Aranya Kanda

Sarga 51: Jatayu fights Ravana -- wounded Ravana clips Jatayu's wings and carries away Sita.

अरण्यकाण्डम् · सर्ग 51

46 shlokas

ShlokaShloka 1
इत्युक्तस्य यथान्यायं रावणस्य जटायुषा। क्रुद्धस्याग्निनिभास्सर्वा रेजुर्विंशतिदृष्टयः।।3.51.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
जटायु के ऐसा कहने पर राक्षसराज रावण क्रोध से आँखें लाल किये अमर्ष में भरकर उन पक्षिराज की ओर दौड़ा। उस समय उसके कानों में तपाये हुए सोने के कुण्डल झलमला रहे थे
Show English Translation
Ravana's twenty eyes glowed like fire in anger after Jatayu thus rightly said.
ShlokaShloka 2
संरक्तनयनः कोपात्तप्तकाञ्चनकुण्डलः। राक्षसेन्द्रोऽभिदुद्राव पतगेन्द्रममर्षणः।।3.51.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस महासमर में उन दोनों का एक-दूसरे पर भयंकर प्रहार होने लगा, मानो आकाश में वायु से उड़ाये गये दो मेघखण्ड आपस में टकरा गये हों
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As the bright gold earrings of the intolerant king of demons glittered, his eyes turned red in rage and he pounced upon Jatayu, the lord of birds.
ShlokaShloka 3
स सम्प्रहारस्तुमुल स्तयोस्तस्मिन्महावने। बभूव वातोद्धतयोर्मेघयोर्गगने यथा।।3.51.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय गृध्र और राक्षस में वह बड़ा अद्भुत युद्ध होने लगा, मानो दो पंखधारी माल्यवान् * पर्वत एक दूसरे से भिड़ गये हों
Show English Translation
The clash between them was tumultuous and it appeared like the clash of two pieces of clouds in the sky raised by stormy winds.
ShlokaShloka 4
तद्बभूवाद्भुतं युद्धं गृध्रराक्षसयोस्तदा। सपक्षयोर्माल्यवतोर्महापर्वतयोरिव।।3.51.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
रावण ने महाबली गृध्रराज जटायुपर नालीक, नाराच तथा तीखे अग्रभागवाले विकर्णी नामक महाभयंकर अस्त्रों की वर्षा आरम्भ कर दी
Show English Translation
The duel between Ravana and Jatayu looked as though it was a fight between two huge winged mountains of Malyavan range.
ShlokaShloka 5
ततो नालीकनाराचैस्तीक्ष्णाग्रैश्च विकर्णिभिः। अभ्यवर्षन्महाघोरैर्गृध्रराजं महाबलः।।3.51.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
साथ ही उन महाबली पक्षिशिरोमणि ने अपने तीखे नखोंवाले पंजों से मार-मारकर रावण के शरीर में बहुत से घाव कर दिये
Show English Translation
Then the mighty Ravana rained sharp, dreadful shafts, spears and Vikarnis at Jatayu, king of vultures.
ShlokaShloka 6
स तानि शरजालानि गृध्रः पत्त्ररथेश्वरः। जटायुः प्रतिजग्राह रावणास्त्राणि संयुगे।।3.51.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
साथ ही उन महाबली पक्षिशिरोमणि ने अपने तीखे नखोंवाले पंजों से मार-मारकर रावण के शरीर में बहुत से घाव कर दिये
Show English Translation
Jatayu, lord of the birds, faced the arrows and other weapons showered by Ravana.
ShlokaShloka 7
तस्य तीक्ष्णनखाभ्यां तु चरणाभ्यां महाबलः। चकार बहुधा गात्रे व्रणान्पतगसत्तमः।।3.51.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
तब दशग्रीव ने क्रोध में भरकर अपने शत्रु को मार डालने की इच्छा से दस बाण हाथ में लिये, जो कालदण्ड के समान भयंकर थे
Show English Translation
The mighty, virtuous vulture with his sharp claws wounded many parts of the body of Ravana.
