom of the gods with your help, what to speak of my own kingdom?
ShlokaShloka 4
सोऽहं सभाज्यो बन्धूनां सुहृदां चैव राघव। यस्याग्निसाक्षिकं मित्रं लब्धं राघववंशजम्4.8.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आत्मज्ञानियों में श्रेष्ठ श्रीराम! आप-जैसे पुण्यात्मा महात्माओं का प्रेम और धैर्य अधिकाधिक बढ़ता और अविचल होता है
Show English Translation
'O Rama, since you, born in Raghava dynasty, have become my friend with fire as witness, I have become equally honourable among my relatives and friends.
ShlokaShloka 5
अहमप्यनुरूपस्ते वयस्यो ज्ञास्यसे शनैः। न तु वक्तुं समर्थोऽहं स्वयमात्मगतान्गुणान्4.8.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आत्मज्ञानियों में श्रेष्ठ श्रीराम! आप-जैसे पुण्यात्मा महात्माओं का प्रेम और धैर्य अधिकाधिक बढ़ता और अविचल होता है
Show English Translation
'You will come to know slowly that I am also a friend worthy of you.It is not proper for me to speak of my qualities( flatter myself).
ShlokaShloka 6
महात्मनां तु भूयिष्ठं त्वद्विधानां कृतात्मनाम्। निश्चला भवति प्रीतिर्धैर्यमात्मवतामिव4.8.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आत्मज्ञानियों में श्रेष्ठ श्रीराम! आप-जैसे पुण्यात्मा महात्माओं का प्रेम और धैर्य अधिकाधिक बढ़ता और अविचल होता है
Show English Translation
'The affection of exalted souls is exceedingly stable like the patience of selfcontrolled and wellcomposed men like you.
ShlokaShloka 7
रजतं वा सुवर्णं वा वस्त्राण्याभरणानि च। अविभक्तानि साधूनामवगच्छन्ति साधवः4.8.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अच्छे स्वभाव वाले मित्र अपने घर के सोने-चाँदी अथवा उत्तम आभूषणों को अपने अच्छे मित्रों के लिये अविभक्त ही मानते हैं उन मित्रों का अपने धन पर अपने ही समान अधिकार समझते हैं
Show English Translation
'Good friends consider(valuables such as) silver or gold, clothes or ornaments of worldly wealth indivisible.
ShlokaShloka 8
आढ्यो वापि दरिद्रो वा दुःखितस्सुखितोऽपि वा। निर्दोषो वा सदोषो वा वयस्यः परमा गतिः4.8.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार श्रीवाल्मीकि निर्मित आर्षरामायण आदिकाव्य के किष्किन्धाकाण्ड में आठवाँ सर्ग पूरा हुआ
Show English Translation
'Whether rich or poor, afflicted or happy, flawless or guilty, a friend is the ultimate refuge to a friend.
ShlokaShloka 9
धनत्यागस्सुखत्यागो देहत्यागोऽपि वा पुनः। वयस्यार्थे प्रवर्तन्ते स्नेहं दृष्टवा तथाविधम्4.8.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनघ! साधुपुरुष अपने मित्र का अत्यन्त उत्कृष्ट प्रेम देख आवश्यकता पड़ने पर उसके लिये धन, सुख और देश का भी परित्याग कर देते हैं
Show English Translation
'One will not hesitate to sacrifice wealth or happiness or even life for the sake of a friend like you.'
ShlokaShloka 10
तत्तथेत्यब्रवीद्रामस्सुग्रीवं प्रियवादिनम्। लक्ष्मणस्याग्रतो लक्ष्म्या वासवस्येव धीमतः4.8.10।।
हिन्दी अर्थ देखें
यह सुनकर लक्ष्मी (दिव्य कान्ति) से उपलक्षित श्रीरामचन्द्रजी ने इन्द्रतुल्य तेजस्वी बुद्धिमान् लक्ष्मण के सामने ही प्रिय वचन बोलने वाले सुग्रीव से कहा —’सखे! तुम्हारी बात बिलकुल ठीक है’
Show English Translation
As wise Lakshmana, brilliant like Indra stood witness, Rama said, 'it is true as you say' to Sugriva who spoke pleasing words.
