Sundara Kanda

Sarga 24: The ogresses chide Sita who resolutely condemned Ravana.

सुन्दरकाण्डम् · सर्ग 24

44 shlokas

ShlokaShloka 1
ततः सीतामुपागम्य राक्षस्यो विकृताननाः। परुषं परुषा नार्य ऊचुस्तां वाक्यमप्रियम्।।5.24.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर विकराल मुखवाली उन समस्त राक्षसियों ने जो कटुवचन सुनने के योग्य नहीं थीं, उन सीता से अप्रिय तथा कठोर वचन कहना आरम्भ किया—
Show English Translation
Then the hideous ogresses approached Sita and spoke these harsh words in an unbecoming manner:
ShlokaShloka 2
किं त्वमन्तःपुरे सीते सर्वभूतमनोहरे। महार्हशयनोपेते न वासमनुमन्यसे।।5.24.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सीते! रावण का अन्तःपुर समस्त प्राणियों के लिये मनोरम है। वहाँ बहुमूल्य शय्याएँ बिछी रहती हैं। उस अन्तःपुर में तुम्हारा निवास हो, इसके लिये तुम क्यों नहीं अनुमति देतीं?
Show English Translation
'O Sita why don't you agree to dwell in Ravana's inner apartment furnished with fine bedsteads, and which is delightful?
ShlokaShloka 3
मानुषी मानुषस्यैव भार्यात्वं बहुमन्यसे। प्रत्याहर मनो रामान्न त्वं जातु भविष्यसि।।5.24.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मानुषी हो, इसलिये मनुष्य की भार्या का जो पद है, उसी को तुम अधिक महत्त्व देती हो; किंतु अब तुम राम की ओर से अपना मन हटा लो, अन्यथा कदापि जीवित नहीं रहोगी
Show English Translation
'You are a woman, wife of Rama, an ordinary mortal you are holding in high esteem. Withdraw your mind from Rama or else you will not survive.
ShlokaShloka 4
त्रैलोक्यवसुभोक्तारं रावणं राक्षसेश्वरम्। भर्तारमुपसङ्गम्य विहरस्व यथासुखम्।।5.24.4।।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनिन्द्य सुन्दरि! तुम मानवी हो, इसीलिये मनुष्य जातीय राम को ही चाहती हो; परंतु राम इस समय राज्य से भ्रष्ट हैं। उनका कोई मनोरथ सफल नहीं होता है तथा वे सदा व्याकुल रहते हैं’
Show English Translation
"Accept Ravana as your husband and after uniting with him enjoy all the pleasures of the three worlds.
ShlokaShloka 5
मानुषी मानुषं तं तु राममिच्छसि शोभने। राज्याद्भ्र्रष्टमसिद्धार्थं विक्लबं त्वमनिन्दिते।।5.24.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनिन्द्य सुन्दरि! तुम मानवी हो, इसीलिये मनुष्य जातीय राम को ही चाहती हो; परंतु राम इस समय राज्य से भ्रष्ट हैं। उनका कोई मनोरथ सफल नहीं होता है तथा वे सदा व्याकुल रहते हैं’
Show English Translation
'O charming lady you have an irreproachable beauty and grace. Why do you think of human Rama only who has been dethroned from the kingdom. He is only a human being who is unsuccessful and distressful.'
ShlokaShloka 6
राक्षसीनां वचः श्रुत्वा सीता पद्मनिभेक्षणा। नेत्राभ्यामश्रुपूर्णाभ्यामिदं वचनमब्रवीत्।।5.24.6।।  
हिन्दी अर्थ देखें
राक्षसियों की ये बातें सुनकर कमलनयनी सीता ने आँसूभरे नेत्रों से उनकी ओर देखकर इस प्रकार कहा –
Show English Translation
Hearing the words of the ogresses, Sita with eyes like lotus petals full of tears replied this way:
ShlokaShloka 7
यदिदं लोकविद्विष्टमुदाहरथ सङ्गताः। नैतन्मनसि वाक्यं मे किल्बिषं प्रतिभाति वः।।5.24.7।।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम सब मिलकर मुझसे जो यह लोकविरुद्ध प्रस्ताव कर रही हो, तुम्हारा यह पापपूर्ण वचन मेरे हृदय में एक क्षण के लिये भी नहीं ठहर पाता है
Show English Translation
"All of you joined together and spoke such words that are not acceptable to the world. Your sinful words of advice do not appeal to me.
