Kishkindha Kanda

Sarga 17: Vali accuses Rama -- calls him deceitful -- reproaches Rama in many ways.

किष्किन्धाकाण्डम् · सर्ग 17

45 shlokas

ShlokaShloka 1
ततश्शरेणाभिहतो रामेण रणकर्कशः। पपात सहसा वाली निकृत्त इव पादपः4.17.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसका सारा शरीर पृथ्वी पर पड़ा हुआ था। तपाये हुए सुवर्ण के आभूषण अब भी उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। वह देवराज इन्द्र के बन्धनरहित ध्वज की भाँति पृथ्वी पर गिर पड़ा था
Show English Translation
A tyrant in war, Vali struck by4.54.24 Rama's arrow, collapsed instantaneously like a tree felled down.
ShlokaShloka 2
स भूमौ न्यस्तसर्वाङ्गस्तप्तकाञ्चनभूषणः। अपतद्देवराजस्य मुक्तरश्मिरिव ध्वजः4.17.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसका सारा शरीर पृथ्वी पर पड़ा हुआ था। तपाये हुए सुवर्ण के आभूषण अब भी उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। वह देवराज इन्द्र के बन्धनरहित ध्वज की भाँति पृथ्वी पर गिर पड़ा था
Show English Translation
Adorned with shining gold ornaments,Vali fell down with all his limbs touching the ground like Indra's flag when its ropes are loosened.
ShlokaShloka 3
तस्मिन्निपतिते ���ूमौ वानराणां गणेश्वरे। नष्टचन्द्रमिव व्योम न व्यराजत भूतलम्4.17.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
वानरों और भालुओं के यूथपति वाली के धराशायी हो जाने पर यह पृथ्वी चन्द्ररहित आकाश की भाँति शोभाहीन हो गयी
Show English Translation
When the lord of the monkey troops fell down, it was as though the earth lost its brightness like the sky loses its brightness devoid of the Moon.
ShlokaShloka 4
भूमौ निपतितस्यापि तस्य देहं महात्मनः। न श्रीर्जहाति न प्राणा न तेजो न पराक्रमः4.17.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस सुवर्णमाला से विभूषित हुआ वानरयूथपति वीर वाली संध्या की लाली से रँगे हुए प्रान्त भाग वाले मेघखण्ड के समान शोभा पा रहा था
Show English Translation
Even though the highsouled Vali's body had fallen on the ground, its splendour, glow, life and valour had not left it.
ShlokaShloka 5
शक्रदत्ता वरा माला काञ्चनी वज्रभूषिता। दधार हरिमुख्यस्य प्राणांस्तेज्शियं च सा4.17.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस सुवर्णमाला से विभूषित हुआ वानरयूथपति वीर वाली संध्या की लाली से रँगे हुए प्रान्त भाग वाले मेघखण्ड के समान शोभा पा रहा था
Show English Translation
As the most beautiful golden necklace, studded with diamonds, given by Indra was there on him, the life, brightness and splendour of Vali's body remained.
ShlokaShloka 6
स तया मालया वीरो हेमया हरियूथपः। सन्ध्यानुगतपर्यन्तः पयोधर इवाभवत्4.17.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस सुवर्णमाला से विभूषित हुआ वानरयूथपति वीर वाली संध्या की लाली से रँगे हुए प्रान्त भाग वाले मेघखण्ड के समान शोभा पा रहा था
Show English Translation
Vali, the chief hero of the monkeys, with his golden necklace appeared like the raincloud hallowed by the glowing twilight.
ShlokaShloka 7
तस्य माला च देहश्च मर्मघाती च यश्शरः। त्रिधेव रचिता लक्ष्मीः पतितस्यापि शोभते4.17.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
पृथ्वीपर गिरे होने पर भी वाली की वह सुवर्णमाला, उसका शरीर तथा मर्मस्थल को विदीर्ण करने वाला वह बाण—ये तीनों पृथक्-पृथक् तीन भागों में विभक्त की हुई अङ्गलक्ष्मी के समान शोभा पा रहे थे
Show English Translation
Even though he had fallen down, the effulgence of his necklace on his body, and the arrow pierced into his vital parts remained.