ShlokaShloka 11
ततो रामं स्थितं दृष्ट्वा लक्ष्मणं च महाबलम्। सुग्रीवस्सर्वतश्चक्षुर्वने लोलमपातयत्4.8.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर (दूसरे दिन) महाबली श्रीराम और लक्ष्मण को खड़ा देख सुग्रीव ने वन में चारों ओर अपनी चञ्चल दृष्टि दौड़ायी
Show English Translation
With mighty Rama and Lakshmana standing by, Sugriva cast his eyes eagerly all round the forest.
ShlokaShloka 12
स ददर्श ततस्सालमविदूरे हरीश्वरः। सुपुष्पमीषत्पत्राढ्यं भ्रमरैरुपशोभितम्4.8.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय वानरराज ने पास ही एक साल का वृक्ष देखा, जिसमें थोड़े से ही सुन्दर पुष्प लगे हुए थे; परंतु उसमें पत्रों की बहुलता थी। उस वृक्ष पर मँडराते हुए भौरे उसकी शोभा बढ़ा रहे थे
Show English Translation
Then the chief of monkeys saw a sala tree looking lovely with tender leaves and flowers graced by bees.
ShlokaShloka 13
तस्यैकां पर्णबहुलां भङ्क्त्वा शाखां सुपुष्पिताम्। सालस्यास्तीर्य सुग्रीवो निषसाद सराघवः4.8.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसकी एक डाली को जिसमें अधिक पत्ते थे और जो पुष्पों से सुशोभित थी, सुग्रीव ने तोड़ डाला और उसे श्रीराम के लिये बिछाकर वे स्वयं भी उनके साथ ही उस पर बैठ गये
Show English Translation
Sugriva cut a branch of the beautifully blossomed sala tree with plenty of leaves, spread it (on the ground) and squatted along with Rama.
ShlokaShloka 14
तावासीनौ ततो दृष्ट्वा हनूमानपि लक्ष्मणम्। सालशाखां समुत्पाट्य विनीतमुपवेशयत्4.8.14।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन दोनों को आसन पर विराजमान देख हनुमान जी ने भी साल की एक डाल तोड़ डाली और उस पर विनयशील लक्ष्मण को बैठाया
Show English Translation
Thereafter Hanuman also broke a branch of the sala tree and seated Lakshmana on it.
ShlokaShloka 15
सुखोपविष्टं रामं तु प्रसन्नमुदधिं यथा। फलपुष्पसमाकीर्णे तस्मिन् गिरिवरोत्तमे4.8.15।। ततः प्रहृष्टस्सुग्रीवश्लक्ष्णं मधुरया गिरा। उवाच प्रणयाद्रामं हर्षव्याकुलिताक्षरम्4.8.16।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस श्रेष्ठ पर्वत पर, जहाँ सब ओर साल के पुष्प बिखरे हुए थे, सुखपूर्वक बैठे हुए श्रीराम शान्त समुद्र के समान प्रसन्न दिखायी देते थे। उन्हें देखकर अत्यन्त हर्ष से भरे हुए सुग्रीव ने श्रीराम से स्निग्ध एवं सुन्दर वाणी में वार्तालाप आरम्भ किया। उस समय आनन्दातिरेक से उनकी वाणी लड़खड़ा जाती थी अक्षरों का स्पष्ट उच्चारण नहीं हो पाता था
Show English Translation
Now Rama, seated comfortably on the best of mountains overgrown with trees full of flowers and fruits, appeared tranguil like an ocean. Extremely delighted and excited, Sugriva spoke to Rama words that got mixed up with softness and sweetness out of love:
ShlokaShloka 16
अहं विनिकृतो भ्रात्रा चराम्येष भयार्दितः। ऋष्यमूकं गिरिवरं हृतभार्यस्सुदुःखितः4.8.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस श्रेष्ठ पर्वत पर, जहाँ सब ओर साल के पुष्प बिखरे हुए थे, सुखपूर्वक बैठे हुए श्रीराम शान्त समुद्र के समान प्रसन्न दिखायी देते थे। उन्हें देखकर अत्यन्त हर्ष से भरे हुए सुग्रीव ने श्रीराम से स्निग्ध एवं सुन्दर वाणी में वार्तालाप आरम्भ किया। उस समय आनन्दातिरेक से उनकी वाणी लड़खड़ा जाती थी अक्षरों का स्पष्ट उच्चारण नहीं हो पाता था
Show English Translation
'I am sadly roaming here in the great Rishyamuka mountain, my wife stolen, offended by my brother and frightened.