ShlokaShloka 8
न मानुषी राक्षसस्य भार्या भवितुमर्हति। कामं खादत मां सर्वा न करिष्यामि वो वचः।।5.24.8।।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘एक मानवकन्या किसी राक्षस की भार्या नहीं हो सकती। तुम सब लोग भले ही मुझे खा जाओ; किंतु मैं तुम्हारी बात नहीं मान सकती
Show English Translation
' A human being ought not to become wife of a demon. Devour me if you want. I refuse to accept your advice.'
ShlokaShloka 9
दीनो वा राज्यहीनो वा यो मे भर्ता स मे गुरुः। तं नित्यमनुरक्तास्मि यथा सूर्यं सुवर्चला।।5.24.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरे पति दीन हों अथवा राज्यहीन–वे ही मेरे स्वामी हैं, वे ही मेरे गुरु हैं, मैं सदा उन्हीं में अनुरक्त हूँ और रहूँगी। जैसे सुवर्चला सूर्य में अनुरक्त रहती हैं
Show English Translation
'Dejected or dethroned from the kingdom, Rama is my lawful husband. I will ever remain devoted to Rama as Suvarchala, wife of the Sungod is to him.
ShlokaShloka 10
यथा शची महाभागा शक्रं समुपतिष्ठति। अरुन्धती वसिष्ठं च रोहिणी शशिनं यथा।।5.24.10।। लोपामुद्रा यथागस्त्यं सुकन्या च्यवनं यथा। सावित्री सत्यवन्तं च कपिलं श्रीमती यथा।।5.24.11।। सौदासं मदयन्तीव केशिनी सगरं यथा। नैषधं दमयन्तीव भैमी पतिमनुव्रता।।5.24.12।। तथाऽहमिक्ष्वाकुवरं रामं पतिमनुव्रता।
हिन्दी अर्थ देखें
सीता की बात सुनकर राक्षसियों के क्रोध की सीमा न रही। वे रावण की आज्ञा के अनुसार कठोर वचनों द्वारा उन्हें धमकाने लगीं
Show English Translation
'I am steadfast (in love) to my husband Rama, the foremost of the Ikshvaku family in the same manner as noble Sachi to Indra, Arundhati to Vasistha, Rohini to the Moon, Lopamudra to Agastya, Sukanya to sage Chyavana, Savitri to Satyavan, Srimati to Kapilamuni Madayanti to Soudasu, Kesini to king Sagara and Bhima's daughter Damayanti to her lord Nala, (the king of Nishadas)'.
ShlokaShloka 11
सीताया वचनं श्रुत्वा राक्षस्यः क्रोधमूर्छिताः।।5.24.13।। भर्त्सयन्ति स्म परुषैर्वाक्यै रावणचोदिताः।  
हिन्दी अर्थ देखें
सीता की बात सुनकर राक्षसियों के क्रोध की सीमा न रही। वे रावण की आज्ञा के अनुसार कठोर वचनों द्वारा उन्हें धमकाने लगीं
Show English Translation
Hearing the reply of Sita, the ogresses ordered by Ravana and overtaken by anger again began to threaten Sita using harsh words.