ShlokaShloka 8
तदस्त्रं तस्य वीरस्य स्वर्गमार्गप्रभावनम्। रामबाणासनक्षिप्तमावहत्परमां गतिम्4.17.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
वीरवर श्रीराम के धनुष से चलाये गये उस अस्त्रने वाली के लिये स्वर्ग का मार्ग प्रकाशित कर दिया और उसे परमपद को पहुँचा दिया
Show English Translation
Rama's arrow released paved the way to heaven which was that hero's supreme destination.
ShlokaShloka 9
तं तदा पतितं सङ्ख्ये गतार्चिषमिवानलम्। बहुमान्य च तं वीर वीक्षमाणं शनैरिव।4.17.9।। ययातिमिव पुण्यान्ते देवलोकादिहच्युतम्। आदित्यमिव कालेन युगान्ते भुवि पातितम्।4.17.10।। महेन्द्रमिव दुर्धर्षंमुपेन्द्रमिव दुस्सहम्। महेन्द्रपुत्रं पतितं वालिनं हेममालिनम्।।4.17.11।। सिंहोरस्कं महाबाहुं दीप्तास्यं हरिलोचनम्। लक्ष्मणानुगतो रामो ददर्शोपससर्प च।।4.17.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार युद्धस्थल में गिरा हुआ इन्द्रपुत्र वाली ज्वालारहित अग्नि के समान, पुण्यों का क्षय होने पर पुण्यलोक से इस पृथ्वी पर गिरे हुए राजा ययाति के समान तथा महाप्रलय के समय काल द्वारा पृथ्वी पर गिराये गये सूर्य के समान जान पड़ता था। उसके गले में सोने की माला शोभा दे रही थी। वह महेन्द्र के समान दुर्जय और भगवान् विष्णु के समान दुस्सह था। उसकी छाती चौड़ी, भुजाएँ बड़ी-बड़ी, मुख दीप्तिमान् और नेत्र कपिलवर्ण के थे
Show English Translation
Rama followed by Lakshmana slowly approached the longarmed, lionchested, brightfaced, tawnyeyed Vali, and admiringly observed this unchallengeable son of Indra, unassailable like Indra himself. Adorned with a golden necklace, he had fallen on the ground like fire without flame, like king Yayati descended on the earth from the celestial realm on the exhaustion of his merits, or like the Sun cast down on the earth at the end of the aeon.
ShlokaShloka 10
तं दृष्ट्वा राघवं वाली लक्ष्मणं च महाबलम्। अब्रवीत्प्रश्रितं वाक्यं परुषं धर्मसंहितम्4.17.13।। त्वं नराधिपतेः पुत्रः प्रथितः प्रियदर्शनः कुलीनस्सत्त्वसम्पन्न स्तेजस्वी चरितव्रतः।।4.17.14।। पराङ्मुखवधं कृत्वा कोऽत्र प्राप्तस्त्वया गुणः। यदहं युद्धसंरब्धश्शरेणोरसि ताडित:4.17.15।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार युद्धस्थल में गिरा हुआ इन्द्रपुत्र वाली ज्वालारहित अग्नि के समान, पुण्यों का क्षय होने पर पुण्यलोक से इस पृथ्वी पर गिरे हुए राजा ययाति के समान तथा महाप्रलय के समय काल द्वारा पृथ्वी पर गिराये गये सूर्य के समान जान पड़ता था। उसके गले में सोने की माला शोभा दे रही थी। वह महेन्द्र के समान दुर्जय और भगवान् विष्णु के समान दुस्सह था। उसकी छाती चौड़ी, भुजाएँ बड़ी-बड़ी, मुख दीप्तिमान् और नेत्र कपिलवर्ण के थे
Show English Translation
On seeing powerful Rama and Lakshmana approaching,Vali spoke with pride and rigteousness to Rama, 'You are a prince, born of a noble family, son of a renowned king. You are famous, brilliant, handsome and follower of good practices.Having hit me when I was engaged otherwise in an encounter what merit have you gained?'
