Aranya Kanda

Sarga 68: Jatayu informs Rama about his combat with Ravana and Sita's abduction-- Jatayu's death-- cremation

अरण्यकाण्डम् · सर्ग 68

37 shlokas

ShlokaShloka 1
रामस्सम्प्रेक्ष्य तं गृध्रं भुवि रौद्रेण पातितम्। सौमित्रिं मित्रसम्पन्नमिदं वचनमब्रवीत्।।3.68.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
भयंकर राक्षस रावण ने जिसे पृथ्वी पर मार गिराया था, उस गृध्रराज जटायु की ओर दृष्टि डालकर भगवान् श्रीराम मित्रोचित गुण से सम्पन्न सुमित्राकुमार लक्ष्मण से बोले-
Show English Translation
Seeing the vulture lying on the ground thrown down by the fierce demon, Rama said to friendly Lakshmana:
ShlokaShloka 2
ममायं नूनमर्थेषु यतमानो विहङ्गमः। राक्षसेन हतस्संख्ये प्राणांस्त्यक्ष्यति दुस्त्यजान्।।3.68.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लक्ष्मण से ऐसा कहकर श्रीराम उस पक्षी से बोले -) ‘जटायो! यदि आप पुनः बोल सकते हों तो आपका भला हो, बताइये, सीता की क्या अवस्था है ? और आपका वध किस प्रकार हुआ?
Show English Translation
Struck down by the demon in the combat on my account this bird is going to give up his life which is indeed difficult.
ShlokaShloka 3
अयमस्य शरीरेऽस्मिन्प्राणो लक्ष्मण विद्यते। तथा हि स्वरहीनोऽयं विक्लबस्समुदीक्ष्यते।।3.68.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लक्ष्मण से ऐसा कहकर श्रीराम उस पक्षी से बोले -) ‘जटायो! यदि आप पुनः बोल सकते हों तो आपका भला हो, बताइये, सीता की क्या अवस्था है ? और आपका वध किस प्रकार हुआ?
Show English Translation
O Lakshmana, it appears he is frightened and is experiencing excruciating pain in the body. His voice sounds faint, too.
ShlokaShloka 4
जटायो यदि शक्नोषि वाक्यं व्याहरितुं पुनः। सीतामाख्याहि भद्रं ते वधमाख्याहि चात्मनः।।3.68.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
(लक्ष्मण से ऐसा कहकर श्रीराम उस पक्षी से बोले -) ‘जटायो! यदि आप पुनः बोल सकते हों तो आपका भला हो, बताइये, सीता की क्या अवस्था है ? और आपका वध किस प्रकार हुआ?
Show English Translation
O Jatayu If you are still able to speak, tell me about Sita and about how you have been struck down.
ShlokaShloka 5
किं निमित्तोऽहरत्सीतां रावणस्तस्य किं मया। अपराद्धं तु यं दृष्ट्वा रावणेन हृता प्रिया।।3.68.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जिस अपराध को देखकर रावण ने मेरी प्रिय भार्या का अपहरण किया है, वह अपराध क्या है? और मैंने उसे कब किया? किस निमित्त को लेकर रावण ने आर्या सीता का हरण किया है ?
Show English Translation
Why did Ravana abduct Sita? What fault did he find with me so that he kidnapped my beloved ?
ShlokaShloka 6
कथं तच्चन्द्रसङ्काशं मुखमासीन्मनोहरम्। सीतया कानि चोक्तानि तस्मिन्काले द्विजोत्तम।।3.68.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘पक्षिप्रवर! सीता का चन्द्रमा के समान मनोहर मुख कैसा हो गया था? तथा उस समय सीता ने क्या-क्या बातें कही थीं?
Show English Translation
O best of birds how did her delightful, Moonlike face look when she was hijacked. What did she say at that time?