ShlokaShloka 17
सोऽहं त्रस्तो भये मग्���ो वसाम्युद्भ्रान्तचेतनः। वालिना निकृतो भ्रात्रा कृतवैरश्च राघव4.8.18।���
हिन्दी अर्थ देखें
‘प्रभो! मेरे भाई ने मुझे घर से निकालकर मेरी स्त्री को भी छीन लिया है। मैं उसी के भय से अत्यन्त पीड़ित एवं दुःखी होकर इस पर्वतश्रेष्ठ ऋष्यमूक पर विचरता रहता हूँ
Show English Translation
'O Rama my brother is my enemy. Deceived and threatened by him, I live in the forest stricken with fear and utterly confused.
ShlokaShloka 18
वालिनो मे भयार्तस्य सर्वलोकाभयङ्कर। ममापि त्वमनाथस्य प्रसादं कर्तुमर्हसि4.8.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मुझे बराबर उसका त्रास बना रहता है। मैं भय में डूबा रहकर भ्रान्तचित्त हो इस वन में भटकता फिरता हूँ। रघुनन्दन ! मेरे भाई वाली ने मुझे घर से निकालने के बाद भी मेरे साथ वैर बाँध रखा है
Show English Translation
'O great warrior who can frighten all the worlds scared of Vali, I feel helpless like an orphan to whom you ought to extend your grace.'
ShlokaShloka 19
एवमुक्तस्तु तेजस्वी धर्मज्ञो धर्मवत्सलः। प्रत्युवाच स काकुत्स्थस्सुग्रीवं प्रहसन्निव4.8.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘प्रभो! आप समस्त लोकों को अभय देने वाले हैं। मैं वाली के भय से दुःखी और अनाथ हूँ, अतः आपको मुझपर भी कृपा करनी चाहिये’
Show English Translation
Thus spoken to, the glorious Rama, lover of righteousness who knew his duty, replied to Sugriva with a smile on his face:
ShlokaShloka 20
उपकारफलं मित्रमपकारोऽरिलक्षणम्। अद्यैव तं हनिष्यामि तव भार्यापहारिणम्4.8.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुग्रीव के ऐसा कहने पर तेजस्वी, धर्मज्ञ एवं धर्मवत्सल भगवान् श्रीराम ने उन्हें हँसते हुए-से इस प्रकार उत्तर दिया-
Show English Translation
'While a friend is known for his help, an enemy is known for his offensiveness. I will this very day kill the one who wrested your wife.
ShlokaShloka 21
इमे हि मे महावेगा पत्रिणस्तिग्मतेजसः। कार्तिकेयवनोद्भूताश्शरा हेमविभूषिताः4.8.22।। कङ्कपत्रपरिच्छन्ना महेन्द्राशनिसन्निभाः। सुपर्वाणस्सुतीक्ष्णाग्रास्सरोषा भुजगा इव4.8.23।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सखे! उपकार ही मित्रता का फल है और अपकार शत्रुता का लक्षण है; अतः मैं आज ही तुम्हारी स्त्री का अपहरण करने वाले उस वाली का वध करूँगा
Show English Translation
'Here are my highspeed, winged arrows glowing like fierce fire, born out of Kartikeya's bed of reeds.They are smooth and welljointed, decked with gold, comparable in strength to great Indra's thunderbolt, very sharp with pointed tips looking like angry serpents.
ShlokaShloka 22
भ्रातृसंज्ञममित्रं ते वालिनं कृतकिल्बिषम्। शरैर्विनिहतं पश्य विकीर्णमिव पर्वतम्4.8.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाभाग! मेरे इन बाणों का तेज प्रचण्ड है। सुवर्ण-भूषित ये शर कार्तिकेय की उत्पत्ति के स्थानभूत शरों के वन में उत्पन्न हुए हैं। (इसलिये अभेद्य हैं)
Show English Translation
'Vali who calls himself your brother is your enemy and a doer of wrong deeds. You will see him crushed, like a mountain shattered, by my arrows.'