ShlokaShloka 11
रामः करुणवेदी च प्रजानां च हिते रतः। सानुक्रोशो जितोत्साहस्समयज्ञो दृढव्रतः।।4.17.16।। इति ते सर्वभूतानि कथयन्ति यशो भुवि।।4.17.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार युद्धस्थल में गिरा हुआ इन्द्रपुत्र वाली ज्वालारहित अग्नि के समान, पुण्यों का क्षय होने पर पुण्यलोक से इस पृथ्वी पर गिरे हुए राजा ययाति के समान तथा महाप्रलय के समय काल द्वारा पृथ्वी पर गिराये गये सूर्य के समान जान पड़ता था। उसके गले में सोने की माला शोभा दे रही थी। वह महेन्द्र के समान दुर्जय और भगवान् विष्णु के समान दुस्सह था। उसकी छाती चौड़ी, भुजाएँ बड़ी-बड़ी, मुख दीप्तिमान् और नेत्र कपिलवर्ण के थे
Show English Translation
ShlokaShloka 12
दमश्शमः क्षमा धर्मो धृतिस्सत्यं पराक्रमः। पार्थिवानां गुणा राजन्दण्डश्चाप्यपराधिषु4.17.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
लक्ष्मण को साथ लिये श्रीराम ने वाली को इस अवस्था में देखा और वे उसके समीप गये। इस प्रकार ज्वालारहित अग्नि की भाँति वहाँ गिरा हुआ वह वीर धीरे-धीरे देख रहा था। महापराक्रमी दोनों भाई श्रीराम और लक्ष्मण उस वीर का विशेष सम्मान करते हुए उसके पास गये
Show English Translation
'O king selfcontrol (of organs of action and sense organs), righteousness, steadfastness, truthfulness, valiance and capacity to punish the offenders are virtues of a king.
ShlokaShloka 13
तान्गुणान्सम्प्रधार्याहमग्र्यं चाभिजनं तव। तारया प्रतिषिद्धोऽपि सुग्रीवेण समागतः4.17.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
लक्ष्मण को साथ लिये श्रीराम ने वाली को इस अवस्था में देखा और वे उसके समीप गये। इस प्रकार ज्वालारहित अग्नि की भाँति वहाँ गिरा हुआ वह वीर धीरे-धीरे देख रहा था। महापराक्रमी दोनों भाई श्रीराम और लक्ष्मण उस वीर का विशेष सम्मान करते हुए उसके पास गये
Show English Translation
'Believing that you are a repository of all these virtues are in you, and respecting your noble lineage I engaged in a duel with Sugriva even though I was forewarned (by Tara).
ShlokaShloka 14
न मामन्येन सम्रब्धं प्रमत्तं योद्धु मर्हसि। इति मे बुद्धिरुत्पन्ना बभूवादर्शने तव4.17.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
अब उसमें तेज और प्राण स्वल्पमात्रा में ही रह गये थे। वह बाण से घायल होकर पृथ्वी पर पड़ा था और उसकी चेष्टा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही थी। उसने युद्ध में गर्वयुक्त पराक्रम प्रकट करने वाले गर्वीले श्रीराम से कठोर वाणी में इस प्रकार कहना आरम्भ किया—
Show English Translation
ShlokaShloka 15
न त्वां विनिहतात्मानं धर्मध्वजमधार्मिकम्। जाने पापसमाचारं तृणैः कूपमिवावृतम्4.17.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
अब उसमें तेज और प्राण स्वल्पमात्रा में ही रह गये थे। वह बाण से घायल होकर पृथ्वी पर पड़ा था और उसकी चेष्टा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही थी। उसने युद्ध में गर्वयुक्त पराक्रम प्रकट करने वाले गर्वीले श्रीराम से कठोर वाणी में इस प्रकार कहना आरम्भ किया—
Show English Translation
'I did not know that you have killed your soul (by acting against your conscience), that you are sinful in conduct and unrighteous under the show of virtues like a well, its mouth covered with grass.