ShlokaShloka 8
अथ क्रोधाद्धशग्रीवो जग्राह दश मार्गणान्। मृत्युदण्डनिभान्घोरान्छत्रुमर्दनकाङ्क्षया।।3.51.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
महापराक्रमी रावण ने धनुष को पूर्णतः खींचकर छोड़े गये उन सीधे जाने वाले तीखे, पैने और भयंकर बाणों द्वारा, जिनके मुखपर शल्य (काँटे) लगे हुए थे। गृध्रराज को क्षत-विक्षत कर दिया
Show English Translation
Ravana in a rage took ten dreadful darts (looking) like the staff of death with a desire to crush the enemy.
ShlokaShloka 9
स तैर्बाणैर्महावीर्यः पूर्णमुक्तैरजिह्मगैः। बिभेद निशितैस्तीक्ष्णैर्गृध्रं घोरैश्शिलीमुखैः।।3.51.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
जटायु ने देखा, जनकनन्दिनी सीता राक्षस के रथ पर बैठी हैं और नेत्रों से आँसू बहा रही हैं। उन्हें देखकर गृध्रराज अपने शरीर में लगते हुए उन बाणों की परवा न करके सहसा उस राक्षस पर टूट पड़े
Show English Translation
The mighty Ravana fully released his dreadful, sharp arrows that went straight and pierced the vulture.
ShlokaShloka 10
स राक्षसरथे पश्यन्जानकीं बाष्पलोचनाम्। अचिन्तयित्वा तान्बाणान्राक्षसं समभिद्रवत्।।3.51.10।।
हिन्दी अर्थ देखें
महातेजस्वी पक्षिराज जटायु ने मोती-मणियों से विभूषित, बाणसहित रावण के धनुष को अपने दोनों पैरों से मारकर तोड़ दिया
Show English Translation
Seeing Sita, daughter of Janaka, on the demon's chariot with eyes full of tears, Jatayu without minding the arrows renewed his attack.
ShlokaShloka 11
ततोऽस्य सशरं चापं मुक्तामणिविभूषितम्। चरणाभ्यां महातेजा बभञ्ज पतगेश्वरः।।3.51.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर तो रावण क्रोध से भर गया और दूसरा धनुष हाथ में लेकर उसने सैकड़ों-हजारों बाणों की झड़ी लगा दी
Show English Translation
The glorious lord of birds crushed with his feet the bow and arrow of Ravana with pearls and gems encrusted.
ShlokaShloka 12
ततोऽन्यद्धनुरादाय रावणः क्रोधमूर्छितः। ववर्ष शरवर्षाणि शतशोऽथ सहस्रशः।।3.51.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय उस युद्धस्थल में गृध्रराज के चारों ओर बाणों का जाल-सा तन गया। वे उस समय घोंसले में बैठे हुए पक्षी के समान प्रतीत होने लगे
Show English Translation
Overcome with anger, Ravana took another bow and rained (on him) hundreds and thousands of arrows.
ShlokaShloka 13
शरैरावारितस्तस्य संयुगे पतगेश्वरः। कुलायमुपसम्प्राप्तः पक्षीव प्रबभौ तदा।।3.51.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
तब महातेजस्वी जटायु ने अपने दोनों पंखों से ही उन बाणों को उड़ा दिया और पंजों की मार से पुनः उसके धनुष के टुकड़े-टुकड़े कर डाले
Show English Translation
Jatayu, shot with arrows on all sides in the combat, shone like the bird that returned to its nest.
ShlokaShloka 14
स तानि शरवर्षाणि पक्षाभ्यां च विधूयच। चरणाभ्यां महातेजा बभञ्जास्य महद्धनुः।।3.51.14।।
हिन्दी अर्थ देखें
रावणका कवच अग्नि के समान प्रज्वलित हो रहा था। महातेजस्वी पक्षिराज ने उसे भी पंखों से ही मारकर छिन्न-भिन्न कर दिया
Show English Translation
Powerful Jatayu scattered the shower of arrows with his wings and broke down the great bow with his claws.
