Sundara Kanda

Sarga 58: Hanuman narrates all the incidents starting from his departure for Lanka till his return.

सुन्दरकाण्डम् · सर्ग 58

150 shlokas

ShlokaShloka 1
ततस्तस्य गिरेः शृङ्गे महेन्द्रस्य महाबलाः। हनुमत्प्रमुखाः प्रीतिं हरयो जग्मुरुत्तमाम्।।5.58.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
तदनन्तर हनुमान् आदि महाबली वानर महेन्द्रगिरि के शिखर पर परस्पर मिलकर बड़े प्रसन्न हुए
Show English Translation
Then the mighty Hanuman and other vanaras having assembled on the summit of mountain Mahendra and felt vey much happy.
ShlokaShloka 2
तं ���तः प्रीतिसंहृष्टः प्रीतिमन्तं महाकपिम्। जाम्बवान्कार्यवृत्���ान्तमपृच्छदनिलात्मजम्।।5.58.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
जब सभी महामनस्वी वानर वहाँ प्रसन्नतापूर्वक बैठ गये, तब हर्ष में भरे हुए जाम्बवान् ने उन पवनकुमार महाकपि हनुमान् से प्रेमपूर्वक कार्यसिद्धि का समाचार पूछा—’महाकपे! तुमने देवी सीता को कैसे देखा? वे वहाँ किस प्रकार रहती हैं? और क्रूरकर्मा दशानन उनके प्रति कैसा बर्ताव करता है? ये सब बातें तुम हमें ठीक-ठीक बताओ
Show English Translation
Thereafter, very delighted Jambavan inquired Hanuman most affectionately of all that happened.
ShlokaShloka 3
कथं दृष्टा त्वया देवी कथं वा तत्र वर्तते। तस्यां वा स कथंवृत्तः क्रूरकर्मा दशाननः।।5.58.3।।
हिन्दी अर्थ देखें
जब सभी महामनस्वी वानर वहाँ प्रसन्नतापूर्वक बैठ गये, तब हर्ष में भरे हुए जाम्बवान् ने उन पवनकुमार महाकपि हनुमान् से प्रेमपूर्वक कार्यसिद्धि का समाचार पूछा—’महाकपे! तुमने देवी सीता को कैसे देखा? वे वहाँ किस प्रकार रहती हैं? और क्रूरकर्मा दशानन उनके प्रति कैसा बर्ताव करता है? ये सब बातें तुम हमें ठीक-ठीक बताओ
Show English Translation
"How did you find the godlike lady? How was she? How was the tenheaded one, cruel in action, behaving with her? You may narrate what she said.
ShlokaShloka 4
तत्त्वतस्सर्वमेतन्नः प्रब्रूहि त्वं महाकपे। श्रुतार्थाश्चिन्तयिष्यामो भूयः कार्यविनिश्चयम्।।5.58.4।।
हिन्दी अर्थ देखें
जब सभी महामनस्वी वानर वहाँ प्रसन्नतापूर्वक बैठ गये, तब हर्ष में भरे हुए जाम्बवान् ने उन पवनकुमार महाकपि हनुमान् से प्रेमपूर्वक कार्यसिद्धि का समाचार पूछा—’महाकपे! तुमने देवी सीता को कैसे देखा? वे वहाँ किस प्रकार रहती हैं? और क्रूरकर्मा दशानन उनके प्रति कैसा बर्ताव करता है? ये सब बातें तुम हमें ठीक-ठीक बताओ
Show English Translation
"O Hanuman, tell us in detail the entire thing. On hearing it, we will think about the next course of action.
ShlokaShloka 5
यश्चार्थस्तत्त्र वक्तव्यो गतैरस्माभिरात्मवान्। रक्षितव्यं च यत्तत्र तद्भवान्व्याकरोतु नः।।5.58.5।।
Show English Translation
"You are wise and you should tell us in detail what is to be told and what has to be hidden when we report."
ShlokaShloka 6
स नियुक्तस्ततस्तेन सम्प्रहृष्टतनूरुहः। प्रणम्य शिरसा देव्यै सीतायै प्रत्यभाषत।।5.58.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
जाम्बवान् के इस प्रकार पूछने पर हनुमान जी के शरीर में रोमाञ्च हो आया। उन्होंने सीतादेवी को मनही-मन मस्तक झुकाकर प्रणाम किया और इस प्रकार कहा-
Show English Translation
Having been asked (by Jambavan and others) Hanuman with horripilations all over his body, bowed down and saluted in the direction of queen Sita and began:
ShlokaShloka 7
प्रत्यक्षमेव भवतां महेन्द्राग्रात्खामाप्लुतः। उदधेर्दक्षिणं पारं काङ्क्षमाण स्समाहितः।।5.58.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
जाम्बवान् के इस प्रकार पूछने पर हनुमान जी के शरीर में रोमाञ्च हो आया। उन्होंने सीतादेवी को मनही-मन मस्तक झुकाकर प्रणाम किया और इस प्रकार कहा-
Show English Translation
"I rose upwards leaping into the sky, intent on reaching the southern shore from the mountain Mahendra.It has been witnessed directly by all of you.
ShlokaShloka 8
गच्छतश्च हि मे घोरं विघ्नरूपमिवाभवत्। काञ्चनं शिखरं दिव्यं पश्यामि सुमनोहरम्।।5.58.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैं आपलोगों के सामने ही समुद्र के दक्षिण तट पर जाने की इच्छा से सावधान हो महेन्द्रपर्वत के शिखर से आकाश में उछला था
Show English Translation
"Even as I was leaping I saw a terrific and wonderful golden peak which came as if to obstruct me on my path.
ShlokaShloka 9
स्थितं पन्धानमावृत्य मेने विघ्नं च तं नगम्। उपसङ्गम्य तं दिव्यं काञ्चनं नगसत्तमम्।।5.58.9।। कृता मे मनसा बुद्धिर्भेत्तव्योऽयं म��ेति च।
Show English Translation
"The mountain stood on my way turning towards me in order to obstruct me. Then I resolved in my mind that this great, wonderful, golden mountain has to be smashed.
ShlokaShloka 10
प्रहतं च मया तस्य लाङ्गूलेन महागिरेः।।5.58.10।। शिखरं सूर्यसङ्काशं व्यशीर्यत सहस्रधा।
Show English Translation
"Hit by my tail the great mountain peak, which was radiating like the Sun was shattered into a thousand pieces.
ShlokaShloka 11
व्यवसायं च तं बुद्ध्वा स होवाच महागिरिः।।5.58.11। पुत्त्रेति मधुरां वाणीं मनः प्रह्लादयन्निव।
Show English Translation
"Perceiving that I am going to smash him he spoke to me in a sweet tone delighting my heart, addressing me like a son.
ShlokaShloka 12
पितृव्यं चापि मां विद्धि सखायं मातरिश्वनः।।5.58.12।। मैनाकमिति विख्यातं निवसन्तं महोदधौ।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरा नाम मैनाक है और मैं यहाँ महासागर में निवास करता हूँ। बेटा! पूर्वकाल में सभी श्रेष्ठ पर्वत पङ्खधारी हुआ करते थे
Show English Translation
'Know me to be a friend of windgod and so I am like your father's brother. I am dwelling in this great ocean and known as Mainaka.
ShlokaShloka 13
पक्षवन्तः पुरा पुत्त्र बभूवुः पर्वतोत्तमाः।।5.58.13।। छन्दतः पृथिवीं चेरुर्बाधमानाः समन्ततः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरा नाम मैनाक है और मैं यहाँ महासागर में निवास करता हूँ। बेटा! पूर्वकाल में सभी श्रेष्ठ पर्वत पङ्खधारी हुआ करते थे
Show English Translation
'O son in the past, foremost of the mountains too had wings and they used to range at will all over the earth tormenting all.
ShlokaShloka 14
श्रुत्वा नगानां चरितं महेन्द्रः पाकशासनः।।5.58.14।। चिच्छेद भगवान् पक्षान्वज्रेणैषां सहस्रशः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरा नाम मैनाक है और मैं यहाँ महासागर में निवास करता हूँ। बेटा! पूर्वकाल में सभी श्रेष्ठ पर्वत पङ्खधारी हुआ करते थे
Show English Translation
'Mahendra, the killer of ogre Paka, heard the story (of the cruel deeds) of mountains and cut off their wings into a thousand pieces with his thunderbolt.
ShlokaShloka 15
अहं तु मोक्षितस्तस्मात्तव पित्रा महात्मना।।5.58.15।। मारुतेन तदा वत्स प्रक्षिप्तोऽस्मि महार्णवे।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
'O son I was saved from Indra by your kind father Maruta who dropped me in this great ocean.
ShlokaShloka 16
रामस्य च मया साह्ये वर्तितव्यमरिन्दम।।5.58.16।। रामो धर्मभृ���ां श्रेष्ठो महेन्द्रसमविक्रमः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
'O subduer of enemiesI must make efforts to help Rama the foremost among the righteous, for I have received help (from your father) who is equal to Indra in valour'.
ShlokaShloka 17
एतच्छ्रुत्वा वचस्तस्य मैनाकस्य महात्मनः।।5.58.17।। कार्यमावेद्य तु गिरेरुद्यतं च मनो मम। तेन चाहमनुज्ञातो मैनाकेन महात्मना।।5.58.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
"When I heard Mainaka, I told him about my intention to go up. That great self Mainaka allowed me.
ShlokaShloka 18
स चाप्यन्तर्हितः शैलो मानुषेण वपुष्मता। शरीरेण महाशैलः शैलेन च महोदधौ।।5.58.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
"Then the huge mountain in human form concealed as huge mountains remain hidden in the ocean.
ShlokaShloka 19
उत्तमं जवमास्थाय शेषं पन्थानमास्थितः। ततोऽहं सुचिरं कालं वेगेनाभ्यागमं पथि।।5.58.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
"Then with great speed I proceeded on my path. It took a long time to cross the ocean.