ShlokaShloka 23
राघवस्य वचश्श्रुत्वा सुग्रीवो वाहिनीपतिः। प्रहर्षमतुलं लेभे साधु साध्विति चाब्रवीत्4.8.25।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इन बाणों से तुम अपने वाली नामक शत्रु को, जो भाई होकर भी तुम्हारी बुराई कर रहा है, विदीर्ण हुए पर्वत की भाँति मरकर पृथ्वी पर पड़ा देखोगे’
Show English Translation
On hearing Rama's words, Sugriva, chief of the army of monkeys experienced immeasurable happiness and exclaimed, 'you're great, you're great.'
ShlokaShloka 24
राम शोकाभिभूतोऽहं शोकार्तानां भवान्गतिः। वयस्य इति कृत्वा हि त्वय्यहं परिदेवये4.8.26।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इन बाणों से तुम अपने वाली नामक शत्रु को, जो भाई होकर भी तुम्हारी बुराई कर रहा है, विदीर्ण हुए पर्वत की भाँति मरकर पृथ्वी पर पड़ा देखोगे’
Show English Translation
'Rama I am overwhelmed with sorrow. You are the refuge of the distressed. As you are a friend I ventilate all my grief to you.
ShlokaShloka 25
त्वं हि पाणिप्रदानेन वयस्यो मेऽग्निसाक्षिकम्। कृतः प्राणैर्बहुमतस्सत्येनापि शपामि ते4.8.27।।
हिन्दी अर्थ देखें
श्रीरघुनाथजी की यह बात सुनकर वानरसेनापति सुग्रीव को अनुपम प्रसन्नता प्राप्त हुई और वे उन्हें बारंबार साधुवाद देते हुए बोले-
Show English Translation
'I value your hand of friendship extended to me, with fire as witness more than my very life. I, on my own, offer my pledge of friendship.
ShlokaShloka 26
वयस्य इति कृत्वा च विस्रब्धः प्रवदाम्यहम्। दुःखमन्तर्गतं यन्मे मनो हरति नित्यशः4.8.28।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘श्रीराम! मैं शोक से पीड़ित हूँ और आप शोकाकुल प्राणियों की परमगति हैं। मित्र समझकर मैं आपसे अपना दुःख निवेदन करता हूँ
Show English Translation
ShlokaShloka 27
एतावदुक्त्वा वचनं बाष्पदूषितलोचनः। बाष्पोपहतया वाचा नोच्चैश्शक्नोति भाषितुम्4.8.29।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आप मेरे मित्र हैं, इसलिये आप पर पूर्ण विश्वास करके मैं अपने भीतर का दुःख, जो सदा मेरे मन को व्याकुल किये रहता है, आपको बता रहा हूँ’
Show English Translation
His vision blurred, words choked with tears he was unable to speak further.
ShlokaShloka 28
बाष्पवेगं तु सहसा नदीवेगमिवागतम्। धारयामास धैर्येण सुग्रीवो रामसन्निधौ4.8.30।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आप मेरे मित्र हैं, इसलिये आप पर पूर्ण विश्वास करके मैं अपने भीतर का दुःख, जो सदा मेरे मन को व्याकुल किये रहता है, आपको बता रहा हूँ’
Show English Translation
Quickly Sugriva controlled his tears streaming fast like the rushing river, with patience, Rama seated in front.
ShlokaShloka 29
सन्निगृह्य तु तं बाष्पं प्रमृज्य नयने शुभे। विनिश्श्वस्य च तेजस्वी राघवं वाक्यमब्रवीत्4.8.31।।
हिन्दी अर्थ देखें
इतनी बात कहते-कहते सुग्रीव के नेत्रों में आँसू भर आये। उनकी वाणी अश्रुगद्गद हो गयी। इसलिये वे उच्च स्वर से बोलने में समर्थ न हो सके
Show English Translation
Effulgent Sugriva controlled his tears, wiped his bright eyes, took deep breath and said to Rama:
ShlokaShloka 30
पुराऽहं वालिना राम राज्यात्स्वादवरोपितः। परुषाणि च संश्राव्य निर्धूतोऽस्मि बलीयसा4.8.32।।
हिन्दी अर्थ देखें
तत्पश्चात् सुग्रीव ने सहसा बढ़े हुए नदी के वेग के समान उमड़े हुए आँसुओं के वेग को श्रीराम के समीप धैर्यपूवर्क रोका
Show English Translation
'O Rama I was subjected to the harsh words of powerful Vali in the past when he uprooted me from the kingdom and threw me out.