ShlokaShloka 7
कथं वीर्यः कथं रूपः किं कर्मा स च राक्षसः। क्व चास्य भवनं तात ब्रूहि मे परिपृच्छतः।।3.68.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात! उस राक्षस का बल-पराक्रम तथा रूप कैसा है? वह क्या काम करता है? और उसका घर कहाँ है? मैं जो कुछ पूछ रहा हूँ, वह सब बताइये’
Show English Translation
O father how powerful is that demon ? How does he look?What work does he do? Where does he dwell? Do answer my questions?
ShlokaShloka 8
तमुद्वीक्ष्याथ दीनात्मा विलपन्तमनन्तरम्। वाचातिसन्नया रामं जटायुरिदमब्रवीत्।।3.68.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस तरह अनाथ की भाँति विलाप करते हुए श्रीराम की ओर देखकर धर्मात्मा जटायु ने लड़खड़ाती जबान से यों कहना आरम्भ किया—
Show English Translation
Thereafter Jatayu, a piteous soul, looked up at Rama who was crying incessantly and said this in a feeble voice:
ShlokaShloka 9
हृता सा राक्षसेन्द्रेण रावणेन विहायसा। मायामास्थाय विपुलां वातदुर्दिनसङ्कुलाम्।।3.68.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात ! जब मैं उससे लड़ता-लड़ता थक गया, उस अवस्था में मेरे दोनों पंख काटकर वह निशाचर विदेहनन्दिनी सीता को साथ लिये यहाँ से दक्षिण दिशा की ओर गया था
Show English Translation
Ravana, the lord of the demons created violent winds through terrific magic and whisked her away in the sky.
ShlokaShloka 10
परिश्रान्तस्य मे तात पक्षौ छित्वा स राक्षसः। सीतामादाय वैदेहीं प्रयातो दक्षिणां दिशम्।।3.68.10।���
हिन्दी अर्थ देखें
‘तात ! जब मैं उससे लड़ता-लड़ता थक गया, उस अवस्था में मेरे दोनों पंख काटकर वह निशाचर विदेहनन्दिनी सीता को साथ लिये यहाँ से दक्षिण दिशा की ओर गया था
Show English Translation
O my child when I was exhausted, that demon cut off my wings and carried Sita off in the southern direction.
ShlokaShloka 11
उपरुध्यन्ति मे प्राणा दृष्टिर्भ्रमति राघव। पश्यामि वृक्षान्सौवर्णानुशीरकृतमूर्धजान्।।3.68.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रघुनन्दन! अब मेरे प्राणों की गति बंद हो रही है, दृष्टि घूम रही है और समस्त वृक्ष मुझे सुनहरे रंग के दिखायी देते हैं। ऐसा जान पड़ता है कि उन वृक्षों पर खश के केश जमे हुए हैं
Show English Translation
O scion of the Raghu race, I am gasping for breath. My eyes are reeling. I see root hair growing on the tops of golden trees.
ShlokaShloka 12
येन याति मुहूर्तेन सीतामादाय रावणः। विप्रणष्टं धनं क्षिप्रं तत्स्वामी प्रतिपद्यते।।3.68.12।। विन्दो नाम मुहूर्तोऽयं स च काकुत्स्थ नाबुधत्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण सीता को जिस मुहूर्त में ले गया है, उसमें खोया हुआ धन शीघ्र ही उसके स्वामी को मिल जाता है। काकुत्स्थ! वह ‘विन्द’ नामक मुहूर्त था, किंतु उस राक्षस को इसका पता नहीं था। जैसे मछली मौत के लिये ही बंसी पकड़ लेती है, उसी प्रकार वह भी सीता को ले जाकर शीघ्र ही नष्ट हो जायगा
Show English Translation
The time Ravana kidnapped Sita is known as 'Vinda'. The effect (of that time), is that her husband will regain his lost wealth. O scion of the Kakutstha race he (Ravana )did not know it.