ShlokaShloka 20
ततः पश्याम्यहं देवीं सुरसां नागमातरम्। समुद्रमध्ये सा देवी वचनं मामभाषत।।5.58.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वह महान् पर्वत भी अपने मानवशरीर से तो अन्तर्हित हो गया; परंतु पर्वतरूप से महासागर में ही स्थित रहा
Show English Translation
"I saw Surasa, the mother of serpents in the midst of the ocean and she said:
ShlokaShloka 21
मम भक्षः प्रदिष्टस्त्वममरैर्हरिसत्तम। अतस्त्वां भक्षयिष्यामि विहितस्त्वं चिरस्य मे।।5.58.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर मैं उत्तम वेग का आश्रय ले शेष मार्ग पर आगे बढ़ा और दीर्घकालतक बड़े वेग से उस पथ पर चलता रहा
Show English Translation
'O powerful monkey you are destined to be my food provided by the immortals. Therefore, I will eat you as I have I found you after a long time. (of unsatiated hunger).'
ShlokaShloka 22
एवमुक्त स्सुरसया प्राञ्जलिः प्रणतः स्थितः। विवर्णवदनो भूत्वा वाक्यं चेदमुदीरयम्।।5.58.23।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कपिश्रेष्ठ! देवताओं ने तुम्हें मेरा भक्ष्य बताया है, इसलिये मैं तुम्हारा भक्षण करूँगी; क्योंकि सारे देवताओंने आज तुम्हें ही मेरा आहार नियत किया है’
Show English Translation
"When addressed thus by Surasa, I bowed low with joined palms, stood before her with my face turned pale, and said:
ShlokaShloka 23
रामो दाशरथिः श्रीमान् प्रविष्टो दण्डकावनम्। लक्ष्मणेन सह भ्रात्रा सीतया च परन्तपः।।5.58.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कपिश्रेष्ठ! देवताओं ने तुम्हें मेरा भक्ष्य बताया है, इसलिये मैं तुम्हारा भक्षण करूँगी; क्योंकि सारे देवताओंने आज तुम्हें ही मेरा आहार नियत किया है’
Show English Translation
'Dasaratha's son, the illustrious Rama, a scorcher of enemies, accompanied by his brother Lakshmana and wife Sita entered Dandaka forest.
ShlokaShloka 24
तस्य सीता हृता भार्या रावणेन दुरात्मना। तस्या स्सङ्काशं दूतोऽहं गमिष्ये रामशासनात्।।5.58.25।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सुरसा के ऐसा कहने पर मैं हाथ जोड़कर विनीतभाव से उसके सामने खड़ा हो गया और उदास मुख होकर यों बोला—
Show English Translation
'His wife was abducted by the evilminded Ravana. By Rama's command I am going to meet her as messenger from Rama.'
ShlokaShloka 25
कर्तुमर्हसि रामस्य साहाय्यं विषये सती। अथवा मैथिलीं दृष्ट्वा रामं चाक्लिष्टकारिणम्।।5.58.26।। आगमिष्यामि ते वक्त्रं सत्यं प्रतिशृणोमि ते।
हिन्दी अर्थ देखें
‘देवि! शत्रुओं को संताप देने वाले दशरथनन्दन श्रीमान् राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ दण्डकारण्य में आये थे
Show English Translation
"I told her that it is proper for her (living in the domain of Rama) to help his queen and wife. Or else, I promised after I disclose to Rama, Sita's whereabouts, I will come and enter her mouth.
ShlokaShloka 26
एवमुक्ता मया सा तु सुरसा कामरूपिणी।5.58.27।। अब्रवीन्नातिवर्तेत कश्चिदेष वरो मम।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वहाँ दुरात्मा रावण ने उनकी पत्नी सीता को हर लिया। मैं इस समय श्रीरामचन्द्रजी की आज्ञा से दूत होकर उन्हीं सीतादेवी के पास जा रहा हूँ
Show English Translation
ShlokaShloka 27
एवमुक्तस्सुरसया दशयोजनमायतः।।5.58.28।। ततोर्थगुणविस्तारो बभूवाहं क्षणेन तु।
Show English Translation
"When Surasa said this I who was ten yojanas in height increased by fifteen yojanas.
ShlokaShloka 28
मत्प्रमाणानुरूपं च व्यादितं च मुखं तया।।5.58.29।। तद्दृष्ट्वा व्यादितं चास्यं ह्रस्वं ह्यकरवं वपुः। तस्मिन्मुहूर्ते च पुनर्बभूवाङ्गुष्ठमात्रकः।।5.58.30।।
Show English Translation
"She too opened her mouth wide enough for my size. Seeing her distending her mouth, in a moment I became small equal to the size of thumb and came out.
ShlokaShloka 29
अभिपत्याशु तद्वक्त्रं निर्गतोऽहं ततः क्षणात्। अब्रवीत्सुरसा देवी स्वेन रूपेण मां पुनः।।5.58.31।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जब सुरसा ने ऐसा कहा—उस समय मेरा शरीर दस योजन बड़ा था, किंतु एक ही क्षण में मैं उससे ड्योढ़ा बड़ा हो गया। तब सुरसा ने भी अपने मुँह को मेरे शरीर की अपेक्षा अधिक फैला लिया
Show English Translation
"Then Surasa assumed her natural form again in a moment and said this to me:
ShlokaShloka 30
अर्थसिद्ध्यै हरिश्रेष्ठ गच्छ सौम्य यथासुखम्। समानय च वैदेहीं राघवेण महात्मना।।5.58.32।। सुखी भव महाबाहो प्रीताऽस्मि तव वानर।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जब सुरसा ने ऐसा कहा—उस समय मेरा शरीर दस योजन बड़ा था, किंतु एक ही क्षण में मैं उससे ड्योढ़ा बड़ा हो गया। तब सुरसा ने भी अपने मुँह को मेरे शरीर की अपेक्षा अधिक फैला लिया
Show English Translation
'O noble vanara O foremost of the vanaras go and accomplish the task.Unite the great Rama with Vaidehi.O strongarmed vanara, be happy. I am pleased with you'.
ShlokaShloka 31
ततोऽहं साधु साध्विति सर्वभूतैः प्रशंसितः।।5.58.33।। ततोऽन्तरिक्षं विपुलं प्लुतोऽहं गरुडो यथा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उसके फैले हुए मुँह को देखकर मैंने फिर अपने स्वरूप को छोटा कर लिया। उसी मुहूर्त में मेरा शरीर अँगूठे के बराबर हो गया
Show English Translation
"Then all creatures praised me saying 'well done well done'. Then I leaped into the vast sky like Garuda.
ShlokaShloka 32
छाया मे निगृहीता च न च पश्यामि किंचन।।5.58.34।। सोऽहं विहतवेगस्तु दिशो दश विलोकयन्। न किञ्चित्तत्र पश्यामि येन मेऽपहृता गतिः।।5.58.35।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर तो मैं सुरसा के मुँह में शीघ्र ही घुस गया और तत्क्षण बाहर निकल आया। उस समय सुरसा देवी ने अपने दिव्य रूप में स्थित होकर मुझसे कहा—
Show English Translation
"Then I was captured by a shadow of some one. I could not see and I reduced my speed and looked around in all the ten directions. I could not see the one who seized me.
ShlokaShloka 33
ततो मे बुद्धिरुत्पन्ना किन्नाम गगने मम। ईदृशो विघ्न उत्पन्नो रूपं यत्र न दृश्यते।।5.58.36।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सौम्य! कपिश्रेष्ठ! अब तुम कार्यसिद्धि के लिये सुखपूर्वक यात्रा करो और विदेहनन्दिनी सीता को महात्मा रघुनाथजी से मिलाओ
Show English Translation
ShlokaShloka 34
अधोभागेन मे दृष्टि श्शोचता पातिता मया। ततोऽद्राक्षमहं भीमां राक्षसीं सलिलेशयाम्।।5.58.37।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाबाहु वानर! तुम सुखी रहो। मैं तुम पर बहुत प्रसन्न हूँ।’ उस समय सभी प्राणियों ने ‘साधु-साधु’ कहकर मेरी भूरि-भूरि प्रशंसा की
Show English Translation
"Thinking so I looked down into the water and there I saw a terrific shedemon.
ShlokaShloka 35
प्रहस्य च महानादमुक्तोऽहं भीमया तया। अवस्थितमसम्भ्रान्तमिदं वाक्यमशोभनम्।।5.58.38।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तत्पश्चात् मैं गरुड़ की भाँति उस विशाल आकाश में फिर उड़ने लगा। उस समय किसी ने मेरी परछाईं पकड़ ली, किंतु मैं किसी को देख नहीं पाता था
Show English Translation
"She was frightening and laughed in loud voice without any hesitation. Steadfast she uttered these ominous words to me:
ShlokaShloka 36
क्वासि गन्ता महाकाय क्षुधिताया ममेप्सितः। भक्षः प्रीणय मे देहं चिरमाहारवर्जितम्।।5.58.39।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘छाया पकड़ी जाने से मेरा वेग अवरुद्ध हो गया, अतः मैं दसों दिशाओं की ओर देखने लगा; परंतु जिसने मेरी गति रोक दी थी, ऐसा कोई प्राणी मुझे वहाँ नहीं दिखायी दिया
Show English Translation
'O huge monkey where are you going? I am hungry since long. I am going without food and must eat you. Make me satisfied'.
ShlokaShloka 37
बाढमित्येव तां वाणीं प्रत्यगृह्णामहं ततः। अस्यप्रमाणादधिकं तस्याः कायमपूरयम्।।5.58.40।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तब मेरे मन में यह चिन्ता हुई कि मेरी यात्रा में ऐसा कौन-सा विघ्न पैदा हो गया, जिसका यहाँ रूप नहीं दिखायी दे रहा है
Show English Translation
"I said 'well' and enlarged my body more than her mouth could hold.
ShlokaShloka 38
तस्याश्चास्यं महद्भीमं वर्धते मम भक्षणे। न च मां साधु बुबुधे मम वा विकृतं कृतम्।।5.58.41।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इसी सोच में पड़े-पड़े मैंने जब नीचे की ओर दृष्टि डाली, तब मुझे एक भयानक राक्षसी दिखायी दी, जो जल में निवास करती थी
Show English Translation
"She opened her huge mouth to eat me as she did not know that I had already assumed a huge ugly form on my own.
ShlokaShloka 39
ततोऽहं विपुलं रूपं संक्षिप्य निमिषान्तरात्। तस्या हृदयमादाय प्रपतामि नभ:स्थलम्।।5.58.42।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उस भीषण निशाचरी ने बड़े जोर से अट्टहास करके निर्भय खड़े हुए मुझसे गरज-गरजकर यह अमङ्गलजनक बात कही—
Show English Translation
"In a moment I reduced from a huge form to a small one, entered her heart and sprang into the sky.