ShlokaShloka 12
अवलीनः स निर्वाक्यो हनूमान् शिंशुपाद्रुमे।।5.24.14।। यसीतां सन्तर्जयन्तीस्ता राक्षसीरशृणोत् कपिः।
हिन्दी अर्थ देखें
सीता की बात सुनकर राक्षसियों के क्रोध की सीमा न रही। वे रावण की आज्ञा के अनुसार कठोर वचनों द्वारा उन्हें धमकाने लगीं
Show English Translation
Hanuman who kept himself concealed on the simsupa tree speechlessly listened to the ogresses threatening Sita.
ShlokaShloka 13
तामभिक्रम्य सङ्कृद्धा वेपमानां समन्ततः।।5.24.15।। भृशं संलिलिहुर्दीप्तान् प्रलम्बान् दशनच्छदान्।
हिन्दी अर्थ देखें
सीता की बात सुनकर राक्षसियों के क्रोध की सीमा न रही। वे रावण की आज्ञा के अनुसार कठोर वचनों द्वारा उन्हें धमकाने लगीं
Show English Translation
Sita was trembling in fear. The enraged ogresses went on licking their lips hanging, again and again.
ShlokaShloka 14
ऊचुश्च परमक्रुद्धाः प्रगृह्याशु परश्वधान्।।5.24.16।। नेयमर्हति भर्तारं रावणं राक्षसाधिपम्।
हिन्दी अर्थ देखें
अशोकवृक्ष में चुपचाप छिपे बैठे हुए वानर हनुमान् जी सीता को फटकारती हुई राक्षसियों की बातें सुनते रहे
Show English Translation
The enraged ogresses immediately picked up the axes and rose up saying, 'she is unfit to have the demon king, Ravana as her husband'.
ShlokaShloka 15
सा भर्त्स्यमाना भीमाभी राक्षसीभिर्वरानना।।5.24.17।। सबाष्पमप सर्पन्ती शिंशुपां तामुपागमत्।
हिन्दी अर्थ देखें
वे सब राक्षसियाँ कुपित हो वहाँ काँपती हुई सीता पर चारों ओर से टूट पड़ीं और अपने लम्बे एवं चमकीले ओठों को बारम्बार चाटने लगीं
Show English Translation
As the charming Sita was threatened by the fierce ogresses, she moved towards the simsupa tree with eyes full of tears.
ShlokaShloka 16
ततस्तां शिंशुपां सीता राक्षसीभिः समावृता।।5.24.18।। अभिगम्य विशालाक्षी तस्थौ शोकपरिप्लुता।
हिन्दी अर्थ देखें
उस भयानक राक्षसियों के बारम्बार डाँटने और धमकाने पर सर्वांगसुन्दरी कल्याणी सीता अपने आँसू पोंछती हुई उसी अशोकवृक्ष के नीचे चली आयीं (जिसके ऊपर हनुमान जी छिपे बैठे थे)
Show English Translation
Then the largeeyed Sita, drowned in sorrow surrounded by the ogresses went near the simsupa tree and stood there.
ShlokaShloka 17
तां कृशां दीनवदनां मलिनाम्बरधारिणीम्।।5.24.19।। भर्त्सयाञ्चक्रिरे सीतां राक्षस्यस्तां समन्ततः।
हिन्दी अर्थ देखें
उस भयानक राक्षसियों के बारम्बार डाँटने और धमकाने पर सर्वांगसुन्दरी कल्याणी सीता अपने आँसू पोंछती हुई उसी अशोकवृक्ष के नीचे चली आयीं (जिसके ऊपर हनुमान जी छिपे बैठे थे)
Show English Translation
The ogresses started intimidating Sita who was dressed in soiled clothes and emaciated with a dejected look on her face.