ShlokaShloka 31
हृता भार्या च मे तेन प्राणेभ्योऽपि गरीयसी। सुहृदश्च मदीया ये संयता बन्धनेषु ते4.8.33।।
हिन्दी अर्थ देखें
आँसुओंको रोककर अपने दोनों सुन्दर नेत्रों को पोंछने के पश्चात् तेजस्वी सुग्रीव पुनः लंबी साँस खींचकर श्रीरघुनाथजी से बोले-
Show English Translation
'I was robbed of my wife who is dearer than my own life. All my friends were rounded up and imprisoned.
ShlokaShloka 32
यत्नवांश्च सुदुष्टात्मा मद्विनाशाय राघव। बहुशस्तत्प्रयुक्ताश्च वानरा निहता मया4.8.34।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतना ही नहीं, मेरी स्त्री को भी, जो मुझे प्राणों से भी अधिक प्रिय है; उसने छीन लिया और जितने मेरे सुहृद् थे, उन सबको कैद में डाल दिया
Show English Translation
'O Rama this evilminded one made several attempts to kill me. The monkeys he sent to kill me were themselves killed.
ShlokaShloka 33
शङ्कया त्वेतया चेह दृष्ट्वा त्वामपि राघव। नोपसर्पाम्यहं भीतो भये सर्वे हि बिभ्यति4.8.35।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतना ही नहीं, मेरी स्त्री को भी, जो मुझे प्राणों से भी अधिक प्रिय है; उसने छीन लिया और जितने मेरे सुहृद् थे, उन सबको कैद में डाल दिया
Show English Translation
'It is because of suspicion that I did not approach you. Every one is scared when there is ample reason to fear.
ShlokaShloka 34
केवलं हि सहाया मे हनुमत्प्रमुखास्त्विमे। अतोऽहं धारयाम्यद्य प्राणान् कृच्छ्रगतोऽपि सन्4.8.36।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! इसके बाद भी वह दुरात्मा वाली मेरे विनाश के लिये यत्न करता रहता है। उसके भेजे हुए बहुत-से वानरों का मैं वध कर चुका हूँ
Show English Translation
'Only Hanuman and other chiefs are helping me. Therefore, I am surviving in spite of all difficulties.
ShlokaShloka 35
एते हि कपयस्स्निग्धा मां रक्षन्��ि समन्ततः। सह गच्छन्ति गन्तव्ये नित्यं तिष्ठन्ति च स्थिते4.8.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनाथजी! आपको भी देखकर मेरे मन में ऐसा ही संदेह हुआ था, इसीलिये डर जाने के कारण मैं पहले आपके पास न आ सका; क्योंकि भय का अवसर आने पर प्रायः सभी डर जाते हैं
Show English Translation
'These monkeys out of love for me keep me protected from all sides. They go out with me when it is necessary and stay back whenever I stop (in order to guard me).
ShlokaShloka 36
सङ्क्षेपस्त्वेष मे राम किमुक्त्वा विस्तरं हि ते। स मे ज्येष्ठो रिपुर्भ्राता वाली विश्रुतपौरुषः4.8.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘केवल ये हनुमान् आदि वानर ही मेरे सहायक हैं; अतएव महान् संकट में पड़कर भी मैं अबतक प्राण धारण करता हूँ
Show English Translation
'O Rama I tell you (my story) briefly. It is not necessary to go into details. My elder brother Vali, who is known for his prowess, is my enemy.
ShlokaShloka 37
तद्विनाशाद्धि मे दुःखं प्रणष्टं स्यादनन्तरम्। सुखं मे जीवितं चैव तद्विनाशनिबन्धनम्4.8.39।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इन लोगों का मुझ पर स्नेह है, अतः ये सभी वानर सब ओर से सदा मेरी रक्षा करते रहते हैं। जहाँ जाना होता है वहाँ साथ-साथ जाते हैं और जब कहीं मैं ठहर जाता हूँ वहाँ ये नित्य मेरे साथ रहते हैं
Show English Translation
'My sorrow will go only with his death. My happiness and my life are also subject to his destruction.
