Sundara Kanda

Sarga 3: Hanuman's confrontation with Lankini, the spirit of Lanka.

सुन्दरकाण्डम् · सर्ग 3

41 shlokas

ShlokaShloka 1
स लम्बशिखरे लम्बे लम्बतोयदसन्निभे। सत्त्वमास्थाय मेधावी हनुमान् मारुतात्मजः।।5.3.1।। निशि लङ्कां महासत्त्वो विवेश कपिकुञ्जरः। रम्यकाननतोयाढ्यां पुरीं रावणपालिताम्।।5.3.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
ऊँचे शिखरवाले लंब (त्रिकूट) पर्वतपर जो महान् मेघों की घटा के समान जान पड़ता था, बुद्धिमान् महाशक्तिशाली कपिश्रेष्ठ पवनकुमार हनुमान् ने सत्त्वगुण का आश्रय ले रात के समय रावणपालित लंकापुरी में प्रवेश किया। वह नगरी सुरम्य वन और जलाशयों से सुशोभित थी
Show English Translation
The mighty son of the Windgod, intelligent Hanuman, an elephant among vanaras, standing on the peak of the Lamba which looked like a high rainbearing cloud and relying on his energy, entered by night the city of Lanka, ruled by Ravana rich in delightful forests, groves and water pools.
ShlokaShloka 2
शारदाम्बुधरप्रख्यैर्भवनैरुपशोभिताम्। सागरोपमनिर्घोषां सागरानिलसेविताम्।।5.3.3।। सुपुष्टबलसम्पुष्टां यथैव विटपावतीम्। चारुतोरणनिर्यूहां पाण्डुरद्वारतोरणाम्।।5.3.4।। भुजगाचरितां गुप्तां शुभां भोगवतीमिव। तां स विद्युद्घनाकीर्णां ज्योतिर्मार्गनिषेविताम्।।5.3.5।। मन्दमारुतसञ्चारां यथेन्द्रस्यामरावतीम्। शातकुम्भेन महता प्राकारेणाभिसंवृताम्।।5.3.6।। किङ्किणीजालघोषाभिः पताकाभिरलङ्कृताम्। आसाद्य सहसा हृष्टः प्राकारमभिपेदिवान्।।5.3.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
ऊँचे शिखरवाले लंब (त्रिकूट) पर्वतपर जो महान् मेघों की घटा के समान जान पड़ता था, बुद्धिमान् महाशक्तिशाली कपिश्रेष्ठ पवनकुमार हनुमान् ने सत्त्वगुण का आश्रय ले रात के समय रावणपालित लंकापुरी में प्रवेश किया। वह नगरी सुरम्य वन और जलाशयों से सुशोभित थी
Show English Translation
Hanuman, happy to reach Lanka, stood on its rampart and surveyed the city of land which was splendid with beautiful mansions overcast with autumnal clouds pierced by glittering streaks of lightning, served by planets and stars with mild winds blowing (out of fear of Ravana), with the roaring sounds of the sea and with a wellfed army like Vitapavati (that is Alaka, the capital of Kubera, halfbrother of Ravana and the treasurer of celestials), which had elephants sationed at the outer gates, provided with white archways and protected by serpents like the auspicious city of Bhogavati (capital of Patala). Surrounded by a golden rampart, the city resembled Amaravati, the capital of Indra, decorated with flags fluttering, echoing with the jingling sounds of small bells.
ShlokaShloka 3
विस्मयाविष्टहृदयः पुरीमालोक्य सर्वतः। जाम्बूनदमयैर्द्वारैर्वैडूर्यकृतवेदिकैः।।5.3.8।। वज्रस्फटिकमुक्ताभिर्मणिकुट्टिमभूषितैः। तप्तहाटकनिर्यूहै राजतामलपाण्डुरैः।।5.3.9।। वैढूर्यकृतसोपानैः स्फाटिकान्तरपांसुभिः। चारुसंजवनोपेतैः खमिवोत्पतितैः शुभैः।।5.3.10।। क्रौञ्चबर्हिणसङ्घुष्टैः राजहंस निषेवितैः। तूर्याभरणनिर्घोषैः सर्वतः प्रतिनादिताम्।।5.3.11।। वस्वौकसाराप्रतिमां तां वीक्ष्य नगरीं ततः। खमिवोत्पतितुं कामां जहर्ष हनुमान् कपिः।।5.3.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
इस प्रकार श्रीवाल्मीकि निर्मित आर्षरामायण आदिकाव्य के सुन्दरकाण्ड में तीसरा सर्ग पूरा हुआ
Show English Translation
Surveying all over, Hanuman was wonderstruck to see as though it was leaping into the sky. The city had golden shutters, altars encrusted with vaidurya, mansions inlaid with diamonds, crystals, pearls and other gems, crowned with pure gold and silver. The staircases built with silver were studded with vaidurya. The beautiful quadrangles, coverd with grains of crystal were as though leaping into the air. It echoed with sounds of krauncha birds, peacocks and royal swans. Filled with sounds of musical instruments, it resembled the city of Vaswokasara.