ShlokaShloka 40
सा विसृष्टभुजा भीमा पपात लवणाम्भसि। मया पर्वतसङ्काशा निकृत्तहृदया सती।।5.58.43।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘विशालकाय वानर! कहाँ जाओगे? मैं भूखी हुई हूँ। तुम मेरे लिये मनोवाञ्छित भोजन हो। आओ, चिरकाल से निराहार पड़े हुए मेरे शरीर और प्राणों को तृप्त करो’
Show English Translation
"She who resembled a mountain fell into the ocean with her arms hanging down when I pulled out her heart.
ShlokaShloka 41
शृणोमि खगतानां च सिद्धानां चारणैस्सह। राक्षसी सिंहिका भीमा क्षिप्रं हनुमता हता।।5.58.44।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तब मैंने बहुत अच्छा’ कहकर उसकी बात मान ली और अपने शरीर को उसके मुख के प्रमाण से बहुत अधिक बढ़ा लिया
Show English Translation
"I heard the charanas and siddhas residing in the sky talking to each other that the fierce ogres Simhika has been killed by Hanuman in a moment.
ShlokaShloka 42
तां हत्वा पुनरेवाहं कृत्यमात्ययिकं स्मरन्। गत्वा चाह महध्वानं पश्यामि नगमण्डितम्।।5.58.45।। दक्षिणं तीरमुदधेर्लङ्का यत्र च सा पुरी।
हिन्दी अर्थ देखें
‘परंतु उसका विशाल और भयानक मुख भी मुझे भक्षण करने के लिये बढ़ने लगा। उसने मुझे या मेरे प्रभाव को नहीं जाना तथा मैंने जो छल किया था, वह भी उसकी समझ में नहीं आया
Show English Translation
"Having slained Simhika, I thought of the huge feat that I have done. I remembered the big mission before me and went to the southern shore of the ocean and saw Lanka full of trees.
ShlokaShloka 43
अस्तं दिनकरे याते रक्षसां निलयं पुरम्।।5.58.46।। प्रविष्टोऽहमविज्ञातो रक्षोभिर्भीमविक्रमैः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर तो पलक मारते-मारते मैंने अपने विशाल रूप को अत्यन्त छोटा बना लिया और उसका कलेजा निकालकर आकाश में उड़ गया
Show English Translation
ShlokaShloka 44
तत्र प्रविशतश्चापि कल्पान्तघनसन्निभा।।5.58.47।। अट्टहासं विमुञ्चन्ती नारी काप्युत्थिता पुरः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरे द्वारा कलेजे के काट लिये जाने पर पर्वत के समान भयानक शरीरवाली वह दुष्टा राक्षसी अपनी दोनों बाँहें शिथिल हो जाने के कारण समुद्र के जल में गिर पड़ी
Show English Translation
ShlokaShloka 45
जिघांसन्तीं ततस्तां तु ज्वलदग्निशिरोरुहाम्।।5.58.48।। सव्यमुष्टिप्रहारेण पराजित्य सुभैरवाम्। प्रदोषकाले प्रविशं भीतयाऽहं तयोदितः।।5.58.49।।
Show English Translation
"Then the frightening form, with its hair burning like sacrificial fire, emerged to kill me. I defeated her hittting with my left fist and entered the city at sunset time.
ShlokaShloka 46
अहं लङ्कापुरी वीर निर्जिता विक्रमेण ते। यस्मात्तस्माद्विजेतासि सर्वरक्षांस्यशेषतः।।5.58.50।।
Show English Translation
'O hero I am the presiding deity of Lanka whom you have won by your valour. Therefore you will win many demons she foretold.
ShlokaShloka 47
तत्राहं सर्वरात्रं तु विचिन्वन् जनकात्मजाम्। रावणान्तःपुरगतो न चापश्यं सुमध्यमाम्।।5.58.51।।
Show English Translation
"There when I went to the harem of Ravana and searched all night, I did not find the fairwaisted Janaka's daughter.
ShlokaShloka 48
तत स्सीतामपश्यंस्तु रावणस्य निवेशने। शोकसागरमासाद्य न पारमुपलक्षये।।5.58.52।।
Show English Translation
"Not able to find Sita at the residence of Ravana I was immersed in an ocean of endless sorrow and did not know what to do.
ShlokaShloka 49
शोचता च मया दृष्टं प्राकारेण समावृतम्। काञ्चनेन विकृष्टेन गृहोपवनमुत्तमम्।।5.58.53।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उसके सिर के बाल प्रज्वलित अग्नि के समान दिखायी देते थे। वह मुझे मार डालना चाहती थी। यह देख मैंने बायें हाथ के मुक्के से प्रहार करके उस भयंकर निशाचरी को परास्त कर दिया और प्रदोषकाल में पुरी के भीतर प्रविष्ट हुआ। उस समय उस डरी हुई निशाचरी ने मुझसे इस प्रकार कहा—
Show English Translation
"While worrying like that I saw a long golden boundary wall surrounding a splendid home garden. (upabana)
ShlokaShloka 50
स प्राकारमवप्लुत्य पश्यामि बहुपादपम्। अशोकवनिकामध्ये शिंशुपापादपो महान्।।5.58.54।। तमारुह्य च पश्यामि काञ्चनं कदलीवनम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उसके सिर के बाल प्रज्वलित अग्नि के समान दिखायी देते थे। वह मुझे मार डालना चाहती थी। यह देख मैंने बायें हाथ के मुक्के से प्रहार करके उस भयंकर निशाचरी को परास्त कर दिया और प्रदोषकाल में पुरी के भीतर प्रविष्ट हुआ। उस समय उस डरी हुई निशाचरी ने मुझसे इस प्रकार कहा—
Show English Translation
"I crossed that boundary wall and saw many kinds of trees and in the midst of that Ashoka garden, a huge Simsupa tree. I ascended it and saw rows of banana plants.
ShlokaShloka 51
अदूरे शिंशुपावृक्षात्पश्यामि वरवर्णिनीम्।।5.58.55।। श्यामां कमलपत्राक्षीमुपवासकृशाननाम्। तदेकवासस्संवीतां रजोध्वस्तशिरोरुहाम्।।5.58.56।। शोकसन्तापदीनाङ्गीं सीतां भर्तृहिते स्थिताम्। राक्षसीभिर्विरूपाभिः क्रूराभिरभिसंवृताम्।।5.58.57।। मांसशोणितभक्षाभिर्व्याघ्रीभिर्हरिणीमिव।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वीर! मैं साक्षात् लङ्कापुरी हूँ। तुमने अपने पराक्रम से मुझे जीत लिया है, इसलिये तुम समस्त राक्षसों पर पूर्णतः विजय प्राप्त कर लोगे’
Show English Translation
"Not far from the Simsupa tree I saw beautiful Sita, of dark complexion, with eyes like lotus petals, whose face was emaciated due to fasting, wearing only a single sari (the same one since her abduction) her locks filled with dust, pathetic looking, immersed in sorrow, meditating on her husband seated like a doe encircled by tigresses, surrounded by ugly and cruel shedemons fed on flesh and blood.
ShlokaShloka 52
सा मया राक्षसीमध्ये तर्ज्यमाना मुहुर्मुहुः।।5.58.58।। एकवेणीधरा दीना भर्तृचिन्तापरायणा। भूमिशय्या विवर्णाङ्गी पद्मिनीव हिमागमे।।5.58.59।। रावणाद्विनिवृत्तार्था मर्तव्यकृतनिश्चया। कथञ्चिन्मृगशाबाक्षी तूर्णमासादिता मया।।5.58.60।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वहाँ सारी रात नगर में घर-घर घूमने और रावण के अन्तःपुरमें पहुँचने पर भी मैंने सुन्दर कटिप्रदेशवाली जनकनन्दिनी सीता को नहीं देखा
Show English Translation
ShlokaShloka 53
तां दृष्ट्वा तादृशीं नारीं रामपत्नीं यशस्विनीम्। तत्रैव शिंशुपावृक्षे पश्यन्नहमवस्थितः।।5.58.61।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण के महल में सीता को न देखने पर मैं शोकसागर में डूब गया। उस समय मुझे उस शोक का कहीं पार नहीं दिखायी देता था
Show English Translation
"I remained there looking on that renowned wife of Rama from the Simsupa tree.
ShlokaShloka 54
ततो हलहलाशब्दं काञ्चीनूपुरमिश्रितम्। शृणोम्यधिकगम्भीरं रावणस्य निवेशने।।5.58.62।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘सोच में पड़े-पड़े ही मैंने एक उत्तम गृहोद्यान देखा, जो सोने के बने हुए सुन्दर परकोटे से घिरा हुआ था
Show English Translation
"Then I heard a deep sound mixed with jingling golden girdles and anklets coming from Ravana's residence.
ShlokaShloka 55
ततोऽहं परमोद्विग्नः स्वं रूपं प्रत्यसंहरम्। अहं तु शिंशुपावृक्षे पक्षीव गहने स्थितः।।5.58.63।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तब उस परकोटे को लाँघकर मैंने उस गृहोद्यान को देखा, जो बहुसंख्यक वृक्षों से भरा हुआ था। उस अशोकवाटिका के बीच में मुझे एक बहुत ऊँचा अशोक-वृक्ष दिखायी दिया
Show English Translation
"I was scared and contracted my body size and stood on the Simsupa tree like a bird in the sky.
ShlokaShloka 56
ततो रावणदाराश्च रावणश्च महाबलः। तं देशं समनुप्राप्ता यत्र सीताऽभवत् स्थिता।।5.58.64।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उसपर चढ़कर मैंने सुवर्णमय कदलीवन देखा तथा उस अशोक-वृक्ष के पास ही मुझे सर्वाङ्गसुन्दरी सीताजी का दर्शन हुआ
Show English Translation
"Then arrived the powerful Ravana with his consorts to that place where Sita was and stood there.