ShlokaShloka 13
त्वत्प्रियां जानकीं हृत्वा रावणो राक्षसेश्वरः।।3.68.13।। झषवद्बडिशं गृह्य क्षिप्रमेव विनश्यति।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण सीता को जिस मुहूर्त में ले गया है, उसमें खोया हुआ धन शीघ्र ही उसके स्वामी को मिल जाता है। काकुत्स्थ! वह ‘विन्द’ नामक मुहूर्त था, किंतु उस राक्षस को इसका पता नहीं था। जैसे मछली मौत के लिये ही बंसी पकड़ लेती है, उसी प्रकार वह भी सीता को ले जाकर शीघ्र ही नष्ट हो जायगा
Show English Translation
Ravana, king of the demons, will perish soon for running away with your beloved Janaki just like a fish carrying away a fishhook (which causes its destruction).
ShlokaShloka 14
न च त्वया व्यथा कार्या जनकस्य सुतां प्रति।।3.68.14।। वैदेह्या रंस्यसे क्षिप्रं हत्वा तं राक्षसं रणे।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अतः अब तुम जनकनन्दिनी के लिये अपने मन में खेद न करो। संग्राम के मुहाने पर उस निशाचर का वध करके तुम शीघ्र ही पुनः विदेहराजकुमारी के साथ विहार करोगे’
Show English Translation
You need not worry about Janaka's daughter. You will soon enjoy the company of your beloved, Vaidehi after killing that demon.
ShlokaShloka 15
असम्मूढस्य गृध्रस्य रामं प्रत्यनुभाषतः।।3.68.15।। आस्यात्सुस्राव रुधिरं म्रियमाणस्य सामिषम्।
हिन्दी अर्थ देखें
वे बोले—’रावण विश्रवा का पुत्र और कुबेर का सगा भाई है’ इतना कहकर उन पक्षिराज ने दुर्लभ प्राणों का परित्याग कर दिया
Show English Translation
As he(Jatayu) was speaking to Rama with an alert mind even while dying, blood mixed with flesh started oozing from Jatayu's mouth.
ShlokaShloka 16
पुत्रो विश्रवसस्साक्षाद्भ्राता वैश्रवणस्य च।।3.68.16।। इत्युक्त्वा दुर्लभान्प्राणान्मुमोच पतगेश्वरः।
हिन्दी अर्थ देखें
वे बोले—’रावण विश्रवा का पुत्र और कुबेर का सगा भाई है’ इतना कहकर उन पक्षिराज ने दुर्लभ प्राणों का परित्याग कर दिया
Show English Translation
Ravana was Visrava's son and Vaisravana's (Kubera's) brother, said Jatayu and gave up his rare life.
ShlokaShloka 17
ब्रूहि ब्रूहीति रामस्य ब्रुवाणस्य कृताञ्जलेः।।3.68.17।। त्वक्त्वा शरीरं गृध्रस्य जग्मुः प्राणा विहायसम्।
हिन्दी अर्थ देखें
श्रीरामचन्द्रजी हाथ जोड़े कह रहे थे, ‘कहिये, कहिये, कुछ और कहिये!’ किंतु उस समय गृध्रराज के प्राण उनका शरीर छोड़कर आकाश में चले गये
Show English Translation
As Rama was saying to the vulture with folded palms 'Tell me, tell me'( about Ravana) the life breath of the vulture soared into the sky leaving the body.
ShlokaShloka 18
स निक्षिप्य शिरो भूमौ प्रसार्य चरणौ तदा।।3.68.18।। विक्षिप्य च शरीरं स्वं पपात धरणीतले।
हिन्दी अर्थ देखें
उन्होंने अपना मस्तक भूमि पर डाल दिया, दोनों पैर फैला दिये और अपने शरीर को भी पृथ्वी पर ही डालते हुए वे धराशायी हो गये
Show English Translation
Then Jatayu dropped his head down, his feet thrown about, his body outstretched on earth.