ShlokaShloka 4
तां समीक्ष्य पुरीं रम्यां राक्षसाधिपतेः शुभाम्। अनुत्तमामृद्धियुतां चिन्तयामास वीर्यवान्।।5.3.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
वह अलकापुरी के समान शक्तिशालिनी सेनाओं से सुरक्षित थी। उस पुरी के सुन्दर फाटकों पर मतवाले हाथी शोभा पाते थे। उस पुरी के अन्तर्द्वार और बहिर्टार दोनों ही श्वेत कान्ति से सुशोभित थे
Show English Translation
Gazing at the enchanting, auspicious, prosperous city of the king of demons mighty Hanuman began to reflect:
ShlokaShloka 5
नेयमन्येन नगरी शक्या धर्षयितुं बलात्। रक्षिता रावणबलैरुद्यतायुधधारिभिः।।5.3.14।।
Show English Translation
'It is not possible to attack this city by to outsiders as it is protected by the forces of Ravana with their weapons ready(to attack).
ShlokaShloka 6
कुमुदाङ्गदयोर्वापि सुषेणस्य महाकपेः। प्रसिद्धेयं भवेद्भूमिर्मैन्दद्विविदयोरपि।।5.3.15।।
Show English Translation
'This land can be reached by Kumuda and Angada or the great vanara Sushena and even by Mainda and Dvivida.
ShlokaShloka 7
विवस्वतस्तनूजस्य हरेश्च कुशपर्वणः। ऋक्षस्य केतुमालस्य मम चैव गतिर्भवेत्।।5.3.16।।  
Show English Translation
'Son of Vivaswan (Sugriva), the chief of vanaras, Kushaparva, Riksha (Jambavan), Ketumala and myself also will be able to reach this place.
ShlokaShloka 8
समीक्ष्य तु महाबाहू राघवस्य पराक्रमम्। लक्ष्मणस्य च विक्रान्तमभवत् प्रीतिमान् कपिः।।5.3.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुवर्ण के बने हुए द्वारों से उस नगरी की अपूर्व शोभा हो रही थी। उन सभी द्वारों पर नीलम के चबूतरे बने हुए थे। वे सब द्वार हीरों, स्फटिकों और मोतियों से जड़े गये थे। मणिमयी फर्श उनकी शोभा बढ़ा रही थीं। उनके दोनों ओर तपाये सुवर्ण के बने हुए हाथी शोभा पाते थे। उन द्वारों का ऊपरी भाग चाँदी से निर्मित होने के कारण स्वच्छ और श्वेत था। उनकी सीढ़ियाँ नीलम की बनी हुई थीं। उन द्वारों के भीतरी भाग स्फटिक मणि के बने हुए और धूल से रहित थे। वे सभी द्वार रमणीय सभा-भवनों से युक्त और सुन्दर थे तथा इतने ऊँचे थे कि आकाशमें उठे हुए-से जान पड़ते थे
Show English Translation
Reflecting upon the valour of longarmed Rama and valiant advances of Lakshmana Hamuman felt pleased (within himself).