ShlokaShloka 57
तं दृष्ट्वाथ वरारोहा सीता रक्षोगणेश्वरम्। सङ्कुच्योरूस्तनौ पीनौ बाहुभ्यां परिरभ्य च।।5.58.65।।
हिन्दी अर्थ देखें
वे सदा सोलह वर्ष की-सी अवस्था में युक्त दिखायी देती है। उनके नेत्र प्रफुल्ल कमलदल के समान सुन्दर हैं। सीताजी उपवास करने के कारण अत्यन्त दुर्बल हो गयी हैं और उनकी यह दुर्बलता उनका मुख देखते ही स्पष्ट हो जाती है। वे एक ही वस्त्र पहनी हुई हैं और उनके केश धूल से धूसर हो गये हैं
Show English Translation
"On seeing Ravana, the king of demons, beautiful Sita, full of fear hid her face and plump breasts between her thighs.
ShlokaShloka 58
वित्रस्तां परमोद्विग्नां वीक्षमाणां ततस्ततः। त्राणं किञ्चिदपश्यन्तीं वेपमानां तपस्विनीम्।।5.58.66।। तामुवाच दशग्रीवस्सीतां परमदुःखिताम्। अवाक्चिराः प्रपतितो बहुमन्यस्व मामिति।।5.58.67।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण की ओर से उनका हार्दिक भाव सर्वथा दूर है। वे मरने का निश्चय कर चुकी हैं। उसी अवस्था में मैं किसी तरह शीघ्रतापूर्वक मृगनयनी सीता के पास पहुँच सका
Show English Translation
"Sita was full of fear and worry, looked here and there without any protector to pacify. She was trembling in fear. To that Sita, the tenheaded Ravana bent his head down and said, 'trust me and respect me'.
ShlokaShloka 59
यदि चेत्त्वं तु दर्पान्मां नाभिनन्दसि गर्विते। द्वौ मासावन्तरं सीते पास्यामि रुधिरं तव।।5.58.68।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण की ओर से उनका हार्दिक भाव सर्वथा दूर है। वे मरने का निश्चय कर चुकी हैं। उसी अवस्था में मैं किसी तरह शीघ्रतापूर्वक मृगनयनी सीता के पास पहुँच सका
Show English Translation
'O Sita if in your pride, you do not respect me, I will see (drink) your blood in two months.
ShlokaShloka 60
एतच्छ्रुत्वा वचस्तस्य रावणस्य दुरात्मनः। उवाच परमक्रुद्धा सीता वचनमुत्तमम्।।5.58.69।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण की ओर से उनका हार्दिक भाव सर्वथा दूर है। वे मरने का निश्चय कर चुकी हैं। उसी अवस्था में मैं किसी तरह शीघ्रतापूर्वक मृगनयनी सीता के पास पहुँच सका
Show English Translation
"Hearing the words of evilminded Ravana, Sita became very angry and spoke these approprate words:
ShlokaShloka 61
राक्षसाधम रामस्य भार्याममिततेजसः। इक्ष्वाकुकुलनाथस्य स्नुषां दशरथस्य च।।5.58.70।। अवाच्यं वदतो जिह्वा कथं न पतिता तव।
हिन्दी अर्थ देखें
‘रावण की ओर से उनका हार्दिक भाव सर्वथा दूर है। वे मरने का निश्चय कर चुकी हैं। उसी अवस्था में मैं किसी तरह शीघ्रतापूर्वक मृगनयनी सीता के पास पहुँच सका
Show English Translation
'O lowly demon I am the wife of valiant Rama and daughterinlaw of Dasaratha, the king of Ikshvaku race. How is it your tongue that spoke unspeakable words has not fallen down?
ShlokaShloka 62
किञ्चिद्वीर्यं तवानार्य यो मां भर्तुरसन्निधौ।।5.58.71।। अपहृत्याऽऽगतः पाप ते नादृष्टो महात्मना।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वैसी अवस्था में पड़ी हुई उन यशस्विनी नारी श्रीरामपत्नी सीता को अशोक-वृक्ष के नीचे बैठी देख मैं भी उस वृक्ष पर स्थित हो गया और उन्हें वहीं से निहारने लगा
Show English Translation
'O ignoble one when my husband was away, you came and abducted me unseen by the great Rama. You do not have even a little courage (to win me through a straight fight).
ShlokaShloka 63
न त्वं रामस्य सदृशो दास्येऽप्यस्य न युज्यसे।।5.58.72।। यज्ञीय स्सत्यवादी च रणश्लाघी च राघवः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतने ही में रावण के महल में करधनी और नूपुरों की झनकार से मिला हुआ अधिक गम्भीर कोलाहल सुनायी पड़ा
Show English Translation
'You are not equal to Rama and not even fit to be his servant. He does yagnas and always abides in truth. He is valiant in war.
ShlokaShloka 64
जानक्या परुषं वाक्यमेवमुक्तो दशाननः।।5.58.73।। जज्वाल सहसा कोपाच्चितास्थ इव पावकः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर तो मैंने अत्यन्त उद्विग्न होकर अपने स्वरूप को समेट लिया-छोटा बना लिया और पक्षी के समान उस गहन शिंशपा (अशोक) वृक्ष में छिपा बैठा रहा
Show English Translation
"Thus addressed harshly by Janaki, the tenheaded Ravana blazed up in anger suddenly like the flame of the funeral pyre.
ShlokaShloka 65
विवृत्य नयने क्रूरे मुष्टिमुद्यम्य दक्षिणम्।।5.58.74।। मैथिलीं हन्तुमारब्ध: स्त्रीभिर्हाहाकृतं तदा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इतने ही में रावण की स्त्रियाँ और महाबली रावणये सब-के-सब उस स्थान पर आ पहुँचे, जहाँ सीतादेवी विराजमान थीं
Show English Translation
"Then the wicked Ravana raised his eyebrows and his right fist to strike at Sita and even the shedemon there raised their voice saying, ' alas, alas '
ShlokaShloka 66
स्त्रीणां मध्यात्समुत्पत्य तस्य भार्या दुरात्मनः।।5.58.75।। वरा मन्दोदरी नाम तया स प्रतिषेधितः।
Show English Translation
"Evilminded Ravana's wife Mandodari, a noble one among women came forward from the midst and prevented him.
ShlokaShloka 67
उक्तश्च मधुरां वाणीं तया स मदनार्दितः।।5.58.76।। सीतया तव किं कार्यं महेन्द्रसमविक्रमः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वे अत्यन्त भयभीत और उद्विग्न होकर इधर-उधर देखने लगीं। उन्हें कोई भी अपना रक्षक नहीं दिखायी देता था। भय से काँपती हुई अत्यन्त दुःखिनी तपस्विनी सीता के सामने जा दशमुख रावण नीचे सिर किये उनके चरणों में गिर पड़ा और इस प्रकार बोला ‘विदेहकुमारी! मैं तुम्हारा सेवक हूँ। तुम मुझे अधिक आदर दो’
Show English Translation
"She spoke sweetly to Ravana, who was tormented by the god of love saying, 'For what purpose do you desire Sita? You are equal to Mahendra in might'.
ShlokaShloka 68
देवगन्धर्वकन्याभिर्यक्षकन्याभिरेव च।।5.58.77।। सार्धं प्रभो रमस्वेह सीतया किं करिष्यसि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वे अत्यन्त भयभीत और उद्विग्न होकर इधर-उधर देखने लगीं। उन्हें कोई भी अपना रक्षक नहीं दिखायी देता था। भय से काँपती हुई अत्यन्त दुःखिनी तपस्विनी सीता के सामने जा दशमुख रावण नीचे सिर किये उनके चरणों में गिर पड़ा और इस प्रकार बोला ‘विदेहकुमारी! मैं तुम्हारा सेवक हूँ। तुम मुझे अधिक आदर दो’
Show English Translation
'O lord you enjoy with the daughters of gods, gandharvas and even the young ladies of yakshas. Why do you need Sita?'
ShlokaShloka 69
ततस्ताभिस्समेताभिर्नारीभिस्स महाबलः।।5.58.78।। प्रसाद्य सहसा नीतो भवनं स्वं निशाचरः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘(इतने पर भी अपने प्रति उनकी उपेक्षा देख वह कुपित होकर बोला—) ‘गर्वीली सीते! यदि तू घमंड में आकर मेरा अभिनन्दन नहीं करेगी तो आज से दो महीने के बाद मैं तेरा खून पी जाऊँगा’
Show English Translation
"Then all the women got together and stopped the mighty nightranger, Ravana and quickly took him back to his mansion.
ShlokaShloka 70
याते तस्मिन् दशग्रीवे राक्षस्यो विकृताननाः।।5.58.79।। सीतां निर्भर्त्सयामासुर्वाक्यैः क्रूरैस्सुदारुणैः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘दुरात्मा रावण की यह बात सुनकर सीता ने अत्यन्त कुपित हो यह उत्तम वचन कहा—
Show English Translation
ShlokaShloka 71
तृणवद्भाषितं तास��ं गणयामास जानकी।।5.58.80।। गर्जितं च तदा तासां सीतां प्राप्य निरर्थकम्।
Show English Translation
"Janaki did not care for their words of threat, as though they were a blade of grass and of no use to her.
ShlokaShloka 72
वृथागर्जितनिश्चेष्टा राक्षस्यः पिशिताशनाः।।5.58.81।। रावणाय शशंसुस्ताः सीताध्यवसितं महत्।
Show English Translation
"Since the threatenings of the shedemons were of no use the ogresses who live on flesh and blood reported to Ravana about great Sita's formidable determination.
ShlokaShloka 73
ततस्तास्सहितास्सर्वा निहताशा निरुद्यमाः।।5.58.82।। परिक्षिप्य समन्तात्तां निद्रावशमुपागताः।
Show English Translation
"Then all of them gave up hope of their efforts and scattered around her, succumbed to sleep.