ShlokaShloka 19
तं गृध्रं प्रेक्ष्य ताम्राक्षं गतासुमचलोपमम्।।3.68.19।। रामस्सुबहुभिर्दुःखैर्दीनस्सौमित्रिमब्रवीत्।
हिन्दी अर्थ देखें
गृध्रराज जटायु की आँखें लाल दिखायी देती थीं। प्राण निकल जाने से वे पर्वत के समान अविचल हो गये। उन्हें इस अवस्था में देखकर बहुत-से दुःखों से दुःखी हुए श्रीरामचन्द्रजी ने सुमित्राकुमार से कहा-
Show English Translation
Stricken with deep grief, his eyes red (with tears) Rama saw the vulture looking like a mountain. Seeing him dead, he said to Lakshmana:
ShlokaShloka 20
बहूनि रक्षसां वासे वर्षाणि वसता सुखम्।।3.68.20।। अनेन दण्डकारण्ये विशीर्णमिह पक्षिणा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘लक्ष्मण! राक्षसों के निवास स्थान इस दण्डकारण्य में बहुत वर्षों तक सुखपूर्वक रहकर इन पक्षिराज ने यहीं अपने शरीर का त्याग किया है
Show English Translation
Dwelling for many years happily in Dandaka forest, the abode of demons, the bird lost his life (on our account).
ShlokaShloka 21
अनेकवार्षिको यस्तु चिरकालसमुत्थितः।।3.68.21।। सोऽयमद्य हतश्शेते कालो हि दुरतिक्रमः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इनकी अवस्था बहुत वर्षों की थी। इन्होंने सुदीर्घ काल तक अपना अभ्युदय देखा है; किंतु आज इस वृद्धावस्था में उस राक्षस के द्वारा मारे जाकर ये पृथ्वी पर सो रहे हैं; क्योंकि काल का उल्लङ्घन करना सबके ही लिये कठिन है
Show English Translation
This Jatayu, who lived for long years, is lying dead now. (The dictate of) destiny is inescapable.
ShlokaShloka 22
पश्य लक्ष्मण गृध्रोऽयमुपकारी हतश्च मे।।3.68.22।। सीतामभ्यवपन्नो वै रावणेन बलीयसा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘लक्ष्मण! देखो, ये जटायु मेरे बड़े उपकारी थे, किंतु आज मारे गये। सीता की रक्षा के लिये युद्ध में प्रवृत्त होने पर अत्यन्त बलवान् रावण के हाथ से इनका वध हुआ है
Show English Translation
O Lakshmana, see this Jatayu, my benefactor, killed by the powerful Ravana while he was reaching out to help Sita.
ShlokaShloka 23
गृध्रराज्यं परित्यज्य पितृपैतामहं महत्।।3.68.23।। मम हेतोरयं प्राणान्मुमोच पतगेश्वरः।
हिन्दी अर्थ देखें
“बाप-दादों के द्वारा प्राप्त हुए गीधों के विशाल राज्य का त्याग करके इन पक्षिराज ने मेरे ही लिये अपने प्राणों की आहुति दी है
Show English Translation
This lord of the birds left his ancestral kingdom of viltures and gave up life for my sake.
ShlokaShloka 24
सर्वत्र खलु दृश्यन्ते साधवो धर्मचारिणः।।3.68.24।। शूराश्शरण्यास्सौमित्रे तिर्यग्योनिगतेष्वपि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘शूर, शरणागतरक्षक, धर्मपरायण श्रेष्ठ पुरुष सभी जगह देखे जाते हैं। पशु-पक्षी की योनियों में भी उनका अभाव नहीं है
Show English Translation
O Lakshmana valiant souls and protectors, being righteous and honest are found even among animals and birds.
ShlokaShloka 25
सीताहरणजं दुःखं न मे सौम्य तथाविधम्।।3.68.25।। यथा विनाशे गृध्रस्य मत्कृते च परन्तप।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सौम्य! शत्रुओं को संताप देने वाले लक्ष्मण! इस समय मुझे सीता के हरण का उतना दुःख नहीं है, जितना कि मेरे लिये प्राणत्याग करने वाले जटायु की मृत्यु से हो रहा है।
Show English Translation
O scorcher of enemies, O handsome Lakshmana the grief I experience due to Jatayu's death on my account is more intense than Sita's abduction.