ShlokaShloka 15
तच्चाग्निसदृशं दीप्तं रावणस्य शरावरम्। पक्षाभ्यां स महावीर्यो व्याधुनोत्पतगेश्वरः।।3.51.15।।
हिन्दी अर्थ देखें
तत्पश्चात् उन बलवान् वीर ने समराङ्गण में पिशाच के-से मुखवाले उन वेगशाली गधों को भी, जिनकी छाती पर सोने के कवच बँधे हुए थे, मार डाला
Show English Translation
Mighty Jatayu, lord of the birds, shattered with his wings the armour of Ravana that was glowing like fire.
ShlokaShloka 16
काञ्चनोरश्छदान्दिव्यान्पिशाचवदनान्खरान्। तांश्चास्य जवसम्पन्नाञ्जघान समरे बली।।3.51.16।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर अग्नि की भाँति दीप्तिमान्, मणिमय सोपान से विचित्र अङ्गोंवाले तथा इच्छानुसार चलने वाले उसके त्रिवेणुसम्पन्न* विशाल रथ को भी तोड़-फोड़ डाला
Show English Translation
Powerful Jatayu killed in the combat, the splendid, swiftmoving, devilfaced asses with golden shields yoked to the chariot.
ShlokaShloka 17
वरं त्रिवेणुसम्पन्नं कामगं पावकार्चिषम्। मणिहेमविचित्राङ्गं बभञ्ज च महारथम्।।3.51.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
इसके बाद पूर्ण चन्द्रमा की भाँति सुशोभित छत्र और चवँर को भी उन्हें धारण करने वाले राक्षसों के साथ ही वेगपूर्वक मार गिराया। फिर उन महाबली तेजस्वी पक्षिराज ने बड़े वेग से चोंच मारकर रावण के सारथि का विशाल मस्तक भी धड़ से अलग कर दिया
Show English Translation
Then he(Jatayu) broke down the great chariot(of Ravana) glowing like fire, glittering with gold and gems, made of three bamboo reeds, and capable of flying wherever the rider willed.
ShlokaShloka 18
पूर्णचन्द्रप्रतीकाशं छत्रं च व्यजनैस्सह। पातयामास वेगेन ग्राहिभी राक्षसैस्सह।।3.51.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
इसके बाद पूर्ण चन्द्रमा की भाँति सुशोभित छत्र और चवँर को भी उन्हें धारण करने वाले राक्षसों के साथ ही वेगपूर्वक मार गिराया। फिर उन महाबली तेजस्वी पक्षिराज ने बड़े वेग से चोंच मारकर रावण के सारथि का विशाल मस्तक भी धड़ से अलग कर दिया
Show English Translation
Jatayu violently pulled down the parasol shining like the full moon and the fans of the chariot along with the demons holding them.
ShlokaShloka 19
सारथेश्चास्य वेगेन तुण्डेनैव महच्छिरः। पुनर्व्यपाहरच्छ्रीमान्पक्षिराजो महाबलः।।3.51.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
वृद्धावस्था के कारण पक्षिराज को थका हुआ देख रावण को बड़ा हर्ष हुआ और वह मैथिली को लिये हुए फिर आकाश में उड़ चला
Show English Translation
Again the glorious, powerful king of birds swiftly shattered the huge head of the charioteer with his beak.
ShlokaShloka 20
स भग्नधन्वा विरथो हताश्वो हतसारथिः। अङ्केनादाय वैदेहीं पपात भुवि रावणः।।3.51.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
वृद्धावस्था के कारण पक्षिराज को थका हुआ देख रावण को बड़ा हर्ष हुआ और वह मैथिली को लिये हुए फिर आकाश में उड़ चला
Show English Translation
With the bow broken, the chariot destroyed, asses (drawing the chariot) and the charioteer dead, Ravana fell down on the ground holding Vaidehi on his lap.
