Yuddha Kanda

Sarga 68: Ravana grieves Kumbhakarna's death

युद्धकाण्डम् · सर्ग 68

22 shlokas

ShlokaShloka 1
कुम्भकर्णंहतंदृष्टवाराघवेणमहात्मना । राक्षसाराक्षसेन्द्रायरावणायन्य���ेदयन् ।।6.68.1।।
हिन्दी अर्थ देखें
महात्मा श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा कुम्भकर्ण को मारा गया देख राक्षसों ने अपने राजा रावण से जाकर कहा –
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Seeing Kumbhakarna slain by the glorious Raghava, the Rakshasas informed Ravana, the king of Rakshasas.
ShlokaShloka 2
राजन् स कालसङ्काशस्संयुक्तःकालकर्मणा । विद्राव्यवानरींसेनांभक्षयित्वा च वानरान् ।।6.68.2।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाराज! काल के समान भयंकर पराक्रमी कुम्भकर्ण वानरसेना को भगाकर तथा बहुत-से वानरों को अपना आहार बनाकर स्वयं भी काल के गाल में चले गये
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"O King! Kumbhakarna, who was equal to the God of Death, devoured and won over the Vanaras, scattered the army, has joined death as a consequence of time (fate)."
ShlokaShloka 3
प्रतपित्वा मुहूर्तंतुप्रशान्तोरामतेजसा । कायेनार्थप्रविष्टेनसमुद्रंभीमदर्शनम् ।।6.68.3।। निकृत्तकण्ठोरुभुजोविक्षरन्रुधिरंबहु । रुद्ध्वाद्वारंशरीरेणलङ्कायाःपर्वतोपमः ।।6.68.4।। कुम्भकर्णस्तवभ्राताकाकुत्स्थशरपीडितः । लगण्डभूतोविकृतोदावदग्धइवद्रुमः ।।6.68.5।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वे दो घड़ी तक अपने प्रताप से तपकर अन्त में श्रीराम के तेज से शान्त हो गये। उनका आधा शरीर (धड़) भयानक दिखायी देने वाले समुद्र में घुस गया और आधा शरीर (मस्तक) नाक-कान कट जाने से खून बहाता हुआ लङ्का के द्वार पर पड़ा है। उस शरीर के द्वारा आपके भाई पर्वताकार कुम्भकर्ण लङ्का का द्वार रोक कर पड़े हैं। वे श्रीराम के बाणों से पीड़ित हो हाथ, पैर और मस्तक से हीन नंग-धडंग धड़ के रूप में परिणत हो दावानल से दग्ध हुए वृक्ष की भाँति नष्ट हो गये’
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"Your brother Kumbhakarna showed his might for a short time. But by virtue of Rama's energy and arrows, his mountainlike body was reduced to a trunk of dreadful appearance. Bleeding excessively, he was like a mass submerged in an ocean of blood. like a tree caught in forest fire he was blocking the gate of Lanka in ugly form with a head, nose and ears chopped off."
ShlokaShloka 4
तंश्रुत्वाविनिहतंसङ्ख्येकुम्भकर्णंमहाबलम् । रावणश्शोकसन्तप्तोमुमोह च पपात च ।।6.68.6।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वे दो घड़ी तक अपने प्रताप से तपकर अन्त में श्रीराम के तेज से शान्त हो गये। उनका आधा शरीर (धड़) भयानक दिखायी देने वाले समुद्र में घुस गया और आधा शरीर (मस्तक) नाक-कान कट जाने से खून बहाता हुआ लङ्का के द्वार पर पड़ा है। उस शरीर के द्वारा आपके भाई पर्वताकार कुम्भकर्ण लङ्का का द्वार रोक कर पड़े हैं। वे श्रीराम के बाणों से पीड़ित हो हाथ, पैर और मस्तक से हीन नंग-धडंग धड़ के रूप में परिणत हो दावानल से दग्ध हुए वृक्ष की भाँति नष्ट हो गये’
Show English Translation
Hearing that Kumbhakarna of great strength was slain, Ravana immersed in grief became deluded and fell.