ShlokaShloka 16
सतां वेषधरं पापं प्रच्छन्नमिव पावकम्। नाहं त्वामभिजानामि धर्मच्छद्माभिसंवृतम्4.17.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
रघुनन्दन ! आप राजा दशरथ के सुविख्यात पुत्र हैं। आपका दर्शन सबको प्रिय है। मैं आपसे युद्ध करने नहीं आया था। मैं तो दूसरे के साथ युद्ध में उलझा हुआ था। उस दशा में आपने मेरा वध करके यहाँ कौन-सा गुण प्राप्त किया है—किस महान् यश का उपार्जन किया है? क्योंकि मैं युद्ध के लिये दूसरे पर रोष प्रकट कर रहा था, किंतु आपके कारण बीच में ही मृत्यु को प्राप्त हुआ
Show English Translation
'You are a sinful man covered with the mask of piety thus resembling a hidden fire. I failed to recognise that righteousness is a mere pretext for you.
ShlokaShloka 17
विषये वा पुरे वा ते यदा पापं करोम्यहम्। न च त्वामवजाने च कस्मात्त्वं हंस्यकिल्बिषम्4.17.23।। फलमूलाशनं नित्यं वानरं वनगोचरम्। मामिहाप्रतियुध्यन्तमन्येन च समागतम्4.17.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्य के किष्किन्धाकाण्ड में सत्रहवाँ सर्ग पूरा हुआ
Show English Translation
'I did no harm to your affairs or to your city. I did not insult you. Why did you choose to kill me, a monkey roaming in the forest and living on fruits and roots? I was not fighting you. Why did you come and strike a person like me?
ShlokaShloka 18
त्वं नराधिपतेः पुत्रः प्रतीतः प्रियदर्शनः। लिङ्गमप्यस्ति ते राजनन्दृश्यते धर्मसंहितम्4.17.25।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस भूतल पर सब प्राणी आपके यश का वर्णन करते हुए कहते हैं-श्रीरामचन्द्रजी कुलीन, सत्त्वगुणसम्पन्न, तेजस्वी, उत्तम व्रत का आचरण करने वाले, करुणा का अनुभव करने वाले, प्रजा के हितैषी, दयालु, महान् उत्साही, समयोचित कार्य एवं सदाचार के ज्ञाता और दृढ़प्रतिज्ञ हैं
Show English Translation
'O prince, you are son to a king, handsome and famous. Even signs of righteousness are discernible in you.
ShlokaShloka 19
कः क्षत्रियकुले जात्शृतवान्नष्टसंशयः। धर्मलिङ्गप्रतिच्छन्न क्रूरं कर्म समाचरेत्4.17.26।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘राजन् ! इन्द्रियनिग्रह, मन का संयम, क्षमा, धर्म, धैर्य, सत्य, पराक्रम तथा अपराधियों को दण्ड देना ये राजा के गुण हैं
Show English Translation
'Who, born in a kshatriya family, versed in the Vedas and free from doubt will commit such a cruel act under the guise of righteousness?
ShlokaShloka 20
राम राजकुले जातो धर्मवानिति विश्रुतः।।4.17.27।। अभव्यो भव्यरूपेण किमर्थं परिधावसि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैं आपमें इन सभी सद्गुणों का विश्वास करके आपके उत्तम कुल को यादकर तारा के मना करने पर भी सुग्रीव के साथ लड़ने आ गया
Show English Translation
'You are born in a royal family. You are wellknown. You are proficient in dharma. Yet you are unworthy of your race and robe.
ShlokaShloka 21
साम दानं क्षमा धर्मस्सत्यं धृतिपराक्रमौ। पार्थिवानां गुणा राजन् दण्डश्चाप्यपराधिषु4.17.28।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आपने साधु पुरुषोंका-सा वेश धारण कर रखा है; परंतु हैं पापी। राख से ढकी हुई आग के समान आपका असली रूप साधु-वेष में छिप गया है। मैं नहीं जानता था कि आपने लोगों को छलने के लिये ही धर्म की आड़ ली है
Show English Translation
'Conciliation, generosity, forbearance, righteousness, truthfulness, steadfastness in valour and punishing offenders are the hallmarks of rulers.