ShlokaShloka 74
तासु चैव प्रसुप्तासु सीता भर्तृहिते रता।।5.58.83।। विलप्य करुणं दीना प्रशुशोच सुदुःखिता।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जनकनन्दिनी के ऐसी कठोर बात कहने पर दशमुख रावण चिता में लगी हुई आग की भाँति सहसा क्रोध से जल उठा और अपनी क्रूर आँखें फाड़फाड़कर देखता हुआ दाहिना मुक्का तानक मिथिलेशकुमारी को मारने के लिये तैयार हो गया। यह देख उस समय वहाँ खड़ी हुई स्त्रियाँ हाहाकार करने लगीं। इतने ही में उन स्त्रियों के बीच से उस दुरात्माकी सुन्दरी भार्या मन्दोदरी झपटकर आगे आयी और उसने रावण को ऐसा करने से रोका। साथ ही उस कामपीड़ित निशाचर से मधुर वाणी में कहा-
Show English Translation
ShlokaShloka 75
तासां मध्यात्समुत्थाय त्रिजटा वाक्यमब्रवीत्।।5.58.84।। आत्मानं खादत क्षिप्रं न सीता विनशिष्यति। जनकस्यात्मजा साध्वी स्नुषा दशरथस्य च।।5.58.85।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जनकनन्दिनी के ऐसी कठोर बात कहने पर दशमुख रावण चिता में लगी हुई आग की भाँति सहसा क्रोध से जल उठा और अपनी क्रूर आँखें फाड़फाड़कर देखता हुआ दाहिना मुक्का तानक मिथिलेशकुमारी को मारने के लिये तैयार हो गया। यह देख उस समय वहाँ खड़ी हुई स्त्रियाँ हाहाकार करने लगीं। इतने ही में उन स्त्रियों के बीच से उस दुरात्माकी सुन्दरी भार्या मन्दोदरी झपटकर आगे आयी और उसने रावण को ऐसा करने से रोका। साथ ही उस कामपीड़ित निशाचर से मधुर वाणी में कहा-
Show English Translation
"From the midst of all of them got up Trijata, saying, 'You eat me if you like. Know that Janaka's daughter is a chaste woman and is the daughterinlaw of Dasaratha. She cannot be destroyed'.
ShlokaShloka 76
स्वप्नो ह्यद्य मया दृष्टो दारुणो रोमहर्षणः। रक्षसां च विनाशाय भर्तुरस्या जयाय च।।5.58.86।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जनकनन्दिनी के ऐसी कठोर बात कहने पर दशमुख रावण चिता में लगी हुई आग की भाँति सहसा क्रोध से जल उठा और अपनी क्रूर आँखें फाड़फाड़कर देखता हुआ दाहिना मुक्का तानक मिथिलेशकुमारी को मारने के लिये तैयार हो गया। यह देख उस समय वहाँ खड़ी हुई स्त्रियाँ हाहाकार करने लगीं। इतने ही में उन स्त्रियों के बीच से उस दुरात्माकी सुन्दरी भार्या मन्दोदरी झपटकर आगे आयी और उसने रावण को ऐसा करने से रोका। साथ ही उस कामपीड़ित निशाचर से मधुर वाणी में कहा-
Show English Translation
'Today I saw in my dream, a dreadful and horripilating scene of destruction of demons and even victory of Sita's husband.
ShlokaShloka 77
अलमस्मात्परित्रातुं राघवाद्राक्षसीगणम्। अभियाचाम वैदेहीमेतद्धि मम रोचते।।5.58.87।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जनकनन्दिनी के ऐसी कठोर बात कहने पर दशमुख रावण चिता में लगी हुई आग की भाँति सहसा क्रोध से जल उठा और अपनी क्रूर आँखें फाड़फाड़कर देखता हुआ दाहिना मुक्का तानक मिथिलेशकुमारी को मारने के लिये तैयार हो गया। यह देख उस समय वहाँ खड़ी हुई स्त्रियाँ हाहाकार करने लगीं। इतने ही में उन स्त्रियों के बीच से उस दुरात्माकी सुन्दरी भार्या मन्दोदरी झपटकर आगे आयी और उसने रावण को ऐसा करने से रोका। साथ ही उस कामपीड़ित निशाचर से मधुर वाणी में कहा-
Show English Translation
'To protect the demon clan from destruction by Rama, it is enough if we beg her (pardon). Indeed, I think that way.
ShlokaShloka 78
यस्या ह्येवंविधस्स्वप्नो दुःखितायाः प्रदृश्यते। सा दुःखैर्विविधैर्मुक्ता सुखमाप्नोत्यनुत्तमम्।।5.58.88।। प्रणिपातप्रसन्ना हि मैथिली जनकात्मजा।
हिन्दी अर्थ देखें
‘प्रभो! देवताओं, गन्धर्वो और यक्षों की कन्याएँ हैं, इनके साथ रमण करो; सीता को लेकर क्या करोगे?’
Show English Translation
'Whoever in a sorrowful state sees such kind of dream, would be not only relieved of all sorrows but will experience immense happiness. Janaka's daughter Sita will bless us with protection if we pray her.
ShlokaShloka 79
ततस्सा ह्रीमती बाला भर्तुर्विजयहर्षिता।।5.58.89।। अवोचद्यदि तत्तथ्यं भवेयं शरणं हि वः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘प्रभो! देवताओं, गन्धर्वो और यक्षों की कन्याएँ हैं, इनके साथ रमण करो; सीता को लेकर क्या करोगे?’
Show English Translation
'On hearing the words (of Trijata) that 'Rama will succeed', young and bashful Sita felt happy and said that 'If it comes true I will protect thee'.
ShlokaShloka 80
तां चाहं तादृशीं दृष्ट्वा सीताया दारुणां दशाम्। चिन्तयामास विक्रान्तो न च मे निर्वृतं मनः।।5.58.90।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तदनन्तर वे सब स्त्रियाँ मिलकर उस महाबली निशाचर रावण को सहसा वहाँ से उठाकर अपने महल में ले गयीं
Show English Translation
"Seeing Sita's deplorable state, her illluck and her dread, I began to worry and had no peace of mind.
ShlokaShloka 81
सम्भाषणार्थं च मया जानक्याश्चिन्तितो विधिः।।5.58.91।। इक्ष्वाकूणां हि वंशस्तु ततो मम पुरस्कृतः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘परंतु जानकी ने उनकी बातों को तिनके के समान तुच्छ समझा। उनका सारा गर्जन-तर्जन सीता के पास पहुँचकर व्यर्थ हो गया
Show English Translation
"I thought of a strategy to enter into conversation with Janaki that is to praise the Ikshvaku race.
ShlokaShloka 82
श्रुत्वा तु गदितां वाचं राजर्षिगणपूजिताम्।।5.58.92।। प्रत्यभाषत मां देवी बाष्पैः पिहितलोचना।
हिन्दी अर्थ देखें
‘परंतु जानकी ने उनकी बातों को तिनके के समान तुच्छ समझा। उनका सारा गर्जन-तर्जन सीता के पास पहुँचकर व्यर्थ हो गया
Show English Translation
"The divine lady heard my enumeration, sanctifying the royal seers. She replied me, with her eyes blinded by tears:
ShlokaShloka 83
कस्त्वं केन कथं चेह प्राप्तो वानरपुङ्गवः।।5.58.93।। का च रामेण ते प्रीतिस्तन्मे शंसितुमर्हसि।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर वे सब-की-सब उन्हें अनेक प्रकार से कष्ट दे हताश तथा उद्योगशून्य हो निद्रा के वशीभूत होकर सो गयीं
Show English Translation
"O foremost of vanaras who are you? Why and how have you come here? How did you make friendship with Rama? Tell me all that in detail.
ShlokaShloka 84
तस्यास्तद्वचनं श्रुत्वा ह्यहमप्यब्रुवं वचः।।5.58.94।। देवि रामस्य भर्तुस्ते सहायो भीमविक्रमः। सुग्रीवो नाम विक्रान्तो वानरेन्द्रो महाबलः।।5.58.95।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘फिर वे सब-की-सब उन्हें अनेक प्रकार से कष्ट दे हताश तथा उद्योगशून्य हो निद्रा के वशीभूत होकर सो गयीं
Show English Translation
"Hearing her I also said, 'O queen Sugriva, the warrior of fierce valour and king of monkeys developed friendship with your husband'.
ShlokaShloka 85
तस्य मां विद्धि भृत्यं त्वं हनुमन्तमिहागतम्। भर्त्राहं प्रेषितस्तुभ्यं रामेणाक्लिष्टकर्मणा।।5.58.96।।
Show English Translation
'I came here as a servant sent by your tireless husband to find you.
ShlokaShloka 86
इदं च पुरुषव्याघ्रः श्रीमान् दाशरथिः स्वयम्। अङ्गुलीयमभिज्ञानमदात्तुभ्यं यशस्विनि।।5.58.97।।
Show English Translation
'O glorious lady the tiger among men, the illustrious son of Dasaratha himself sent this ring to you as a taken of identity.
ShlokaShloka 87
तदिच्छामि त्वयाऽऽज्ञप्तं देवि किं करवाण्यहम्। रामलक्ष्मणयोः पार्श्वं नयामि त्वां किमुत्तरम्।।5.58.98।।
Show English Translation
'O venerable lady I seek your order. What should I do? Should I take you to Rama and Lakshmana? What do you say?
ShlokaShloka 88
एतच्छ्रुत्वा विदित्वा च सीता जनकनन्दिनी। आहरावणमुत्साद्य राघवो मां नयत्विति।।5.58.99।।
Show English Translation
"Having heard all that (Hanuman said) Sita, the delight of Janaka thought over and said, 'Rama should kill Ravana and take me'.
ShlokaShloka 89
प्रणम्य शिरसा देवीं महमार्यामनिन्दिताम्। राघवस्य मनोह्लादमभिज्ञानमयाचिषम्।।5.58.100।।
Show English Translation
"Then bowing down I saluted the noble and blameless queen Sita to give a signet, which would be very pleasing to Rama.
ShlokaShloka 90
अथ मामब्रवीत्सीता गृह्यतामयमुत्तमः। मणिर्येन महाबाहू रामस्त्वां बहुमन्यते।।5.58.101।।
Show English Translation
"Sita then said to me, 'Take this best of gems and present it to the longarmed Rama as a token'.
ShlokaShloka 91
इत्युक्त्वा तु वरारोहा मणिप्रवरमद्भुतम्। प्रायच्छत्परमोद्विग्ना वाचा मां सन्दिदेशह।।5.58.102।।
Show English Translation
"Having said so, the noble lady delivered a wonderful jewel with supreme message to me in a sorrowful mood.
ShlokaShloka 92
ततस्तस्यै प्रणम्याहं राजपुत्र्यै समाहितः। प्रदक्षिणं परिक्राममिहाभ्युद्गतमानसः।।5.58.103।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कुछ विश्राम के पश्चात् मैं सीता की वैसी दारुण दशा देखकर बड़ी चिन्ता में पड़ गया। मेरे मन को शान्ति नहीं मिलती थी। फिर मैंने जानकीजी के साथ वार्तालाप करने के लिये एक उपाय सोचा
Show English Translation
"Reminded by her again (that Rama should turn up soon to take her), I offered reverential salutations by circumambulating her.