ShlokaShloka 5
पितृव्यंनिहतंश्रुत्वादेवान्तकनरान्तकौ । त्रिशिराश्चातिकायश्चरुरुदुश्शोकपीडिताः ।।6.68.7।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘वे दो घड़ी तक अपने प्रताप से तपकर अन्त में श्रीराम के तेज से शान्त हो गये। उनका आधा शरीर (धड़) भयानक दिखायी देने वाले समुद्र में घुस गया और आधा शरीर (मस्तक) नाक-कान कट जाने से खून बहाता हुआ लङ्का के द्वार पर पड़ा है। उस शरीर के द्वारा आपके भाई पर्वताकार कुम्भकर्ण लङ्का का द्वार रोक कर पड़े हैं। वे श्रीराम के बाणों से पीड़ित हो हाथ, पैर और मस्तक से हीन नंग-धडंग धड़ के रूप में परिणत हो दावानल से दग्ध हुए वृक्ष की भाँति नष्ट हो गये’
Show English Translation
Hearing about uncle's destruction, the sons of Ravana, Devanthaka, Naranthaka, Trisira and Atikaya, roared aloud afflicted by grief.
ShlokaShloka 6
भ्रातरंनिहतंश्रुत्वारामेणाक्लिष्टकर्मणा । महोदरमहापार्श्वौशोकाक्रान्तौबभूवतुः ।।6.68.8।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाबली कुम्भकर्ण युद्धस्थल में मारा गया’ यह सुनकर रावण शोक से संतप्त एवं मूर्च्छित हो गया और तत्काल पृथ्वी पर गिर पड़ा
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Ravana's brothers, Mahodara and Mahaparsva were overtaken by sorrow on hearing about the unwearied action of Rama and slaying of Kumbhakarna.
ShlokaShloka 7
ततःकृच्छ्रात्समासाद्यसंज्ञांराक्षसपुङ्गवः । कुम्भकर्णवधाद्दीनोविललापकुलेन्द्रियः ।।6.68.9।।
हिन्दी अर्थ देखें
अपने चाचा के निधन का समाचार सुनकर देवान्तक, नरान्तक, त्रिशिरा और अतिकाय दुःख से पीड़ित हो फूट-फूटकर रोने लगे
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Thereafter the foremost of the Rakshasas regained consciousness with great difficulty and awakened to the situation of Kumbhakarna's destruction, wailed disturbed in mind.
ShlokaShloka 8
हावीर रिपुदर्पघ्न कुम्भकर्ण महाबल । त्वंमांविहायवैदैवाद्यातोऽसियमसादनम् ।।6.68.10।।
हिन्दी अर्थ देखें
(वह रो-रोकर कहने लगा-) ‘हा वीर! हा महाबली कुम्भकर्ण! तुम शत्रुओं के दर्प का दलन करने वाले थे; किंतु दुर्भाग्यवश मुझे असहाय छोड़कर यमलोक को चल दिये
Show English Translation
"Ha! Hero! Kumbhakarna! You, who crushed the pride of the enemy, endowed with great prowess have deserted me and gone to the abode of death, actually by divine will."
ShlokaShloka 9
ममशल्यमनुद्धृत्यबान्धवानांमहाबल । शत्रुसैन्यंप्रताप्यैकस्त्वंमांसन्त्यज्यगच्छसि ।।6.68.11।।
हिन्दी अर्थ देखें
(वह रो-रोकर कहने लगा-) ‘हा वीर! हा महाबली कुम्भकर्ण! तुम शत्रुओं के दर्प का दलन करने वाले थे; किंतु दुर्भाग्यवश मुझे असहाय छोड़कर यमलोक को चल दिये
Show English Translation
"O Kumbhakarna of extraordinary might! You have tormented the enemy army singlehanded with valour. You are going alone leaving me and the kinsfolk."