ShlokaShloka 22
वयं वनचरा राम मृगा मूलफलाशना:। एषा प्रकृतिरस्माकं पुरुषस्त्वं नरेश्वरः4.17.29।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आपने साधु पुरुषोंका-सा वेश धारण कर रखा है; परंतु हैं पापी। राख से ढकी हुई आग के समान आपका असली रूप साधु-वेष में छिप गया है। मैं नहीं जानता था कि आपने लोगों को छलने के लिये ही धर्म की आड़ ली है
Show English Translation
'O Rama we are mere animals wandering in the forest and living on roots and fruits. This is our nature. (But) you are a lord of men.
ShlokaShloka 23
भूमिर्हिरण्यं रूप्यं च विग्रहे कारणानि च। अत्र कस्ते वने लोभो मदीयेषु फलेषु वा4.17.30।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आपने साधु पुरुषोंका-सा वेश धारण कर रखा है; परंतु हैं पापी। राख से ढकी हुई आग के समान आपका असली रूप साधु-वेष में छिप गया है। मैं नहीं जानता था कि आपने लोगों को छलने के लिये ही धर्म की आड़ ली है
Show English Translation
'We fight for land or gold or silver. What did you fight me for, for what I have or for the fruits of the forest?
ShlokaShloka 24
नयश्च विनयश्चोभौ निग्रहानुग्रहावपि4.17.31।। राजवृत्तिरसङ्कीर्णा न नृपाः कामवृत्तयः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जब मैं आपके राज्य या नगर में कोई उपद्रव नहीं कर रहा था तथा आपका भी तिरस्कार नहीं करता था, तब आपने मुझ निरपराध को क्यों मारा?
Show English Translation
'Submissiveness and modesty are the attributes of good rulers and should not be mixed up with benevolence and selfrestraint. Kings ought not to act (as they like) impulsively.
ShlokaShloka 25
त्वं तु कामप्रधानश्च कोपनश्चानवस्थितः4.17.32।। राजवृत्तेश्च सङ्कीणश्शरासनपरायणः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैं सदा फल-मूल का भोजन करने वाला और वन में ही विचरने वाला वानर हूँ। मैं यहाँ आपसे युद्ध नहीं करता था, दूसरे के साथ मेरी लड़ाई हो रही थी। फिर बिना अपराध के आपने मुझे क्यों मारा ?
Show English Translation
'Fulfilling your own desire is important for you. You are wrathful and unstable with royal course of conduct. Your business is with your bow and arrows.
ShlokaShloka 26
न तेऽस्त्यपचितिर्धर्मे नार्थे बुद्धिरवस्थिता4.17.33।। इन्द्रियैः कामवृत्तस्सन्कृष्यसे मनुजेश्वर।
हिन्दी अर्थ देखें
‘राजन्! आप एक सम्माननीय नरेश के पुत्र हैं। विश्वास के योग्य हैं और देखने में भी प्रिय हैं। आपमें धर्म का साधनभूत चिह्न (जटा) वल्कल धारण आदि भी प्रत्यक्ष दिखायी देता है
Show English Translation
'O lord of men you have no faith in righteousness, no steadfastness in the acquisition of wealth. You have no control over the senses. You are overcome by delusion.
ShlokaShloka 27
हत्वा बाणेन काकुत्स्थ मामिहानपराधिनम्4.17.34।। किं वक्ष्यसि सतां मध्ये कर्म कृत्वा जुगुप्सितम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘क्षत्रियकुल में उत्पन्न शास्त्र का ज्ञाता, संशयरहित तथा धार्मिक वेश-भूषा से आच्छन्न होकर भी कौन मनुष्य ऐसा क्रूरतापूर्ण कर्म कर सकता है
Show English Translation
'O scion of the Kakutsthas Having killed me here with your arrow even though I have done you no harm, you have perpetrated an abominable act. How will you defend yourself in the midst of holy men after commiting such a sinful act?