ShlokaShloka 93
उक्तोऽहं पुनरेवेदं निश्चित्य मनसा तया। हनुमन्मम वृत्तान्तं वक्तुमर्हसि राघवे।।5.58.104।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कुछ विश्राम के पश्चात् मैं सीता की वैसी दारुण दशा देखकर बड़ी चिन्ता में पड़ गया। मेरे मन को शान्ति नहीं मिलती थी। फिर मैंने जानकीजी के साथ वार्तालाप करने के लिये एक उपाय सोचा
Show English Translation
ShlokaShloka 94
यथा श्रुत्वैव न चिरात्तावुभौ रामलक्ष्मणौ। सुग्रीवसहितौ वीरावुपेयातां तथा कुरु।।5.58.105।।
Show English Translation
'O heroic Hanuman narrate in such a way that by hearing you both Rama and Lakshmana will come here soon, accompanied by Sugriva.
ShlokaShloka 95
यद्यन्यथा भवेदेतद्द्वौ मासौ जीवितं मम। न मां द्रक्ष्यति काकुत्स्थो म्रिये साहमनाथवत्।।5.58.106।।
Show English Translation
'Otherwise with none to protect me, I will live only for two months.I will die like an orphan and he will not see me'.
ShlokaShloka 96
तच्छ्रुत्वा करुणं वाक्यं क्रोधो मामभ्यवर्तत। उत्तरं च मया दृष्टं कार्यशे���मनन्तरम्।।5.58.107।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका वह वचन सुनकर मैंने भी कहा—’देवि! तुम्हारे पतिदेव श्रीराम के सहायक एक भयंकर पराक्रमी बलविक्रम सम्पन्न महाबली वानरराज हैं, जिनका नाम सुग्रीव है
Show English Translation
"When I heard her pathetic appeal, I was overtaken by anger. I perceived the task left over for me to do.
ShlokaShloka 97
ततोऽवर्धत मे कायस्तदा पर्वतसन्निभः। युद्धकाङ्क्षी वनं तच्च विनाशयितुमारभे।।5.58.108।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका वह वचन सुनकर मैंने भी कहा—’देवि! तुम्हारे पतिदेव श्रीराम के सहायक एक भयंकर पराक्रमी बलविक्रम सम्पन्न महाबली वानरराज हैं, जिनका नाम सुग्रीव है
Show English Translation
"Thereafter, I increased my body to the size of a mountain, intent on fighting and started destroying the pleasure garden.
ShlokaShloka 98
तद्भग्नं वनषण्डं तु भ्रान्तत्रस्तमृगद्विजम्। प्रतिबुद्धा निरीक्षन्ते राक्षस्यो विकृताननाः।।5.58.109।।
हिन्दी अर्थ देखें
उन्हीं का मुझे सेवक समझो मेरा नाम हनुमान् है। अनायास ही महान् कर्म करने वाले तुम्हारे पति श्रीराम ने मुझे भेजा है इसलिये मैं यहाँ आया हूँ
Show English Translation
"Those uglyfaced ogresses woke up and saw the devastated garden and terrified beasts and birds.
ShlokaShloka 99
मां च दृष्ट्वा वने तस्मिन् समागम्य ततस्ततः। ता स्समभ्यागताः क्षिप्रं रावणायाचचक्षिरे।।5.58.110।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यशस्विनि! पुरुषसिंह दशरथनन्दन साक्षात् श्रीमान् राम ने पहचानके लिये यह अंगूठी तुम्हें दी है
Show English Translation
ShlokaShloka 100
राजस्वनमिदं दुर्गं तव भग्नं दुरात्मना। वानरेण ह्यविज्ञाय तव वीर्यं महाबल।।5.58.111।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘देवि! मैं चाहता हूँ कि आप मुझे आज्ञा दें कि मैं आपकी क्या सेवा करूँ? आप कहें तो मैं अभी आपको श्रीराम और लक्ष्मण के पास पहुँचा दूं। इस विषय में आपका क्या उत्तर है?’
Show English Translation
'O powerful king an evilminded vanara has destroyed the inaccessible pleasure garden not knowing your valour.
ShlokaShloka 101
दुर्बुद्धेस्तस्य राजेन्द्र तव विप्रियकारिणः। वधमाज्ञापय क्षिप्रं यथासौ विलयं व्रजेत्।।5.58.112।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरी यह बात सुनकर और सोच-समझकर जनकनन्दिनी सीता ने कहा—’मेरी इच्छा है कि श्रीरघुनाथजी रावण का संहार करके मुझे यहाँ से ले चलें
Show English Translation
'O king may orders be issued to kill this wickedminded vanara wandering aimlessly. He has done contrary to your interest.
ShlokaShloka 102
तच्छ्रुत्वा राक्षसेन्द्रेण विसृष्टा भृशदुर्जयाः। राक्षसाः किङ्करा नाम रावणस्य मनोनुगाः।।5.58.113।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरे माँगने पर सीताजी ने कहा—’लो, यह उत्तम चूडामणि है, जिसे पाकर महाबाहु श्रीराम तुम्हारा विशेष आदर करेंगे’
Show English Translation
"Ravana, lord of the demons having heard (the ogresses) sent invincible ogres called kinkaras who know his mind.
ShlokaShloka 103
तेषामशीतिसाहस्रं शूलमुद्गरपाणिनाम्। मया तस्मिन्वनोद्देशे परिघेण निषूदितम्।।5.58.114।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मेरे माँगने पर सीताजी ने कहा—’लो, यह उत्तम चूडामणि है, जिसे पाकर महाबाहु श्रीराम तुम्हारा विशेष आदर करेंगे’
Show English Translation
"I killed with an iron bar a battalion of eighty thousand demons who were guarding the garden with tridents and maces.
ShlokaShloka 104
तेषां तु हतशेषा ये ते गत्वा लघुविक्रमाः। निहतं च महत्सैन्यं रावणायाचचक्षिरे।।5.58.115।।
हिन्दी अर्थ देखें
“ऐसा कहकर सुन्दरी सीता ने मुझे वह परम उत्तम चूडामणि दी और अत्यन्त उद्विग्न होकर वाणी द्वारा अपना संदेश कहा
Show English Translation
"Those who were left behind, the less powerful ones went and reported to Ravana that the great army has been killed.
ShlokaShloka 105
ततो मे बुद्धिरुत्पन्ना चैत्यप्रासादमाक्रमम्। तत्रस्थान्राक्षसान् हत्वा शतं स्तम्भेन वै पुनः।।5.58.116।। ललामभूतो लङ्कायास्स वै विध्वंसितो मया।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तब मन-ही-मन यहाँ आने के लिये उत्सुक हो एकाग्रचित्त होकर मैंने राजकुमारी सीता को प्रणाम किया और उनकी दक्षिणावर्त परिक्रमा की
Show English Translation
"Then a thought struck my mind. I took hold of a pillar of the tall, decorated mansion of Lanka and killed with it all the hundred demons stationed there.
ShlokaShloka 106
ततः प्रहस्तस्य सुतं जम्बुमालिनमादिशत्।।5.58.117।। राक्षसैर्बहुभिस्सार्धं घोररूपैर्भयानकैः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका यह करुणाजनक वचन सुनकर राक्षसों के प्रति मेरा क्रोध बहुत बढ़ गया। फिर मैंने शेष बचे हुए भावी कार्य पर विचार किया
Show English Translation
ShlokaShloka 107
तं महाबलसम्पन्नं राक्षसं रणकोविदम्।।5.58.118।। परिघेणातिघोरेण सूदयामि सहानुगम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका यह करुणाजनक वचन सुनकर राक्षसों के प्रति मेरा क्रोध बहुत बढ़ गया। फिर मैंने शेष बचे हुए भावी कार्य पर विचार किया
Show English Translation
"With a dreadful iron bar I slayed Jambumali, who was endowed with mighty strength, and was an expert in war and other terrific ogres who accompanied him.
ShlokaShloka 108
तच्छ्रुत्वा राक्षसेन्द्रस्तु मन्त्रिपुत्त्रान्महाबलान्।।5.58.119।। पदातिबलसम्पन्नान् प्रेषयामास रावणः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका यह करुणाजनक वचन सुनकर राक्षसों के प्रति मेरा क्रोध बहुत बढ़ गया। फिर मैंने शेष बचे हुए भावी कार्य पर विचार किया
Show English Translation
"Ravana, the demon king sent his mighty army of strong footsoldiers, the sons of ministers.
ShlokaShloka 109
परिघेणैव तान् सर्वान्नयामि यमसादनम्।।5.58.120।। मन्त्रिपुत्त्रान्हतान्च्छृत्वा समरेऽलघुविक्रमान्। पञ्च सेनाग्रगाच्छ्रूरान्प्रेषयामास रावणः।।5.58.121।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका यह करुणाजनक वचन सुनकर राक्षसों के प्रति मेरा क्रोध बहुत बढ़ गया। फिर मैंने शेष बचे हुए भावी कार्य पर विचार किया
Show English Translation
"I sent all of them to the abode of Yama with just an iron bar. Having heard about the death of the less powerful ones, Ravana sent five heroic army generals.
ShlokaShloka 110
तानहं सहसैन्यान्वै सर्वानेवाभ्यसूदयम्। ततः पुनर्दशग्रीवः पुत्रमक्षं महाबलम्।।5.58.122।। बहुभी राक्षसैस्सार्धं प्रेषयामास रावणः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तदनन्तर मेरा शरीर बढ़ने लगा और तत्काल पर्वत के समान हो गया। मैंने युद्ध की इच्छा से रावण के उस वन को उजाड़ना आरम्भ किया
Show English Translation
"Since I killed all of them along with the army, the tenheaded Ravana sent out his mighty son Aksha together with many demons.
ShlokaShloka 111
तं तु मन्दोदरीपुत्त्रं कुमारं रणपण्डितम्।।5.58.123।। सहसा खं समुत्क्रान्तं पादयोश्च गृहीतवान्। चर्मासिनं शतगुणं भ्रामयित्वा व्यपेषयम्।।5.58.124।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जहाँ के पशु और पक्षी घबराये और डरे हुए थे, उस उजड़े हुए वनखण्ड को वहाँ सोकर उठी हुई विकराल मुखवाली राक्षसियों ने देखा
Show English Translation
"When Mandodari's son, an expert in war had risen up to the sky I caught his feet and whirled him round a hundred times and smashed him.