ShlokaShloka 21
दृष्ट्वा निपतितं भूमौ रावणं भग्नवाहनम्। साधुसाध्विति भूतानि गृध्रराजमपूजयन्।।3.51.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
वृद्धावस्था के कारण पक्षिराज को थका हुआ देख रावण को बड़ा हर्ष हुआ और वह मैथिली को लिये हुए फिर आकाश में उड़ चला
Show English Translation
Seeing Ravana fallen on the ground with his broken chariot, all beings honoured the king of the birds, saying, Well done Well done
ShlokaShloka 22
परिश्रान्तं तु तं दृष्टवा जरया पक्षियूथपम्। उत्पपात पुनर्हृष्टो मैथिलीं गृह्य रावणः।।3.51.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
जनककिशोरी को गोद में लेकर जब रावण प्रसन्नतापूर्वक जाने लगा, उस समय उसके अन्य सब साधन तो नष्ट हो गये थे, किंतु एक तलवार उसके पास शेष रह गयी थी। उसे जाते देख महातेजस्वी गृध्रराज जटायु उड़कर रावण की ओर दौड़े और उसे रोककर इस प्रकार बोले-
Show English Translation
Seeing the lord of the flocks of birds exhausted due to age still fighting, Ravana felt glad. He flew back into the sky taking Sita, princess of Mithila, with him.
ShlokaShloka 23
तं प्रहृष्टं निधायाङ्के गच्छन्तं जनकात्मजाम्। गृध्रराजस्समुत्पत्य समभिद्रुत्य रावणम्।।3.51.23।। समावार्य महातेजा जटायुरिदमब्रवीत्।
हिन्दी अर्थ देखें
जनककिशोरी को गोद में लेकर जब रावण प्रसन्नतापूर्वक जाने लगा, उस समय उसके अन्य सब साधन तो नष्ट हो गये थे, किंतु एक तलवार उसके पास शेष रह गयी थी। उसे जाते देख महातेजस्वी गृध्रराज जटायु उड़कर रावण की ओर दौड़े और उसे रोककर इस प्रकार बोले-
Show English Translation
Seeing Sita, Janaka's daughter, happily carried away into the sky by Ravana on his lap. Jatayu, the mighty king of vultures chased him, and obstructing his path said :
ShlokaShloka 24
वज्रसंस्पर्शबाणस्य भार्यां रामस्य रावण।।3.51.24।। अल्पबुद्धे हरस्येनां वधाय खलु रक्षसाम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जैसे प्यासा मनुष्य जल पी रहा हो, उसी प्रकार तुम मित्र, बन्धु, मन्त्री, सेना तथा परिवारसहित यह विषपान कर रहे हो
Show English Translation
Foolish Ravana, you are kidnapping this lady, wife of Rama, whose arrows can hit like a thunderbolt. This will lead to the destruction of all demons.
ShlokaShloka 25
समित्रबन्धुस्सामात्यस्सबलस्सपरिच्छदः।।3.51.25।। विषपानं पिबस्येतत्पिपासित इवोदकम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जैसे प्यासा मनुष्य जल पी रहा हो, उसी प्रकार तुम मित्र, बन्धु, मन्त्री, सेना तथा परिवारसहित यह विषपान कर रहे हो
Show English Translation
You are drinking poison along with all your friends, relatives, ministers, the army and your allies. like a thirsty man drinks water.
ShlokaShloka 26
अनुबन्धमजानन्तः कर्मणामविचक्षणाः।।3.51.26।। शीघ्रमेव विनश्यन्ति यथा त्वं विनशिष्यसि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अपने कर्मों का परिणाम न जानने वाले अज्ञानीजन जैसे शीघ्र ही नष्ट हो जाते हैं, उसी प्रकार तुम भी विनाश के गर्त में गिरोगे
Show English Translation
Fools who do not know the consequences of their action perish soon. Similarly you are going to die soon.
ShlokaShloka 27
बद्धस्त्वं कालपाशेन क्व गतस्तस्य मोक्ष्यसे।।3.51.27।। वधाय बडिशं गृह्य सामिषं जलजो यथा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम कालपाश में बँध गये हो। कहाँ जाकर उससे छुटकारा पाओगे? जैसे जल में उत्पन्न होने वाला मत्स्य मांसयुक्त बंसी को अपने वध के लिये ही निगल जाता है, उसी प्रकार तुम भी अपने मौत के लिये ही सीता का अपहरण करते हो
Show English Translation
You are bound by the noose of death like a fish holding on to the bait of the fishing hook. Where can you go now?