ShlokaShloka 18
ततस्तां विनता नाम राक्षसी भीमदर्शना।।5.24.20।। अब्रवीत्कुपिताकारा कराला निर्णतोदरी।
हिन्दी अर्थ देखें
विशाललोचना वैदेही शोक-सागर में डूबी हुई थीं। इसलिये वहाँ चुपचाप बैठ गयीं। किंतु उन राक्षसियों ने वहाँ भी आकर उन्हें चारों ओर से घेर लिया
Show English Translation
Then a dark ogress called Vinata with a terryfying look, loathsome appearance and a large sunken belly said to Sita:
ShlokaShloka 19
सीते पर्याप्तमेतावद्भर्तुः स्नेहो निदर्शितः।।5.24.21।। सर्वात्रातिकृतं भद्रे व्यसनायोपकल्पते
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर विनता नामकी राक्षसी आगे बढ़ी। वह देखने में बड़ी भयंकर थी। उसकी देह क्रोध की सजीव प्रतिमा जान पड़ती थी। उस विकराल राक्षसी के पेट भीतर की ओर धंसे हुए थे। वह बोली-
Show English Translation
'O Sita you have shown your love for your husband to this extent. It is enough. O auspicious lady anything carried to excess leads to adversity.
ShlokaShloka 20
परितुष्टास्मि भद्रं ते मानुषस्ते कृतो विधिः।।5.24.22।। ममापि तु वचः पथ्यं ब्रुवन्त्याः कुरु मैथिलि।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर विनता नामकी राक्षसी आगे बढ़ी। वह देखने में बड़ी भयंकर थी। उसकी देह क्रोध की सजीव प्रतिमा जान पड़ती थी। उस विकराल राक्षसी के पेट भीतर की ओर धंसे हुए थे। वह बोली-
Show English Translation
"O Mythili I beseech you (to oblige Ravana). You have discharged your duty as a human being. Be happy. But you should also heed my advice which is, after all, salutary.
ShlokaShloka 21
रावणं भज भर्तारं भर्तारं सर्वरक्षसाम्।।5.24.23।। विक्रान्तं रूपवन्तं च सुरेशमिव वासवम्। दक्षिणं त्यागशीलं च सर्वस्य प्रियदर्शनम्।।5.24.24।।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘सीते! तूने अपने पति के प्रति जितना स्नेह दिखाया है, इतना ही बहुत है। भद्रे ! अति करना तो सब जगह दुःख का ही कारण होता है
Show English Translation
'Accept as your husband the demon king Ravana, courageous and handsome like Indra, king of the gods generous, sacrificing and pleasing.
ShlokaShloka 22
मानुषं कृपणं रामं त्यक्त्वा, रावणमाश्रय। दिव्याङ्गरागा वैदेहि दिव्याभरणभूषिता।।5.24.25।। अद्यप्रभृति सर्वेषां लोकानामीश्वरी भव।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मिथिलेशकुमारी! तुम्हारा भला हो। मैं तुमसे बहुत संतुष्ट हूँ; क्योंकि तुमने मानवोचित शिष्टाचार का अच्छी तरह पालन किया है। अब मैं भी तुम्हारे हित के लिये जो बात कहती हूँ, उसपर ध्यान दो उसका शीघ्र पालन करो
Show English Translation
'Leave the helpless human Rama and seek Ravana's refuge. O Vaidehi, using the heavenly unguents and adorned with imposing ornaments from now on, be the queen of all people.
ShlokaShloka 23
अग्नेः स्वाहा यथा देवी शची वेन्द्रस्य शोभने।।5.24.26।। किं ते रामेण वैदेहि कृपणेन गतायुषा।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘दीन-हीन मनुष्य राम का परित्याग करके सबसे प्रिय वचन बोलने वाले, उदार और त्यागी रावण का आश्रय लो
Show English Translation
O beautiful Sita Just like Swaha, queen to the Firegod and Sachi to Indra, accept Ravana. Why are you still thinking of Rama who is helpless and whose life span is coming to an end soon.