ShlokaShloka 112
तमक्षमागतं भग्नं निशम्य स दशाननः। तत इन्द्रजितं नाम द्वितीयं रावणस्सुतम्।।5.58.125।। व्यादिदेश सुसंकृद्धो बलिनम् युद्धदुर्मदम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाबली राक्षसराज! एक दुरात्मा वानर ने आपके बल-पराक्रम को कुछ भी न समझकर इस दुर्गम प्रमदावन को उजाड़ डाला है
Show English Translation
"When Aksha was done to death, the tenfaced Ravana was enraged and gave instruction to the second son, called Indrajit who was thirsting for war.
ShlokaShloka 113
तच्चाप्यहं बलं सर्वं तं च राक्षसपुङ्गवम्।।5.58.126।। नष्टौजसं रणे कृत्वा परं हर्षमुपागमम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाबली राक्षसराज! एक दुरात्मा वानर ने आपके बल-पराक्रम को कुछ भी न समझकर इस दुर्गम प्रमदावन को उजाड़ डाला है
Show English Translation
"When the army and even the Generals were done to death in combat I was very happy.
ShlokaShloka 114
महतापि महाबाहुः प्रत्ययेन महाबलः।।5.58.127।। प्रेषितो रावणेनैव सह वीरैर्मदोत्कटैः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाराज! यह उसकी दुर्बुद्धि ही है, जो उसने आपका अपराध किया। आप शीघ्र ही उसके वधकी आज्ञा दें, जिससे वह फिर बचकर चला न जाय
Show English Translation
"Thinking that Indrajit will surely kill me, the strongarmed mighty Ravana again sent intoxicated demon warriors.
ShlokaShloka 115
सोऽविषह्यं हि मां बुद्ध्वा स्वं बलं चावमर्दितम्।।5.58.128।। ब्राह्मणास्त्रेण स तु मां प्राबध्नाच्छातिवेगितः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यह सुनकर राक्षसराज ने अपने मन के अनुकूल चलने वाले किंकर नामक राक्षसों को भेजा, जिनपर विजय पाना अत्यन्त कठिन था
Show English Translation
"Realising that I cannot be slain and that his (Indrajit's) power is reduced, he released Brahma's weapon on me with high speed and captured me.
ShlokaShloka 116
रज्जुभिश्चाभिबध्नन्ति ततो मां तत्र राक्षसाः।।5.58.129।। रावणस्य समीपं च गृहीत्वा मामुपानयन्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनमें जो मरने से बच गये, वे जल्दी-जल्दी पैर बढ़ाते हुए भाग गये। उन्होंने रावण को मेरे द्वारा सारी सेना के मारे जाने का समाचार बताया
Show English Translation
"Then the demons bound me with ropes and brought me to Ravana.
ShlokaShloka 117
दृष्ट्वा सम्भाषितश्चाहं रावणेन दुरात्मना।।5.58.130।। पृष्टश्च लङ्कागमनं राक्षसानां च तं वधम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनमें जो मरने से बच गये, वे जल्दी-जल्दी पैर बढ़ाते हुए भाग गये। उन्होंने रावण को मेरे द्वारा सारी सेना के मारे जाने का समाचार बताया
Show English Translation
"The wickedminded Ravana, then enquired me why I came to Lanka and why I killed the demons.
ShlokaShloka 118
तत्सर्वं च मया तत्र सीतार्थमिति जल्पितम्।।5.58.131।। अस्याहं दर्शनाकाङ्क्षी प्राप्तस्त्वद्भवनं विभो। मारुतस्यौरसः पुत्रो वानरो हनुमानहम्।।5.58.132।।
Show English Translation
'I have done all this for the sake of Sita, O demon king I came to your mansion desiring to see Sita. I am the legitimate son of Windgod. My name is Hanuman.
ShlokaShloka 119
रामदूतं च मां विद्धि सुग्रीवसचिवं कपिम्। सोऽहं दूत्येन रामस्य त्वत्सकाशमिहागतः।।5.58.133।।
Show English Translation
'I am a vanara, a messenger of Rama and minister of Sugriva.You may know that I have come here to convey the message of Rama to you.
ShlokaShloka 120
सुग्रीवश्च महातेजास्सत्वां कुशलमब्रवीत्। धर्मार्थकामसहितं हितं पथ्यमुवाच च।।5.58.134।।
Show English Translation
'Highly powerful Sugriva enquires your welfare. He sends beneficial advice to you for your righteousness, pleasures and wellbeing.
ShlokaShloka 121
वसतो ऋश्यमूके मे पर्वते विपुलद्रुमे। राघवो रणविक्रान्तो मित्त्रत्वं समुपागतः।।5.58.135।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यह सुनकर राक्षसराज रावण ने पैदल सेना के साथ अपने मन्त्री के पुत्रों को भेजा, जो बड़े बलवान् थे; किंतु मैंने परिघ से ही उन सबको यमलोक भेज दिया
Show English Translation
'While I was dwelling at the woodedmountain in Rshyamuka, a treaty of friendship was made with Rama, who is skilled in war.
ShlokaShloka 122
तेन मे कथितं राज्ञा भार्या मे रक्षसा हृता। तत्र साहाय्यमस्माकं कार्यं सर्वात्मना त्वया।।5.58.136।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यह सुनकर राक्षसराज रावण ने पैदल सेना के साथ अपने मन्त्री के पुत्रों को भेजा, जो बड़े बलवान् थे; किंतु मैंने परिघ से ही उन सबको यमलोक भेज दिया
Show English Translation
'The king said, ' My wife was abducted by a demon. I request your help by all means to get her'.
ShlokaShloka 123
मया च कथितं तस्मै वालिनश्च वधं प्रति। तत्र साहाय्यहेतोर्मे समयं कर्तुमर्हसि।।5.58.137।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘समराङ्गण में शीघ्रतापूर्वक पराक्रम प्रकट करनेवाले मन्त्रिकुमारों को मारा गया सुनकर रावण ने पाँच शूरवीर सेनापतियों को भेजा
Show English Translation
'Sugriva told the story of Vali in turn and asked for his help and to make agreement to kill Vali.
ShlokaShloka 124
वालिना हृतराज्येन सुग्रीवेण महाप्रभुः। चक्रेऽग्निसाक्षिकं सख्यं राघवस्सह लक्ष्मणः।।5.58.138।।
Show English Translation
With fire as witness the great lord, Rama along with Lakshmana made friendship with Sugriva whose kingdom had been usurped.
ShlokaShloka 125
तेन वालिनमुत्पाट्य शरेणैकेन संयुगे। वानराणां महाराजः कृतस्स प्लवतां प्रभुः।।5.58.139।।
Show English Translation
'In the combat Rama killed Vali with a single arrow and made Sugriva the king of vanaras.
ShlokaShloka 126
तस्य साहाय्यमस्माभिः कार्यं सर्वात्मना त्विह। तेन प्रस्थापितस्तुभ्यं समीपमिह धर्मतः।।5.58.140।।
Show English Translation
'We too have to help him in this task. So a message is sent to you on righteous grounds.
ShlokaShloka 127
क्षिप्रमानीयतां सीता दीयतां राघवाय च। यावन्न हरयो वीरा विधमन्ति बलं तव।।5.58.141।।
Show English Translation
'Before the heroic vanaras exterminate your entire army, return Sita at once to Rama.
ShlokaShloka 128
वानराणां प्रभावो हि न केन विदितः पुरा। देवतानां सङ्काशं च ये गच्छन्ति निमन्त्रिता��।।5.58.142।।
Show English Translation
'Who knows not the power of Vanaras in the past? Even gods had sought their help.
ShlokaShloka 129
इति वानरराजस्त्वामाहेत्यभिहितो मया। मामैक्षत ततः क्रुद्धश्चक्षुषा प्रदहन्निव।।5.58.143।।
Show English Translation
'This I was asked to tell you by the king of vanaras wishing your welfare'. 'Ravana then angrily looked at me as if to burn me.
ShlokaShloka 130
तेन वध्योऽहमाज्ञप्तो रक्षसा रौद्रकर्मणा। मत्प्रभावमविज्ञाय रावणेन दुरात्मना।।5.58.144।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इन्द्रजित् ने देखा, मेरी सारी सेना कुचल डाली गयी, तब उसने समझ लिया कि इस वानर का सामना करना असम्भव है। अतः उसने बड़े वेग से ब्रह्मास्त्र चलाकर मुझे बाँध लिया। फिर तो वहाँ राक्षसों ने मुझे रस्सियों से भी बाँधा
Show English Translation
"The evilminded demon, Ravana, who perpetrates dreadful acts ordered my slaughter, not knowing my power.
ShlokaShloka 131
ततो विभीषणो नाम तस्य भ्राता महामतिः। तेन राक्षसराजोऽसौ याचितो मम कारणात्।।5.58.145।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इन्द्रजित् ने देखा, मेरी सारी सेना कुचल डाली गयी, तब उसने समझ लिया कि इस वानर का सामना करना असम्भव है। अतः उसने बड़े वेग से ब्रह्मास्त्र चलाकर मुझे बाँध लिया। फिर तो वहाँ राक्षसों ने मुझे रस्सियों से भी बाँधा
Show English Translation
"Vibhisana, a very pious brother of the demon king, interceded on my behalf.
ShlokaShloka 132
नैवं राक्षसशार्दूल त्यज्यतामेष निश्चयः। राजशास्त्रव्यपेतो हि मार्गः संसेव्यते त्वया।।5.58.146।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मेरे स्वामी का संदेश, जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो। राक्षसराज! वानरराज सुग्रीव ने तुमसे एकाग्रतापूर्वक जो बात कही है, उस पर ध्यान दो
Show English Translation
"Vibhishana, a tiger among demons, asked Ravana to give up his decision as it was a forbidden course according to the science of royal polity.
ShlokaShloka 133
दूतवध्या न दृष्टा हि राजशास्त्रेषु राक्षस। दूतेन वेदितव्यं च यथार्थं हितवादिना।।5.58.147।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मेरे स्वामी का संदेश, जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो। राक्षसराज! वानरराज सुग्रीव ने तुमसे एकाग्रतापूर्वक जो बात कही है, उस पर ध्यान दो
Show English Translation
'The royal code prohibits the murder of an emissary. A wellwishing emissary should convey the truth.