ShlokaShloka 28
न हि जातु दुराधर्षौ काकुत्स्थौ तव रावण।।3.51.28।। धर्षणं चाश्रमस्यास्य क्षमिष्येते तु राघवौ।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण! ककुत्स्थकुलभूषण रघुकुलनन्दन श्रीराम और लक्ष्मण दोनों भाई दुर्धर्ष वीर हैं। वे तुम्हारे द्वारा अपने आश्रम पर किये गये इस अपमानजनक अपराध को कभी क्षमा नहीं करेंगे
Show English Translation
O Ravana know that Rama and Lakshmana, the Kakutsthas, are invincible. They will not forgive the asssault you have made on their hermitage.
ShlokaShloka 29
यथा त्वया कृतं कर्म भीरुणा लोकगर्हितम्।।3.51.29।। तस्कराचरितो मार्गो नैव वीरनिषेवितः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम कायर और डरपोक हो। तुमने जैसा लोकनिन्दित कर्म किया है, यह चोरों का मार्ग है। वीर पुरुष ऐसे मार्ग का आश्रय नहीं लेते हैं
Show English Translation
Your cowardly action will be condemned by the whole world. The path you have chosen is the path of a thief and not of a hero.
ShlokaShloka 30
युध्यस्व यदि शूरोऽसि मुहूर्तं तिष्ठरावण।।3.51.30।। शयिष्यसे हतो भूमौ यथा भ्राता खरस्तथा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण! यदि शूरवीर हो तो दो घड़ी और ठहरो और मुझसे युद्ध करो। फिर तो तुम भी उसी प्रकार मरकर पृथ्वी पर सो जाओगे, जैसे तुम्हारा भाई खर सोया था
Show English Translation
O Ravana if you are courageous, tarry awhile and fight with me. Like your brother Khara, you will lie on the ground dead.
ShlokaShloka 31
परेतकाले पुरुषो यत्कर्म प्रतिपद्यते।।3.51.31।। विनाशायात्मनोऽधर्म्यं प्रतिपन्नोऽसि कर्म तत्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘विनाश के समय पुरुष जैसा कर्म करता है, तुमने भी अपने विनाश के लिये वैसे ही अधर्मपूर्ण कर्म को अपनाया है
Show English Translation
You have resorted to unrighteous action like a dying man. This will spell your destruction.
ShlokaShloka 32
पापानुबन्धो वै यस्य कर्मणः कर्मको नु तत्।।3.51.32।। कुर्वीत लोकाधिपतिस्स्वयंभूर्भगवानपि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जिस कर्म को करने से कर्ता का पाप के फल से सम्बन्ध होता है, उस कर्म को कौन पुरुष निश्चित रूप से कर सकता है। लोकपाल इन्द्र तथा भगवान् स्वयम्भू (ब्रह्मा) भी वैसा कर्म नहीं कर सकते’
Show English Translation
If the consequences of an action be sin, who will do it ? Even the selfborn lord of the world may not.
ShlokaShloka 33
एवमुक्त्वा शुभं वाक्यं जटायुस्तस्य रक्षसः।।3.51.33।। निपपात भृशं पृष्ठे दशग्रीवस्य वीर्यवान्।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार उत्तम वचन कहकर पराक्रमी जटायु उस राक्षस दशग्रीव की पीठ पर बड़े वेग से जा बैठे और उसे पकड़कर अपने तीखे नखों द्वारा चारों ओर से चीरने लगे। मानो कोई हाथीवान् किसी दुष्ट हाथी के ऊपर सवार होकर उसे अंकुश से छेद रहा हो
Show English Translation
Brave Jatayu having thus said these cautious words to the demon dashed against his back again and again.