ShlokaShloka 26
राजा दशरथश्श्रीमान्यथा मम महायशाः।।3.68.26।। पूजनीयश्च मान्यश्च तथाऽयं पतगेश्वरः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महायशस्वी श्रीमान् राजा दशरथ जैसे मेरे माननीय और पूज्य थे, वैसे ही ये पक्षिराज जटायु भी हैं।
Show English Translation
This lord of the birds for me is as worthy of reverence and honour as the famous and prosperous king Dasaratha.
ShlokaShloka 27
सौमित्रे हर काष्ठानि निर्मथिष्यामि पावकम्।।3.68.27।। गृध्रराजं दिधक्षामि मत्कृते निधनं गतम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सुमित्रानन्दन! तुम सूखे काष्ठ ले आओ, मैं मथकर आग निकालूँगा और मेरे लिये मृत्यु को प्राप्त हुए इन गृध्रराज का दाह-संस्कार करूँगा
Show English Translation
O Saumitri fetch firewood. I shall generate fire by rubbing them and cremate the king of the birds who has laid down his life for my sake.
ShlokaShloka 28
नाथं पतगलोकस्य चितामारोप्य राघव।।3.68.28।। इमं धक्ष्यामि सौमित्रे हतं रौद्रेण रक्षसा���
हिन्दी अर्थ देखें
‘सुमित्राकुमार! उस भयंकर राक्षस के द्वारा मारे गये इन पक्षिराज को मैं चिता पर चढ़ाऊँगा और इनका दाह-संस्कार करूँगा’
Show English Translation
O scion of the Raghus I will place the body of the lord of the world of birds, killed by the fierce demon, on the funeral pyre and crimate him with honour.
ShlokaShloka 29
या गतिर्यज्ञशीलानामाहिताग्नेश्च या गतिः।।3.68.29।। अपरावर्तिनां या च या च भूमिप्रदायिनाम्। मया त्वं समनुज्ञातो गच्छ लोकाननुत्तमान्।।3.68.30।। गृध्रराज महासत्त्व संस्कृतश्च मया व्रज।
Show English Translation
O mighty lord of the birds by my grace attain the state of those who perform sacrifices, who kindle and maintain sacrificial fires, who beat no retreat from the battlefield and who offer land in charity. Purified by my offering of fire, you may depart for the best of the worlds.
ShlokaShloka 30
एवमुक्त्वा चितां दीप्तामारोप्य पतगेश्वरम्।।3.68.31।। ददाह रामो धर्मात्मा स्वबन्धुमिव दुःखितः।
Show English Translation
Thus said, righteous Rama laid him on the pyre and sadly cremated the lord of the birds as one would do to his own relative.
ShlokaShloka 31
रामोऽथ सहसौमित्रिर्वनं गत्वा स वीर्यवान्।।3.68.32।। स्थूलान्हत्वा महारोहीननुतस्तार तं द्विजम्।
Show English Translation
Then the mighty Rama, accompanied by Saumitri, got into the forest and killed a huge deer, brought it and spread it as an offering (to the dead Jatayu).
ShlokaShloka 32
रोहिमांसानि चोत्कृत्य पेशीकृत्य महायशाः।।3.68.33।। शकुनाय ददौ रामो रम्ये हरितशाद्वले।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर लक्ष्मणसहित पराक्रमी श्रीराम वन में जाकर मोटे-मोटे महारोही (कन्दमूल विशेष) काट लाये और उन्हें जटायु के लिये अर्पित करने के उद्देश्य से उन्होंने पृथ्वी पर कुश बिछाये। महायशस्वी श्रीराम ने रोही के गूदे निकालकर उनका पिण्ड बनाया और उन सुन्दर हरित कुशाओं पर जटायु को पिण्डदान किया
Show English Translation
Tearing the flesh of the deer to pieces and making them into balls, the celebrated Rama laid it on a lovely, green grassy land as offering to the bird.