ShlokaShloka 28
राजहा ब्रह्महा गोघ्नश्चोरः प्राणिवधे रतः4.17.35।। नास्तिकः परिवेत्ता च सर्वे निरयगामिनः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाराज! रघु के कुल में आपका प्रादुर्भाव हुआ है। आप धर्मात्मा के रूप में प्रसिद्ध हैं तो भी इतने अभव्य (क्रूर) निकले! यदि यही आपका असली रूप है तो फिर किसलिये ऊपर से भव्य (विनीत एवं दयाल) साधु पुरुष का-सा रूप धारण करके चारों ओर दौड़ते-फिरते हैं?
Show English Translation
'One who kills a king, a brahmin or a cow, a thief or one who delights in destruction of life an atheist or one who marries before his elder they all go to hell.
ShlokaShloka 29
सूचकश्च कदर्यश्च मित्रघ्नो गुरुतल्पगः4.17.36।। लोकं पापात्मनामेते गच्छन्ते नात्र संशयः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘राजन्! साम, दान, क्षमा, धर्म, सत्य, धृति, पराक्रम और अपराधियों को दण्ड देना—ये भूपालों के गुण हैं
Show English Translation
ShlokaShloka 30
अधार्यं चर्म मे सद्भी रोमाण्यस्थि च वर्जितम्। अभक्ष्याणि च मांसानि त्वद्विधैर्धर्मचारिभिः4.17.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘नरेश्वर राम! हम फल-मूल खाने वाले वनचारी मृग हैं। यही हमारी प्रकृति है; किंतु आप तो पुरुष (मनुष्य) हैं (अतः हमारे और आपमें वैर का कोई कारण नहीं है)
Show English Translation
'My skin is not fit to be worn by the virtuous, my hair and bones are also prohibited from any use. My flesh is also not at all fit to be eaten by righteous people like you
ShlokaShloka 31
पञ्च पञ्च नखा भक्ष्या ब्रह्मक्षत्रेण राघव4.17.38।। शल्यक श्श्वाविधो गोधा शशः कूर्मश्च पञ्चमः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘पृथ्वी, सोना और चाँदी–इन्हीं वस्तुओं के लिये राजाओं में परस्पर युद्ध होते हैं। ये ही तीन कलह के मूल कारण हैं। परंतु यहाँ वे भी नहीं हैं। इस दिशा में इस वन में या हमारे फलों में आपका क्या लोभ हो सकता है
Show English Translation
'O Rama brahmins and kshatriyas are permitted to eat only the five nailed animals the porcupine, the hedgehog, the alligator, the rabbit and the tortoise.
ShlokaShloka 32
चर्म चास्थि च मे राजन् नस्पृशन्ति मनीषिणः4.17.39।। अभक्ष्याणि च मांसानि सोऽहं पञ्चनखो हतः।
हिन्दी अर्थ देखें
परंतु आप तो काम के गुलाम, क्रोधी और मर्यादा में स्थित न रहने वाले–चञ्चल हैं। नय-विनय आदि जो राजाओं के धर्म हैं, उनके अवसर का विचार किये बिना ही किसी का कहीं भी प्रयोग कर देते हैं। जहाँ कहीं भी बाण चलाते-फिरते हैं
Show English Translation
'O king the learned do not even touch my skin or bone. They do not eat my flesh. While it is so, you have unnecessarily killed me, a fivenailed animal.
ShlokaShloka 33
तारया वाक्यमुक्तोऽहं सत्यं सर्वज्ञया हितम्4.17.40।। तदतिक्रम्य मोहेन कालस्य वशमागतः।
हिन्दी अर्थ देखें
परंतु आप तो काम के गुलाम, क्रोधी और मर्यादा में स्थित न रहने वाले–चञ्चल हैं। नय-विनय आदि जो राजाओं के धर्म हैं, उनके अवसर का विचार किये बिना ही किसी का कहीं भी प्रयोग कर देते हैं। जहाँ कहीं भी बाण चलाते-फिरते हैं
Show English Translation
'Tara knew everything. Her words were correct. They were meant for my wellbeing. However, due to my ignorance (or arrogance), I did not heed her words and fell under the sway of the lord of death
ShlokaShloka 34
त्वया नाथेन काकुत्स्थ न सनाथा वसुन्धरा। प्रमदा शीलसम्पन्ना धूर्तेन पतिना यथा4.17.41।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आपका धर्म के विषय में आदर नहीं है और न अर्थ साधन में ही आपकी बुद्धि स्थिर है। नरेश्वर! आप स्वेच्छाचारी हैं। इसलिये आपकी इन्द्रियाँ आपको कहीं भी खींच ले जाती हैं
Show English Translation
'O Kakutstha just as a wife endowed with good character cannot be protected by a wicked husband, you cannot be a protector of this earth.