ShlokaShloka 9
तां रत्नवसनोपेतां कोष्ठागारावतंसकाम्। यन्त्रागारस्तनीमृद्धां प्रमदामिव भूषिताम्।।5.3.18।। तां नष्टतिमिरां दीप्तैर्भास्वरैश्च महागृहैः। नगरीं राक्षसेन्द्रस्य स ददर्श महाकपिः।।5.3.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुवर्ण के बने हुए द्वारों से उस नगरी की अपूर्व शोभा हो रही थी। उन सभी द्वारों पर नीलम के चबूतरे बने हुए थे। वे सब द्वार हीरों, स्फटिकों और मोतियों से जड़े गये थे। मणिमयी फर्श उनकी शोभा बढ़ा रही थीं। उनके दोनों ओर तपाये सुवर्ण के बने हुए हाथी शोभा पाते थे। उन द्वारों का ऊपरी भाग चाँदी से निर्मित होने के कारण स्वच्छ और श्वेत था। उनकी सीढ़ियाँ नीलम की बनी हुई थीं। उन द्वारों के भीतरी भाग स्फटिक मणि के बने हुए और धूल से रहित थे। वे सभी द्वार रमणीय सभा-भवनों से युक्त और सुन्दर थे तथा इतने ऊँचे थे कि आकाशमें उठे हुए-से जान पड़ते थे
Show English Translation
Hanuman looked at the city of the demon king, whose darkness was dispelled by bright gems and mighty mansions as if it were a young maiden. The prosperous city was like a well decorated woman, adorned with ornaments having walls for her dress, the stables for her earrings, the armouries for her breasts.
ShlokaShloka 10
थ सा हरिशार्दूलं प्रविशन्तं महाबलम्। नगरी स्वेन रूपेण ददर्श पवनात्मजम्।।5.3.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
सुवर्ण के बने हुए द्वारों से उस नगरी की अपूर्व शोभा हो रही थी। उन सभी द्वारों पर नीलम के चबूतरे बने हुए थे। वे सब द्वार हीरों, स्फटिकों और मोतियों से जड़े गये थे। मणिमयी फर्श उनकी शोभा बढ़ा रही थीं। उनके दोनों ओर तपाये सुवर्ण के बने हुए हाथी शोभा पाते थे। उन द्वारों का ऊपरी भाग चाँदी से निर्मित होने के कारण स्वच्छ और श्वेत था। उनकी सीढ़ियाँ नीलम की बनी हुई थीं। उन द्वारों के भीतरी भाग स्फटिक मणि के बने हुए और धूल से रहित थे। वे सभी द्वार रमणीय सभा-भवनों से युक्त और सुन्दर थे तथा इतने ऊँचे थे कि आकाशमें उठे हुए-से जान पड़ते थे
Show English Translation
Assuming her real form the presiding deity of Lanka noticed the son of the Windgod, the tiger among vanaras of great prowess entering the city.
ShlokaShloka 11
सा तं हरिवरं दृष्ट्वा लङ्का रावणपालिता। स्वयमेवोत्थिता तत्र विकृताननदर्शना।।5.3.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
वहाँ क्रौञ्च और मयूरों के कलरव गूंजते रहते थे, उन द्वारों पर राजहंस नामक पक्षी भी निवास करते थे। वहाँ भाँति-भाँति के वाद्यों और आभूषणों की मधुर ध्वनि होती रहती थी, जिससे लंकापुरी सब ओर से प्रतिध्वनित हो रही थी
Show English Translation
Seeing the best of vanaras, the deity of the city of Lanka, ruled by Ravana rose up before him in a distorted form.
ShlokaShloka 12
पुरस्तात्कपिवर्यस्य वायुसूनोरतिष्ठत। मुञ्चमाना महानादमब्रवीत्पवनात्मजम्।।5.3.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
कुबेर की अलका के समान शोभा पाने वाली लंकानगरी त्रिकूट के शिखर पर प्रतिष्ठित होने के कारण आकाश में उठी हुई-सी प्रतीत होती थी। उसे देखकर कपिवर हनुमान् को बड़ा हर्ष हुआ
Show English Translation
She stood in front of the son of the Windgod and spoke to him in a loud voice.
ShlokaShloka 13
कस्त्वं केन च कार्येण इह प्राप्तो वनालय। कथयस्वेह यत्तत्त्वं यावत्प्राणा धरन्ति ते।।5.3.23।।
हिन्दी अर्थ देखें
राक्षसराज की वह सुन्दर पुरी लंका सबसे उत्तम और समृद्धिशालिनी थी। उसे देखकर पराक्रमी हनुमान् इस प्रकार सोचने लगे-
Show English Translation
"O dweller of the forest, who are you? Why did you come here? Speak the truth about your identity, so long as you hold on to your life.