ShlokaShloka 24
एतदुक्तं च मे वाक्यं यदि त्वं न करिष्यसि।।5.24.27।। अस्मिन्मुहूर्ते सर्वास्त्वां भक्षयिष्यामहे वयम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘दीन-हीन मनुष्य राम का परित्याग करके सबसे प्रिय वचन बोलने वाले, उदार और त्यागी रावण का आश्रय लो
Show English Translation
'If you do not heed our words of advice, all of us will eat you at this very moment.'
ShlokaShloka 25
अन्या तु विकटा नाम लम्बमानपयोधरा।।5.24.28।। अब्रवीत्कुपिता सीतां मुष्टिमुद्यम्य गर्जती।
हिन्दी अर्थ देखें
‘विदेहराजकुमारी! तुम आज से समस्त लोकों की स्वामिनी बन जाओ और दिव्य अंगराग तथा दिव्य आभूषण धारण करो
Show English Translation
Now Vikata another ogress with hanging breasts raised her fist up in anger and roared at Sita.
ShlokaShloka 26
बहून्यप्रियरूपाणि वचनानि सुदुर्मते।।5.24.29।। अनुक्रोशान्मृदुत्वाच्च सोढानि तव मैथिलि।  
हिन्दी अर्थ देखें
‘शोभने! जैसे अग्नि की प्रिय पत्नी स्वाहा और इन्द्र की प्राणवल्लभा शची हैं, उसी प्रकार तुम रावण की प्रेयसी बन जाओ। विदेहकुमारी! श्रीराम तो दीन हैं। उनकी आयु भी अब समाप्त हो चली है। उनसे तुम्हें क्या मिलेगा!
Show English Translation
O wicked Mythili! we have tolerated many unpleasant words uttered by you due to our kindness and mildness..
ShlokaShloka 27
न च नः कुरुषे वाक्यं हितं कालपुरस्कृतम्।।5.24.30।। आनीतासि समुद्रस्य पारमन्यैर्दुरासदम्। रावणान्तःपुरं घोरं प्रविष्टा चासि मैथिलि।।5.24.31।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यदि तुम मेरी कही हुई इस बात को नहीं मानोगी तो हम सब मिलकर तुम्हें इसी मुहूर्त में अपना आहार बना लेंगी’
Show English Translation
'O Mythili you have heeded not our good and timely advice tendered in your interest. You have been brought to the other shore of the ocean and to the inner chambers of Ravana which is very difficult for others to access.
ShlokaShloka 28
रावणस्य गृहे रुद्धामस्माभिस्तु सुरक्षिताम्। न त्वां शक्तः परित्रातुमपि साक्षात्पुरन्दरः।।5.24.32।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर दूसरी राक्षसी सामने आयी। उसके लम्बे लम्बे स्तन लटक रहे थे। उसका नाम विकटा था। वह कुपित हो मुक्का तानकर डाँटती हुई सीता से बोली –
Show English Translation
'You are in Ravana's house, wellguarded by us. It is not possible even for Indra, destroyer of citadels, to come to your rescue (let alone Rama).
ShlokaShloka 29
कुरुष्व हितवादिन्या वचनं मम मैथिलि। अलमश्रुप्रपातेन त्यज शोकमनर्थकम्।।5.24.33।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अत्यन्त खोटी बुद्धिवाली मिथिलेशकुमारी! अबतक हमलोगों ने अपने कोमल स्वभाववश तुम पर दया आ जाने के कारण तुम्हारी बहुत-सी अनुचित बातें सह ली हैं
Show English Translation
'Mythili, act according to our advice. I am your wellwisher. Give up sorrow and stop shedding useless tears.