ShlokaShloka 134
सुमहत्यपराधेऽपि दूतस्यातुलविक्रमः। विरूपकरणं दृष्टं न वधोऽस्तीति शास्त्रतः।।5.58.148।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मेरे स्वामी का संदेश, जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो। राक्षसराज! वानरराज सुग्रीव ने तुमसे एकाग्रतापूर्वक जो बात कही है, उस पर ध्यान दो
Show English Translation
'O Ravana of immeasurable courage even if the emissary has done any kind of harm he may be mutilated but not murdered. Nowhere do the sastras allow killing (of an ambassador).
ShlokaShloka 135
विभीषणेनैवमुक्तो रावणस्सन्दिदेश तान्। राक्षसानेतदेवास्य लाङ्गूलं दह्यतामिति।।5.58.149।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मेरे स्वामी का संदेश, जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो। राक्षसराज! वानरराज सुग्रीव ने तुमसे एकाग्रतापूर्वक जो बात कही है, उस पर ध्यान दो
Show English Translation
'On hearing Vibhishana, Ravana instructed the demons to burn my tail.
ShlokaShloka 136
ततस्तस्य वचः श्रुत्वा मम पुच्छं समन्ततः। वेष्टितं शणवल्कैश्च जीर्णैः कार्पासजैः पटैः।।5.58.150।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘तुम मेरे स्वामी का संदेश, जो मैं तुम्हें बता रहा हूँ, सुनो। राक्षसराज! वानरराज सुग्रीव ने तुमसे एकाग्रतापूर्वक जो बात कही है, उस पर ध्यान दो
Show English Translation
"Having heard the king's words, all the demons collected and held my tail, wrapped it with saris of fibres and tattered rags of cotton.
ShlokaShloka 137
राक्षसाः सिद्धसन्नाहास्ततस्ते चण्डविक्रमाः। तदाऽदह्यन्त मे पुच्छं निघ्नन्त: काष्ठमुष्टिभिः।।5.58.151।। बद्धस्य बहुभिः पाशैर्यन्त्रितस्य च राक्षसैः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाभाग सुग्रीव ने तुम्हारी कुशल पूछी है और तुम्हें सुनाने के लिये यह धर्म, अर्थ एवं काम से युक्त हितकर तथा लाभदायक बात कही है—
Show English Translation
"Many ferociously courageous demons got ready. They bound me and hit me with firesticks and fists. They fastened my tail with ropes and set in on fire.
ShlokaShloka 138
ततस्ते राक्षसाश्शूरा बद्धं मामग्निसंवृतम्।।5.58.152।। अघोषयन्राजमार्गे नगरद्वारमागताः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जब मैं बहुसंख्यक वृक्षों से हरे-भरे ऋष्यमूक पर्वत पर निवास करता था, उन दिनों रण में महान् पराक्रम प्रकट करने वाले रघुनाथजी ने मेरे साथ मित्रता स्थापित की थी
Show English Translation
"The brave demons took me round the city through the royal streets and announced loudly to let every one know that I am bound and that my tail has been set on fire.
ShlokaShloka 139
ततोऽहं सुमहद्रूपं संक्षिप्य पुनरात्मनः।।5.58.153।। विमोचयित्वा तं बन्धं प्रकृतिस्थः स्थितः पुनः। आयसं परिघं गृह्य तानि रक्षांस्यसूदयम्।।5.58.154।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वाली ने जिनका राज्य छीन लिया था, उन सुग्रीव के साथ (अर्थात् मेरे साथ) लक्ष्मणसहित भगवान् श्रीराम ने अग्नि को साक्षी बनाकर मित्रता की है
Show English Translation
"I reduced my form and rid of the bondage. Then again I assumed my original huge form and took up an iron bar lying near and killed all the demons (present).
ShlokaShloka 140
ततस्तन्नगरद्वारं वेगेनाप्लुतवानहम्। पुच्छेन च प्रदीप्तेन तां पुरीं साट्टगोपुराम्।।5.58.155।। दहाम्यहमसंभ्रान्तो युगान्ताग्निरिव प्रजाः।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वाली ने जिनका राज्य छीन लिया था, उन सुग्रीव के साथ (अर्थात् मेरे साथ) लक्ष्मणसहित भगवान् श्रीराम ने अग्नि को साक्षी बनाकर मित्रता की है
Show English Translation
"Then I leaped to the entrance gate of the city without being perplexed. With my burning tail I set fire to the boundaries and towering mansions which looked like the world at the end of dissolution.
ShlokaShloka 141
विनष्टा जानकी व्यक्तं न ह्यदग्धः प्रदृश्यते।।5.58.156।। लङ्कायां कश्चिदुद्धेशः सर्वा भस्मीकृता पुरी।
हिन्दी अर्थ देखें
‘श्रीरघुनाथजी ने युद्धस्थल में एक ही बाण से वाली को मारकर सुग्रीव को (मुझको) उछलने कूदने वाले वानरों का महाराज बना दिया है
Show English Translation
ShlokaShloka 142
दहता च मया लङ्कां दग्धा सीता न संशयः।।5.58.157।। रामस्य हि महत्कार्यं मयेदं वितथीकृतम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अतः हमलोगों को सम्पूर्ण हृदय से उनकी सहायता करनी है। यही सोचकर सुग्रीव ने धर्मानुसार मुझे तुम्हारे पास भेजा है
Show English Translation
"Lanka has been burnt by me and Sita might have also been burnt. There is no doubt. The great purpose of Rama has been spoilt by me'.
ShlokaShloka 143
इति शोकसमाविष्टश्चिन्तामहमुपागतः।।5.58.158।। अथाहं वाचमश्रौषं चारणानां शुभाक्षराम्। जानकी न च दग्धेति विस्मयोदन्तभाषिणाम्।।5.58.159।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘उनका कहना है कि तुम तुरंत सीता को ले आओ और जबतक वीर वानर तुम्हारी सेना का संहार नहीं करते हैं तभीतक उन्हें श्रीरघुनाथजी को सौंप दो
Show English Translation
"Thus I was overtaken by sorrow and worry. Just then I heard the wonderful propitious utterances of charanas announcing that Sita was not burnt.
ShlokaShloka 144
ततो मे बुद्धिरुत्पन्ना श्रुत्वा तामद्भुतां गिरम्। अदग्धा जानकीत्येवं निमित्तैश्चोपलक्षिता।।5.58.160।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘कौन ऐसा वीर है जिसे वानरों का यह प्रभाव पहले से ही ज्ञात नहीं है। ये वे ही वानर हैं, जो युद्ध के लिये निमन्त्रित होकर देवताओं के पास भी उनकी सहायता के लिये जाते हैं’
Show English Translation
"It was amazing to hear the words of the charanas. On hearing that Jankai had not been burnt, I understood that it is on her account (that he is also not burnt although his tail was ignited.)
ShlokaShloka 145
दीप्यमाने तु लाङ्गूले न मां दहति पावकः। हृदयं च प्रहृष्टं मे वातास्सुरभिगन्धिनः।।5.58.161।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘भयंकर कर्म करने वाले दुरात्मा राक्षस रावण ने मेरे प्रभाव को न जानकर अपने सेवकों को आज्ञा दे दी कि इस वानर का (मेरा) वध कर दिया जाय
Show English Translation
"My tail was burning but I was not burnt by fire. There was joy in my heart. The wind carried sweet fragrance.
ShlokaShloka 146
तैर्निमित्तैश्च दृष्टाथै: कारणैश्च महागुणैः। ऋषिवाक्यैश्च सिद्धार्थैरभवं हृष्टमानसः।।5.58.162।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘भयंकर कर्म करने वाले दुरात्मा राक्षस रावण ने मेरे प्रभाव को न जानकर अपने सेवकों को आज्ञा दे दी कि इस वानर का (मेरा) वध कर दिया जाय
Show English Translation
"For these two auspicious signs and the highly propitious words uttered by the sages I felt glad at heart.
ShlokaShloka 147
पुनर्दृष्ट्वा च वैदेहीं विसृष्टश्च तया पुनः। ततः पर्वतमासाद्य तत्रारिष्टमहं पुनः।।5.58.163।। प्रतिप्लवनमारेभे युष्मद्धर्शनकांक्षया।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनुपम पराक्रमी वीर! दूतका महान् अपराध होने पर भी शास्त्र में उसके वध का दण्ड नहीं देखा गया है। उसके किसी अङ्ग को विकृत कर देनामात्र ही बताया गया है’
Show English Translation
ShlokaShloka 148
ततः पवनचन्द्रार्कसिद्धगन्धर्वसेवितम्।।5.58.164।। पन्थानमहमाक्रम्य भवतो दृष्टवानिह।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनुपम पराक्रमी वीर! दूतका महान् अपराध होने पर भी शास्त्र में उसके वध का दण्ड नहीं देखा गया है। उसके किसी अङ्ग को विकृत कर देनामात्र ही बताया गया है’
Show English Translation
"Passing along the path of the Windgod, the Moon, the Sun, the siddhas and the gandharvas I came to see you.
ShlokaShloka 149
राघवस्य प्रभावेण भवतां चैव तेजसा।।5.58.165।। सुग्रीवस्य च कार्यार्थं मया सर्वमनुष्ठितम्।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनुपम पराक्रमी वीर! दूतका महान् अपराध होने पर भी शास्त्र में उसके वध का दण्ड नहीं देखा गया है। उसके किसी अङ्ग को विकृत कर देनामात्र ही बताया गया है’
Show English Translation
"Everything was favourable to me by the power of Rama, by your goodwill and for the great purpose of Sugriva.
ShlokaShloka 150
एतत्सर्वं मया तत्र यथावदुपपादितम्।।5.58.166।। अत्र यन्न कृतं शेषं तत्सर्वं क्रियतामिति।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अनुपम पराक्रमी वीर! दूतका महान् अपराध होने पर भी शास्त्र में उसके वध का दण्ड नहीं देखा गया है। उसके किसी अङ्ग को विकृत कर देनामात्र ही बताया गया है’
Show English Translation
"Let all that could not be done there and still remains to be done, be accomplished by you. I have presented the entire thing". इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे अष्टपञ्चाशस्सर्गः।। Thus ends the fiftyeighth sarga of Sundarakanda of the holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.