ShlokaShloka 14
न शक्यं खल्वियं लङ्का प्रवेष्टुं वानर त्वया। रक्षिता रावणबलैरभिगुप्ता समन्ततः।।5.3.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण के सैनिक हाथों में अस्त्र-शस्त्र लिये इस पुरी की रक्षा करते हैं, अतः दूसरा कोई बलपूर्वक इसे अपने काबू में नहीं कर सकता
Show English Translation
"O vanara this Lanka is a secret place protected by Ravana's army everywhere. It is surely not possible for you to enter this city".
ShlokaShloka 15
अथ तामब्रवीद्वीरो हनुमानग्रतः स्थिताम्। कथयिष्यामि ते तत्त्वं यन्मां त्वं परिपृच्छसि।।5.3.25।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर महाबाहु श्रीराम और लक्ष्मण के पराक्रमका विचार करके कपिवर हनुमान् को बड़ी प्रसन्नता हुई
Show English Translation
Then Hanuman who was standing in front of her said, "I will tell you the truth since you are asking me".
ShlokaShloka 16
का त्वं विरूपनयना पुरद्वारेऽवतिष्ठसि। किमर्थं चापि मां रुद्ध्वा निर्भर्त्सयसि दारुणा।।5.3.26।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर महाबाहु श्रीराम और लक्ष्मण के पराक्रमका विचार करके कपिवर हनुमान् को बड़ी प्रसन्नता हुई
Show English Translation
"Who are you, terrible woman of ugly, distorted eyes? Why are you obstructing me at the gate of the city? Why do you impound upon me?
ShlokaShloka 17
हनुमद्वचनं श्रुत्वा लङ्का सा कामरूपिणी। उवाच वचनं क्रुद्धा परुषं पवनात्मजम्।।5.3.27।।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर महाबाहु श्रीराम और लक्ष्मण के पराक्रमका विचार करके कपिवर हनुमान् को बड़ी प्रसन्नता हुई
Show English Translation
The spirit of Lanka who could assume any form at her will got enraged on hearing the words of Hanuman and spake in a harsh tone.
ShlokaShloka 18
अहं राक्षसराजस्य रावणस्य महात्मनः। आज्ञाप्रतीक्षा दुर्धर्षा रक्षामि नगरीमिमाम्।।5.3.28।।
हिन्दी अर्थ देखें
महाकपि हनुमान् ने देखा, राक्षसराज रावण की नगरी लंका वस्त्राभूषणों से विभूषित सुन्दरी युवती के समान जान पड़ती है। रत्नमय परकोटे ही इसके वस्त्र हैं, गोष्ठ (गोशाला) तथा दूसरे-दूसरे भवन आभूषण हैं। परकोटों पर लगे हुए यन्त्रों के जो गृह हैं, ये ही मानो इस लंकारूपी युवती के स्तन हैं। यह सब प्रकार की समृद्धियों से सम्पन्न है। प्रकाशपूर्ण द्वीपों और महान् ग्रहों ने यहाँ का अन्धकार नष्ट कर दिया है।
Show English Translation
"In obedience to the orders of the great demon king, Ravana, I am protecting this unassailable city.
ShlokaShloka 19
न शक्या मामवज्ञाय प्रवेष्टुं नगरी त्वया। अद्य प्राणैः परित्यक्तः स्वप्स्यसे निहतो मया।।5.3.29।।
हिन्दी अर्थ देखें
महाकपि हनुमान् ने देखा, राक्षसराज रावण की नगरी लंका वस्त्राभूषणों से विभूषित सुन्दरी युवती के समान जान पड़ती है। रत्नमय परकोटे ही इसके वस्त्र हैं, गोष्ठ (गोशाला) तथा दूसरे-दूसरे भवन आभूषण हैं। परकोटों पर लगे हुए यन्त्रों के जो गृह हैं, ये ही मानो इस लंकारूपी युवती के स्तन हैं। यह सब प्रकार की समृद्धियों से सम्पन्न है। प्रकाशपूर्ण द्वीपों और महान् ग्रहों ने यहाँ का अन्धकार नष्ट कर दिया है।
Show English Translation
"It is not possible for you to enter this city ignoring my presence. Soon you will be killed. You will give up your life and attain eternal sleep.