ShlokaShloka 38
एष मे राम शोकान्तश्शोकार्तेन निवेदितः। दुःखितस्सुखितो वापि सख्युर्नित्यं सखा गतिः4.8.40।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! यह मैंने संक्षेप से अपनी हालत बतलायी है। आपके सामने विस्तारपूर्वक कहने से क्या लाभ? वाली मेरा ज्येष्ठ भाई है, फिर भी इस समय मेरा शत्रु हो गया है। उसका पराक्रम सर्वत्र विख्यात है
Show English Translation
'This what I had to tell you out of sorrow. This is how my sorrow will end. In joy and in sorrow your friend is your refuge.
ShlokaShloka 39
श्रुत्वैतद्वचनं रामस्सुग्रीवमिदमब्रवीत्। किं निमित्तमभूद्वैरं श्रोतुमिच्छामि तत्त्वतः4.8.41।।
हिन्दी अर्थ देखें
(यद्यपि भाई का नाश भी दुःख का ही कारण है, तथापि) इस समय जो मेरा दुःख है, वह उसका नाश होने पर ही मिट सकता है। मेरा सुख और जीवन उसके विनाश पर ही निर्भर है
Show English Translation
After hearing Sugriva, Rama said 'I wish to know the actual cause of this enmity.
ShlokaShloka 40
सुखं हि कारणं श्रुत्वा वैरस्य तव वानर। अनन्तरं विधास्यामि सम्प्रधार्य बलाबलम्4.8.42।।
हिन्दी अर्थ देखें
यह सुनकर श्रीराम ने सुग्रीव से कहा—’तुम दोनों भाइयों में वैर पड़ने का क्या कारण है, यह मैं ठीक ठीक सुनना चाहता हूँ
Show English Translation
'On hearing the cause of your enmity and considering your strength and weakness, I will take steps to make you happy.
ShlokaShloka 41
बलवान् हि ममामर्षश्श्रुत्वा त्वामवमानितम्। वर्तते हृदयोत्कम्पी प्रावृड्वेग इवाम्भसः4.8.43।।
हिन्दी अर्थ देखें
यह सुनकर श्रीराम ने सुग्रीव से कहा—’तुम दोनों भाइयों में वैर पड़ने का क्या कारण है, यह मैं ठीक ठीक सुनना चाहता हूँ
Show English Translation
'On hearing about your humiliation I feel highly agitated at heart. I feel very much angry and restless like the water in rainy season.
ShlokaShloka 42
हृष्टः कथय विस्रब्धो यावदारोप्यते धनुः। सृष्टश्च हि मया बाणो निरस्तश्च रिपुस्तव4.8.44।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानरराज! तुमलोगों की शत्रुता का कारण सुनकर तुम दोनों की प्रबलता और निर्बलता का निश्चय करके फिर तत्काल ही तुम्हें सुखी बनाने वाला उपाय करूँगा
Show English Translation
'Tell me freely and cheerfully before I string the bow. Your enemy will be destroyed as soon as I release my arrow.'
ShlokaShloka 43
एवमुक्तस्तु सुग्रीवः काकुत्स्थेन महात्मना। प्रहर्षमतुलं लेभे चतुर्भिस्सह वानरैः4.8.45।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जैसे वर्षाकाल में नदी आदि का वेग बहुत बढ़ जाता है, उसी प्रकार तुम्हारे अपमानित होने की बात सुनकर मेरा प्रबल रोष बढ़ता जा रहा है और मेरे हृदय को कम्पित किये देता है
Show English Translation
When the great Rama said this, Sugriva with all the four monkeys felt immeasurably glad.
ShlokaShloka 44
ततः प्रहृष्टवदनस्सुग्रीवो लक्ष्मणाग्रजे। वैरस्य कारणं तत्त्वमाख्यातुमुपचक्रमे4.8.46।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरे धनुष चढ़ाने के पहले ही तुम अपनी सब बातें प्रसन्नतापूर्वक कह डालो; क्योंकि ज्यों ही मैंने बाण छोड़ा, तुम्हारा शत्रु तत्काल काल के गाल में चला जायगा’
Show English Translation
With a smile on his face, Sugriva started narrating to Lakshmana's elder brother the facts about the cause of his enmity (with Vali). इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे अष्टमस्सर्गः Thus ends the eighth sarga of Kishkindakanda of the Holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.