ShlokaShloka 30
भज प्रीतिं च हर्षं च त्यजैतां नित्यदैन्यताम्। सीते राक्षसराजेन सह क्रीड यथासुखम्।।5.24.34।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतने पर भी तुम हमारी बात नहीं मानती हो। हमने तुम्हारे हित के लिये ही समयोचित सलाह दी थी। देखो, तुम्हें समुद्र के इस पार ले आया गया है, जहाँ पहुँचना दूसरों के लिये अत्यन्त कठिन है। यहाँ भी रावण के भयानक अन्तःपुर में तुम लाकर रखी गयी हो। मिथिलेशकुमारी! याद रखो, रावण के घर में कैद हो और हम-जैसी राक्षसियाँ तुम्हारी चौकसी कर रही हैं
Show English Translation
'O Sita offer your love to Ravana, adore him and be happy. Give up this continuous dejection. Enjoy all pleasures along with the king of demons.
ShlokaShloka 31
जानासि हि यथा भीरु स्त्रीणां यौवनमध्रुवम्। यावन्न ते व्यतिक्रामेत्तावत्सुखमवाप्नुहि।।5.24.35।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतने पर भी तुम हमारी बात नहीं मानती हो। हमने तुम्हारे हित के लिये ही समयोचित सलाह दी थी। देखो, तुम्हें समुद्र के इस पार ले आया गया है, जहाँ पहुँचना दूसरों के लिये अत्यन्त कठिन है। यहाँ भी रावण के भयानक अन्तःपुर में तुम लाकर रखी गयी हो। मिथिलेशकुमारी! याद रखो, रावण के घर में कैद हो और हम-जैसी राक्षसियाँ तुम्हारी चौकसी कर रही हैं
Show English Translation
'O timid Sita know that youth of women is fleeting and transient. Before it is over, enjoy all kinds of pleasures.
ShlokaShloka 32
उद्यानानि च रम्याणि पर्वतोपवनानि च। सह राक्षसराजेन चर त्वं मदिरेक्षणे।।5.24.36।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैथिलि! साक्षात् इन्द्र भी यहाँ तुम्हारी रक्षा करने में समर्थ नहीं हो सकते। अतः मेरा कहना मानो, मैं तुम्हारे हितकी बात बता रही हूँ
Show English Translation
'O lady of intoxicating eyes range in the company of the demon king, the delightful gardens and mountain ranges filled with gardens.
ShlokaShloka 33
स्त्री सहस्राणि ते सप्त वशे स्थास्यन्ति सुन्दरि। रावणं भज भर्तारं भर्तारं सर्वरक्षसाम्।।5.24.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘आँसू बहाने से कुछ होने-जाने वाला नहीं है। यह व्यर्थ का शोक त्याग दो। सदा छायी रहने वाली दीनता को दूर करके अपने हृदय में प्रसन्नता और उल्लास को स्थान दो
Show English Translation
'O beautiful Sita seven thousand ogresses will be at your beck and call. (Therefore) accept Ravana, the lord of all ogres as your husband.
ShlokaShloka 34
उत्पाट्य वा ते हृदयं भक्षयिष्यामि मैथिलि। यदि मे व्याहृतं वाक्यं न यथावत्करिष्यसि।।5.24.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सीते! राक्षसराज रावण के साथ सुखपूर्वक क्रीडाविहार करो। भीरु! हम सभी स्त्रियाँ जानती हैं कि नारियों का यौवन टिकने वाला नहीं होता
Show English Translation
'O Mythili if you heed not my words of advice, I will pluck out your heart and eat it up'.
ShlokaShloka 35
ततश्चण्डोदरी नाम राक्षसी क्रोधमूर्छिता। भ्रामयन्ती महच्छूलमिदं वचनमब्रवीत्।।5.24.39।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जबतक तुम्हारा यौवन नहीं ढल जाता, तबतक सुख भोग लो। मदमत्त बना देने वाले नेत्रों से शोभा पाने वाली सुन्दरी! तुम राक्षसराज रावण के साथ लङ्का के रमणीय उद्यानों और पर्वतीय उपवनों में विहार करो। देवि! ऐसा करने से सहस्रों स्त्रियाँ सदा तुम्हारी आज्ञा के अधीन रहेंगी
Show English Translation
Next spoke a fiercelooking ogress called Chandodari, overcome with anger taking up a huge trident and rotating.