ShlokaShloka 20
अहं हि नगरी लङ्का स्वयमेव प्लवङ्गम। सर्वतः परिरक्षामि ह्येतत्ते कथितं मया।।5.3.30।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर वानरश्रेष्ठ महाकपि पवनकुमार हनुमान् उस पुरी में प्रवेश करने लगे। इतने में ही उस नगरी की अधिष्ठात्री देवी लंका ने अपने स्वाभाविक रूप में प्रकट होकर उन्हें देखा
Show English Translation
"O monkey I am the presiding ogress of Lanka presenting myself personally. I am to protect this city. This is my answer to you".
ShlokaShloka 21
लङ्काया वचनं श्रुत्वा हनुमान् मारुतात्मजः। यत्नवान्स हरिश्रेष्ठः स्थितश्शैल इवापरः।।5.3.31।।
हिन्दी अर्थ देखें
वानरश्रेष्ठ हनुमान् को देखते ही रावणपालित लंका स्वयं ही उठ खड़ी हुई। उसका मुँह देखने में बड़ा विकट था
Show English Translation
On hearing the words of ogress of Lanka, the son of the Windgod stood up ready and appeared like another mountain.
ShlokaShloka 22
स तां स्त्रीरूपविकृतां दृष्टवा वानरपुङ्गवः। आबभाषेऽथ मेधावी सत्त्ववान् प्लवगर्षभः।।5.3.32।।
हिन्दी अर्थ देखें
वह उन वीर पवनकुमार के सामने खड़ी हो गयी और बड़े जोर से गर्जना करती हुई उनसे इस प्रकार बोली-
Show English Translation
Seeing the monster of a woman, the powerful Hanuman, bull among vanaras endowed with wisdom spoke to her.
ShlokaShloka 23
द्रक्ष्यामि नगरीं लङ्कां साट्टप्राकारतोरणाम्। निर्विशङ्कमिमंलोकं पश्यन्त्यास्तवसांप्रतम्। इत्यर्थमिह संप्राप्तः परं कौतूहलं हि मे।।5.3.33।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वनचारी वानर! तू कौन है और किस कार्य से यहाँ आया है? तुम्हारे प्राण जबतक बने हुए हैं, तबतक ही यहाँ आने का जो यथार्थ रहस्य है, उसे ठीक-ठीक बता दो
Show English Translation
"I would like to see this Lanka with marketplaces, gateways and ramparts. I have come here for that purpose. My curiosity has been roused to see this place.
ShlokaShloka 24
वनान्युपवनानीह लङ्कायाः काननानि च। सर्वतो गृहमुख्यानि द्रष्टुमागमनं हि मे।।5.3.34।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानर ! रावण की सेना सब ओर से इस पुरी की रक्षा करती है, अतः निश्चय ही तू इस लंका में प्रवेश नहीं कर सकता’
Show English Translation
"I have arrived here to see Lanka's gardens, groves and forests and also all the important houses".
ShlokaShloka 25
तस्य तद्वचनं श्रुत्वा लङ्का सा कामरूपिणी। भूय एव पुनर्वाक्यं बभाषे परुषाक्षरम्।।5.3.35।।
हिन्दी अर्थ देखें
हनुमान जी की यह बात सुनकर इच्छानुसार रूप धारण करने वाली लंका कुपित हो उन पवनकुमार से कठोर वाणी में बोली-
Show English Translation
On hearing Hanuman, the ogress of Lanka, who could assume any form, replied in harsh words:
ShlokaShloka 26
मामनिर्जित्य दुर्बुद्धे राक्षसेश्वरपालितां। न शक्यमद्य ते द्रष्टुं पुरीयं वानराधम।।5.3.36।।
हिन्दी अर्थ देखें
हनुमान जी की यह बात सुनकर इच्छानुसार रूप धारण करने वाली लंका कुपित हो उन पवनकुमार से कठोर वाणी में बोली-
Show English Translation
"O evilminded, foolish monkey It is not possible for you to enter the city ruled by Ravana, the king of demons without conquering me".
ShlokaShloka 27
ततः स कपिशार्दूलस्तामुवाच निशाचरीम्। दृष्ट्वा पुरीमिमां भद्रे पुनर्यास्ये यथागतम्।।5.3.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
हनुमान जी की यह बात सुनकर इच्छानुसार रूप धारण करने वाली लंका कुपित हो उन पवनकुमार से कठोर वाणी में बोली-
Show English Translation
The tiger among monkeys said to the, the nightwalker "O noble Lanka I shall see this city and go back".