ShlokaShloka 10
इदानींखल्वहंनास्मियस्यमेदक्षिणोभुजः । पतितोयंसमाश्रित्य न बिभेमिसुरासुरान् ।।6.68.12।।
हिन्दी अर्थ देखें
(वह रो-रोकर कहने लगा-) ‘हा वीर! हा महाबली कुम्भकर्ण! तुम शत्रुओं के दर्प का दलन करने वाले थे; किंतु दुर्भाग्यवश मुझे असहाय छोड़कर यमलोक को चल दिये
Show English Translation
"I who depended on you like my right arm did not fear Devatas or Danavas and I am destroyed now."
ShlokaShloka 11
कथमेवंविधोवीरोदेवदानवदर्पहा । कालाग्निरुद्राप्रतिमोरणेराघवेणवैहतः ।।6.68.13।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘महाबली वीर! तुम मेरा तथा इन भाई-बन्धुओं का कण्टक दूर किये बिना शत्रुसेना को संतप्त करके मुझे छोड़ अकेले कहाँ चले जा रहे हो?
Show English Translation
"You, who crushed the pride of Devas and Danavas are equal to timespirit and death at dissolution and being a hero, how did you die in the hands of Raghava?"
ShlokaShloka 12
यस्यतेवज्रनिष्पेषो न कुर्वाद्व्यसनंसदा । स कथंरामबाणार्तंप्रसुप्तोऽसिमहीतले ।।6.68.14।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘इस समय मैं अवश्य ही नहीं के बराबर हूँ; क्योंकि मेरी दाहिनी बाँह कुम्भकर्ण धराशायी हो गया। जिसका भरोसा करके मैं देवता और असुर किसी से नहीं डरता था
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"You are never affected by the strike of thunderbolt. How are you sleeping on the ground hit by Rama's arrows?"
ShlokaShloka 13
एतेदेवगणास्सार्थमृषिभिर्गगनेस्थिताः । निहतंत्वांरणेदृष्टवानिनदन्तिप्रहर्षिताः ।।6.68.15।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘देवताओं और दानवों का दर्प चूर करनेवाला ऐसा वीर, जो कालाग्नि के समान प्रतीत होता था, आज रणक्षेत्र में राम के हाथ से कैसे मारा गया?
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"These Devatas and all sages are standing in the sky, seeing the battle and laughing aloud seeing your destruction."
ShlokaShloka 14
ध्रुवमद्यैवसंहृष्टालब्धलक्षाःप्लवङ्गमाः । आरोक्ष्यन्तीहदुर्गाणिलङ्काद्वाराणिसर्वशः ।।6.68.16।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘भाई! तुम्हें तो वज्र का प्रहार भी कभी कष्ट नहीं पहुँचा सकता था। वही तुम आज राम के बाणों से पीड़ित हो भूतल पर कैसे सो रहे हो?
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"Having found an opportunity, all the Vanaras, highly rejoiced, on this very day, will surely climb over the gates of forts of Lanka determined."
ShlokaShloka 15
राज्येननास्तिमेकार्यंकिंकरिष्यामिसीतया । कुम्भकर्णविहीनस्यजीवितेनास्तिमेमतिः ।।6.68.17।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘निश्चय ही अब अवसर पाकर हर्ष से भरे हुए वानर आज ही लङ्का के समस्त दुर्गम द्वारों पर चढ़ जायेंगे
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"I have no purpose with the kingdom. What will I do with Sita? I have lost my life and mind with Kumbhakarna's death."
ShlokaShloka 16
यद्यहंभ्रातृहन्तारं न हन्मियुधिराघवम् । ननुमेमरणंश्रेयो न चेदंव्यर्थजीवितम् ।।6.68.18।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘निश्चय ही अब अवसर पाकर हर्ष से भरे हुए वानर आज ही लङ्का के समस्त दुर्गम द्वारों पर चढ़ जायेंगे
Show English Translation
"If I do not kill Raghava who killed my brother in battle it is a waste of my life." Thus, thought Ravana.