ShlokaShloka 36
इमां हरिणलोलाक्षीं त्रासोत्कम्पिपयोधराम्। रावणेन हृतां दृष्टवा दौहृदो मे महानभूत्।।5.24.40।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जबतक तुम्हारा यौवन नहीं ढल जाता, तबतक सुख भोग लो। मदमत्त बना देने वाले नेत्रों से शोभा पाने वाली सुन्दरी! तुम राक्षसराज रावण के साथ लङ्का के रमणीय उद्यानों और पर्वतीय उपवनों में विहार करो। देवि! ऐसा करने से सहस्रों स्त्रियाँ सदा तुम्हारी आज्ञा के अधीन रहेंगी
Show English Translation
'I have developed a morbid desire to feast upon this woman with eyes flashing like doe's, whose breasts heave with stress and fear after she was abducted by Ravana.
ShlokaShloka 37
यकृत्प्लीहमथोत्पीडं हृदयं च सबन्धनम्। आन्त्राण्यपि तथा शीर्षं खादेयमिति मे मतिः।।5.24.41।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
'I thought of feasting on your spleen, liver, heart, all the joints, head and intestines.'
ShlokaShloka 38
ततस्तु प्रघसा नाम राक्षसी वाक्यमब्रवीत्। कण्ठमस्या नृशंसायाः पीडयाम किमास्यते।।5.24.42।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
Next spoke an ogress called Praghasa, saying 'Why not we twist and squeeze the neck of this heartless lady. Why are you sitting idle still? Come on.'
ShlokaShloka 39
निवेद्यतां ततो राज्ञे मानुषी सा मृतेति ह। नात्र कश्चन संदेहः खादतेति स वक्ष्यति।।5.24.43।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
'Thereafter we will announce that such a human being is dead. Then Ravana will simply say 'eat her up'. There is no doubt .'
ShlokaShloka 40
ततस्त्वजामुखी नाम राक्षसी वाक्यमब्रवीत्। विशस्येमां ततः सर्वाः समान् कुरुत पिण्डकान्।।5.24.44।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
Then an ogress called Ajamukhi said, 'Let her body be cut into lumps of equal pieces.
ShlokaShloka 41
विभजाम ततः सर्वा विवादो मे न रोचते। पेयमानीयतां क्षिप्रं लेह्यमुच्चावचं बहु।।5.24.45।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
'We shall share them. I do not like disputes in this regard. Go swiftly and get drinks and food to lick. Let the accompanying dishes of all variety and quality be brought.'
ShlokaShloka 42
ततः शूर्पणखा नाम राक्षसी वाक्यमब्रवीत्। अजामुख्या यदुक्तं हि तदेव मम रोचते।।5.24.46।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
Then an ogress called Surpanakha said, 'I too like the proposal of Ajamukhi.'
ShlokaShloka 43
सुरा चानीयतां क्षिप्रं सर्वशोकविनाशिनी। मानुषं मांसमास्वाद्य नृत्यामोऽथ निकुम्भिलाम्।।5.24.47।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
'Get the wine quickly, destroyer of all sorrows. After relishing the human flesh we will start Nikumbhila dance.'
ShlokaShloka 44
एवं संभर्त्स्यमाना सा सीता सुरसुतोपमा। राक्षसीभिः सुघोराभिर्दैर्यमुत्सृज्य रोदिति।।5.24.48।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन विकराल रूपवाली राक्षसियों के द्वारा इस प्रकार धमकायी जाने पर देवकन्या के समान सुन्दरी सीता धैर्य छोड़कर फूट-फूटकर रोने लगीं
Show English Translation
Threatened by the ogresses in that manner, Sita who was like the daughter of a god, cried aloud. इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे चतुर्विंशस्सर्गः। Thus ends the twentyfourth sarga of Sundarakanda of the holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.