ShlokaShloka 28
ततः कृत्वा महानादं सा वै लङ्का भयावहम्। तलेन वानरश्रेष्ठं ताडयामास वेगिता।।5.3.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैं महामना राक्षसराज रावण की आज्ञा की प्रतीक्षा करने वाली उनकी सेविका हूँ। मुझपर आक्रमण करना किसी के लिये भी अत्यन्त कठिन है। मैं इस नगरी की रक्षा करती हूँ
Show English Translation
Then the ogress of Lanka made a loud and frightening sound and struck the most powerful vanara with the palm of her hand.
ShlokaShloka 29
ततः स कपिशार्दूलो लङ्कया ताडितो भृशम्। ननाद सुमहानादं वीर्यवान् पवनात्मजः।।5.3.39।।
हिन्दी अर्थ देखें
मेरी अवहेलना करके इस पुरी में प्रवेश करना किसी के लिये भी सम्भव नहीं है। आज मेरे हाथ से मारा जाकर तू प्राणहीन हो इस पृथ्वी पर शयन करेगा
Show English Translation
At this strong slap, the heroic Hanuman, son of the Windgod roared loudly.
ShlokaShloka 30
ततः संवर्तयामास वामहस्तस्य सोऽङ्गुलीः। मुष्टिनाऽऽभिजघानैनां हनुमान् क्रोधमूर्छितः।।5.3.40।। स्त्री चेति मन्यमानेन नातिक्रोधः स्वयं कृतः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वानर! मैं स्वयं ही लंका नगरी हूँ, अतः सब ओर से इसकी रक्षा करती हूँ। यही कारण है कि मैंने तेरे प्रति कठोर वाणी का प्रयोग किया है’
Show English Translation
Overcome by anger, Hanuman clenched the fingers of his left hand and hit her with his fist. Considering her to be, after all, a woman he did not turn outrageous.
ShlokaShloka 31
सा तु तेन प्रहारेण विह्वलाङ्गी निशाचरी।।5.3.41।। पपात सहसा भूमौ विकृताननदर्शना।
हिन्दी अर्थ देखें
लंका की यह बात सुनकर पवनकुमार कपिश्रेष्ठ हनुमान् उसे जीतने के लिये यत्नशील हो दूसरे पर्वत के समान वहाँ खड़े हो गये
Show English Translation
Struck by the blow of Hanuman the demoness fell down on the ground at once, her limbs shattered, her face distorted.
ShlokaShloka 32
ततस्तु हनुमान् प्राज्ञस्तां दृष्ट्वा विनिपातिताम्।।5.3.42।। कृपां चकार तेजस्वी मन्यमानः स्त्रियं तु ताम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इस लंका के जो वन, उपवन, कानन और मुख्यमुख्य भवन हैं, उन्हें देखने के लिये ही यहाँ मेरा आगमन हुआ है’
Show English Translation
Wise and brilliant Hanuman, seeing the deity fallen down, left her (without killing her) out of compassion, thinking that she is a woman, after all.
ShlokaShloka 33
ततो वै भृशसंविग्ना लङ्का सा गद्गदाक्षरम्।।5.3.43।। उवाचागर्वितं वाक्यं हनूमन्तं प्लवङ्गमम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इस लंका के जो वन, उपवन, कानन और मुख्यमुख्य भवन हैं, उन्हें देखने के लिये ही यहाँ मेरा आगमन हुआ है’
Show English Translation
Thereafter, the deflated demoness of Lanka with an agitated voice, said to Hanuman, the monkeyhero:
ShlokaShloka 34
प्रसीद सुमहाबाहो त्रायस्व हरिसत्तम ।।5.3.44।। समये सौम्य तिष्ठन्ति सत्त्ववन्तो महाबलाः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इस लंका के जो वन, उपवन, कानन और मुख्यमुख्य भवन हैं, उन्हें देखने के लिये ही यहाँ मेरा आगमन हुआ है’
Show English Translation
"O, strongshouldered great monkey be gracious. Save me. Heroes endowed with great strength stay back when the time comes.