ShlokaShloka 34
तं गृहीत्वा नखैस्तीक्ष्णैर्विददार समन्ततः।।3.51.34।। अधिरूढो गजारोहो यथा स्याद्दुष्टवारणम्।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार उत्तम वचन कहकर पराक्रमी जटायु उस राक्षस दशग्रीव की पीठ पर बड़े वेग से जा बैठे और उसे पकड़कर अपने तीखे नखों द्वारा चारों ओर से चीरने लगे। मानो कोई हाथीवान् किसी दुष्ट हाथी के ऊपर सवार होकर उसे अंकुश से छेद रहा हो
Show English Translation
Thereafter, seizing Ravana, Jatayu ascended on his back and pierced his body all over with his sharp claws just as a rider goads an unruly elephant.
ShlokaShloka 35
विददार नखैरस्य तुण्डं पृष्ठे समर्पयन्।।3.51.35।। केशांश्चोत्पाटयामास नखपक्षमुखायुधः।
हिन्दी अर्थ देखें
नख, पाँख और चोंच—ये ही जटायु के हथियार थे। वे नखों से खरोंचते थे, पीठपर चोंच मारते थे और बाल पकड़कर उखाड़ लेते थे
Show English Translation
Jatayu who had his claws, wings and beak as the only weapons pierced and pricked Ravana all over with his nails by pressing his beak on his back and pulled out his hair.
ShlokaShloka 36
स तथा गृध्रराजेन क्लिश्यमानो मुहुर्मुहुः।।3.51.36।। अमर्षस्फुरितोष्ठस्सन्प्राकम्पत च रावणः।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार जब गृध्रराज ने बारंबार क्लेश पहुँचाया, तब राक्षस रावण काँप उठा। क्रोध के मारे उसके ओठ फड़कने लगे
Show English Translation
Thus tormented again and again by the king of vultures, Ravana shook with anger, his lips quivering.
ShlokaShloka 37
स परिष्वज्य च वैदेहीं वामेनाङ्केन रावणः।।3.51.37।। तलेनाभिजघानाशु जटायुं क्रोधमुर्छीतः।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय क्रोध से भरे रावण ने विदेहनन्दिनी सीता को बायीं गोद में करके अत्यन्त पीड़ित हो जटायु पर तमाचे का प्रहार किया
Show English Translation
Losing his senses, with rage, Ravana held Vaidehi (Sita) with his left arm and hit Jatayu with his palm.
ShlokaShloka 38
जटायुस्तमभिक्रम्य तुण्डेनास्य खगाधिपः।।3.51.38।। वामबाहून्दश तदा व्यपाहरदरिन्दमः।
हिन्दी अर्थ देखें
परंतु उस वार को बचाकर शत्रुदमन गृध्रराज जटायु ने अपनी चोंच से मार-मारकर रावण की दसों बायीं भुजाओं को उखाड़ लिया।
Show English Translation
Then Jatayu, lord of the birds, subduer of enemies, overpowered Ravana and dismembered his ten left arms with his beak.
ShlokaShloka 39
सञ्छिन्नबाहोस्सद्यैव बाहवस्सहसाभवन्।।3.51.39।। विषज्वालावलीयुक्ता वल्मीकादिव पन्नगाः।
हिन्दी अर्थ देखें
उन बाँहों के कट जाने पर बाँबी से प्रकट होने वाले विष की ज्वाला-मालाओं से युक्त सर्पो की भाँति तुरंत दूसरी नयी भुजाएँ सहसा उत्पन्न हो गयीं
Show English Translation
As the left arms were cut off, there came out from them all the ten arms instantaneously like serpents emitting poisonous flames from anthills
ShlokaShloka 40
ततः क्रोधाद्दशग्रीवस्सीतामुत्सृज्य रावणः।।3.51.40।। मुष्टिभ्यां चरणाभ्यां च गृध्रराजमपोथयत्।
हिन्दी अर्थ देखें
तब पराक्रमी दशानन ने सीता को तो छोड़ दिया और गृध्रराज को क्रोधपूर्वक मुक्कों और लातों से मारना आरम्भ किया
Show English Translation
Then the tenheaded Ravana left Sita and attacked Jatayu with his fists and feet out of anger.