ShlokaShloka 35
शठो नैकृतिकः क्षुद्रो मिथ्याप्रश्रितमानसः। कथं दशरथेन त्वं जातः पापो महात्मना4.17.42।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘काकुत्स्थ! मैं सर्वथा निरपराध था तो भी यहाँ मुझे बाण से मारने का घृणित कर्म करके सत्पुरुषों के बीच में आप क्या कहेंगे
Show English Translation
'You are treacherous, dishonest, mean, guised with false humility and a sinner to the core. How were you born to that highsouled Dasaratha?
ShlokaShloka 36
छिन्नचारित्रकक्ष्येण सतां धर्मातिवर्तिना। त्यक्तधर्माङ्कुशेनाहं निहतो रामहस्तिना4.17.43।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘राजा का वध करने वाला, ब्रह्महत्यारा, गोघाती, चोर, प्राणियों की हिंसा में तत्पर रहने वाला, नास्तिक और परिवेत्ता (बड़े भाई के अविवाहित रहते अपना विवाह करने वाला छोटा भाई) ये सब-के-सब नरकगामी होते हैं
Show English Translation
'Breaking through the chains of good character, trespassing the moral code of conduct of the sages, discharging the sharp arrow of righteousness, the elephantine (arrogant) Rama killed me.
ShlokaShloka 37
अशुभं चाप्ययुक्तं च सतां चैव विगर्हितम्। वक्ष्यसे चेदृशं कृत्वा सद्भिस्सह समागतः4.17.44।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘चुगली खाने वाला, लोभी, मित्र-हत्यारा तथा गुरुपत्नीगामी—ये पापात्माओं के लोक में जाते हैं इसमें संशय नहीं है
Show English Translation
'You have committed an inauspicious, improper act, despised by the virtuous. What will you speak when you are questioned by noble men for committing such an act?
ShlokaShloka 38
उदासीनेषु योऽस्मासु विक्रमऽस्ते प्रकाशितः। अपकारिषु ते राजन्नहि पश्यामि विक्रमम्4.17.45।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘हम वानरों का चमड़ा भी तो सत्पुरुषों के धारण करने योग्य नहीं होता। हमारे रोम और हड्डियाँ भी वर्जित हैं (छूने-योग्य नहीं हैं। आप-जैसे धर्माचारी पुरुषों के लिये मांस तो सदा ही अभक्ष्य है; फिर किस लोभ से आपने मुझ वानर को अपने बाणों का शिकार बनाया है ?)
Show English Translation
'O king you have exhibited your valour against one who has done you no harm. Why have you not shown such valour on those who have offended you?
ShlokaShloka 39
दृश्यमानस्तु युद्ध्येथा मया यदि नृपात्मज। अद्य वैवस्वतं देवं पश्येस्त्वं निहतो मया4.17.46।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! त्रैवर्णिकों में जिनकी किसी कारण से मांसाहार (जैसे निन्दनीय कर्म) में प्रवृत्ति हो गयी है, उनके लिये भी पाँच नखवाले जीवों में से पाँच ही भक्षण के योग्य बताये गये हैं। उनके नाम इस प्रकार हैं—गेंडा, साही, गोह, खरहा और पाँचवाँ कछुआ
Show English Translation
'O prince had you fought me face to face you would have seen Vaivasvata, the lord of death today (you would have been killed by me).