ShlokaShloka 35
अहं तु नगरी लङ्का स्वयमेव प्लवङ्गम।।5.3.45।। निर्जिताहं त्वया वीर विक्रमेण महाबल।
हिन्दी अर्थ देखें
‘खोटी बुद्धिवाले नीच वानर ! राक्षसेश्वर रावण के द्वारा मेरी रक्षा हो रही है। तू मुझे परास्त किये बिना आज इस पुरी को नहीं देख सकता’
Show English Translation
"O monkey I am Lanka incarnate. You have conquered me by your strength and valour.
ShlokaShloka 36
इदं तु तथ्यं शृणु वै ब्रुवन्त्या मे हरीश्वर।।5.3.46।। स्वयंभुवा पुरा दत्तं वरदानं यथा मम।
हिन्दी अर्थ देखें
‘खोटी बुद्धिवाले नीच वानर ! राक्षसेश्वर रावण के द्वारा मेरी रक्षा हो रही है। तू मुझे परास्त किये बिना आज इस पुरी को नहीं देख सकता’
Show English Translation
"O lord of vanaras in the past Creator Brahma had given me a boon which has come true. I will tell you. listen.
ShlokaShloka 37
यदा त्वां वानरः कश्चिद्विक्रमाद्वशमानयेत्।।5.3.47।। तदा त्वया हि विज्ञेयं रक्षसां भयमागतम्।
हिन्दी अर्थ देखें
तब उन वानरशिरोमणिने उस निशाचरी से कहा —’भद्रे! इस पुरी को देखकर मैं फिर जैसे आया हूँ, उसी तरह लौट जाऊँगा’
Show English Translation
'When a vanara vanquishes you by his prowess, you may know that destruction of ogres will set in.
ShlokaShloka 38
स हि मे समयः सौम्य प्राप्तोऽद्य तव दर्शनात्।।5.3.48।। स्वयंभू विहितः सत्यो न तस्यास्ति व्यतिक्रमः।
हिन्दी अर्थ देखें
यह सुनकर लंका ने बड़ी भयंकर गर्जना करके वानरश्रेष्ठ हनुमान् को बड़े जोर से एक थप्पड़ मारा
Show English Translation
"O gentle one the time ordained by Brahma has come today with your presence here. The truth revealed by Brahma, the selfborn, cannot be proved otherwise.
ShlokaShloka 39
सीतानिमित्तं राज्ञस्तु रावणस्य दुरात्मनः।।5.3.49।। रक्षसां ��ैव सर्वेषां विनाशः समुपागतः।
हिन्दी अर्थ देखें
लंका द्वारा इस प्रकार जोर से पीटे जाने पर उन परम पराक्रमी पवनकुमार कपिश्रेष्ठ हनुमान् ने बड़े जोर से सिंहनाद किया
Show English Translation
"The ruin of all demons and evilminded king Ravana will take place due to (the abduction of) Sita.
ShlokaShloka 40
तत्प्रविश्य हरिश्रेष्ठ पुरीं रावणपालिताम्।।5.3.50।। विधत्स्व सर्वकार्याणि यानि यानीह वाञ्छसि।
हिन्दी अर्थ देखें
फिर उन्होंने अपने बायें हाथ की अंगुलियों को मोड़कर मुट्ठी बाँध ली और अत्यन्त कुपित हो उस लंका को एक मुक्का जमा दिया
Show English Translation
"O great vanara enter the city ruled by Ravana and accomplish your purpose.
ShlokaShloka 41
प्रविश्य शापोपहतां हरीश्वर शुभां पुरीं राक्षसमुख्यपालिताम्। यदृच्छया त्वं जनकात्मजां सतीं विमार्ग सर्वत्र गतो यथासुखम्।।5.3.51।।
हिन्दी अर्थ देखें
उसे स्त्री समझकर हनुमान् जी ने स्वयं ही अधिक क्रोध नहीं किया। किंतु उस लघु प्रहार से ही उस निशाचरी के सारे अंग व्याकुल हो गये। वह सहसा पृथ्वी पर गिर पड़ी। उस समय उसका मुख बड़ा विकराल दिखायी देता था
Show English Translation
"O lord of vanaras you may search for the chaste lady, daughter of king Janaka all over freely entering this doomed city, ruled by the chief of demons. इत्यार्षे श्रीमद्रामायाणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे तृतीयस्सर्गः।। Thus ends the third sarga of Sundarakanda of the holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.