ShlokaShloka 41
ततो मुहूर्तं सङ्ग्रामो बभूवातुल्यवीर्ययोः।।3.51.41।। राक्षसानां च मुख्यस्य पक्षिणां प्रवरस्य च।
हिन्दी अर्थ देखें
उस समय उन दोनों अनुपम पराक्रमी वीर राक्षसराज रावण और पक्षिराज जटायु में दो घड़ी तक घोर संग्राम होता रहा
Show English Translation
Between the warriors of unequal valour, Ravana and Jatayu, the chief of the demons and the foremost of the birds, the fight took place for a moment.
ShlokaShloka 42
तस्य व्यायच्छमानस्य रामस्यार्थे स रावणः।।3.51.42।। पक्षौ पार्श्वौ च पादौ च खड्गमुद्धृत्य सोऽच्छिनत्।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर रावण ने तलवार निकाली और श्रीरामचन्द्रजी के लिये पराक्रम करने वाले जटायु के दोनों पंख, पैर तथा पार्श्वभाग काट डाले
Show English Translation
Ravana lifted his sword and cut off both the wings and feet of Jatayu who was fighting relentlessly (for Rama's sake).
ShlokaShloka 43
स च्छिन्नपक्षस्सहसा रक्षसा रौद्रकर्मणा।।3.51.43।। निपपात हतो गृद्रो धरण्यामल्पजीवितः।
हिन्दी अर्थ देखें
अपने बान्धव के समान जटायु को खून से लथपथ होकर पृथ्वी पर पड़ा देख सीता दुःख से व्याकुल हो उनकी ओर दौड़ी
Show English Translation
(Seriously) wounded and almost dead,the vulture fell down on the ground all at once, when his wings were chipped by the demon of terrible deeds.
ShlokaShloka 44
तं दृष्ट्वा पतितं भूमौ क्षतजार्द्रं जटायुषम्।।3.51.44।। अभ्यधावत वैदेही स्वबन्धुमिव दुःखिता।
हिन्दी अर्थ देखें
अपने बान्धव के समान जटायु को खून से लथपथ होकर पृथ्वी पर पड़ा देख सीता दुःख से व्याकुल हो उनकी ओर दौड़ी
Show English Translation
Sita, princess of Videha, saw the wounded Jatayu fallen on the ground drenched in blood. Grieving, she ran towards him as if he was her relative.
ShlokaShloka 45
तं नीलजीमूतनिकाशकल्पं सुपाण्डुरोरस्कमुदारवीर्यम्। ददर्श लङ्काधिपतिः पृथिव्यां जटायुषं शान्तमिवाग्निदावम्।।3.51.45।।
हिन्दी अर्थ देखें
जटायु के शरीर की कान्ति नीले मेघ के समान काली थी। उनकी छाती का रंग श्वेत था। वे बड़े पराक्रमी थे, तो भी उस समय बुझे हुए दावानल के समान पृथ्वी पर पड़ गये। लङ्कापति रावण ने उन्हें इस अवस्था में देखा
Show English Translation
Lord of Lanka saw that very bold Jatayu of dark blue colour of the cloud, fair chest, fallen on the ground, looking like the forest fire that had been put out.
ShlokaShloka 46
ततस्तु तं पत्ररथं महीतले निपातितं रावणवेगमर्दितम्। पुनः परिश्वज्य शशिप्रभानना रुरोद सीता जनकात्मजातदा।।3.51.46।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर रावण के वेग से रौंदे जाकर धराशायी हुए जटायु को पकड़कर चन्द्रमुखी जनकनन्दिनी सीता पुनः उस समय वहाँ रोने लगीं
Show English Translation
Sita, daughter of Janaka, whose face was radiant like the Moon once again embraced Jatayu, the winged warrior, fallen on the ground, crushed by Ravana's onslaught and wept. इतयार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये अरण्यकाण्डे एकपञ्चाशस्सर्गः।। Thus ends the fiftyfirst sarga of Aranyakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.