ShlokaShloka 17
अद्यैवतंगमिष्यामिदेशंयत्रानुजोमम । न हिभ्रातृ़न् समुत्सृज्यक्षणंजीवितमुत्सहे ।।6.68.19।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘अब मुझे राज्य से कोई प्रयोजन नहीं है। सीता को लेकर भी मैं क्या करूँगा? कुम्भकर्ण के बिना जीने का मेरा मन नहीं है
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"This very day, this very minute I shall reach the region where my brother died, I have no interest in life."
ShlokaShloka 18
देवाहिमांहसिष्यन्तिदृष्टवापूर्वापकारिणम् । कथमिन्द्रंजयिष्यामिकुम्भकर्ण हतेत्वयि ।।6.68.20।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘यदि मैं युद्धस्थल में अपने भाई का वध करने वाले राम को नहीं मार सकता तो मेरा मर जाना ही अच्छा है। इस निरर्थक जीवन को सुरक्षित रखना कदापि अच्छा नहीं है
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"Devatas who were harmed by me earlier will laugh at me now that Kumbhakarna is slain. How will I win Indra?"
ShlokaShloka 19
तदिदंमामनुप्राप्तंविभीषणवचश्शुभम् । यदज्ञानान्मयातस्य न गृहीतंमहात्मनः ।।6.68.21।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैं आज ही उस देश को जाऊँगा, जहाँ मेरा छोटा भाई कुम्भकर्ण गया है। मैं अपने भाइयों को छोड़कर क्षणभर भी जीवित नहीं रह सकता
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"This calamity that has come upon me was because I have not taken such auspicious advice rendered by the great soul Vibheeshana."
ShlokaShloka 20
विभीषणवचोयावत्कुम्भकर्णप्रहस्तयोः । विनाशोऽयंसमुत्पन्नोमांव्रीडयतिदारुणः ।।6.68.22।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैंने पहले देवताओं का अपकार किया था। अब वे मुझे देखकर हँसेंगे। हा कुम्भकर्ण! तुम्हारे मारे जाने पर अब मैं इन्द्र को कैसे जीत सकूँगा?
Show English Translation
"Thus, loss of both Kumbhakarna and Prahastha is dreadful. It is because of not following the words of advice of Vibheeshana totally. It hurts me."
ShlokaShloka 21
तस्यायंकर्मणःप्राप्तोविपाकोममशोकदः । यन्मयाधार्मिकश्शमान् स निरस्तोविभीषणः ।।6.68.23।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘मैंने महात्मा विभीषण की कही हुई जिन उत्तम बातों को अज्ञानवश स्वीकार नहीं किया था, वे मेरे ऊपर आज प्रत्यक्षरूप से घटित हो रही हैं
Show English Translation
"Righteous and prosperous Vibheeshana has been expelled by me earlier. By that action, I have obtained this grief."
ShlokaShloka 22
इतिबहुविधमाकुलान्तरात्माकृपणमतीवविलप्यकुम्भकर्णम् । न्यपदथदशाननोभृशार्तस्तमनुजमिन्द्ररिपुंहतंविदित्वा ।।6.68.24।।
हिन्दी अर्थ देखें
‘जब से कुम्भकर्ण और प्रहस्तका यह दारुण विनाश उत्पन्न हुआ है, तभी से विभीषण की बात याद आकर मुझे लज्जित कर रही है
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Thus, the ten-headed, Ravana saddened by the destruction of his brother, an enemy of Indra, the Rakshasa king lamented profusely in many ways grieving and fell down, his mind agitated deeply. ।। इत्यार्षेवाल्मीकीयेआदिकाव्येश्रीमद्रामायणेयुद्धकाण्डेअष्टषष्टितमस्सर्गः ।। This is the end of the sixtyeighth sarga of Yuddha Kanda of the first epic the holy Ramayana, composed by sage Valmiki.