ShlokaShloka 33
यत्तत्प्रेतस्य मर्त्यस्य कथयन्ति द्विजातयः।।3.68.34।। तत्स्वर्गगमनं तस्य पित्र्यं रामो जजाप ह।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर लक्ष्मणसहित पराक्रमी श्रीराम वन में जाकर मोटे-मोटे महारोही (कन्दमूल विशेष) काट लाये और उन्हें जटायु के लिये अर्पित करने के उद्देश्य से उन्होंने पृथ्वी पर कुश बिछाये। महायशस्वी श्रीराम ने रोही के गूदे निकालकर उनका पिण्ड बनाया और उन सुन्दर हरित कुशाओं पर जटायु को पिण्डदान किया
Show English Translation
Rama muttered the mantras recommended by brahmins for dead mortals as one would do for his father, to help him ascend to heaven.
ShlokaShloka 34
ततो गोदावरीं गत्वा नदीं नरवरात्मजौ।।3.68.35।। उदकं चक्रतुस्तस्मै गृध्रराजाय तावुभौ।
हिन्दी अर्थ देखें
ब्राह्मणलोग परलोकवासी मनुष्य को स्वर्ग की प्राप्ति कराने के उद्देश्यसे जिन पितृसम्बन्धी मन्त्रों का जप आवश्यक बतलाते हैं, उन सबका भगवान् श्रीराम ने जप किया
Show English Translation
Then both the princes went down to river Godavari and offered libations for the king of vultures.
ShlokaShloka 35
शास्त्रदृष्टेन विधिना जले गृध्राय राघवौ।।3.68.36।। स्नात्वा तौ गृध्रराजाय उदकं चक्रतुस्तदा।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर उन दोनों राजकुमारों ने गोदावरी नदी के तट पर जाकर उन गृध्रराज के लिये जलाञ्जलि दी
Show English Translation
Thereafter both the scions of the Raghu dynasty bathed in water, offered libations for the king of vultures as ordained in the scriptures.
ShlokaShloka 36
स गृध्रराजः कृतवान्यशस्करं सुदुष्करं कर्म रणे निपातितः। महर्षिकल्पेन च संस्कृतस्तदा जगाम पुण्यां गतिमात्मनश्शुभाम्।।3.68.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
रघुकुल के उन दोनों महापुरुषों ने गोदावरी में नहाकर शास्त्रीय विधि से उन गृध्रराज के लिये उस समय जलाञ्जलि का दान किया
Show English Translation
The king of vultures had performed a very difficult and glorious feat by laying down his life fighting. Sanctified by Rama's offering as laid down in scriptures by the seers, he attained a holy, auspicious and divine state of the self.
ShlokaShloka 37
कृतोदकौ तावपि पक्षिसत्तमे स्थिरां च बुद्धिं प्रणिधाय जग्मतुः। प्रवेश्य सीताधिगमे ततो मनो वनं सुरेन्द्रविव विष्णुवासवौ।।3.68.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
महर्षितुल्य श्रीराम के द्वारा दाहसंस्कार होने के कारण गृध्रराज जटायु को आत्मा का कल्याण करने वाली परम पवित्र गति प्राप्त हुई। उन्होंने रणभूमि में अत्यन्त दुष्कर और यशोवर्धक पराक्रम प्रकट किया था। परंतु अन्त में रावण ने उन्हें मार गिराया
Show English Translation
Rama and Lakshmana, like two lords of gods, Indra and Visnu, offered libations for the great bird with their settled minds and concentrated and then entered deeper into the forest turning their attention to the search for Sita. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये अरण्यकाण्डे अष्टषष्टितमस्सर्गः।। Thus ends the sixtyeighth sarga of Aranyakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.