ShlokaShloka 40
त्वयाऽदृश्येन तु रणे निहतोऽहं दुरासदः। प्रसुप्तः पन्नगेनेव नरः पानवशं गतः4.17.47।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘श्रीराम! मनीषी पुरुष मेरे (वानर के) चमड़े और हड्डी का स्पर्श नहीं करते हैं। वानर के मांस भी सभी के लिये अभक्ष्य होते हैं। इस तरह जिसका सब कुछ निषिद्ध है, ऐसा पाँच नखवाला मैं आज आपके हाथसे मारा गया हूँ
Show English Translation
bitten to death by a snake while fast asleep.
ShlokaShloka 41
मामेव यदि पूर्वं त्वमेतदर्थमचोदयः4.17.48।। मैथिलीमहमेकाह्ना तव चानीतवान्भवेत्। सुग्रीवप्रियकामेन यदहं निहतस्त्वया। कण्ठे बद्ध्वा प्रदद्यां ते निहतं रावणं रणे4.17.49।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘काकुत्स्थ! जैसे सुशीला युवती पापात्मा पति से सुरक्षित नहीं हो पाती, उसी प्रकार आप-जैसे स्वामी को पाकर यह वसुधा सनाथ नहीं हो सकती
Show English Translation
'Had you sought my help earlier(before you met Sugriva), I would have restored Sita to you within a single day. I have been killed by you to oblige Sugriva. I would have handed over Ravana by the neck after killing him in the battle.
ShlokaShloka 42
न्यस्तां सागरतोये वा पाताले वापि मैथिलीम्। आनयेयं तवादेशाच्छ्वेतामश्वतरीमिव4.17.50।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘काकुत्स्थ! जैसे सुशीला युवती पापात्मा पति से सुरक्षित नहीं हो पाती, उसी प्रकार आप-जैसे स्वामी को पाकर यह वसुधा सनाथ नहीं हो सकती
Show English Translation
'Even if she were hidden in the waters of the ocean or in the underworld, I would have brought her by your order like Sweta to Aswatari or Hayagriva. (Hayagriva, an incarnation of Visnu brought Vedas stolen by demons, Madhu and Kaitabha from Patala or the netherworld)
ShlokaShloka 43
युक्तं यत्प्राप्नुयाद्राज्यं सुग्रीवस्स्वर्गते मयि। अयुक्तं यदधर्मेण त्वयाऽहं निहतो रणे4.17.51।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आप शठ (छिपे रहकर दूसरों का अप्रिय करने वाले), अपकारी, क्षुद्र और झूठे ही शान्तचित्त बने रहने वाले हैं। महात्मा राजा दशरथ ने आप-जैसे पापी को कैसे उत्पन्न किया
Show English Translation
'Sugriva inheriting the kingdom after my departure to heaven is proper. But your killing me this way in the combat by unjustifiable means is not.
ShlokaShloka 44
काममेवं विधो लोकः कालेन विनियुज्यते। क्षमं चेद्भवता प्राप्तमुत्तरं साधु चिन्त्यताम्4.17.52।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘ऐसा अशुभ, अनुचित और सत्पुरुषों द्वारा निन्दित कर्म करके आप श्रेष्ठ पुरुषों से मिलने पर उनके सामने क्या कहेंगे
Show English Translation
'Indeed, in the world people meet with death when the time comes. Hiding yourself (from me) you have achieved it. Is it proper for you? You may think over and give your reply.'
ShlokaShloka 45
इत्येवमुक्त्वा परिशुष्कवक्त्रः शराभिघाताद्व्यथितो महात्मा। समीक्ष्य रामं रविसन्निकाशं तूष्णीं बभूवामरराजसूनुः4.17.53।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘ऐसा अशुभ, अनुचित और सत्पुरुषों द्वारा निन्दित कर्म करके आप श्रेष्ठ पुरुषों से मिलने पर उनके सामने क्या कहेंगे
Show English Translation
Vali, son of Indra, felt severe pain as his body was pierced and his mouth got parched (speaking for long) and gradually became silent, gazing at Rama intently who was glowing like the Sungod. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे सप्तदशस्सर्गः।। Thus ends the seventeenth sarga of Kishkindakanda of the first epic, the Holy Ramayana, composed by sage Valmiki.